सोते समय बिस्तर पर ही पेशाब कर देना / बिस्तर गीला करना क्या है? urinating in bed while sleeping / What is bedwetting
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रात में सोते समय बिस्तर पर ही पेशाब कर देना / बिस्तर गीला करना (बेड वेटिंग) क्या है? कारण, लक्षण और उपाय। What is bedwetting ,causes, symptoms, and remedies.
छोटे बच्चे अक्सर सोते समय बिस्तर पर ही पेशाब कर देते हैं, जिसे की बिस्तर गीला करना या बेड वेटिंग (Bedwetting) की समस्या कही जाती है। हालांकि, बढ़ती उम्र के साथ और बच्चे की इस आदत में सुधार आने लगता है। हालांकि, इसके अलावा, बिस्तर गीला करना या बेड वेटिंग की समस्या अक्सर बड़ी उम्र के लोगों और वयस्कों (Adults) में भी देखी जा सकती है।
बिस्तर गीला करना युवा पुरुषों और महिलाओं, दोनों को लिए एक शर्मनाक स्थिति हो सकती है।
ठंड में बच्चा बिस्तर ज्यादा गीला करता है?: 5 साल का होने पर भी ऐसा होता है तो तीन कैटेगरी में हो सकते हैं बच्चे Does your child wet the bed more in the winter?: If this happens even after the age of 5, the child may fall into three categories.
बच्चे अक्सर बिस्तर गीला कर देते हैं, क्योंकि छोटी उम्र में उन्हें इस बात का पता नहीं होता है कि कब उन्हें यूरिन पास करने की जरूरत है। सर्दियों और बरसात के दिनों में पेरेंट्स के लिए इस समस्या से निपटना और ज्यादा मुश्किल होता है। इसके अलावा पेरेंट्स की परेशानी तब और बढ़ जाती है, जब बच्चा बड़ा हो जाने के बावजूद बिस्तर गीला करता रहे। कई बच्चों में चार से पांच साल तक की उम्र में ये दिक्कत देखी जाती है। वहीं, कुछ बच्चों में यह परेशानी टीनेज की उम्र तक में भी देखने को मिलती है। बड़े होने के बावजूद वो बिस्तर गीला कर देते हैं,
बच्चे क्यों बिस्तर गीला करते हैं? Why do children wet the bed?
तीन साल तक की उम्र में 40% बच्चे बिस्तर पर ही यूरिन पास करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि बच्चों को पता ही नहीं होता कि उन्हें कब यूरिन पास करने की जरूरत है या फिर उन्हें यूरिन पास करने को लेकर सही ट्रेनिंग नहीं मिलती। पांच साल से छोटे बच्चों को बेड वेटिंग में नहीं गिना जाता। ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ बच्चे चीजें जल्दी सीख जाते हैं, जबकि कुछ को समय लगता है। अगर पांच साल से ऊपर के बच्चे ऐसा करते हैं, तो ये जानना जरूरी है कि बच्चे को टॉयलेट ट्रेनिंग दी गई है या नहीं।
प्राइमरी बेड वेटिंग :- Primary bed wetting :-
प्राइमरी बेड वेटिंग की स्थिति तब होती है जब बच्चे में बचपन से ही बिस्तर गीला करने की आदत हो और बच्चे की यह आदत उसकी बढ़ती उम्र के बाद भी न सुधरे या पांच से आठ साल का होने के बाद भी बच्चा बिस्तर पर ही सोते समय पेशाब कर देता हो।
सेकेंडरी बेड वेटिंग :- Secondary bed waiting :-
सेकेंडरी बेड वेटिंग की स्थिति को थोड़ा गंभीर माना जा सकता है। सामान्य तौर पर नवजात शिशु (Newly born baby) लगभग छह माह का होने के बाद बिस्तर पर सोते समय पेशाब करना बंद कर सकता है। जो अक्सर अधिकतर बच्चों के साथ देखा जाता है। लेकिन, अगर कोई बच्चा लगभग छह महीने का होने के बाद बिस्तर गीला करना बंद कर देता है, लेकिन उम्र बड़ी होने पर वो वापस से सोते समय बिस्तर पर पेशाब कर देता है, तो उसे सेकेंडरी बेड वेटिंग (Bedwetting) की स्थिति कही जा सकती है।
जिन बच्चों ने टॉयलेट हैबिट्स सीख लेने के बाद बिस्तर गीला करना शुरू कर दिया है, उनके साथ कोई वजह जुड़ी होती है।
बच्चे को डांट-डपटकर नहीं, बल्कि प्यार से समझाने की जरूरत है
क्यों होती है बच्चों में ये परेशानी? Why does this problem occur in children?
जेनेटिक कारणों से भी बच्चे यूरिन कंट्रोल नहीं कर पाते हैं।
ब्लैडर मसल्स का अविकसित रहना। हालांकि, समय के साथ मसल्स विकसित हो जाते हैं।
गहरी नींद की वजह से बच्चा जान नहीं पाता कि ब्लैडर भर गया है। ऐसा दिन के समय ज्यादा होता है।
बच्चे के इनर-वियर को स्ट्रॉन्ग डिटर्जेंट से धोने पर इन्फेक्शन हो सकता है, जो इसकी वजह बनता है।
यूरिनरी इन्फेक्शन, डायबटीज मलायट्स या डायबिटीज इनसीपीडस भी इसकी वजह हो सकते हैं।
कुछ बच्चे डर की वजह से भी ऐसा करते हैं। उन्हें डांटने के बजाय उनके मन को जानने की कोशिश करें। बच्चों द्वारा क्लास-रूम में यूरिन पास करने की शिकायत पेरेंट्स तक आने की वजह से बच्चा डर जाता है। इसके अलावा कुछ बच्चे स्कूल में मिली मेड की डांट-फटकार से भी डर जाते हैं, जिसकी वजह से वो दिन या रात में यूरिन पास करते हैं।
बिस्तर गीला करना (बेड वेटिंग) के क्या कारण हो सकते हैं? What could be the causes of bedwetting?
बिस्तर गीला करना या बेड वेटिंग के कारणों को हम इसके प्रकार के आधार पर समझ सकते हैं।
प्राइमरी बेड वेटिंग के कारण। Causes of primary bed wetting
अक्सर लोगों को लगता है कि जो बच्चे बचपन से बड़े होने पर भी सोते समय बिस्तर पर पेशाब कर देते हैं, उनकी आदत खराब हो सकती है या उन्हें रात में पेशाब लगने पर जागने में आलस आता होगा। लेकिन, नींद में बिस्तर गीला करना बच्चों की कोई शरारती आदत या आलस नहीं समझनी चाहिए, बल्कि निम्न स्थितियों के बारे में विचार करना चाहिए, जिसके कारण हो सकते हैंः
मूत्राशय का छोटा होना :- shortening of the bladder :-
कुछ बच्चों का मूत्राशय बहुत छोटा हो सकता है, जिस कारण वो अधिक समय तक पेशाब की ज्यादा मात्रा पर नियंत्रण नहीं रख पाते हैं। ऐसे में तरल पदार्थ का ज्यादा सेवन करने से मूत्राशय पर दबाव बनने लगता है और सोते समय यूरिन पास हो जाता है। हालांकि, इस तरह की स्थिति पर बढ़ती उम्र के साथ कंट्रोल किया जा सकता है लेकिन इसमें काफी समय लग सकता है।
एंटीडाइयूरेटिक हार्मोन :- (ADH) Antidiuretic hormone (ADH) :-
एंटीडाइयूरेटिक हॉर्मोन (एडीएच) हमारे शरीर में पेशाब पर नियंत्रण रखने का कार्य करते हैं। अगर शरीर में किसी कारण से एंटीडाइयूरेटिक हार्मोन की कमी हो जाए, तो बच्चों और वयस्कों में बिस्तर गीला करना या बेड वेटिंग की समस्या अधिक आम हो सकती है।
गहरी नींद :- deep sleep :-
बच्चे और बड़ें अक्सर शारीरिक या मानसिक रूप से अधिक थके होने पर गहरी नींद (Sound sleep) में सो सकते हैं, इसके अलावा, कुछ लोगों को गहरी और अच्छी नींद भी स्वाभाविक रूप से आती है। साथ ही, कुछ तरह के आहार भी गहरी नींद लाने के पीछे जिम्मेदार भी सकते हैं। ऐसे में गहरी नींद आने पर अक्सर मूत्राशय पर पड़ रहे दबाव का अहसास नहीं होता है और जिसकी वजह से वो सोते समय बिस्तर पर ही पेशाब कर देते हैं।
सेकेंडरी बेड वेटिंग के कारण। Causes of secondary bed wetting
सेकेंडरी बेड वेटिंग के कारण प्राइमरी बेड वेटिंग के कारणों से अलग और गंभीर हो सकते हैं, जिसमें शामिल हो सकते हैंः
यूरिनरी ट्रैक्ट संक्रमण (UTI) / डायबिटीज (मधुमेह)
किडनी से जुड़ी कोई समस्या / स्लीप एप्निया
क्रोनिक कब्ज / पिनवर्म (Pinworm)
बढ़ा हुआ थाइराइड हॉर्मोन / तनाव (Tension)
मूत्र पथ या तंत्रिका तंत्र में संरचनात्मक समस्या
बिस्तर गीला करना (बेड वेटिंग) के लक्षण क्या हैं? What are the symptoms of bedwetting?
बिस्तर गीला करना या बेड वेटिंग के लक्षण निम्न हो सकते हैं,
सिर्फ रात (Night) में ही सोते समय बिस्तर पर पेशाब करना
बच्चे की उम्र पांच साल (5 Years baby) से अधिक होना
बड़ी उम्र वालों का अचानक सोते समय बिस्तर पर पेशाब (Toilet) कर देना
अगर बताए गए के लक्षण आपको अपने बच्चे या खुद में दिखाई देते हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।
पेरेंट्स इन बातों रखें ध्यान / रोकथाम और नियंत्रण। Parents should keep these things in mind / Prevention and control
बिस्तर गीला करना (Bedwetting) को कैसे रोका जा सकता है? How can bedwetting be stopped?
अपने बच्चे की बेड वेटिंग की आदत को रकोने या इसकी रोकथाम करने के लिए आप निम्न बातों पर ध्यान दे सकते हैं, जैसेः
शाम के समय या सोने से पहले बच्चे को तरल पदार्थों का सेवन कम से कम करवाएं
रात में बच्चे के साथ सोएं, ताकि आप कुछ घंटों के अंतराल पर जगा सकें और उसे पेशाब करने के लिए टॉयलेट भेज सकें। इसके लिए आप आलर्म भी सेट कर सकते हैं।
रात के समय बच्चे को कोल्ड ड्रिंक, कैफीन युक्त चीजें या मीठा खाने को न दें।
बच्चे को रात में टॉयलेट कराने के बाद ही बिस्तर पर जाने दें।
शाम 5-6 बजे के बाद बच्चे को कम से कम पानी पीने दें।
अगर बच्चा नींद में बिस्तर गीला करता है, तो उसे समझाएं, डांटें या पीटें नहीं।
जिस दिन वो बिस्तर गीला न करे, उसे शाबाशी दें और अच्छा महसूस कराएं।
अगर आप बच्चे का रूटीन जान गए हैं कि वह किस समय के आसपास यूरिन पास करता है, तो उस समय से आधे घंटे पहले उसे जगाकर टॉयलेट कराने ले जाएं।
सोने के कमरे का तापमान बहुत ज्यादा ठंडा न रखें
कब्ज (Constipation), डायबिटीज (Diabetes) या अन्य शारीरिक स्थिति है, तो उसके उचित उपचार के विकल्प पर विचार करें
अगर इन सब उपायों के बाद भी, बच्चे में या वयस्क में बेड वेटिंग की समस्या बनी रहती है, तो इस बारे में घर के बड़े सदस्यों से बात करें, ताकि आप खुद भी अपनी परेशानी का कारण समझ सकें।
पेरेंट्स को बच्चे की टॉयलेट ट्रेनिंग पर ध्यान देना चाहिए। कुछ पेरेंट्स सोचते हैं कि बच्चे को दवा मिल जाए और वो रातों-रात यूरिन पास करना बंद कर दे, लेकिन उन्हें समझना होगा कि ये किसी चमत्कार की तरह नहीं हो सकता। शुरुआती कोशिश यही होनी चाहिए कि बच्चों को बिना दवा के सिर्फ डेली हैबिट्स में यह सिखाया जाए। इसमें तीन महीने से साल भर भी लग सकता है, लेकिन यही रास्ता बच्चे के लिए बेहतर है। टीनेज अवस्था में आने तक बच्चों में यह परेशानी खत्म हो जाती है। हालांकि, फिर भी किशोरों में यह दिक्कत देखी जाती है, उसे ठीक करने के लिए पेरेंट्स डॉक्टर से मिलकर उनकी सलाह ले सकते हैं।
सामान्य रूप से देखा जाए, तो अधिकांश बच्चे एक उम्र के बाद भी बिस्तर गीला करना अपने आप ही बंद कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें किसी तरह के उपचार की जरूरत नहीं हो सकती है। लेकिन, अगर अज्ञात कारणों से बेड वेटिंग की समस्या बनी रहती है, तो इस बारे में बिना शर्माएं आप डॉक्टर से बात करें। आपके लक्षणों, कारणों और शारीरिक स्थिति के अनुसार आपके डॉक्टर आपके लिए उचित उपचार का सुझाव दे सकते हैं,
परामर्श :- Consultation :-
अगर आपको या आपके बच्चे को नींद में बिस्तर गीला होता है, नींद में पेशाब आना, नींद में पेशाब करना, सोते समय बिस्तर में पेशाब करना, सपने में पेशाब करना यह किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकता हैं, नींद में बार-बार पेशाब करना किसी बीमारी के कारण हो सकता हैं, किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए
कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आपको नींद में बिस्तर गीला
ब्रेस्ट से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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