यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) क्या है। कारण, लक्षण, इलाज What is a urinary tract infection (UTI) Causes, Symptoms, Treatment
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यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) (UTI) क्या है। कारण, लक्षण, इलाज और बचाव What is a urinary tract infection (UTI) Causes, Symptoms, Treatment and Prevention
यूरिन इंफेक्शन (यूटीआई) एक आम समस्या है, जो दुनिया भर में लाखों लोगों को परेशान कर रही है, विशेषकर महिलाओं को।
क्या आपको कभी पेशाब करते समय अचानक तेज़ जलन महसूस हुई है और समझ नहीं आया क्यों? हो सकता है आपने यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन यानी UTI का अनुभव किया हो। ये महिलाओं में सबसे आम संक्रमणों में से एक है, लेकिन अक्सर इसे या तो समझा नहीं जाता या नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है जब तक कि हालत बिगड़ न जाए।
महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट छोटा होने के कारण उनमें यूटीआई संक्रमण होने का अधिक खतरा होता है। हालाँकि, यह पुरुषों में भी होता है। जब यूटीआई मूत्राशय और मूत्रमार्ग को प्रभावित करता है तो व्यक्ति को अक्सर दर्द और जलन अनुभव होता है।
यदि संक्रमण का इलाज समय पर नहीं किया जाता है, तो वे आपकी किडनी में भी फैल सकते हैं जिसके कारण व्यक्ति को गंभीर दुष्परिणाम का सामना करना पड़ सकता है।
हैलो फ्रेंड्स!
मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }
मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें।
आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।
यूरिन इंफेक्शन (यूटीआई) क्या है। What is a urinary tract infection (UTI)
यूटीआई (UTI) तब होता है जब आंतों में पाई जाने वाली बैक्टीरिया अक्सर (E. coli) मूत्र मार्ग में प्रवेश करके बढ़ने लगते हैं। ये संक्रमण मूत्र प्रणाली के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है: मूत्राशय (bladder), मूत्रमार्ग (urethra), मूत्रवाहिनी (ureters), या गुर्दे (kidneys)। ज़्यादातर संक्रमण मूत्रमार्ग (bladder) में शुरू होते हैं, लेकिन अगर समय रहते इलाज न हो, तो ये ऊपर की तरफ फैलकर गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं। UTI सिर्फ एक छोटी-सी परेशानी नहीं हैं। यदि संक्रमण का इलाज समय पर नहीं किया जाता है, तो गुर्दे में संक्रमण (kidney infections) बार-बार होने वाले संक्रमण या कुछ दुर्लभ मामलों में पूति (sepsis) तक का कारण बन सकते हैं। इनके लक्षण असहज हो सकते हैं, लेकिन अच्छी बात ये है कि ये लक्षण साफ-साफ दिखते हैं और सही समय पर पहचान लेने पर इलाज आसान होता है।
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI)के कितने प्रकार होते हैं। How many types of urinary tract infection (UTI) are there?
हर UTI एक जैसा नहीं होता। संक्रमण मूत्र प्रणाली (urinary system) के जिस हिस्से को प्रभावित करता है, उसके आधार पर इसके लक्षण और गंभीरता अलग हो सकती है।
- एक्यूट पायलोनेफ्राइटिस :- Acute pyelonephritis :- यह एक प्रकार का किडनी का संक्रमण होता है, इसमें आमतौर पर व्यक्ति को, पीठ या कमर में दर्द ,तेज बुखार और ठंड लगना, मतली या उल्टी ,थकान महसूस होना ये सबसे गंभीर प्रकार का UTI है और इसके लिए तुरंत इलाज की ज़रूरत होती है। जब संक्रमण kidneys तक पहुंच जाता है, तो उसे पायलोनेफ्राइटिस (pyelonephritis) कहा जाता है। अगर समय रहते इसका इलाज न हो, तो kidney damage भी हो सकता है।
- सिस्टाईटीस :- cystitis :- मूत्राशय (bladder) के संक्रमण के लक्षण में आमतौर पर पेल्विस में दबाव, पेट के निचले हिस्से में बेचैनी ,दर्द या भारीपन, पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आने की इच्छा ,पेशाब का रंग गाढ़ा या बदबूदार होना कभी-कभी पेशाब में खून भी आ सकता है। ये सबसे आम UTI है, खासकर महिलाओं में। जब बैक्टीरिया bladder तक पहुंचते हैं, तो वहां सूजन हो जाती है जिसे मूत्राशयशोध (cystitis) कहा जाता है। ये असहज जरूर है, लेकिन antibiotics और पर्याप्त पानी पीने से आमतौर पर ठीक हो जाता है।
- यूरेथराइटिस :- Urethritis :- यूरिनरी ट्रैक्ट के अंतिम भाग या मूत्रमार्ग (urethra) के संक्रमण को यूरेथराइटिस कहते है। आमतौर पर इस स्थिति में पेशाब करते समय दर्द या जलन ,कभी-कभी मूत्रमार्ग (urethra) से स्राव होना (discharge) ,हल्की खुजली या जलन और कभी-कभी, पेशाब में डिस्चार्ज भी होता है। मूत्रमार्ग (Urethra) वह नली होती है जो मूत्राशय (bladder) से पेशाब को शरीर के बाहर निकालती है। जब इसमें संक्रमण होता है, तो उसे मूत्रमार्गशोथ (urethritis) कहते हैं।
- लक्षणहीन बैक्टीरियूरिया - मौन संक्रमण :- Asymptomatic bacteriuria - silent infection :- कभी-कभी मूत्र पथ (urinary tract) में बैक्टीरिया मौजूद होते हैं लेकिन कोई लक्षण नहीं दिखते। इसे स्पर्शोन्मुख जीवाणुमेह (asymptomatic bacteriuria) कहा जाता है। स्वस्थ लोगों में इसका इलाज ज़रूरी नहीं होता। लेकिन अगर महिलाएं गर्भवती (pregnant) है, कोई व्यक्ति उम्रदराज़ है, या उसे मधुमेह (diabetes) है, तो डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाओं (antibiotics) देने की सलाह दे सकते हैं ताकि आगे कोई समस्या न हो।
यदि आपको यूटीआई के लक्षण महसूस हो रहे हैं तो इसको घर पर ही ठीक करने का प्रयास न करें। डॉक्टर से परामर्श कर सही समय पर उपचार लें। गलत एंटीबायोटिक दवाओं के साथ इलाज करने से आपको ऐसा संक्रमण हो सकता है जिसका इलाज मुश्किल होता है। और इस स्थिति का सही इलाज न करने से इसके किडनी तक फैलने और कहीं अधिक गंभीर समस्या बनने का खतरा हो जाता है।
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के क्या कारक होते हैं। What are the factors that cause urinary tract infection?
आमतौर पर आपके यूरिनरी सिस्टम में संक्रमण से बचाव के लिए कई प्रतिरक्षा व्यवस्थाएँ होती हैं, जिसके कारण बैक्टीरिया आपके यूरिनरी ट्रैक्ट में प्रवेश नहीं कर पाते और उन्हें संक्रमित नहीं कर सकते हैं। हालांकि, कई बार जब कुछ बैक्टीरिया इनसे बच कर मूत्र मार्ग में प्रवेश कर जाते हैं, तो वे मूत्राशय के अंदर विभाजित होना शुरू हो जाते हैं और मूत्र पथ के संक्रमण का कारण बनते हैं।
आमतौर पर यूटीआई के लिए ज़िम्मेदार बैक्टीरिया गुदा से निकटता के कारण पाचन मार्ग से यूरिनरी सिस्टम में प्रवेश करते हैं। हालाँकि, हमेशा यह वजह नहीं हो सकती है। इसलिए, हर बार बाथरूम का उपयोग करते समय, विशेष रूप से महिलाओं के लिए आगे से पीछे की ओर पोंछने की सलाह दी जाती है।
कई लोगों में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन होने की संभावना दूसरों से अधिक होती है। और इसकी वजह निम्न में से कुछ भी हो सकती है:
- मूत्रमार्ग की संरचना :- The structure of the urethra :- महिलाओं में मूत्रमार्ग की लंबाई कम होने के कारण यूटीआई होने की संभावना अधिक होती है। बनावट में असामान्यताओं के साथ पैदा हुए लोगों को भी यूटीआई होने का अधिक जोखिम होता है।
- यौन स्वच्छता :- Sexual hygiene :- आप या आपके साथी द्वारा यौन स्वच्छता में कमी से यूटीआई होने की संभावना बढ़ सकती है, खासकर महिलाओं में।
- मेनोपॉज :- menopause :- जिन महिलाओं में मेनोपॉज आने वाला है या वे इसे पार कर चुकी हैं। एस्ट्रोजेन हार्मोन के घटते स्तर के कारण, इन महिलाओं के मूत्र मार्ग में परिवर्तन होते हैं जिससे यूटीआई होने की संभावना अधिक हो जाती है।
- रुकावट :- barrier :- गुर्दे की पथरी, या प्रोस्टेट का बढ़ने से व्यक्ति में पेशाब पूरी तरह से खाली नहीं हो पाता जिससे यूटीआई होने का खतरा बढ़ जाता है।
- लंबी अवधि :- long term :- लंबी अवधि से कैथेटर या चिकित्सा उपचार का उपयोग
- उपकरण :- equipment :- जन्म निरोधक उपकरण जैसे डायाफ्राम या शुक्राणुनाशक एजेंट के उपयोग से
- दवा :- Medicine :- कम प्रतिरक्षा या इम्यूनोसप्रेशन दवा का लंबे समय तक उपयोग
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) होने के कारण क्या हैं। What causes urinary tract infection (UTI)?
UTI अचानक नहीं होता ये आमतौर पर आपकी कुछ आदतों, सेहत से जुड़ी स्थितियों या रोज़मर्रा की उन चीज़ों की वजह से होता है जो देखने में तो मामूली लगती हैं, लेकिन असर बड़ा डालती हैं।
1. बैक्टीरियल इंफेक्शन :- Bacterial infection :- ज़्यादातर मामलों में, UTI तब होता है जब E. coli जैसे बैक्टीरिया, जो आमतौर पर पाचन तंत्र में पाए जाते हैं, मूत्र पथ (urinary tract) में पहुंच जाते हैं। ये बैक्टीरिया आमतौर पर पेट में नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन जब ये मूत्राशय (bladder) या मूत्रमार्ग (urethra) तक पहुंचते हैं, तो संक्रमण का कारण बनते हैं।
2. गंदी साफ-सफाई की आदतें :- Bad cleaning habits :- टॉयलेट के बाद गलत दिशा में पोंछना, ठीक से सफाई न करना या पसीने वाले अंडरगारमेंट्स लंबे समय तक पहनना ये सभी आदतें बैक्टीरिया को मूत्र पथ (urinary tract) के पास पनपने का मौका देती हैं। छोटी-छोटी आदतें कभी-कभी बड़ा फर्क लाती हैं।
3. यौन संबंध :- Sexual relations :- सेक्स से UTI का रिस्क बढ़ सकता है खासकर महिलाओं में। इंटरकोर्स के दौरान बैक्टीरिया मूत्रमार्ग (urethra) के पास पहुंच सकते हैं। इसका मतलब ये नहीं कि सेक्स से बचना है बस इसके बाद पेशाब करना और सफाई रखना संक्रमण से बचा सकता है।
4. पानी की कमी :- Water scarcity :- अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीते, तो शरीर बैक्टीरिया को अच्छे से बाहर नहीं निकाल पाता। कम पेशाब का मतलब है कि बैक्टीरिया को मूत्र पथ (urinary tract) में ज़्यादा समय तक रहने का मौका मिल जाता है। हाइड्रेशन (Hydration) यानी पानी पीना, आपकी पहली सुरक्षा है।
5. मूत्राशय का अधूरा खाली होना :- Incomplete emptying of the bladder :- लंबे समय तक पेशाब रोकने से मूत्राशय के भीतर बैक्टीरिया पनपने लगते हैं।
6. कुछ जन्म नियंत्रण विधियाँ :- Some birth control methods :- शुक्राणुनाशक के साथ उपयोग किए जाने वाले डायाफ्राम यूटीआई की संभावना को बढ़ा सकते हैं।
7. शारीरिक कारक :- Physical factors :- पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मूत्रमार्ग छोटा होता है, जिससे वे यूटीआई के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं।
8. रजोनिवृत्ति :- Menopause :- रजोनिवृत्ति के बाद एस्ट्रोजन के स्तर में गिरावट बैक्टीरिया के खिलाफ मूत्रमार्ग की सुरक्षा को कमजोर कर सकती है।
9. कैथेटर का उपयोग :- Use of catheters :- मूत्र निकालने के लिए मूत्राशय में डाली गई नलिकाएं बैक्टीरिया के लिए मूत्र पथ में प्रवेश करने का मार्ग बना सकती हैं।
मेडिकल समस्याएं कारण। medical problems cause
कुछ स्वास्थ्य स्थितियां आपको UTI के लिए ज़्यादा संवेदनशील बना देती हैं, जैसे:
- मधुमेह (Diabetes) (जिसमें पेशाब में शुगर ज़्यादा होती है)
- गुर्दे की पथरी (Kidney stones) (जो यूरिन फ्लो को रोकते हैं)
- कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) (जो किसी पुरानी बीमारी या दवाओं की वजह से हो सकती है)
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) के लक्षण। Symptoms of a urinary tract infection (UTI)
कभी-कभी यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन में व्यक्ति को कोई लक्षण अनुभव नहीं होते हैं। अक्सर इसका शुरुआती लक्षण व्यक्ति को बाथरूम जाने की तीव्र इच्छा जो बढ़ती जाती है, हो सकता है। पेशाब करने के समय मूत्रमार्ग और आसपास के क्षेत्रों में जलन महसूस होना और कम मात्रा में परंतु बार-बार पेशाब आना भी इसके लक्षणों में शामिल होते हैं।
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) चुपचाप आ सकता है, लेकिन शरीर अक्सर शुरुआत में ही संकेत देने लगता है। इन लक्षणों को जल्दी पहचानना और जल्दी राहत पाना जरूरी है
- पेशाब करते समय जलन :- burning sensation while urinating :- पेशाब करते समय तेज जलन या चुभन महसूस होना UTI का सबसे आम और साफ संकेत है। यह जलन की परेशानी, जिसे चिकित्सकीय भाषा में डिसुरिया कहा जाता है, यूटीआई का एक प्रमुख लक्षण है।
- बार-बार पेशाब आने की इच्छा :- Frequent urge to urinate :- लगातार पेशाब जाने की इच्छा हो रही है, लेकिन बार-बार बहुत कम पेशाब आ रहा है? इसका मतलब मूत्राशय (bladder) में सूजन या जलन है, जो UTI की वजह से हो सकती है। आपको सामान्य से अधिक बार पेशाब करने की इच्छा महसूस हो सकती है, भले ही आप हर बार थोड़ी मात्रा में ही पेशाब निकालते हों। इसे मूत्र आवृत्ति के रूप में जाना जाता है।
- बादलदार या दुर्गंधयुक्त मूत्र :- cloudy or foul-smelling urine :- सामान्य पेशाब साफ और हल्की गंध वाला होता है। अगर वो अचानक गाढ़ा, बदबूदार या मटमैला लगे, तो ये संक्रमण का इशारा हो सकता है।
- पेट के निचले हिस्से या पैल्विक दर्द :- Lower abdominal or pelvic pain :- पेट के निचले हिस्से या श्रोणि क्षेत्र (pelvic area) में हल्का दर्द या दबाव महसूस हो रहा है? ये सिर्फ पीरियड्स या गैस नहीं बल्कि मूत्राशय की सूजन (bladder inflammation) का संकेत हो सकता है।
- मूत्र में रक्त (हेमट्यूरिया) :- Blood in the urine (hematuria) :- अगर पेशाब में गुलाबी, लाल या कोला-कलर का रंग दिखे यहां तक की थोड़ा सा भी तो इसे नजरअंदाज न करें। ये संक्रमण का गंभीर संकेत हो सकता है।
- बुखार या ठंड लगना (गंभीर मामलों में) :- Fever or chills (in severe cases) :- अगर संक्रमण गुर्दे (kidneys) तक पहुंच गया है, तो तेज बुखार, ठंड लगना और मतली जैसे लक्षण दिख सकते हैं। ये गंभीर स्थिति है तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- लगातार पेशाब करने की इच्छा होना :- frequent urge to urinate :- अपना मूत्राशय खाली करने के बाद भी, आपको लगातार दबाव महसूस हो सकता है या फिर से पेशाब करने की इच्छा हो सकती है, इस स्थिति को मूत्र संबंधी आग्रह कहा जाता है।
- पेट के निचले हिस्से में पेल्विक दर्द या दबाव :- Pelvic pain or pressure in the lower abdomen :- आपको पेट के निचले हिस्से या पेल्विक क्षेत्र में हल्का दर्द या ऐंठन का अनुभव हो सकता है।
महिलाओं और पुरुषों में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) अलग-अलग होते है। Are urinary tract infections (UTIs) different in men and women?
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) किसी को भी हो सकता है, लेकिन ये महिलाओं में ज्यादा होता है। ऐसा क्यों होता है और पुरुषों और महिलाओं में लक्षण कैसे अलग दिखते हैं।
महिलाओं में UTI ज्यादा क्यों होता है। Why do women have more UTIs?
महिलाओं की मूत्रमार्ग (urethra) मूत्रनली छोटी होती है, जिससे बैक्टीरिया को मूत्राशय (bladder) तक पहुंचने में कम समय लगता है। साथ ही, योनि और मलद्वार के पास होने की वजह से बैक्टीरिया आसानी से अंदर जा सकते हैं। जैसे वाइप करना, सेक्स करना या पब्लिक टॉयलेट यूज़ करना जोखिम बढ़ाते हैं। अन्य जोखिम कारक:
- हार्मोनल बदलाव (प्रेग्नेंसी या मेनोपॉज में)
- कुछ प्रकार के बर्थ कंट्रोल (जैसे डायाफ्राम)
- गलत इंटिमेट हाइजीन की आदतें
महिलाओं में यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण। Symptoms of urine infection in women
- श्रोणि दबाव (Pelvic pressure) या ऐंठन
- ज्यादा जलन योनि संवेदनशीलता(vaginal sensitivity) के कारण
- पीरियड्स के दौरान भी बार-बार पेशाब की इच्छा
पुरुषों में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) कम, लेकिन गंभीर। Urinary tract infections (UTIs) are rare but serious in men.
पुरुषों को UTI कम होता है, लेकिन जब होता है, तो अकसर किसी अंदरूनी समस्या से जुड़ा होता है जैसे:
- बढ़ा हुआ पौरुष ग्रंथि (prostate)
- गुर्दे की पथरी (Kidney stones)
- मधुमेह (Diabetes)
- हाल ही (Recent) में कैथेटर (catheter) का उपयोग
पुरुषों में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) के लक्षण। Symptoms of urinary tract infection (UTI) in men:
पुरुषों में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) की संभावना कम होती है, इसलिए लक्षणों की पहचान देर से होती है। किसी भी असामान्य पेशाब से जुड़े लक्षण को हल्के में न लें।
- निचले पेट या कमर में दर्द
- वीर्य स्खलन के दौरान असहजता
- लंबे समय तक बुखार (अगर संक्रमण फैल जाए)
निदान (Diagnosis) और परीक्षण (Tests) UTI की पुष्टि कैसे होती है। Diagnosis and Tests How is a UTI confirmed?
अगर किसी को UTI के लक्षण दिख रहे हैं, तो डॉक्टर सिर्फ अंदाज़ा नहीं लगाते। इसके लिए कुछ आसान टेस्ट कराते हैं ताकि सही इलाज शुरू किया जा सके।
1. यूरीन एनालिसिस (urine analysis)
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) की जांच का पहला कदम। इसमें पेशाब का एक सैंपल लिया जाता है और जांची जाती हैं:
ये टेस्ट तेज़, दर्द रहित और शुरुआती जांच के लिए बहुत असरदार होता है।
- श्वेत रुधिराणु (White blood cells) = संक्रमण का संकेत
- लाल रक्त कोशिकाओं (Red blood cells) = सूजन या खून का इशारा
- जीवाणु (Bacteria) = संक्रमण के कारण
- नाइट्राइट (Nitrites) = बैक्टीरिया द्वारा छोड़े गए केमिकल्स
2. यूरीन कल्चर (Urine Culture)
अगर संक्रमण बार-बार हो या ज्यादा गंभीर हो, तो डॉक्टर ये टेस्ट करवाते हैं। इससे मदद मिलती है:
रिजल्ट 24–48 घंटे में आते हैं, लेकिन इलाज को टारगेट करने में बहुत मददगार होते हैं।
- सटीक बैक्टीरिया की पहचान करने में
- सबसे असरदार एंटीबायोटिक चुनने में
3. इमेजिंग टेस्ट (Imaging Tests) अगर UTI बार-बार हो। Imaging Tests (if UTIs are frequent)
यदि आपको यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के लक्षण महसूस हो रहे हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श करें। यदि आप यूटीआई को अनुपचारित छोड़ देते है तो संक्रमण और भी बिगड़ सकता है।
बार-बार UTI होने पर डॉक्टर ये जांचें भी करवा सकते हैं:
ये टेस्ट ज़रूरी नहीं कि हर किसी को करवाने पड़े, लेकिन बार-बार संक्रमण हो तो इनकी सलाह दी जाती है।
- अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) = किडनी और ब्लैडर की स्थिति देखने के लिए
- सीटी स्कैन (CT Scan) = स्टोन या अंदरूनी रुकावट की जांच के लिए
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) का इलाज आसान लेकिन सही तरीका ज़रूरी है। Urinary Tract Infection (UTI) Treatment is Simple but Needs the Right Method
ज़्यादातर यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) का इलाज जल्दी हो सकता है, लेकिन सही इलाज और समय पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है।
कौन-सी दवा और कितनी मात्रा देनी है, ये आपकी उम्र, लक्षण और यूरिन कल्चर रिपोर्ट पर निर्भर करता है।
दर्द और बुखार से राहत पाने के उपाय। Remedies to get relief from pain and fever
जब एंटीबायोटिक्स बैक्टीरिया से लड़ रहे होते हैं, तब ये उपाय भी मदद कर सकते हैं:
- गर्म पानी की बोतल या हीटिंग पैड निचले पेट पर रखें
- पैरासिटामोल या इबुप्रोफेन की दवा लें (दर्द या बुखार के लिए)
- ज्यादा पानी पीएं इससे इंफेक्शन जल्दी बाहर निकलता है।
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) ठीक करने के घरेलू उपाय। Home remedies to treat urinary tract infection (UTI)
कुछ घरेलू उपाय मददगार हो सकते हैं, लेकिन सिर्फ एंटीबायोटिक्स के साथ:
- बिना शक्कर वाला क्रैनबेरी जूस पिएं
- साफ-सफाई का ध्यान रखें
- हाइड्रेटेड रहें भरपूर पानी पिएं
- एंटीबायोटिक्स स्किप न करें
- महकदार फेमिनिन वॉश या हार्श साबुन का इस्तेमाल न करें
- यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें
इलाज समय और ज़रूरी सावधानियाँ। Treatment time and necessary precautions
याद रखें जल्दी इलाज, जल्दी राहत UTI को नजरअंदाज करने से किडनी तक संक्रमण पहुंच सकता है। सेल्फ-मेडिकेशन न करें, और लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें।
- सामान्य UTI 3–7 दिन में ठीक हो सकता है।
- गंभीर या बार-बार होने वाला UTI 10–14 दिन या और जांच की ज़रूरत पड़ सकती है
- इलाज के बाद फॉलो-अप यूरिन टेस्ट भी जरूरी हो सकता है
बच्चों और बुज़ुर्गों में UTI नज़रअंदाज़ न करें, लक्षण पहचानें। Don't ignore UTI in children and the elderly; recognize the symptoms.
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) सिर्फ बड़ों की बीमारी नहीं है। नवजात शिशु, छोटे बच्चे, और बुज़ुर्गों में भी ये संक्रमण हो सकता है। फर्क बस इतना है इनके लक्षण अलग-अलग होते हैं और अक्सर पहचाने नहीं जाते।
बच्चों में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) के लक्षण जो वो खुद नहीं बता सकते। Symptoms of urinary tract infection (UTI) in children that they cannot tell themselves
छोटे बच्चों को तकलीफ होती है, लेकिन वो बोल नहीं पाते। ऐसे में शरीर कुछ इशारे देता है:
अगर समय पर इलाज न हो, तो UTI से किडनी डैमेज तक हो सकता है। इसलिए जल्दी पहचानना ज़रूरी है।
- बिना किसी वजह के तेज़ बुखार
- पेशाब करते वक्त या डायपर बदलते समय रोना या चिड़चिड़ापन
- भूख कम लगना या उल्टी होना
- गाढ़ा या तेज़ गंध वाला पेशाब
- असामान्य थकान या चुपचाप रहना
बुज़ुर्गों में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) की पहचान ,लक्षण अलग होते हैं । Diagnosing Urinary Tract Infection (UTI) in the Elderly – Symptoms Are Different
ये बदलाव अक्सर “बुज़ुर्गी के लक्षण” समझकर टाल दिए जाते हैं, लेकिन ये संक्रमण का संकेत हो सकते हैं।
खासकर डिमेंशिया या चलने-फिरने में दिक्कत वाले बुज़ुर्गों में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) के आम लक्षण नहीं दिखते। इनके संकेत कुछ इस तरह के हो सकते हैं:
- अचानक भूलने लगना या भ्रमित होना
- जरूरत से ज्यादा नींद आना या बार-बार गिरना
- व्यवहार में बदलाव – चुपचाप रहना या चिड़चिड़ापन
- बार-बार पेशाब होना या पेशाब पर कंट्रोल ना रहना
- भूख कम लगना या डिहाइड्रेशन के लक्षण
डॉक्टर को कब दिखाएं। When to see a doctor?
बच्चों और बुज़ुर्गों में UTI चुपचाप आता है अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो ये बड़ी परेशानी बन सकता है। अगर कुछ ‘अलग’ लगे, तो डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं।
इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो डॉक्टर से तुरंत मिलें:
- बच्चे को 100.4°F (38°C) से ज़्यादा बुखार हो और वजह साफ़ न हो
- बार-बार पेशाब करना, या दर्द के साथ पेशाब होना
- बुज़ुर्ग अचानक गुमसुम, भ्रमित या बहुत सुस्त हो जाएं
- पेशाब में खून, या पीठ/पेट में तेज़ दर्द
आवर्ती यूटीआई (Recurrent UTI) जानिए क्यों लौटता है ये संक्रमण बार-बार। Recurrent UTI: Learn why this infection keeps coming back.
क्या आपको 6 महीनों में दो या साल में तीन बार UTI हुआ है? अगर हां, तो इसे आवर्ती यूटीआई (Recurrent UTI) यानी बार-बार होने वाला संक्रमण कहा जाता है
आवर्ती यूटीआई (Recurrent UTI) क्यों होता है। Why do recurrent UTIs happen?
- बार-बार संक्रमण होने की वजहें अलग-अलग हो सकते हैं:
- पिछली बार का इलाज अधूरा रह जाना
- किडनी स्टोन या यूरिन पास करने वाली नली में रुकावट
- मेनोपॉज़ के बाद शरीर में बदलाव, जिससे अच्छे बैक्टीरिया कम हो जाते हैं
- सेक्स के तुरंत बाद पेशाब ना करना
- डायबिटीज या कमज़ोर इम्यून सिस्टम
- कभी-कभी आपकी रोज़मर्रा की आदतो से भी संक्रमण बार-बार हो सकता हैं।
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन को कैसे रोक सकते हैं। How can I prevent urinary tract infections?
छोटे-छोटे बदलाव लंबे समय तक फायदा देते हैं ये सिंपल आदतें UTI के चांस को बहुत कम कर सकती हैं।
- जब भी आपको पेशाब जाने की आवश्यकता महसूस हो तभी जायें और उसे रोके नहीं
- बहुत सारे तरल पदार्थ और पानी का सेवन करें और हाइड्रेटेड रहें बैक्टीरिया शरीर से बाहर निकलते हैं
- नहाने की तुलना में शावर ज्यादा सुरक्षित होता है
- हाइजीन स्प्रे जैसे किसी भी उत्पाद का उपयोग न करें, इससे जलन बढ़ सकती है
- यौन स्वच्छता पर ध्यान दे, विशेष कर संभोग के तुरंत बाद किसी भी बैक्टीरिया को दूर करने के लिए बाथरूम का उपयोग करें
- पानी आधारित लब्रिकेंट का उपयोग करें
- सामान्य स्वच्छता और ढीले कपड़ों का उपयोग करें
- टॉयलेट के बाद सामने से पीछे की ओर साफ करें (खासतौर पर महिलाओं के लिए)
- कॉटन की अंडरवियर पहनें, टाइट कपड़े न पहनें
जब UTI बार-बार लौटे, तो डॉक्टर क्या कर सकते हैं। What can doctors do when UTIs keep coming back?
बार-बार संक्रमण से जूझ रहे लोगों के लिए डॉक्टर ये उपाय सुझा सकते हैं:
- रोज़ाना या सेक्स के बाद कम डोज़ वाली ऐंटीबायोटिक
- मेनोपॉज़ के बाद महिलाओं के लिए वैजाइनल एस्ट्रोजन क्रीम
- रेगुलर यूरिन टेस्ट, ताकि संक्रमण समय रहते पकड़ में आ जाए
- प्रोबायोटिक्स या D-Mannose सप्लीमेंट – ब्लैडर हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए
अगर बार-बार UTI का कारण शरीर की बनावट जैसे रुकावट या संकरा यूरिन पथ हो, तो डॉक्टर अगली जांच या सर्जरी की सलाह दे सकते हैं। आवर्ती यूटीआई Recurrent UTI को हल्के में ना लें। सही बचाव और समय पर जांच से आप बार-बार होने वाले संक्रमण से बच सकते हैं।
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) से बचाव: रोज़ की आदतें जो असर करती हैं। Preventing Urinary Tract Infections (UTIs): Everyday Habits That Work
क्या आप जानते हैं कि ज्यादातर UTI से बचाव मुमकिन है, वो भी सिर्फ कुछ छोटे बदलावों से? ये आसान आदतें आपकी डेली डिफेंस बन सकती हैं।
साफ-सफाई का ध्यान कैसे रखें। How to take care of cleanliness?
सही हाइजीन बैक्टीरिया के पनपने का मौका नहीं देती। जननांगों की सफाई में लापरवाही न बरतें:
- हल्के साबुन और पानी से रोज़ साफ करें
- टॉयलेट के बाद हमेशा आगे से पीछे की ओर पोंछें
- पीरियड्स के दौरान पैड या लाइनर को समय पर बदलें
पर्याप्त पानी पिएं। Drink enough water
पानी ज़्यादा पीने से पेशाब बार-बार आता है, जिससे हानिकारक बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं।
- रोज़ कम से कम 8 गिलास पानी पिएं
- गर्मी या फिज़िकल एक्टिविटी ज़्यादा हो तो और ज़्यादा
सेक्स के बाद पेशाब ज़रूर करें। Be sure to pee after sex
यह एक आदत महिलाओं के लिए यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) का रिस्क बहुत कम कर सकती है। इससे यूरीन में मौजूद बैक्टीरिया तुरंत बाहर निकल जाते हैं
तेज़ खुशबू वाले प्रोडक्ट्स से बचें। Avoid products with strong fragrances
जितना सिंपल रखें, उतना बेहतर। इन चीज़ों से यूरीन पथ में जलन और हेल्दी बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ सकता है:
- सुगंधित साबुन (Scented soaps)
- स्त्री स्प्रे या डौश (Feminine sprays or douches)
- बुलबुला स्नान (Bubble baths)
प्रोबायोटिक्स और क्रैनबेरी सप्लीमेंट्स पर विचार करें। Consider probiotics and cranberry supplements
- प्रोबायोटिक्स (Probiotics) – अच्छे बैक्टीरिया को सपोर्ट करते हैं
- क्रैनबेरी अर्क या डी-मैनोज़ (Cranberry extract and D-Mannose) – बैक्टीरिया को ब्लैडर की दीवार से चिपकने से रोकते हैं
कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर से ज़रूर पूछें, खासकर अगर आप कोई दवा ले रहे हों। नियमित देखभाल = Infection से बेहतर सुरक्षा इन आसान आदतों से आप UTI को बहुत हद तक घटा सकते हैं।
अगर 2–3 दिन बाद भी UTI लक्षण ठीक न हों तो। If UTI symptoms do not improve after 2–3 days
अगर आपने इलाज शुरू कर दिया है लेकिन अब भी महसूस हो रहा है। तो डॉक्टर से दोबारा संपर्क करें। आपको कोई और दवा या जांच की ज़रूरत हो सकती है।
- पेशाब के दौरान जलन
- बार-बार पेशाब आने की इच्छा
- निचले पेट में दर्द
तेज़ बुखार या कमर में दर्द हो। Have a high fever or back pain
ऐसे लक्षण आने पर देरी बिल्कुल भी न करें। यह गुर्दे (किडनी) में संक्रमण का संकेत हो सकता है, जो कि एक गंभीर स्थिति है:
- 101°F से ज़्यादा बुखार
- कमर या पेट के किनारे में तेज़ दर्द
- मतली या उल्टी
प्रेग्नेंसी में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) हो। Having a urinary tract infection (UTI) during pregnancy
गर्भावस्था के दौरान हल्का UTI भी preterm labour या किडनी इंफेक्शन का कारण बन सकता है। जैसे ही लक्षण दिखें, तुरंत डॉक्टर से मिलें।
प्रेगनेंसी में यूटीआई के कारण। Causes of UTI in pregnancy
प्रेगनेंसी के दौरान यूटीआई होने के कई कारण होते हैं। अगर आपको इन कारणों के बारे में पहले से ही मालूम हो तो आप कुछ सावधानियां बरतने के बाद खुद को इस समस्या से बचा सकती हैं। प्रेगनेंसी में यूटीआई होने के तीन मुख्य कारणों के बारे में बता रहे हैं जिसके बारे में जानना आपके लिए आवश्यक है।
एसीमटोमिक बैक्टेरियूरिआ :- asymptomatic bacteriuria
एसीमटोमिक बैक्टेरियूरिआ अक्सर गर्भवती होने से पहले एक महिला के शरीर में मौजूद बैक्टीरिया के कारण होता है। इस प्रकार के यूटीआई के लक्षणों को पहचानना थोड़ा मुश्किल होता है इसके लक्षणों से आपको ज्यादा परेशानी नहीं होती है। लेकिन समय पर इसका जांच और सही इलाज आवश्यक है। लंबे समय तक इसे नजरअंदाज करने या इसका इलाज नहीं कराने के कारण आगे जाकर यह ब्लैडर इंफेक्शन या किडनी इंफेक्शन का कारण बन सकता है।
एक्यूट यूरेथ्राइटिस और सिस्टाइटिस :- Acute urethritis and cystitis
यूरेथ्रा में सूजन होने की स्थिति को यूरेथ्राइटिस और ब्लैडर में सूजन होने की स्थिति को सिस्टाइटिस कहा जाता है। इन दोनों समस्याओं का कारण बैक्टीरियल इंफेक्शन है जो Escherichia coli के कारण होता है। इस प्रकार की स्थिति में भी बिना देरी किए आपको डॉक्टर से मिलकर इसका इलाज कराना चाहिए। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान आपके शरीर के किसी भी हिस्से में ज्यादा देर तक इंफेक्शन का होना आपके साथ साथ आपके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है।
पायलोनेफ्राइटिस :- pyelonephritis
पायलोनेफ्राइटिस एक प्रकार का किडनी इंफेक्शन है जो गर्भवती महिला के किडनी में बैक्टीरिया जाने के कारण होता है। यह बैक्टीरिया महिला के किडनी में ब्लडस्ट्रीम या कहीं और से उसकी यूरिनरी ट्रैक्ट जैसे की युरेटर्स से जा सकता है। पायलोनेफ्राइटिस के लक्षणों में पेशाब में खून आने के साथ साथ बुखार होना, पेशाब के दौरान दर्द और जलन होना, पीठ, पेट तथा पेट के साइड में दर्द होना शामिल है। यह इंफेक्शन थोड़ा गंभीर हो सकता है। इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान इस इंफेक्शन से पीड़ित होने कि स्थिति में तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलकर अपनी परेशानी की जांच और इलाज कराए
प्रेगनेंसी में यूटीआई के लक्षण। Symptoms of UTI in pregnancy
प्रेगनेंसी के दौरान यूटीआई से पीड़ित होने की स्थिति में आप खुद में ढेरों लक्षणों को महसूस करती हैं। जिनके आधार पर आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं की आपको यूटीआई है। अगर प्रेगनेंसी में यूटीआई के शुरूआती लक्षणों को पहचान कर तुरंत इलाज कीया जाए तो बहुत आसानी से इस समस्या की रोकथाम की जा सकती है।
- बुखार लगना
- धुंधला पेशाब होना
- पेशाब से गंध आना
- पीठ में दर्द की शिकायत होना
- पेशाब करने की तीव्र इच्छा होना
- पेशाब में खून आना
- पेल्विस के सेंटर में असहजता होना
- पेशाब के दौरान जलन महसूस होना
- थोड़ा थोड़ा करके बार बार पेशाब करना
अगर आपको प्रेगनेंसी के दौरान बताए गए किसी भी लक्षण को खुद अनुभव करती हैं तो आपको डॉक्टर से मिलकर उस लक्षणों की जांच और इलाज करबाना चाहिए। प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या होने पर आपको लापरवाही बरतने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ताकि वे जल्द से जल्द आपकी समस्या की रोकथाम कर सकें।
परामर्श :- Consultation
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) किसी को भी हो सकता है, लेकिन ये महिलाओं में ज्यादा होता है। पुरुषों और महिलाओं में लक्षण अलग-अलग दिखते हैं। यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) महिलाओं में सबसे आम संक्रमणों में से एक है लेकिन राहत की बात ये है कि समय पर देखभाल से इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।
लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें
शुरुआती स्टेज में ही डॉक्टर से सलाह लें
साफ-सफाई और हाइड्रेशन की आदत बनाए रखें
हल्के UTI कभी-कभी घरेलू देखभाल या छोटी दवाओं से ठीक हो सकते हैं, लेकिन कुछ लक्षण ऐसे हैं जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। समय पर इलाज से बड़ी परेशानी टल सकती है।
बच्चों और बुज़ुर्गों में UTI चुपचाप आता है अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो ये बड़ी परेशानी बन सकता है। अगर कुछ ‘अलग’ लगे, तो डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं।
डायबिटीज, किडनी की समस्या या कमज़ोर इम्युनिटी वाले लोगों को UTI जल्दी और गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। इन लोगों को हल्के लक्षणों को भी गंभीरता से लेना चाहिए। UTI कभी-कभी चुपचाप आता है लेकिन बड़े नुकसान दे सकता है। सही समय पर डॉक्टर से परामर्श ले। क्योंकि आपके प्रॉब्लम की रोकथाम शुरूआती स्टेज में हि की जा सकती है। और आप खुद को गंभीर समस्याओं से बचा सकते हैं।
अगर आपके शारीर में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।
अगर आपको यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) का कोई भी लक्षण या परेशानी हो रहा है तो कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) होने पर या किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
शारीर में कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले |
प्रेगनेंसी के दौरान यूटीआई से पीड़ित होने की स्थिति में आप खुद में ढेरों लक्षणों को महसूस करती हैं। जिनके आधार पर आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं की आपको यूटीआई है। अगर प्रेगनेंसी में यूटीआई के शुरूआती लक्षणों को पहचान कर तुरंत इलाज कीया जाए तो बहुत आसानी से इस समस्या की रोकथाम की जा सकती है।
गर्भवती महिलाओं गर्भावस्था के दौरान हल्का यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) भी समय से पहले प्रसव (preterm labour) या किडनी इंफेक्शन का कारण बन सकता है। जैसे ही लक्षण दिखें, तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आप किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं या कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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