दिल की धमनी फटने के लक्षण- Symptoms Of Rupture in Heart Artery
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दिल की धमनी फटने पर दिखते हैं ये लक्षण, जानें कैसे करें बचाव
खानपान में गड़बड़ी और असंतुलित लाइफस्टाइल की वजह से दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। आज के समय में कम उम्र में हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर जैसी समस्याएं कॉमन हो चुकी हैं।हार्ट अटैक आने से मरीज के दिल की धमनियां फट जाती हैं। इस स्थिति को दिल की धमनियों में फ्रैक्चर और अंग्रेजी में Artery Rupture भी कहते हैं। इस स्थिति की वजह से मरीज के दिल की धड़कन अनियमित हो जाती है रक्त वाहिकाओं के फटने या रिसाव की स्थिति ज्यादातर मामलों में एथेरोस्केलोरोसिस के कारण होती है।सही समय पर इसके लक्षणों को पहचानकर इलाज लेने से मरीज गंभीर नुकसान से बच सकता है।
हैलो फ्रेंड्स!
मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }
मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें।
आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।
क्या है :- SCAD?
हमारी धमनी तीन चरण या फिर लेयर में विभाजित होती है और जब इनमें से कोई भी लेयर टूटती या फिर फटती है तो रक्त का बहाव धीमा हो जाता है या फिर रक्त उस फटी हुई लेयर के रास्ते सभी लेयर के बीच में फंसना शुरू हो जाता है। जब ये रक्त ज्यादा मात्रा में जमा हो जाता है तो रक्त के बहाव में दिक्कत होती है, जिसकी वजह से हार्ट अटैक होने का खतरा बढ़ जाता है। यह एक असामान्य स्थिति है, जो कि घातक भी हो सकती है और इसके लक्षणों को पहचानना बहुत ही मुश्किल होता है।
दिल की धमनी फटने के लक्षण- Symptoms Of Rupture in Heart Artery
दिल की धमनियों के फटने या रक्त वाहिकाओं में लीकेज की समस्या एक ही होती है। इस स्थिति को SCAD भी कहा जाता है। इस स्थिति की वजह से मरीज की स्थिति बहुत गंभीर हो सकता है खानपान में गड़बड़ी और लाइफस्टाइल से जुड़ी गलतियों की वजह से इस समस्या का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। आर्टरी या दिल की धमनियों में रप्चर या फटने की समस्या का खतरा ब्लड फ्लो बढ़ने और हार्ट अटैक आने पर सबसे ज्यादा रहता है। यह स्थिति तब बनती है, जब आपकी धमनियों से ब्लड का रिसाव शुरू होता है। दरअसल, दिल की धमनियां तीन चरण में विभाजित रहती हैं और इनके फटने पर ब्लड लीक होने लगता है। इसकी वजह से मरीज को हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
धमनियों के फटने का खतरा एथेरोस्केलोरोसिस नामक समस्या से बढ़ता है। इस समस्या में धमनियां सिकुड़ जाती हैं और इसकी वजह से ब्लड फ्लो प्रभावित होता है। इस कारण से मरीज के सीने में दर्द और सांस लेने में दिक्कत होती है। शरीर में मौजूद किसी परेशानी के कारण जब इन धमनियों के लेयर को नुकसान होता है, तो उसकी वजह से ब्लड फ्लो या ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है।
दिल की धमनियों के फटने से पहले शरीर में ये लक्षण दिखाई देते हैं-
- सीने या छाती में तेज दर्द
- दिल की धड़कन तेज होना
- सांस लेने में दिक्कत
- बहुत ज्यादा पसीना आना
- जबड़े में दर्द में दर्द होना
- पसलियों में दर्द होना
- बहुत ज्यादा थकान
- मतली और चक्कर आना
बार-बार होने वाली परेशानी
अगर किसी व्यक्ति को ये परेशानी हो जाती है तो उसे बार-बार ये दिक्कत हो सकती है। इसके लिए उसे हाई ब्लड प्रेशर, धूम्रपान छोड़ने और हाई कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखने की जरूरत होती है ताकि इस स्थिति से बचा जा सके। इसका सफल इलाज करा चुके लोगों को भी .ये परेशानी वापस से होने का खतरा होता है।
बचाव के उपाय- Artery Rupture Prevention in Hindi
धमनियों के फटने से बचाव के लिए आपको खानपान और लाइफस्टाइल में सुधार करने की सलाह दी जाती है। दिल से जुड़ी बीमारियों से बचाव के लिए संतुलित खानपान और हेल्दी लाइफस्टाइल होना बहुत जरूरी है। इस समस्या से बचने के लिए स्मोकिंग से दूरी बनानी चाहिए। इसके अलावा नियमित रूप से हार्ट के लिए फायदेमंद डाइट और एक्सरसाइज का पालन करने से आप हार्ट डिजीज और कोरोनरी आर्टरी डिजीज की चपेट में आने से बच सकते हैं।
परामर्श
अगर आपके शारीर में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।
शारीर में कोई भी परेशानी हो रहा है तो कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले |
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आप किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं या कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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