प्रेगनेंसी का पहला महीना, लक्षण, डाइट और सावधानियां। First Month of Pregnancy, Symptoms, Diet, and Precautions

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प्रेगनेंसी का पहला महीना के लक्षण, डाइट और सावधानियां Symptoms, Diet, and Precautions for the First Month of Pregnancy प्रेगनेंसी का पहला महीना बहुत खास होता है। यह एक ऐसा समय है जब उम्मीदें और अनिश्चितताएं दोनों का मिश्रण होता है। आपको एक नए जीवन के आगमन की खुशी तो होती ही है, लेकिन साथ ही इस समय में कई बदलाव भी आते हैं। प्रेगनेंसी के पहले महीने में आपको जो भी अनुभव हो रहा है, वो पूरी तरह से सामान्य है। हैलो फ्रेंड्स! मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन } मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें।  आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि। प्रेगनेंसी का पहला महीना बहुत ही खास होता है। प्रेगनेंसी के शुरूआती चार सप्ताहों में आपके शरीर के अंदर ढेरों बदलाव आते हैं और प्रेगनेंसी के लक्षण दिखाई...

रुक-रुक कर बूंद-बूंद पेशाब होना कारण, लक्षण,इलाज और घरेलू उपाय Intermittent urination: causes, symptoms, treatment and home remedies

बूंद-बूंद पेशाब आना,रुक-रुक कर पेशाब होना / अचानक टूट जाती है पेशाब की धार Urination in drops, intermittent urination/sudden loss of urine flow

रुक-रुक कर पेशाब होना, बूंद-बूंद पेशाब होना और तनाव Intermittent urination, passing urine drop by drop, and straining

पेशाब की धार कमजोर होना हो सकता गंभीर बीमारियों का संकेत! ये हैं कारण, लक्षण,इलाज और घरेलू उपाय A weak urine stream could be a sign of a serious illness! Here are the causes, symptoms, treatment, and home remedies.

क्या आपके पेशाब की धार कमजोर हो गई है? या पेशाब रुक-रुक कर आता है? पेशाब बूंद-बूंद गिरता है पेशाब की कमज़ोर धार कई लोगों के लिए चिंता का कारण है। बुजुर्ग पुरुषों में यह एक आम समस्या है, लेकिन अब यह कम उम्र के पुरुषों के साथ महिलाओं और बच्चों को भी प्रभावित कर रही है।

पेशाब की धार कमजोर होना क्या है? What is weak urine stream?

पेशाब की धार कमजोर होना यानि ऐसा मूत्र प्रवाह जो सामान्य से कमज़ोर है। इसमें मूत्राशय को खाली होने में अधिक समय लग सकता है, और पेशाब रुक कर शुरू हो सकता है। इन परेशानियों के साथ, कई बार पेशाब में जलन होना भी संभव है। यह किसी भी पीड़ित के लिए काफी निराशाजनक और चिंताजनक स्थिति है।

रुक-रुक कर पेशाब आना और जलन होना क्या है? What is intermittent urination and burning?

रुक-रुक कर पेशाब आना और जलन होना यानी दिन भर में बार-बार पेशाब करने की आवश्यकता होना है। इस दौरान अक्सर बहुत कम मात्रा में पेशाब निकलता है। इसके साथ पेशाब करते समय जलन भी हो सकती है, जो असुविधाजनक और दर्दनाक हो सकती है।

क्या है ब्लैडर की अकड़ाहट? What is bladder stiffness?

जब इंफेक्शन, इंफ्लामेशन या बढ़ा हुआ प्रोस्टेट ब्लैडर को प्रभावित करता है तो उसकी फ्लेक्सिबिलिटी कम हो जाती है। इससे उसकी मसल्स में अकड़ाहट पैदा हो जाती है। इसकी वजह से वो काम करना कम कर देता है।

यूरिन फ्लो रुकने का कारण Causes of urine flow stoppage

क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक पेशाब की बूंद टपकना, यूरिन फ्लो कम होना, पेशाब करने में दिक्कत आना जैसी समस्याएं सबसे ज्यादा पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ने की वजह से देखी जाती हैं। इसके अलावा प्रोस्टेट या यूरीनरी ट्रैक्ट का इंफेक्शन भी हो सकता है।

पेशाब की धार कमजोर होने के कारण due to weak urine stream

पेशाब की धार कमजोर होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  1. बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया :- Benign prostatic hyperplasia :- बीपीएच प्रोस्टेट ग्रंथि की एक गैर-कैंसरस बढ़ोतरी है जिसके कारण पेशाब मार्ग पर दबाव बढ़ता है, और पेशाब प्रवाह कमजोर हो सकता है।
  2. पेशाब पथ संक्रमण :- Urinary tract infections :- यूटीआई भी कमजोर पेशाब प्रवाह का कारण बन सकता है, खासकर वृद्ध वयस्कों में।
  3. गुर्दे की पथरी :- Kidney stones :- किडनी स्टोन पेशाब के प्रवाह को अवरुद्ध करके कमजोर पेशाब प्रवाह का कारण बन सकती है।
  4. दवाएं :- Medications :- कुछ दवाएं भी कमजोर पेशाब प्रवाह का कारण बन सकती हैं।
  5. तंत्रिका संबंधी विकार :- Neurological disorders :- मल्टीपल स्केलेरोसिस, पार्किंसंस रोग और रीढ़ की हड्डी की चोटें जैसे तंत्रिका संबंधी विकार पेशाब को नियंत्रित करने वाली नसों को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे पेशाब की धार कमजोर हो सकती है।
  6. उम्र बढ़ना :- Aging :- जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हमारे मूत्राशय की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे पेशाब प्रवाह कमजोर हो जाता है।

यूरिनरी ब्लैडर में स्टोन कैसे बनते हैं? How are stones formed in the urinary bladder?

मूत्राशय में पथरी का कारण Causes of stones in the bladder

  1. ब्लैडर ऑग्मेंटेशन ऑपरेशन का साइड इफेक्ट
  2. मूत्राशय में ब्लैडर डाइवर्टीकुला नाम की पॉकेट बनने पर
  3. बच्चे को जन्म देने के बाद मूत्राशय गिरने की वजह से
  4. पर्याप्त पानी ना पीने के कारण
  5. पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ने की वजह
  6. गुर्दे की पथरी नीचे आना
  7. दिमाग से ब्लैडर को संकेत देने वाली नस को नुकसान पहुंचने
  8. मूत्राशय में मेडिकल डिवाइस डालने का साइड इफेक्ट​

ब्लैडर स्टोन के आम लक्षण Common symptoms of bladder stones

  1. बार-बार पेशाब का जोर लगना ​
  2. पेशाब शुरू या बंद करने में दिक्कत
  3. पेशाब का रंग बदलना
  4. यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन
  5. मूत्राशय का खाली ना लगना

इंफेक्शन के लक्षण Symptoms of infection

  1. पेशाब में तेज जलन
  2. बार बार पेशाब आना
  3. पेशाब में झाग बनना
  4. अचानक यूरीन का तेज प्रेशर
  5. पेशाब में खून आना

ये भी हैं वजह These are also the reasons

  1. पेल्विक मसल्स में ऐंठन
  2. नर्वस सिस्टम की समस्या
  3. ठंड या एलर्जी की कुछ दवाएं
  4. सर्जरी का साइड इफेक्ट​

जांच से चलता है पता Investigation reveals

यूरीन टेस्ट / सिस्टोस्कोपी

एक्स रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन जैसे इमेजिंग टेस्ट

पेशाब की थैली से पथरी निकालने का तरीका How to remove stones from the urinary bladder

ब्लैडर स्टोन का साइज अलग अलग हो सकता है। अगर यह छोटे हैं तो पानी की मात्रा बढ़ाने से यह बाहर निकल सकते हैं। लेकिन बड़ी पथरी को निकालने में यह तरीका काम नहीं आएगा। इसके लिए फिर आपको डॉक्टर के पास जाना पड़ेगा।

इसके लिए आपका डॉक्टर दो तरह की सर्जरी कर सकता है। पथरी का साइज के देखकर वो मीडियम स्टोन के लिए सिस्टोलिथोलपैक्सी नाम की मिनिमल इनवेसिव सर्जरी कर सकता है, जिसमें छोटा सा चीरा लगता है। लेकिन बड़ी पथरी के लिए ओपन सर्जरी करनी पड़ सकती है।

पेशाब रुक-रुक कर आना - इलाज Intermittent urination - treatment

रुक-रुक कर पेशाब आना और कमज़ोर पेशाब प्रवाह का इलाज अंतर्निहित कारण पर निर्भर करता है। पेशाब रुक-रुक कर आना - इलाज में अलग-अलग समस्याओं के लिए अलग-अलग इलाज सुझाए जा सकते हैं। उदाहरण के लिए:

बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया :- Benign prostatic hyperplasia :- अल्फा-ब्लॉकर्स और 5-अल्फा-रिडक्टेस इनहिबिटर जैसी दवाएं लक्षणों से राहत दिलाने में मदद कर सकती हैं। कुछ गंभीर मामलों में सर्जरी आवश्यक हो सकती है।

यूटीआई :- UTI :- एंटीबायोटिक्स यूटीआई के इलाज में मदद कर सकते हैं।

गुर्दे (किडनी) की पथरी :- Kidney stones :- दवाएं दर्द और गुर्दे की पथरी को दूर करने में मदद कर सकती हैं।

तंत्रिका संबंधी (न्यूरोलाजिकल) विकार :- Neurological disorders :- उपचार अंतर्निहित स्थिति के प्रबंधन पर केंद्रित है।

पेशाब की धार कमजोर होना, बूंद-बूंद पेशाब आना , रुक-रुक कर पेशाब आना बार-बार पेशाब आना उपाय के तौर पर किसी भी इलाज को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

रुक-रुक कर पेशाब आना आने के घरेलू उपाय: Home remedies for intermittent urination:

कुछ घरेलू उपचार जो पेशाब प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। पेशाब रुक रुक कर आना घरेलू उपाय के तौर पर इन्हें आजमाया का सकता है:

हाइड्रेटेशन: पर्याप्त पानी पीने से पेशाब प्रवाह में सुधार करने में मदद मिल सकती है। इसे कई लोगों ने पेशाब की धार कमजोर होना उपाय के तौर पर आजमाया है और इसका लाभ देखने को मिला है।

  1. कैफीन और अल्कोहल से परहेज ये मूत्राशय में जलन पैदा कर सकते हैं और लक्षण खराब कर सकते हैं।
  2. दोहरी निकासी इसमें पेशाब करना, कुछ मिनट इंतजार करना और फिर यह सुनिश्चित करने के लिए दोबारा पेशाब करना शामिल है कि मूत्राशय खाली हो गया है।
  3. पेल्विक फ्लोर व्यायाम पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करने से पेशाब प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
  4. कब्ज से बचाव कब्ज पेशाब संबंधी लक्षणों को और खराब कर सकता है। उच्च फाइबर आहार और भरपूर पानी कब्ज को रोकने में मदद कर सकता है।
  5. ऐडल्ट डायपर्स का उपयोग पेशाब की धार कमजोर होने के कारण कई बार मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं होता। ऐसे में कई बार रिसाव की समस्या हो जाती है।
  6. नाभि के नीचे और प्यूबिक बोन के ऊपर गर्म सिकाई करने से ब्लैडर की मसल्स रिलैक्स होती हैं।
  7. ब्लैडर के ऊपर हल्का प्रेशर और मसाज करने से पेशाब करने में मदद करेंगे।
  8. पेशाब शुरू करने में दिक्कत को गुनगुने पानी से नहाकर भी ठीक किया जा सकता है।
  9. घर पर यूरीनेशन पैटर्न को ट्रैक करें, इससे डॉक्टर को इलाज करने में आसानी होगी।

परामर्श :- Consultation :-

पेशाब का कमजोर प्रवाह एक निराशाजनक और चिंताजनक अनुभव हो सकता है, लेकिन इसके लिए इलाज और घरेलू उपचार उपलब्ध हैं। हालांकि, किसी भी उपचार को आजमाने से पहले आप डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

अगर आपको पेशाब करने के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

पेशाब करने के दौरान या बाद में कोई भी परेशानी हो रहा है तो कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें

रुक-रुक कर पेशाब होना, बूंद-बूंद पेशाब आना, पेशाब के दौरान तनाव होना, दर्द होना या किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।

कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले |

यह एक सामान्य जानकारी है अगर आप किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं या कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए

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