​बच्‍चों की हाइट बढ़ाने के तरीके Ways to increase the height of children

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बच्चों की हाइट नहीं बढ़ने के कारण / बच्चों की हाइट बढ़ाने के नेचुरल तरीके Reasons for children not growing in height / Natural ways to increase children's height लड़के और लड़कियों की लंबाई किस उम्र तक बढ़ती है? Till what age do boys and girls grow in height? आज के समय में हर कोई अच्छी हाइट पाना चाहता है, क्योंकि लंबाई न केवल व्यक्तित्व को आकर्षक बनाती है, बल्कि आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। यहां जानिए, लड़के और लड़कियों की लंबाई कब तक बढ़ती है? जन्म के बाद बच्चों के सही विकास की जिम्मेदारी माता-पिता की होती है। किसी भी बच्चे की शारीरिक संरचना कैसे होगी यह पूरी तरह से माता-पिता पर निर्भर करता है। अक्‍सर पेरेंट्स शिकायत करते हैं कि उनके बच्‍चे की हाइट नहीं बढ़ रही है या अपने साथ के बच्‍चों के मुकाबले उनके बच्‍चे की हाइट कम है। आजकल तो बच्‍चों की हाइट न बढ़नी या कम बढ़ने की प्रॉब्‍लम ज्‍यादा देखी जा रही है। कम हाइट होने की वजह से बच्‍चों के आत्‍मविश्‍वास में कमी आती है और वो लोगों के सामने जाने से भी कतराने लगते हैं। बच्‍चों के सही मानसिक विकास के लिए उचित शारीरिक विकास होना भी जरूरी ह...

प्रेगनेंट होने के तरीके / ways to get pregnant

 प्रेगनेंट होने के तरीके / ways to get pregnant

भले ही आबादी पर नियंत्रण पाना एक असंभव सा प्रयास साबित हो चला है, पर ये भी सच है कि जिनकी अपनी औलाद नहीं उनके लिए सारा जग सूना -सूना सा होता है. जीवन में माँ बाप बनना दुनिया के तमाम अहम् एहसासों में से एक होता है. वैसे तो प्रेगनेंट होना बहुत आसान होता है, पर ऐसी किस्मत सभी की नहीं होती. बहुत से जोड़े ऐसे हैं जिनके कमजोर या कम स्पर्म काउंट होने के कारण उन्हें कंसीव करने में दिक्कत होती है.

कई बार महिला साथी का शरीर इतनी बड़ी जिम्मेदारी के लिए तैयार नहीं होता, तो कभी पुरुष साथी में कुछ कमियां होती हैं. और कई बार ऐसा होता है कि दोनों के सम्भोग के तरीकों या सही समय में कुछ चूक हो जाती है, जिससे उन्हें महसूस होता है की सब सही होते हुए भी कंसीव नहीं कर पा रहे तो शायद उनकी किस्मत में कोई दोष है. पर हर चीज किस्मत पर छोड़ना सही नहीं. ऐसे में प्रकृति के अलावा दोनों पार्टनर को साथ मिलकर कुछ एफर्ट्स करने की जरूरत है.

प्रेगनेंट कैसे हुआ जाता है

सबसे पहले तो दोनों पार्टनर्स को मेडिकल चेक- अप करवाकर किसी अंदरूनी कमी के होने न होने की पुष्टि कर लेनी चाहिए. ओवरी से एक बार रीलीज़ होने के बाद ओव्युलेशन स्टेज के दौरान एग फलोपियन ट्यूब से यूटरस यानि बच्चेदानी की तरफ चलने लगता है. एक एग ज्यादा से ज्यादा 24 घंटों तक जीवित रहता है, वहीं एक स्पर्म फीमेल बॉडी के अंदर 5 दिन तक सलामत रह सकता है. स्पर्म और एग आपस में मिलें, इसके लिए जरूरी है कि मिलन के वक्त वे ऐक्टिव हों. वरना कंसीव करना मुमकिन नहीं.इसलिए बताई बातों का ध्यान रखें जो आपको कंसीव करने में हेल्प करेंगी.

सही समय पर प्रयास करें

कुछ लोग काम के दबाव तथा अन्य जुड़े कारणों से पर्याप्त मात्रा में सेक्स की क्रिया को अंजाम नहीं दे पाते. लेकिन अगर आप कंसीव चाहती हैं, और एक बार सेक्स से कोई फायदा ना हो तो उर्वर दिनों fertilizing days को ध्यान में रखते हुए सेक्स की क्रिया को बार बार दोहराना काफी असरदार साबित हो सकता है. महिलाओं का मासिक धर्म 28 से 30 दिनों का होता है, जिसमें से 14 वें दिन वे डॉगी स्टाइल यानि रीयर एंट्री पोजिशन

मिशनरी पोजिशन

स्पून सेक्स

साइड बाय साइड जैसे सेक्स पोजीशन अपनाएं और हाँ सेक्स के दौरान हिप्स ऊंचाई पर रखें

प्रेगनेंट होने के लिए अपना वजन संतुलित रखें

कई बार वज़न ज़्यादा होने की वजह से महिलाओं को गर्भधारण करने में दिक्कतें आती हैं. इसलिए कंसीव करने के लिए पुरुष और महिला दोनों का ही स्वस्थ रहना काफी ज़रूरी है. अत्याधिक वज़न वाली महिलाओं को इनफर्टिलिटी की समस्या होने की संभावना काफी ज़्यादा होती है. लिहाजा गर्भधारण का प्रयास करने से पहले महिलाओं को 2 से 3 महीने तक व्यायाम करके अपना वज़न कम करने का प्रयास करना चाहिए.

केमिकल्स से रहें दूर

कारखानों, कीटनाशक,प्रयोगशालाओं के ज्यादा संपर्क में आने से महिलाओं को इनफर्टिलिटी की समस्या घेर सकती है. इसलिए अगर आप कंसीव करना चाहती हैं तो ऐसी चीजों से दूर रहने की कोशिश करें

दोनों का ऑर्गैज़म बेहतर

गर्भ धारण करने के लिए ऑर्गैज़म बहुत जरूरी होता है. वैसे इसका सेक्शुअल पोजिशन से तो कोई लेना देना नहीं है, लेकिन संभोग के दौरान पुरुष के साथ ही महिला को भी ऑर्गैजम होना बेहद जरूरी है. दोनों का क्लाइमेक्स तक पहुचने से कंसीव करने की सम्भावना बढ़ जाती है. अध्ययन में पाया गया है कि आर्गैज़म के दौरान फीमेल ऑर्गन में कुछ इस तरह का कॉन्ट्रैक्शन होता है, जिससे स्पर्म्स सर्विक्स की तरफ धकेले जाते हैं.

प्रेगनेंट होने के लिए सेक्स करने का सही तरीका

हमेशा इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि फीमेल सर्विक्स तक पहुंचकर एग से मिलन करने के बजाए स्पर्म कहीं वजाइना से बाहर न आ जाएं. सेक्स के दौरान वुमन के हिप्स कुछ ऐसी पोजिशन में होने चाहिए, जिससे रीलीज के बाद स्पर्म अंदर ही रहें और उन्हें फीमेल सर्विक्स तक पहुंचने के लिए काफी समय मिले. सेक्स करने के दौरान कोई भी गर्भनिरोधक और तेल या किसी भी प्रकार की जेली का इस्तमाल ना करें. एक और ख़ास बात आप इन पोजीशंस को तो आप अपनाएं ही पर इस दौरान टेन्स होने के बजाय अपने इंटरकोर्स का आनंद आनंद लें.

प्रेग्नेंट होने का उपाय

लंबे समय तक किसी भी प्रकार के आर्टिफिशियल लूब्रिकेंट का इस्तेमाल न करें. ऐसा करने से प्रेगनेंट होने में समस्या हो सकती है

कुछ रिसर्च की माने तो बहुत सारी महिलाएं ऐसी भी होती है जो गर्भनिरोधक गोलियों का प्रयोग लंबे समय तक करती है, जिस कारण से उन्हें गर्भधारण या प्रेगनेंट होने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है

इसके अलावा, सबसे जरूरी बात यह भी है कि भारत में सेक्स शिक्षा की कमी के कारण, काफी सारी महिलाओं को उनके मासिक धर्म चक्र की ठीक जानकारी नही होती है जिसके चलते उन्हें यह नही पता होता कि उन्हें ऑव्यूलेशन प्रेगनेंट होने की सही समय कब होगा, जिस कारण वह गर्भधारण नही कर पाती है

हेल्दी लाइफस्टाइल एक ऐसा पहलू है जिसका ध्यान सभी गर्भधारण करने का सोच रही महिलाओं द्वारा किया जाना चाहिए. इसलिए जरूरी है कि भोजन में फॉलिक एसिड और मल्टीविटामिन का नियमित सेवन किया जाना चाहिए

साथ ही सबसे जरूरी है कि किसी भी रूप के नशे, शराब या स्मोकिंग आदि से दूर रहना बहुत ज्यादा आवश्यक होता है. सबसे जरूरी कि गर्भधारण की चाह रखने वाले जोड़ों को नियमित रूप से सेक्स करना चाहिए ज़्यादा उर्वर अवस्था में रहती हैं. अतः आपको सम्भोग की क्रिया के लिए इस दिन के आसपास के समय को प्रेफर करना चाहिए. इस दौरान सेक्स करने से प्रेगनेंट होने के चांसेस काफी बढ़ जाते है.

जल्दी प्रेगनेंट होने के लिए बेस्ट सेक्स पोजीशन

गर्भवती होने के लिए सेक्स के दौरान पोजिशन की काफी अहमियत है. प्रेगनेंट होने के लिए बेस्ट पोजिशन अपनाने का मतलब है मेल स्पर्म्स को फीमेल सर्विक्स के एकदम पास छोड़ना, ताकि गर्भ ठहर सके. कपल्स को कंसीव करने के लिए खड़े होकर, बैठकर या महिला का पुरुष के ऊपर होकर सेक्स करने जैसे पोजीशन को अवॉयड करना होगा क्योंकि इन पोजीशन से स्पर्म और एग का मिलन मुश्किल हो जाता है. सो प्रेगनेंट करने के लिए सेक्स पोजीशन का खास ख्याल रखें.

गर्भवती होने के लिए सेक्स पोजीशन

डॉगी स्टाइल यानि रीयर एंट्री पोजिशन

मिशनरी पोजिशन

स्पून सेक्स

साइड बाय साइड जैसे सेक्स पोजीशन अपनाएं और हाँ सेक्स के दौरान हिप्स ऊंचाई पर रखें

परामर्श

आमतौर पर महिलाएं पीरियड्स और प्रेगनेंसी को लेकर बहुत कम जागरूक होती हैं। इसलिए पीरियड्स में अनियमितता आने, सामान्य से अधिक या कम ब्लीडिंग होने, ब्लीडिंग के रंग में बदलाव या उससे बदबू आने या प्रेगनेंसी के दौरान किसी तरह की कोई समस्या होने पर वे तुरंत घबरा जाती हैं।

अगर आपको ऐसा लग रहा है कि ओव्यूलेशन ठीक ढंग से नहीं हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जांच करा कर इलाज करवाना चाहिए।

अगर महिलाओं को गर्भधारण करने में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।

अगर महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।

किसी भी दवा का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

डॉक्टर द्वारा दिए गए दवाओं एवं सप्लीमेंट का नियमित रूप से सही समय पर सेवन करें।

अगर आपको पीरियड्स या प्रेगनेंसी से संबंधित किसी तरह की कोई परेशानी या कन्फ्यूजन है तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलकर इस बारे में बात करना चाहिए।

यह एक सामान्य जानकारी है अगर आपको पीरियड्स मिस होने या प्रेगनेंसी से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए।

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