नींद में चलने की बीमारी का कारण Causes of sleepwalking disorder
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नींद में क्यों चलते हैं कुछ लोग? जानें क्या है ये बीमारी, कारण लक्षण और उपाय Why do some people sleepwalk? Learn about this condition, its causes, symptoms, and remedies.
नींद में चलने की बीमारी, एक दिमागी स्थिति है जो कि कई कारणों से हो सकती है। ऐसे में आपको नींद की इस बीमारी के बारे में जानना चाहिए और इसे कंट्रोल करने की कोशिश करनी चाहिए।
कई लोगों को खासतौर पर बच्चों को नींद में चलने की आदत होती है। जिसकी वजह से उनके साथ उनके परिवार वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
हैलो फ्रेंड्स!
मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }
मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें।
आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।
नींद में चलने की बीमारी बहुत से लोगों को होती है। ये बीमारी इतनी खतरनाक है कि कई बार नींद में चलने वाले लोग अपने आप को नुकसान पहुंचा लेते हैं। पर क्या आपने कभी है कि ये क्यों होता है और इसके पीछे क्या कारण है। दरअसल, ये नींद में चलने की बीमारी सोनामबुलिज्म (Somnambulism) है। दरअसल, ये स्लीप डिसऑर्डर है जिसे पैरासोमनिया (parasomnia) के नाम से जाना जाता है। पैरासोमनिया नींद के दौरान असामान्य व्यवहार है। वास्तव में, पैरासोमनिया नींद और जागने के बीच की सीमा को पार कर जाता है, यही वजह है कि पैरासोमनिया एपिसोड के दौरान होने वाली क्रियाएं असामान्य होती हैं।
नींद में चलने की बीमारी का कारण Causes of sleepwalking disorder
पैरासोमनिया (Parasomnias) को नींद चक्र के उस भाग के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है जिसके दौरान वे होते हैं। स्लीपवॉकिंग गैर-आरईएम (non-REM ) यानी कि गहरी नींद के दौरान होता है। इस दौरान व्यक्ति गहरी नींद में ही अलग-अलग प्रकार की एक्टिविटी करने लगती है। इसके कई कारण हो सकते हैं। जैसे कि
- वंशानुगत यानी कि परिवारों में चली आ रही बीमारी के कारण
- नींद की कमी या अत्यधिक थकान के कारण
- स्लीप एपनिया जैसे विकारों के कारण
- कुछ दवाएं, जैसे नींद की गोलियां लेने से
- तनाव और घबराहट से
- सोने के माहौल में बदलाव या सोने की अलग सेटिंग के कारण, जैसे कि जब अचानक से आप नई जगह पर आ कर सोएं।
- माइग्रेन में
- सर की चोट लगने पर
किन लोगों को नींद में चलने की आदत ज्यादा होती है? Which people are more prone to sleepwalking?
नींद में चलने की आदत सबसे ज्यादा 4 से 8 साल के बच्चों में होती है। बच्चों में यह समस्या होना बहुत नॉर्मल है।
कई बार एडल्ट्स को भी नींद में चलने की आदत होती है। जिसके कई कारण हो सकते हैं।
कोई व्यक्ति नींद में चल रहा है ये कैसे पता चलता है? How do you know if someone is sleepwalking?
अगर व्यक्ति रात में उठकर नीचे दी हुई हरकतें करता है, तो समझ जाएं कि वह होश में नहीं है, बल्कि नींद में है।
- बिस्तर से उठकर इधर-उधर घूमने लगना।
- बिस्तर पर बैठ जाना और अपनी आंखें खोलकर रखना।
- किसी तरह से रिएक्ट या बातचीत न करना।
- जागने के बाद थोड़े समय के लिए कंफ्यूज रहना।
- नींद खुलने के बाद कुछ याद न रहना।
- सोते-सोते उठ जाना और चिल्लाने लगना।
क्या नींद में चलने की आदत खतरनाक होती है? Is sleepwalking a dangerous habit?
वैसे तो ये कोई खतरनाक बीमारी नहीं है। इससे घबराने की जरूरत नहीं होती। ये समय के साथ अपने आप ही ठीक हो जाती है।
जिन्हें नींद में चलने की आदत है वो इसे कैसे दूर करें, इसका क्या इलाज है? How can those who have the habit of sleepwalking get rid of it, what is its treatment?
नींद में चलने की प्रॉब्लम का इलाज करने के लिए पहले उसका कारण जानना जरूरी है, फिर उसी के हिसाब से इलाज किया जाता है।
बच्चों में ज्यादातर नींद में चलने की आदत उम्र बढ़ने के साथ दूर हो जाती है। लेकिन अगर लंबे समय तक ये प्रॉब्लम बनी रहती है इसका इलाज कराना जरूरी है।
नींद में चलने की बीमारी के लक्षण Symptoms of sleepwalking disorder
नींद में चलने की बीमारी के दौरान शरीर में कई लक्षण नजर आते हैं। जैसे कि पहले तो शुरुआत में ऐसे व्यक्ति बिस्तर से उठ कर घुमने लगते हैं। इसके अलावा आप इन्हें कई चीजों को और करते हुए पा सकते हैं। जैसे कि
- बिस्तर पर आंख बंद करके बैठ रहना
- आंख खोल कर सोना
- नींद से मुश्किल से जागना और जागने के बाद थोड़े समय के लिए विचलित या भ्रमित महसूस करना
- रात की घटानाओं को सुबह याद ना रखना
- रात में नींद में खलल के कारण दिन में काम करने में समस्या महसूस करना
- नियमित गतिविधियों को करना जैसे कि कपड़े पहनना, बात करना या खाना खाना
- कार चलाना
- सीढ़ियों से नीचे गिरकर या खिड़की से कूदकर घायल हो जाना
नींद में चलने की बीमारी से कैसे बचें? How to prevent sleepwalking?
- लाइफस्टाइल में थोड़ा चेंज करे :- Make some changes in your lifestyle :- रोज की आदतों में बदलाव करे जैसे- समय पर सोने, नींद पूरी करने से इस प्रॉब्लम को दूर किया जा सकता है।
- स्लीप स्टडी से :- From sleep study :- यह एक प्रकार का ट्रीटमेंट होता है जिसमें डॉक्टर ब्लड ऑक्सीजन लेवल, सांस, मूवमेंट्स को चेक को करते हैं।
- दवाइयों से :- From medicines :- अगर समस्या गंभीर है तो डॉक्टर दवाइयां भी देते हैं। ये दवाइयां अक्सर स्ट्रेस कम करने और नींद बेहतर करने के लिए होती हैं।
- एंटीसिपेट्री अवेकनिंग :- Anticipatory Awakening :- ये एक प्रोसेस है जिसमें ट्रेक किया जाता है कि व्यक्ति किस समय नींद में चलता है। इसके बाद उसे उस समय से 15 मिनट पहले जगा दिया जाता है। कुछ देर जागे रहने के बाद उसे वापस सुला दिया जाता है।
नींद में चलने वाले लोग अगर ये काम रेगुलर करने लगे तो उन्हें डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए। डॉक्टर उनके नींद के पैटर्न को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। इसके अलावा घर वालों को कुछ बातों का ध्यान रखना है जैसे कि
- सोते समय बड़े स्थिर मन से सोएं। काम करते-करते ना साएं। नहीं तो आप नींद में भी वो काम कर सकते हैं।
- नींद की कमी से बचने की कोशिश करें।
- सोने से पहले ज्यादा पानी पी कर ना सोएं। इससे आपको बार-बार पेशाब लगेगी और आपकी नींद प्रभावित होगी।
- सोते समय कैफीन से बचें।
इसके अलावा ध्यान रखे कि अगर आप नींद में चलते हैं तो ऐसे दरवाजे और खिड़की बंद करके साएं। अकेले कभी भी ना सोएं। साथ ही बिस्तर के आसपास कोई भी चोट लगने वाली चीज ना रखें। नहीं तो आप किसी अप्रिय घटाना के शिकार हो सकते हैं।
परामर्श :- Consultation
अगर आपको या आपके परिवार में किसी को भी नींद में चलने कि बीमारी हैं। या किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए
कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
नींद के दौरान किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आपको नींद से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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