कमजोर दिल वालों के शरीर में दिखते हैं ये लक्षण These symptoms are seen in the body of people with weak heart

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  कमजोर दिल वालों के शरीर में दिखते हैं ये लक्षण, गलती से भी न करें नजरअंदाज These symptoms are seen in the body of people with weak heart, do not ignore them even by mistake. हार्ट कमजोर होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण महसूस हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन लक्षणों के बारे में दुनियाभर में हार्ट रोगियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आज के समय में 30 से 40 साल के लोगों की भी हार्ट अटैक से मौत हो रही है। इसका कारण खराब खानपान, लाइफस्टाइल बेहतर न होना, स्ट्रेस में रहना इत्यादि है। इसके अलावा हार्ट डिजीज के कई कारण हो सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हार्ट कमजोर होने के लक्षण हमारे शरीर में पहले से ही नजर लाने लगते हैं। अगर आप इन लक्षणों पर समय पर ध्यान देंगे, तो काफी हद तक हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर जैसी परेशानियों को रोका जा सकता है। आइए जानते हैं कमजोर दिल होने के क्या लक्षण हैं? हैलो फ्रेंड्स! मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन } मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा ल...

प्रसव के बाद कमर या पीठ में दर्द Back Pain After Delivery

प्रसव के बाद कमर या पीठ में दर्द – कारण, लक्षण और उपचार Back Pain After Delivery – Causes, Symptoms and Treatment

गर्भावस्था के दौरान और बाद में एक महिला का शरीर बहुत सारे बदलाव से गुजरता है। जब एक महिला गर्भवती होती है, तो उसका जीवन 180 डिग्री मोड़ लेता है। इस महत्वपूर्ण मोड़ के बाद उसकी खाने की आदतें, बैठने व सोने का तरीका, आसन, चलने का तरीका और इत्यादि बहुत कुछ बदल जाता है। इतने सारे बदलावों के बाद भी एक महिला यह सोच कर निश्चिंत रहती है कि प्रसव के बाद उसका जीवन फिर से सामान्य हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं भी हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान पीठ या कमर में दर्द होना एक समस्या है जो प्रसव के बाद भी रह सकती है। गर्भावस्था के दौरान कमर में दर्द होना बहुत सामान्य है किंतु प्रसव के बाद यह जल्दी ठीक होने वाली समस्याओं में से नहीं है। यदि प्रसव के बाद आपकी पीठ या कमर में पीड़ा महसूस होती है तो हो सकता है आप प्रसवोत्तर पीठ दर्द से ग्रसित हों।

हैलो फ्रेंड्स!

मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }

मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें।

आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।

प्रसव के बाद कमर में दर्द क्या है What is back pain after delivery?

गर्भावस्था में बहुत से परिवर्तनों में पीठ दर्द या कमर दर्द जैसी असुविधाएं भी हो सकती हैं। हालांकि, कुछ महिलाओं में गर्भावस्था के बाद भी पीठ के निचले हिस्से में अत्यधिक गंभीर दर्द बना ही रहता है जिसके कारण प्रसव के बाद भी महिलाओं को पीठ व कमर में दर्द का अनुभव हो सकता है। प्रसव के बाद कमर या पीठ दर्द महिलाओं को गर्भावस्था से उबरने में बाधा बन सकता है, इससे उन्हें चलने, लंबे समय तक बैठने और यहाँ तक कि हिलने में भी अधिक तकलीफ हो सकती है।

प्रसव के बाद कमर दर्द होने के कारण कुछ महिलाओं को प्रसव के बाद भी कमर दर्द का अनुभव होता रहता है। यदि आपने हाल ही में अपने बच्चे को जन्म दिया है और आप कमर दर्द का अनुभव कर रही हैं, तो आपको समझना चाहिए कि इसके कारण क्या हो सकते हैं।

प्रसव के बाद कमर दर्द होने के कारण Causes of back pain after delivery

प्रसव के बाद कमर दर्द के कुछ निम्नलिखित कारण दिए हुए हैं, आइए जानते हैं;

प्रसव के बाद ज्यादातर कमर दर्द हॉर्मोन में बदलाव के कारण होता है। गर्भावस्था के दौरान एक महिला के शरीर में प्रोजेस्ट्रोन व रिलैक्सिन नामक हॉर्मोन उत्तेजित होते हैं जो प्रसव को सरल करने के लिए कूल्हों स्नायुबंधन व जोड़ों को ढीला कर देते हैं। लेकिन प्रसव के बाद यह कुछ महीनों तक शरीर में रह सकते हैं जिससे कमर में दर्द होता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में बहुत से बदलाव होते हैं और यह बदलाव दूसरी तिमाही के दौरान कमर दर्द का कारण बनते हैं। यही कमर दर्द कुछ महीनों बाद तक भी हो सकता है।

गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ने से भी कमर में दर्द हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान महिला का वजन बढ़ने से उसके घुटनों व मांसपेशियों में अतिरिक्त दबाव पड़ता है जो कमर की मांसपेशियों पर भी दबाव डाल सकती हैं। यह दर्द प्रसव के बाद भी रह सकता है।
गर्भावस्था के दौरान कमर में दर्द गर्भाशय में वृद्धि के कारण भी हो सकता है। जैसे-जैसे गर्भाशय बढ़ता है, पेट के निचले हिस्से की मांसपेशियों व कमर में खिंचाव आने लगता है जो दर्द का कारण बनता है। प्रसव के बाद यह दर्द ठीक होने में कुछ समय ले सकता है।
यदि किसी महिला का योनि प्रसव होता है तो बच्चे को बाहर निकालते समय उसकी कई मांसपेशियां जो सामान्यतः स्थिर रहती थी, वह उत्तेजित हो जाती हैं और उनमें तनाव उत्पन्न होता है। इससे प्रसव के बाद कमर में अधिक दर्द हो सकता है।

प्रसव के बाद अनिद्रा और बार-बार झुकने व शिशु को उठाने से दर्द बढ़ सकता है जिससे कमर में दर्द लंबे समय तक रह सकता है।
शिशु को स्तनपान कराते समय गलत मुद्रा के कारण पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों में अधिक दबाव पड़ता है जो कमर व पीठ दर्द का कारण बन सकता है।

यदि गर्भावस्था के दौरान या बाद में एक महिला अधिक शारीरिक परिश्रम वाला कार्य करती है तो इससे कमर में अधिक दर्द हो सकता है।

प्रसव के बाद कमर में दर्द कब तक रहता है How long does back pain last after delivery?

प्रसव के बाद शरीर ज्यादातर सामान्य अवस्था में आ जाता है। यदि कुछ समय पहले ही आपका बच्चा हुआ है और गर्भावस्था के दौरान आपको कमर व पीठ दर्द का अनुभव हुआ है तो आपकी यह समस्या जल्द ठीक होने वाली नहीं है। प्रसव के बाद आपकी कमर में दर्द लगातार बनी रह सकती है और आपके शरीर को सामान्य होने में व शरीर में मौजूद रिलैक्सिन नामक हॉर्मोन को कम होने में लगभग 6 महीने लग सकते हैं। इस समय तक आपके पीठ का दर्द भी कम हो सकता है और साथ ही शारीरिक ऊर्जा वापस आ जाती है व मांसपेशियां भी मजबूत हो जाती हैं। इस दौरान आपकी हड्डियों के जोड़ व स्नायुबंधन भी सामान्य स्थिति में आ सकते हैं। हालांकि यदि आप गर्भावस्था के बाद कठोर परिश्रम वाली गतिविधियों को करती हैं, तो आपकी पीठ में दर्द लगभग एक साल तक रह सकता है। मोटापा या अधिक वजन के कारण लंबे समय तक पीठ व कमर में दर्द रह सकता है।

प्रसव के बाद कमर दर्द से कैसे निजात पाएं How to get rid of back pain after delivery

प्रसव के बाद एक माँ को बहुत सारी चीजों के बारे में चिंता रहती है। यदि प्रसव के बाद आप कमर के दर्द से पीड़ित हैं तो इसे अपनी चिंताओं में शामिल न करें।

निम्नलिखित कई घरेलू उपचार बताए गए हैं जिनकी मदद से आपको दर्द से राहत मिल सकती है, आइए जानते हैं;

  1. प्रसव के बाद कमर दर्द में आराम पाने के लिए आप कई व्यायाम कर सकती हैं। व्यायाम करने से मांसपेशियों और स्नायुबंधन का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
  2. शिशु जन्म के बाद आप आराम देने वाले योगासन व स्ट्रेचिंग से शुरुआत कर सकती हैं, यह आपके लचीलेपन को बढ़ावा देंगे और साथ ही शांति प्रदान करने में मदद करेंगे। यदि आपका प्रसव सिजेरियन से हुआ है तो आपके लिए टहलना बेहतर है। रोजाना 20-30 मिनट टहलने से आपके शरीर को आराम मिलेगा और यह शुरुआत के लिए एक बेहतर व्यायाम है।
  3. प्रसव के तुरंत बाद शारीरिक गतिविधियां न करें और खासकर यदि आपकी सर्जरी हुई है तो जितना संभव हो उतना आराम करें। कई महीनों के तनाव के बाद आपकी मांसपेशियों और जोड़ों को आराम की आवश्यकता होती है।
  4. भारी वजन उठाने या व्यायाम में वेट ट्रेनिंग से बचें क्योंकि यह आपकी मासंपेशियों और जोड़ों में दबाव पहुँचा सकता है।
  5. सीधे बैठें और सही मुद्रा बनाएं रखें, बच्चे को स्तनपान करवाते समय बच्चे की ओर झुकाव न रखें। जब आप अपने छोटे से बच्चे को स्तनपान कराती हैं तो आपकी पीठ सीधी होनी चाहिए। आप स्तनपान कराते समय आराम से लेट भी सकती हैं।
  6. यदि आपको कमर दर्द होता है तो पैर लटकाकर न बैठें, कुर्सी में बैठते समय अपने पैरों को सहारा देकर बैठें और पैरों को जमीन से थोड़ा ऊपर ही रखें। इससे आपकी पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को सहारा मिलने में मदद मिल सकती है। अपनी पीठ को सहारा देने के लिए कुर्सी में कुशन भी रखें।
  7. यदि आप पीठ के निचले हिस्से में दर्द का अनुभव करती हैं, तो अपने पैरों को जमीन से थोड़ा ऊपर रखने के लिए और अपनी पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को सहारा देने के लिए एक कुर्सी पर बैठकर एक फुटरेस्ट का उपयोग करें। इसके अलावा, अपनी पीठ को सहारा देने के लिए अपनी कुर्सी पर नरम कुशन रखें।
  8. बहुत देर तक बच्चे को गोद में रखने से आपके कूल्हों पर दबाव आ सकता है इसलिए अपने साथ फ्रंट पैक रखें। इसकी मदद से आप सफर के दौरान बच्चे को सहारा दे सकती हैं।
  9. प्रसव के बाद कुछ महीनों के लिए ऊँची हील के जूते न पहनें।
  10. सुविधाजनक मुद्रा में सोएं, नर्म और पतले तकिए का उपयोग करें जो आपके सिर को सहारा देने के लिए पर्याप्त हो।
  11. आपको प्रसव के बाद भी सोते समय अपनी पीठ को सहारा देने के लिए गर्भावस्था के तकिए या 2 नियमित तकियों का उपयोग करना चाहिए।
  12. आप पीठ दर्द या कमर दर्द से राहत पाने के लिए गर्म या ठंडा कंप्रेस का उपयोग कर सकती हैं। इसके लिए आप अपनी पीठ के नीचे ठंडा या गर्म कम्प्रेस रख सकती हैं।
  13. दर्द से राहत पाने के लिए आप मलहम का उपयोग कर सकती हैं, इसे अपनी पीठ पर एक बार लगा कर देखें। यह आपको तुरंत राहत प्रदान करेगा।
  14. प्रसव के बाद कुछ हफ्तों या महीनों तक गुनगुने पानी से स्नान करें। गुनगुने पानी में स्नान करने से मांसपेशियों और स्नायुबंधन को आराम मिलता है और आपको राहत प्राप्त होगी।
  15. फर्श से कुछ उठाते समय अपनी कमर को मोड़ने के बजाय घुटनों को मोड़ें। कमर को न मोड़ें और न ही अपने हाथों को फैलाएं क्योंकि यह आपकी पीठ की मांसपेशियों पर तनाव डाल सकता है।
  16. अपने बच्चे को बिस्तर या फर्श से गोद में उठाते समय उसके करीब जाएं और फिर उठाएं। आप बच्चे को उठाने के लिए घुटनों को भी मोड़ सकती हैं। बच्चे को दूर से उठाने के लिए अपनी हाथों को बाहर की ओर अधिक न खींचें।
  17. आप प्रसव के बाद कमर दर्द को ठीक करने के लिए डॉक्टर से सलाह लेकर कुछ व्यायाम करने का प्रयास कर सकती हैं।
  18. आपके संतुलित आहार से वजन कम होगा जिससे आपकी कमर में कम दबाव पड़ेगा।
  19. शुरूआती दिनों में शिशु को स्तनपान करवाते समय तकिए का उपयोग करें ताकि आप इस दौरान आपकी मुद्रा सुविधाजनक रहें। सुनिश्चित करें कि स्तनपान करवाते समय आपकी पीठ को सहारा मिलता रहे और आप अपनी सही मुद्रा बनाए रखें।

सभी टिप्स को आजमाने के बाद भी यदि आपकी कमर या पीठ में लगातार दर्द हो रहा है तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

परामर्श :- Consultation

शिशु की देखभाल के साथ खुद का खयाल रखना मुश्किल हो सकता है किंतु यह बात याद रखें कि आपका स्वास्थ्य भी जरूरी है। यदि आप शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं तो आपके लिए अपने बच्चे की देखभाल करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य पर भी ध्यान दें और स्वस्थ रहें।

यदि आप दिन के समय में अपने कार्य में व्यस्त रहती हैं तो भी आपको अपनी कमर या पीठ में दर्द या कोई भी असुविधा अधिक महसूस नहीं होगी। लेकिन दिन में की हुई अधिक गतिविधियों के कारण आपको रात के समय जोड़ों में सूजन हो सकती है जिससे आपको अधिक दर्द महसूस हो सकता है। इसे नजर अंदाज न करें

अगर आपके शारीर में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

आपके शारीर में कोई भी परेशानी हो रहा है तो कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें।

कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।

यह एक सामान्य जानकारी है अगर आप किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं या कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए।

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