स्तनों से दूध निकालकर शिशु को पिलाना। expressing breast milk and feeding the baby
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महिलाओं के स्तन दूध एक्सप्रेस करने का क्या मतलब है? What does it mean for women to express breast milk?
स्तनदूध निकालने यानि एक्सप्रेस करने का मतलब शिशु द्वारा स्तन चूसे बिना स्तनों से दूध निकालना है। आप निम्न तरीकों से स्तनदूध निकाल सकती हैं: हाथ से / हाथ से चलाने वाले (मैनुअल) पंप से / इलैक्ट्रिक पंप से
हैलो फ्रेंड्स!
मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }
मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें। तो अगर आपको मेरा लेख ( आर्टिकल ) अच्छा लगे तो फॉलो जरूर करें।
आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।
जब आपने दूध एक्सप्रेस करके निकाल लिया हो और आपको उसके तुरंत इस्तेमाल की जरुरत न हो तो इसे फ्रिज या फ्रीजर में रखा जा सकता है। आप बाद में इसे शिशु को पिला सकती हैं।
शिशु को निकाला हुआ स्तनदूध कई अलग तरीकों से पिलाया जा सकता है:
पलड़ाई में / कटोरी में / खुले कप में ड्रॉपर या आधी भरी चम्मच (छोटे शिशुओं के लिए) से
महिलाओं को दूध एक्स्प्रेस क्यों करना चाहिए? Why should women express milk?
बहुत से ऐसे कारण हैं, जिनकी वजह से महिलाओं को स्तनदूध एक्सप्रेस करना पड़ सकता है। यदि शिशु स्तनपान नहीं कर पा रहा या फिर आप स्तनपान करवाने के लिए हर समय उपलब्ध नहीं रह सकती, तो ऐसे में एक्सप्रेस किए हुए दूध से शिशु को स्तनदूध के सभी फायदे दे सकती हैं।। स्तनदूध निकालने का फायदा यह भी है कि परिवार के सदस्य या फिर शिशु की देखभाल करने वाले भी उसे वह दूध पिला सकते हैं और आपको आराम मिल सकता है।
स्तनदूध एक्सप्रेस करना निम्न स्थितियों में फायदेमंद हो सकता है:
आपके पति या फिर परिवार के किसी अन्य सदस्य को शिशु को दूध पिलाना हो।
आप ज्यादा दूध का उत्पादन करना चाहती हैं, क्योंकि स्तनदूध एक्सप्रेस करने से दूध की आपूर्ति बढ़ती है। यदि आप शुरुआती दिनों में अतिरिक्त स्तनदूध के उत्पादन के लिए दूध एक्सप्रेस करती हैं, तो बाद में ज्यादा दूध का उत्पादन कर पाना आसान हो सकता है।
अगर महिलाए नौकरी कर रही है। और ऑफिस में ज्यादा काम के चलते देरी हो रही है या शिशु का समय से पहले जन्मा हुआ हो और विशेष देखभाल कि ज़रुरत हैं । तो परिवार का कोई भी सदस्य शिश को वह दूध पिला सकते हैं
आपके स्तन अतिपूरित हैं और उनमें उनमें असहजता हो रही हो। यदि ऐसा हो, तो थोड़ा दूध निकालने से आपको काफी आराम मिल सकता है।
आपका शिशु स्तनों को अच्छी तरह चूस नहीं पा रहा या फिर शुरुआत में आपके स्तन से दूध नही पी पाता। या शिशु को ऐसी कोई स्वास्थ्य स्थिति या बीमारी है जिससे कुछ समय स्तनपान कर पाना मुश्किल है। तो शिशु को निकाला हुआ स्तनदूध पिला सकती है।
आप सार्वजनिक स्थान पर शिशु को स्तनपान करवाना नहीं चाहतीं, मगर उसे स्तनदूध ही पिलाना चाहती हैं। तो शिशु को निकाला हुआ स्तनदूध पिला सकती है।
महिलाओं के स्तनों का दूध एक्सप्रेस कैसे किया जाता है? How is breast milk expressed?
चाहे आप हाथ से दूध निकालें या पंप से, मगर शुरु करने से पहले हमेशा अपने हाथ धोएं। यह भी सुनिश्चित करें कि जिन उपकरणों का आप इस्तेमाल कर रही हैं, वे भी कीटाणुमुक्त (स्टेरलाइज) हों।
आपका मूड अच्छा हो तो और भी सही है। आप जितना अधिक चिंतामुक्त और खुश होंगी, स्तनदूध निकालना उतना ही आसान होगा। जब आप खुश और चिंतामुक्त होती हैं तो शरीर में ऑक्सीटॉसिन हॉर्मोन जारी होता है और यही दूध को निकालता (लेटडाउन) करता है। कई बार जब शिशु बीमार हो या फिर आप जल्दी में हों या परेशानी में हों, तो मूड अच्छा रख पाना मुश्किल होता है।
शिशु को गोद में रखना या अपने पास बिठाना, उसकी तस्वीर को देदखना या फिर उसके कपड़ों को पकड़ कर रखना और उनकी महक महसूस करना, ये सब स्तनदूध एक्सप्रेस करने में मदद कर सकते हैं।
महिलाएं अपने हाथ के जरिये अपने स्तनों का दूध निकाल सकती है। Women can express milk from their breasts using their hands.
आपको दूध इकट्ठा करने के लिए एक चौड़े मुंह के बर्तन जैसे कि जग, बड़े कप या कटोरे की जरुरत होगी। सुनिश्चित करें कि यह अच्छी तरह साफ और खौलते पानी से धुला हुआ हो या फिर स्टेरलाइज किया हो। आपको स्तनदूध को संग्रहित करने के लिए कुछ स्टेराइल बैग, बोतल और ढक्कन वाले कंटेनर की भी जरुरत होगी।
हाथ से दूध निकालना आसान है और अभ्यास से यह और भी आसान हो जाता है। Expressing milk by hand is easy and gets even easier with practice
हाथ से दूध निकालने की निपुणता हासिल करने में समय लग सकता है और आपको अभ्यास की जरुरत हो सकती है।
- अपने हाथ धोएं।
- बहते हुए दूध की कल्पना करें।
- गोपनीयता आपको आराम करने में मदद कर सकती है।
- अगर आपका शिशु आस-पास हो, तो दूध निकलना आसान हो सकता है। अगर वह आस-पास न हो, तो उसके बारे में सोचने की कोशिश करें, या उसकी कोई तस्वीर या वीडियो रिकॉर्डिंग देखें।
- आप पाएंगे कि अपने शिशु की गंध वाले कपड़े को अपने पास रखने से मदद मिलती है यह विशेष रूप से तब मददगार हो सकता है जब आप अपने शिशु से अलग हों, उदाहरण के लिए यदि आपका जॉब करती है
- कुछ गहरी साँस लें और अपने कंधों को नीचे झुका लें।अपने स्तनों को लटकाकर आगे की ओर झुकने का अर्थ है कि गुरुत्वाकर्षण दूध के प्रवाह में मदद कर सकता है।
- अपने स्तनों पर अपने हाथों और अंगुलियों से धीरे-धीरे मालिश करें, जिससे दूध निकालने की आपकी क्रिया (MER या 'लेट-डाउन') उत्तेजित हो सके यह प्रभावी ढंग से दूध निकालने की कुंजी है।
- दूध निकालना शुरु करने से पहले स्तनों की हल्के हाथों से मालिश करें। आप अपने निप्पल को खींच या घुमा भी सकती हैं। तैयारी के तौर पर आप अपने स्तनों पर हल्के गर्म तौलिये से सिकाई दूध के लेटडाउन में मदद कर सकती है। आराम करें और सहज रहें यदि आप गर्म और आरामदायक हैं तो आपका दूध अधिक आसानी से प्रवाहित होगा।
- अपने एक हाथ से स्तन को पकड़ें। दूसरे हाथ की उंगलियों और अंगूठे से अंग्रेजी अक्षर 'सी' का आकार बनाएं। अपनी उंगलियों और अंगूठे से अपने स्तन को C आकार में पकड़ें, अपने निप्पल से लगभग एक इंच (2 से 3 सेमी) पीछे अपनी उँगलियों और अंगूठे के बीच अपने स्तन को दबाएँ, उन्हें एक-दूसरे की ओर ले जाएँ। अपनी उँगलियों या अंगूठे को स्तन की त्वचा पर न घिसें घर्षण से आपको दर्द हो सकता है। स्तन दबाने से ठीक पहले अपने हाथ को अपनी पसलियों की ओर पीछे धकेलना आपके लिए मददगार हो सकता है।
- जब तक कि आप इसे लयबद्ध तरीके से न करने लगें। शुरुआत में कुछ बूंद दूध निकलेगा और बाद में अधिक स्थिर धारा निकलने लगेगी। यदि ऐसा न हो तो अपने हाथ को स्तन पर घुमाएं और किसी और जगह से कोशिश करें।
- जब तक की धार धीमी न होने लगे तब तक दूध निकालती रहें और इसके बाद स्तन के दूसरे हिस्से से प्रयास करें। जब एक स्तन से दूध निकाल चुकी हों, तो दूसरे स्तन से निकालें।
- अपने स्तन से हाथ हटाए बिना दबाव छोड़ें। हर कुछ बार दबाने के बाद या जब भी दूध का प्रवाह बंद हो जाए, अपने हाथ को अपने स्तन के चारों ओर एक अलग जगह पर ले जाते हुए दोहराएँ, ताकि आप अपने सभी दूध नलिकाओं को दबा सकें। लयबद्ध तरीके से दूध छोड़ने और दोहराने से बच्चे को स्तनपान कराने की क्रिया की नकल करने में मदद मिलती है।
महिलाएं अपने स्तनों का दूध ब्रेस्ट पंप से निकाल सकती है। Women can extract milk from their breasts using a breast pump.
कुछ महिलाओं को ब्रेस्ट पंप से दूध निकालना आसान लगता है। महिलाएं मैनुअल यानि हाथ से चलने वाले पंप इस्तेमाल करें या फिर इलैक्ट्रिक, यह निर्णय कइ बातों पर निर्भर करता है। महिलाएं किस तरह के पंप के इस्तेमाल से सहज महसूस करती हैं, महिलाओं को कितनी बार दूध एक्सप्रेस करना है और आपको कितनी अधिक मात्रा में दूध का उत्पादन करने की जरुरत है, इस सबके आधार पर आप चयन करें। कुछ इलैक्ट्रिक पंप एक ही समय पर दोनों स्तनों से दूध निकाल सकते हैं।
अधिकांश पंप समान तरीके से काम करते हैं। आपको सक्शन कप और कीप वाले अटेचमेंट को अपने निप्पल और एरियोला क्षेत्र पर लगाना होता है। यह शिशु द्वारा स्तन चूसे जाने कि क्रिया की नकल करता है और दूध के प्रवाह को प्रेरित करता है। यदि आप मैनुअल पंप इस्तेमाल करती हैं तो बार-बार उसके हैंडल को दबाने से पंप की क्रिया काम करती है। यदि आप इलैक्ट्रिक पंप इस्तेमाल करती हैं, तो यह काम मशीन ही करती है।
स्तनों से दूध एक्स्प्रेस करने में दर्द महसूस नहीं होना चाहिए, मगर यदि आपको दर्द हो या फिर दूध निकालने में मुश्किल हो रही हो तो आपको डॉक्टर से बात करें।
दोनों स्तनों का दूध निकालने में करीबन 15 से 45 मिनट का समय लगता है। हालांकि, आप इस समय के हिसाब से न चलें। जब तक दूध अच्छी मात्रा में निकल रहा हो, तब तक पंप से दूध निकालती रहें। जब एक स्तन में दूध का प्रवाह कम हो जाए, तो दूसरे स्तन से दूध एक्सप्रेस करें, और एक के बाद एक दोनों स्तनों से दूध निकालना जारी रखें। चाहे थोड़ी मात्रा में ही दूध निकल रहा हो, मगर थोड़े-थोड़े से ही तो ज्यादा होता है।
यदि आपको कभी-कभार ही दूध एक्सप्रेस करना हो तो हाथों से दूध निकालना या फिर सस्ता मैनुअल पंप आपके लिए सही हो सकता है। यदि आपको घर पर नियमित तौर पर स्तनदूध एक्सप्रेस करना हो, तो इलैक्ट्रिक या बैटरी से चलने वाले पंप आपके लिए ज्यादा बेहतर हो सकते हैं।
यदि आपका शिशु स्तनों से दूध नहीं पी पा रहा हो और इसलिए आपको अधिक दूध के उत्पादन की जरुरत हो, तो आप हॉस्पिटल ग्रेड डबल इलैक्ट्रिक पंप भी ले सकती हैं। बहुत से अस्पतालों में ये पंप होते हैं और आप इनको घर पर इस्तेमाल करा सकती हैं।
यदि आप ब्रेस्ट पंप का इस्तेमाल कर रही हैं, तो निम्न सुझावों को आजमाएं: If you're using a breast pump, try the following tips:
- अपनी पीठ को सीधा करके आरामदायक अवस्था में बैठें।
- अपने स्तन को नीचे से सहारा दें। अपनी उंगलियों को अपनी पसलियों पर सपाट ढंग से रखें, आपकी तर्जनी उंगली स्तन और पसलियों के बीच होनी चाहिए।
- अपने निप्पल को सक्शन कप की कीप में हल्के से लगाएं। ध्यान दें कि आपका निप्पल कीप के एकदम बीच में हो। यह महत्वपूर्ण है कि पंप अच्छी तरह फिट होता हो। यदि कीप में एरियोला का बहुत ज्यादा हिस्सा खिंचेगा तो निप्पल में दर्द हो सकता है। कीप ज्यादा कसी हुई या टाइट होने पर दूध के प्रवाह में रुकावट आ सकती है। बहुत से पंपों में अलग-अलग माप की कीप आती हैं और आप अपने लिए उपयुक्त माप चुन सकती हैं।
- कीप को इतना नजदीक रखें कि आपकी त्वचा के साथ यह सील हो सके। हालांकि स्तन पर कीप से दबाव न डालें।
- संयम रखें। दूध का सही प्रवाह आने मे अक्सर एक या दो मिनट का समय लग जाता है।
- यदि आप इलैक्ट्रिक पंप का इस्तेमाल करती हैं, तो कई बार आपको सक्शन की तेजी में बदलाव करना पड़ सकता है। हो सके तो शुरुआत कम तेजी से करें और धीरे-धीरे इसकी तेजी बढ़ाएं। यदि आप शुरुआत ही अधिक तेजी से करेंगी तो निप्पल में दर्द हो सकता है या इन्हें नुकसान पहुंच सकता है।
महिलाएं अपने स्तनों के दूध को कैसे संग्रहित करके रखें? How can women store their breast milk?
स्तनदूध को कीटाणुमुक्त कंटेनर जैसे कि दूध पिलाने वाली प्लास्टिक की बोतल में रखें जिसमें ढक्कन की सील अच्छी हो या फिर आप दूध संग्रहित करने के लिए विशेषतौर पर बनी प्लास्टिक की थैलियों का इस्तेमाल कर सकती हैं। बोतल या बैग को फ्रिज या फ्रीजर में रखने से पहले उस पर तारीख लिखना न भूलें। इस तरह आपके लिए यह जानना आसान होगा कि पहले किसका उपयोग करना है।
आपके दूध को फ्रिज में सुरक्षित रखने के लिए आपको यह जानना जरुरी है कि आपका फ्रिज कितना ठंडा है। यदि आपके फ्रिज में थर्मोमीटर नहीं लगा है, तो आप दवा की दुकान से एक थर्मोमीटर खरीद सकती हैं। साथ ही, यदि आपके इलाके में बिजली कटौती रहती है और बैक-अप का कोई इंतजाम न हो, तो बहुत ज्यादा स्तनदूध संग्रहित करके न रखें। तापमान में उतार-चढ़ाव आपके बहुूमूल्य स्तनदूध को खराब कर सकता है।
ताजा निकाले गए स्तनदूध को निम्न अवधि तक संग्रहित किया जा सकता है: Freshly expressed breast milk can be stored for the following periods:
- पांच दिन तक फ्रिज के मुख्य भाग में, चार डिग्री सेल्सियस या इससे कम के तापमान में। बेहतर है कि दूध को फ्रिज में सबसे पीछे की तरफ रखें जहां सबसे ज्यादा ठंडक होती है।
- दो सप्ताह तक फ्रीजर में।
- छह महीने तक डीप फ्रीजर में, माइनस 18 डिग्री सेल्सियस या इससे कम तापमान में।
- यदि आप एक्स्प्रेस किए गए स्तनदूध को पांच दिन से कम समय के लिए रखना चाहती हैं, तो इसे फ्रिज में रखना ठीक है। फ्रिज में रखे ठंडे स्तनदूध को ठंडे बैग या आइस पैक वाले डिब्बे में 24 घंटे तक संग्रहित करके रखा जा सकता है।
- यदि आप नौकरीपेशा हैं और फिर भी स्तनपान जारी रखना चाहती हैं, तो आपको कुछ और चीजों की जरुरत होगी। ब्रेस्ट पंप और दूध संग्रहित करने के कंटेनर के अलावा आपको पोर्टेबल आइस बॉक्स की जरुरत होगी। इसमें आप एक्सप्रेस किए दूध को रखकर घर से ऑफिस तक ला सकती है। ऑफिस से घर तक ला सकती है।
ध्यान में रखने वाली बात यह है कि दूध को फ्रीजर में रखने से इसके कुछ रोग प्रतिरोधक (एंटीबॉडीज) नष्ट हो जाते हैं, जिनकी जरुरत आपके शिशु को संक्रमणों से लड़ने के लिए होती है। इसलिए बेहतर है कि जो दूध आप पांच दिन के अंदर इस्तेमाल करने वाली है। उसे फ्रीज में न रखें। हालांकि, प्रशीतित या यानि फ्रोजन दूध आपके शिशु के लिए फॉर्मूला दूध की तुलना में अधिक स्वास्थ्यकर होता है।
प्रशीतित (फ्रोजन) किए गए एक्सप्रेस दूध को को किस तरह पिघलाएं? How to thaw frozen expressed milk?
आप नीचे बताए गए किसी भी तरीके से प्रशीतित स्तनदूध को पिघला सकती हैं:
- बोतल या बैग को हल्के गर्म पानी के कटोरे में रख दें
- अच्छी तरह बंद बोतल या बैग को हल्के गर्म पानी के नल के नीचे रख दें।
- इसे रातभर फ्रिज में डीफ्रॉस्ट कर लें
- स्तनदूध को फ्रिज से बाहर निकालकर सामान्य तापमान में पिघलने के लिए न रखें, क्योंकि इससे हानिकारक जीवाणु (बैक्टीरिया) उत्पन्न हो सकते हैं। साथ ही, दूध को जल्दी पिघलाने या गर्म करने का कोई तरीका भी न अपनाएं, फिर चाहे आपके पास समय कम हो। स्तनदूध को माइक्रोवेव में गर्म करने से यह कुछ जगह ज्यादा गर्म हो सकता है, जिससे शिशु का मुंह जल सकता है।
- जब दूध पिघल जाता है तो अलग-अलग दिख सकता है, बोतल को हिलाकर इसे मिला लें। इसे तुरंत इस्तेमाल कर लें और शिशु द्वारा दूध पी लेने के बाद बचे हुए दूध को फेंक दें। यदि दूध में खट्टेपन की गंध आ रही हो, तो इसे इस्तेमाल न करें।
परामर्श :- Consultation
आप दूध एकत्र करने के लिए किसी भी स्वच्छ कंटेनर का उपयोग कर सकते हैं, यदि आप इसे तुरंत अपने बच्चे को पिलाना चाहते हैं तो कोलोस्ट्रम को एक छोटे 5 मिलीलीटर कंटेनर में या एक चम्मच में भी भरा जा सकता है।
हाथ से दूध निकालना सीखना अक्सर परीक्षण और त्रुटि की प्रक्रिया होती है यह जानने के लिए प्रयोग करें कि आपके लिए सबसे अच्छा क्या काम करता है। जब आप गर्भावस्था के दौरान हाथ से दूध निकालते हैं, तो मात्रा आमतौर पर बहुत कम होती है, बिल्कुल नहीं से लेकर कुछ बूंदों तक। इसका अनुमान शिशु के जन्म के बाद आपको मिलेगा! जन्म के बाद पहले कुछ दिनों से, जब आपको कम से कम एक निप्पल के छिद्र से दूध की फुहार बूंदों या बूंदों के बजाय मिले, तो आपको पता चल जाएगा। हाथ से दूध निकालना आरामदायक होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है, तो अपनी प्रक्रिया में तब तक बदलाव करें जब तक आपको ठीक न लगे।
अगर महिलाओं के स्तनों में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए
कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
स्तनों में कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आपको ब्रेस्ट से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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