कमजोर दिल वालों के शरीर में दिखते हैं ये लक्षण These symptoms are seen in the body of people with weak heart

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  कमजोर दिल वालों के शरीर में दिखते हैं ये लक्षण, गलती से भी न करें नजरअंदाज These symptoms are seen in the body of people with weak heart, do not ignore them even by mistake. हार्ट कमजोर होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण महसूस हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन लक्षणों के बारे में दुनियाभर में हार्ट रोगियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आज के समय में 30 से 40 साल के लोगों की भी हार्ट अटैक से मौत हो रही है। इसका कारण खराब खानपान, लाइफस्टाइल बेहतर न होना, स्ट्रेस में रहना इत्यादि है। इसके अलावा हार्ट डिजीज के कई कारण हो सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हार्ट कमजोर होने के लक्षण हमारे शरीर में पहले से ही नजर लाने लगते हैं। अगर आप इन लक्षणों पर समय पर ध्यान देंगे, तो काफी हद तक हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर जैसी परेशानियों को रोका जा सकता है। आइए जानते हैं कमजोर दिल होने के क्या लक्षण हैं? हैलो फ्रेंड्स! मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन } मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा ल...

क्या होते हैं यौन रोग / बेहतर सैक्स के लिए यौन रोगों से बचिए What are STIs? Avoid STIs for better sex.

क्या होते हैं यौन रोग / बेहतर सैक्स के लिए यौन रोगों से बचिए What are STIs? Avoid STIs for better sex.

हैलो फ्रेंड्स!

मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }

मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें।

यौनरोग शरीर के अंदरूनी अंग में होने वाली बीमारियों को कहा जाता है. ये पति पत्नी के शारीरिक संपर्क करने से भी हो सकते हैं और बहुत से लड़कियों या महिलाओं के साथ संबंध रखने से भी हो सकते हैं. अगर महिला को कोई यौन रोग है, तो बच्चे का जन्म औपरेशन के जरिए कराना चाहिए. इस से बच्चा योनि के संपर्क में नहीं आता और यौन रोग से बच जाता है. कभी कभी यौन रोग इतना मामूली होता है कि उस के लक्षण नजर ही नहीं आते हैं इस के बाद भी इस के परिणाम घातक हो सकते हैं. इसलिए यौन रोग के मामूली लक्षण को भी नजर अंदाज न करें. मामूली यौन रोग कभी कभी खुद ठीक हो जाते हैं. पर इन के बैक्टीरिया शरीर में पड़े रहते हैं और कुछ समय बाद वे शरीर में तेजी से हमला करते हैं. यौन रोग झ्र शरीर के खुले और छिले स्थान वाली त्वचा से ही फैलते हैं.

हारपीज :- यह बहुत ही सामान्य किस्म का यौन रोग है. इस में पेशाब करने में जलन होती है. पेशाब के साथ कई बार मवाद भी आता है. बार बार पेशाब जाने का मन करता है. किसी किसी को बुखार भी हो जाता है. शौच जाने में भी परेशानी होेने लगती है. जिस को हारपीज होता है उस के जननांग में छोटे छोटे दाने हो जाते हैं. शुरुआत में यह अपने आप ठीक हो जाता है, मगर यह दोबारा हो तो इलाज जरूर कराएं.

वाट्स :- वाट्स में शरीर के तमाम हिस्सों में छोटी छोटी गांठें पड़ जाती हैं. वाट्स एचपीवी वायरस के चलते फैलता है. ये कई प्रकार के होते हैं. ये गांठें अगर शरीर के बाहर हों और 10 मिलीमीटर के अंदर हों तो इन को जलाया जा सकता है. इस से बड़ी होने पर औपरेशन के जरिए हटाया जा सकता है. योनि में फैलने वाले वायरस को जेनेटल वाट्स कहते हैं. ये योनि में बच्चेदानी के द्वार पर हो जाते हैं. समय पर इलाज न हो तो इन का घाव कैंसर का रूप ले लेता है.

गनोरिया :- इस रोग में पेशाब नली में घाव हो जाता है जिस से पेशाब नली में जलन होने लगती है. कई बार खून और मवाद भी आने लगता है. इस का इलाज ऐंटीबायोटिक दवाओं के जरिए किया जाता है. अगर यह रोग बारबार होता है, तो इस का घाव पेशाब नली को बंद कर देता है. इसे बाद में औपरेशन के जरिए ठीक किया जाता है. गनोरिया को सुजाक भी कहा जाता है. इस के होने पर तेज बुखार भी आता है.

सिफलिस :- यह यौनरोग भी बैक्टीरिया के कारण फैलता है. यह यौन संबंधों के कारण ही फैलता है. इस रोग के चलते पुरुषों के अंग के ऊपर गांठ सी बन जाती है. कुछ समय के बाद यह ठीक भी हो जाती है. इस गांठ को शैंकर भी कहा जाता है. शैंकर से पानी ले कर माइक्रोस्कोप के सहारे देखा जाता है. पहली स्टेज पर माइक्रोस्कोप के सहारे ही बैक्टीरिया को देखा जा सकता है. इस बीमारी की दूसरी स्टेज पर शरीर में लाल दाने से पड़ जाते हैं. यह बीमारी कुछ समय के बाद शरीर के दूसरे अंगों को भी प्रभावित करने लगती है. इस बीमारी का इलाज तीसरी स्टेज के बाद संभव नहीं होता. यह शरीर की धमनियों को प्रभावित करती है. इस से धमनियां फट भी जाती हैं. यह रोग आदमी और औरत दोनों को हो सकता है.

क्लामेडिया :- यह रोग योनि के द्वारा बच्चेदानी तक फैल जाता है. यह बांझपन का सब से बड़ा कारण होता है. बीमारी की शुरुआत में ही इलाज हो जाए तो अच्छा रहता है. क्लामेडिया के चलते औरतों को पेशाब में जलन, पेट दर्द, माहवारी के समय में दर्द, शौच के समय दर्द, बुखार आदि की शिकायत होने लगती है.

यौनरोगों से बचाव :-

  1. अंग पर किसी भी तरह के छाले, खुजलाहट, दाने, कटनेछिलने और त्वचा के रंग में बदलाव की अनदेखी न करें.
  2. जब भी शारीरिक संबंध बनाएं कंडोम का प्रयोग जरूर करें. यह यौन रोगों से बचाव का आसान तरीका है.
  3. कंडोम का प्रयोग ठीक तरह से न करने पर भी यौन रोगों का खतरा बना रहता है.
  4. ओरल सैक्स करने वालों को अपने अपने अंग की साफसफाई का पूरा खयाल रखना चाहिए.
  5. यौन रोग का इलाज शुरुआत में सस्ता और आसान होता है. शुरुआत में इस से शरीर को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचता है.
  6. गर्भवती औरतों को अपनी जांच समय समय पर करानी चाहिए ताकि उस से बच्चे को यौन रोग न लग सके.
  7. अंग की साफसफाई से यौन रोगों से दूर रहा जा सकता है.
  8. औरतों को यौन रोग ज्यादा होते हैं.
  9. यौन रोगी के संपर्क में जाने से बचें. बाथरूम की ठीक से साफ सफाई न करने से भी एक व्यक्ति का यौन रोग दूसरों को लग सकता है.

परामर्श :-

अगर लड़कियों या महिलाओं को गीलापन की समस्या के साथ-साथ; खुजली, जलन, रैशेज, बदबूदार स्त्राव, स्त्राव के रंग में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं; तो महिलाओं को तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए अगर महिलाएं योनि के गीलेपन की समस्या को नजरअंदाज करती हैं; तो आगे जाकर इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिए, इसे नजरअंदाज ना करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेकर इसका इलाज कराए।

अगर महिलाओं या लड़कियों के वजायना में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए

कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें

महिलाओं या लड़कियों को योनि में किसी भी प्रकार की कोई भी समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।

किसी भी दवाई , तेल , जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले आप डॉक्टर से सलाह जरूर ले |

डॉक्टर द्वारा दिए गए दवाओं एवं सप्लीमेंट का नियमित रूप से सही समय पर सेवन करें।

यह एक सामान्य जानकारी है अगर लड़कियों या महिलाओं को वजायना ( योनि ) से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए

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