नसों में कमजोरी के लक्षण Symptoms of nerve weakness

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नसों में कमजोरी आने पर दिख सकते हैं ये लक्षण These symptoms can be seen when there is weakness in the nerves नर्वस सिस्टम हमारे शरीर का कमांड सेंटर होता है। यह मस्तिष्क और शरीर के सभी अंगों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने के लिए कोशिकाओं का इस्तेमाल करता है। साथ ही नसों का काम पूरे शरीर में रक्त प्रवाह करने का होता है। ऐसे में जब नसों में कोई दिक्कत आती है या फिर नसें कमजोर होती हैं, तो व्यक्ति को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। संक्रमण, स्ट्रोक, डायबिटीज, गठिया और ट्यूमर नसों की कमजोरी के मुख्य कारण हो सकते हैं। इस स्थिति में आपको सिरदर्द और मासंपेशियों में दर्द महसूस हो सकता है। इसके अलावा भी आपको नसों में कमजोरी के कुछ लक्षण महसूस हो सकते हैं। आइए, नसों की कमजोरी के क्या लक्षण है? नसें कमजोर होने के क्या लक्षण है? या फिर नसों में कमजोरी आने के लक्षण क्या होते हैं? जानते हैं- हैलो फ्रेंड्स! मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन } मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा ...

मानव पाचन तंत्र HUMAN DIGESTIVE SYSTEM

 मानव पाचन तंत्र HUMAN DIGESTIVE SYSTEM

मानव पाचन तंत्र एक जटिल प्रणाली है जो भोजन को छोटे, सरल पोषक तत्वों में तोड़ती है ताकि शरीर को ऊर्जा, वृद्धि और मरम्मत मिल सके। यह प्रक्रिया मुख से शुरू होकर गुदा (Anus) तक लगभग 9 मीटर लंबी आहार नली और सहायक ग्रंथियों द्वारा पूरी होती है

हैलो फ्रेंड्स!

मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }

मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें।

आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।

मानव पाचन तंत्र के प्रमुख अंगों और उनकी कार्यप्रणाली का विवरण निम्नलिखित है:

मुख (Mouth)

  1. कार्य :- पाचन की शुरुआत यहीं से होती है। दांत भोजन को छोटे टुकड़ों में पीसते हैं।
  2. भूमिका :- लार ग्रंथियों (Salivary Glands) से निकलने वाली लार भोजन को गीला करती है और लार एमाइलेज (Salivary amylase) नामक एंजाइम स्टार्च को शर्करा में तोड़ता है

ग्रास नली (Oesophagus)

  1. कार्य : यह एक पेशीय नली है।
  2. भूमिका : यह भोजन को क्रमाकुंचन (Peristalsis) नामक गति के माध्यम से मुख से अमाशय तक धकेलती है

अमाशय (Stomach)

  1. कार्य :- यह एक मस्कुलर थैली है।
  2. भूमिका :- यहाँ भोजन पाचक रसों और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ मिलकर मथता है। अम्ल हानिकारक बैक्टीरिया को मारता है और एंजाइम (जैसे पेप्सिन) प्रोटीन को पचाना शुरू करते हैं

छोटी आंत (Small Intestine)

  1. कार्य :- यह पाचन नली का सबसे लंबा भाग है जहाँ पाचन की प्रक्रिया पूरी होती है।
  2. भूमिका :- यहाँ यकृत (Liver) से पित्त (Bile) और अग्न्याशय (Pancreas) से पाचक रस मिलते हैं। पित्त वसा को पचाने में मदद करता है। आंत की दीवारों में मौजूद 'विली' (Villi) पोषक तत्वों को अवशोषित कर रक्त प्रवाह में भेजती हैं

बड़ी आंत (Large Intestine)

  1. कार्य :- अपचित भोजन यहाँ आता है।
  2. भूमिका :- यह अपशिष्ट में से बचे हुए पानी और खनिजों को अवशोषित करती है, जिससे बचा हुआ भाग ठोस मल में बदल जाता है

मलाशय और गुदा (Rectum and Anus)

  1. कार्य :- मलाशय ठोस मल को अस्थायी रूप से संग्रहित करता है और गुदा के माध्यम से इसे शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है

प्रमुख पाचक ग्रंथियां (Accessory Glands)

  1. यकृत (Liver) :- यह पित्त (Bile) रस बनाता है जो वसा के पाचन में सहायक है
  2. पित्ताशय (Gallbladder) :- यह यकृत द्वारा बनाए गए पित्त को संग्रहित करता है
  3. अग्न्याशय (Pancreas) :- यह कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन को पचाने के लिए एंजाइम स्रावित करता है

परामर्श

अगर आपके शारीर में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

शारीर में कोई भी परेशानी हो रहा है तो कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें

किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।

कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले |

यह एक सामान्य जानकारी है अगर आप किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं या कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए

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