पथरी कहाँ कहाँ, क्यों और कैसे होती है? Where, why and how do stones form
- Get link
- X
- Other Apps
पथरी कहाँ, क्यों और कैसे होती है? Where, why and how do stones form
आज हमारी बदलती जीवन शैली और खानपान की वजह से पथरी की समस्या बहुत आम हो गयी है। अक्सर सुनने को मिलता है की किसी को पथरी की शिकायत है। या तो किडनी की पथरी या पित्ताशय की पथरी या कोई अन्य पथरी।
पथरी होने के बहुत से कारण हो सकते हैं। जब तक पथरी का आकार छोटा होता है तब तक बहुत से लोगों में इसके भी लक्षण नहीं दिखते हैं। ऐसे लोगों में इन पथरी का पता तब चलता है जब वह किसी और बीमारी के लिए अपने टेस्ट करवाते है।
लेकिन जैसे जैसे पथरी का आकार बढ़ता जाता है, वैसे, वैसे उसके लक्षण भी दिखने लगते हैं।
अगर पथरी का सही समय पर इलाज न किया जाये तो वो जान लेवा भी साबित हो सकता है।
पथरी कैसे होती है? How does stone form?
मूत्र पथ में पाए जाने वाले पथरी का निर्माण किडनी में ही होता है। उसके बाद वो वहाँ से पेशाब के साथ बह कर नीचे दुसरे अंगों जैसे यूरेटर्स और मूत्राशय में पहुँच जाती हैं। किडनी में पथरी बनने का बुनियादी रूप से एक ही कारण होता है। जब हमारे पेशाब में कुछ खनिज पदार्थों जैसे कैल्शियम (Calcium), ऑक्सालेट (Oxalate), फॉस्फेट (Phosphate), यूरिक एसिड (Uric Acid), सिस्टीन (Cystine), आदि की मात्रा नार्मल से अधिक हो जाये और पेशाब में उतना पानी न हो की वो इन खनिज पदार्थों को घोल के रख पाए, तब ये पदार्थ साथ में जुड़ कर पथरी का निर्माण कर देते हैं।
इसके अलावा कुछ पदार्थ होते हैं जो इन खनिज पदार्थों को पेशाब में घुले रहने में मदद करते हैं। अगर पेशाब में उनकी कमी हो जाये तब भी ये खनिज पदार्थ जुड़ कर पथरी बना देते हैं।
इसके अलावा कुछ कीटाणु होते हैं जैसे प्रोटियस (Proteus) जो अपने उपापचय से पेशाब को क्षणीय (alkaline) बना देते हैं जबकि हमारा नार्मल पेशाब अम्लीय (acidic) होता है। ऐसा होने से पेशाब में घुले हुए कुछ पदार्थ जैसे मैग्नीशियम (Magnesium), अमोनियम (Ammonium), फॉस्फेट (Phosphate) और कैल्शियम कार्बोनेट (Calcium Carbonate) पेशाब से बाहर आ कर आपस में जुड़ जाते हैं और स्ट्रवाइट (Stuvite) किस्म के पथरी का निर्माण करते हैं।
पथरी कहाँ-कहाँ होती है? Where do stones occur?
पथरी होना बहुत से चीज़ों पर निर्भर करता है जैसे आपके खान पान, यदि आपको पहले कभी पथरी की शिकायत रही है, यदि आपके परिवार में किसी को पथरी की शिकायत रही हो, इत्यादी। इन सब चीजों को माध्यम नज़र रखते हुए यह जानना बहुत ज़रूरी है की हमारे शरीर में पथरी कहाँ कहाँ हो सकती है।
शरीर के बहुत से अंग हैं जहाँ लोगों में पथरी को पाया गया है। अकसर पथरी ऐसी जगाहों पर पायी जाती है जहाँ पर शरीर में मौजूद कोई रसायन अधिक मात्रा में इकठे होते हों। ऐसा होने से खनिज पदार्थों की आपस में जुड़ कर पथरी बनाने की सम्भावना बहुत बढ़ जाती है। परन्तु और भी स्थानों पर पथरी को देखा गया है।
जैसे :- As :-
किडनी / पित्ताशय / मूत्राशय / अग्न्याशय / पौरुष ग्रंथि / मुँह
गला / नाक / आंत / यहाँ तक की नसों में भी पथरी पायी जा सकती है।
इन सारे अंगों के पथरी होने के अलग कारण हो सकते हैं। इन में से सबसे आम तौर पर पथरी मूत्र पथ के अंगों जैसे किडनी और मूत्राशय और पित्ताशय में पायी जाती है।
पथरी क्यों होती है? पथरी होने के कारण What causes kidney stones?
किडनी के पथरी होने के कुछ कारण और जोखिम होते हैं। जिन लोगों में यह कारण मौजूद होते हैं उन लोगों को किडनी की पथरी होने का ज़्यादा जोखिम रहता है। जैसे :-
कम पानी पीना / खान पान
मोटापा / कोई अन्य बीमारियां
पारिवारिक या व्यक्तिगत इतिहास / कुछ दवाएं
कम पानी पीना drinking less water
कम पानी पीना किडनी की पथरी होने का सबसे प्रमुख कारण होता है। पानी न पीने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिसके चलते पेशाब में भी कम पानी निकलता है। ऐसा होने से पेशाब में घुले खनिज पदार्थ पानी से अलग हो कर आपस में जुड़ जाते हैं और पथरी का निर्माण कर देते हैं।
यह समस्या गर्मी के समय में और बढ़ जाती है क्योंकि पसीना आने से हमारे शरीर का पानी निकल जाता है और अगर उसे सही मात्रा में वापस न पीया जाये तो शरीर में पानी की बहुत ज़ादा कमी हो जाती है। किडनी के पथरी का सबसे आसान बचाव ज्यादा पानी पीना चाहिए। दिन में कम से कम 3 से 4 L पानी अवश्य पीना चाहिए।
खान पान Food and Drink
हमारा खान पान भी किडनी की पथरी होने में भूमिका निभाता है। खाने में बहुत अधिक प्रोटीन खाना, या अधिक नमक खाना या अधिक चीनी खाना किडनी के पथरी के लिए इंसान को जोखिम में डाल सकते हैं। प्रोटीन से मिलने वाले प्यूरीन शरीर में जा कर यूरिक एसिड में बदल जाते हैं जिससे यूरिक एसिड के पथरी होने का खतरा बढ़ जाता है।
अधिक नमक खाना किडनी के पथरी के लिए सबसे बढ़ा खतरा है क्योंकि इससे हमारे किडनी को ज़्यादा कैल्शियम को पेशाब में निकलना पड़ता है जिससे पेशाब में कैल्शियम की मात्रा बढ़ जाती है और कैल्शियम के पथरी होने का जोखिम भी बढ़ जाता है।
मोटापा obesity
जिन लोगों का वज़न नार्मल से ज़्यादा होता है या उनके कमर का आकार नार्मल से ज़्यादा होता है उनको पथरी होने का खतरा किसी नार्मल व्यक्ति से ज़्यादा होता है।
कोई अन्य बीमारियां any other diseases
अगर आपको पहले से कोई और बीमारी है जैसे की ह्यपरपैराथीरोइडिस्म (Hyperparathyroidism), या बार बार पेशाब में इन्फेक्शन होना, रीनल तुबुलर एसिडोसिस (Renal Tubular Acidosis), सिस्टीन्यूरिआ (Cystinuria), शुगर की बीमारी या मधुमेह, गाउट (Gout), आदि तो भी आपको किडनी में पथरी होने का खतरा हो सकता है।
पारिवारिक या व्यक्तिगत इतिहास family or personal history
अगर आपको पहले कभी किडनी के पथरी की शिकायत हुई है या आपके परिवार का कोई सदस्य पथरी की शिकायत से पीड़ित है तो आपको पथरी होने की सम्भावना ज़्यादा होती है।
कुछ दवाएं certain medications
किसी और बीमारी के लिए दी जाने वाली दवाएं जैसे विटामिन सी की गोली, कैल्शियम की गोली, माइग्रेन (Migraine) में दी जाने वाली दवाएं, डिप्रेशन (Depression) में दी जाने वाली दवाएं, जुलाब (अगर अधिक मात्रा में लिया जाये), आदि भी आपको किडनी के पथरी होने के लिए अतिसंवेदनशील बना सकती है।
किडनी की पथरी किस खनिज पदार्थ से बनती है, उसके अनुसार इसके कुछ प्रकार होते हैं जैसे :- Kidney stones are of several types depending on the mineral they are made of, such :-
कैल्शियम ऑक्सालेट की पथरी (Calcium Oxalate stones)
कैल्शियम फॉस्फेट की पथरी (Calcium Phosphate Stone)
यूरिक एसिड की पथरी (Uric Acid stones)
सिस्टीन की पथरी (Cystine stones)
स्ट्रवाइट पथरी (Struvite stones)
परामर्श :- Consultation
अगर आपको पथरी होने के कुछ कारण, लक्षण या किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।
कोई भी परेशानी हो रहा है तो कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
कोई भी शारीरिक समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आप किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं या कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
- Get link
- X
- Other Apps
Comments
Post a Comment