डेंगू बुखार क्या है? जानिए इसके लक्षण, कारण और घरेलू उपचार। What is dengue fever? Learn about its symptoms, causes, and home remedies.
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डेंगू बुखार क्या है? जानिए इसके लक्षण, कारण और घरेलू उपचार। What is dengue fever? Learn about its symptoms, causes, and home remedies.
डेंगू एक जानलेवा बीमारी है, इस बीमारी में लक्षण दिखते ही डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, जानें बचाव के टिप्स।
डेंगू एक गंभीर बीमारी है जो एडीज मच्छर के काटने से या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलती है। डेंगू के लक्षण, संक्रमण होने के 3 से 10 के बाद ही नजर आते हैं। अगर इस दौरान आप लक्षणों को समझकर इलाज करवा लें तो गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। डेंगू होने पर अगर आप इलाज न करवाएं तो ये गंभीर रूप लेकर रक्तस्रावी बुखार में बदल सकता है या ब्लीडिंग, बीपी में गिरावट डेंगू हो जाने पर आपको खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डेंगू बुखार क्या है? What is dengue fever?
डेंगू मच्छरों से फैलने वाला एक प्रकार का संक्रमण है, जिसका पहला लक्षण आमतौर पर बुखार होता है। हालांकि इस इंफेक्शन के और भी कई लक्षण होते हैं, जिनके बारे में आप आगे जानेंगे।
डेंगू में प्लेटलेट काउंट कितना होना चाहिए? What should be the platelet count in dengue?
सामान्य स्वस्थ व्यक्ति का प्लेटलेट काउंट 1 से 1.5 लाख तक होना चाहिए। लेकिन डेंगू होने पर प्लेटलेट काउंट घटता है, जो कि सामान्य बात है। आमतौर पर 40- 50,000 तक प्लेटलेट काउंट घट जाने पर कोई चिंताजनक बात नहीं होती। इसे सही डाइट और दवा के जरिए बढ़ाया जा सकता है। लेकिन 40,000 से कम होने पर डेंगू शॉक सिंड्रोम का खतरा होता है। वहीं अगर प्लेटलेट काउंट 10-20 हजार तक आ गया तो ये स्थिति खतरनाक हो सकती है। ऐसे में चिकित्सक की देखरेख में ही मरीज का इलाज कराना चाहिए।
डेंगू बुखार कैसे फैलता है? How is dengue fever spread?
डेंगू एडीज इजिप्टी और एडीज एल्बोपिक्टस नाम के मादा मच्छर के काटने से फैलता है। यही मच्छर जीका वायरस और चिकनगुनिया भी फैलाता है। यह संक्रमण कई बार जानलेवा हो सकता है।
क्या डेंगू के मच्छर सिर्फ दिन में ही काटते हैं? Do dengue mosquitoes bite only during the day?
एक भ्रांति कई बार लोगों को होती है कि डेंगू के मच्छर सिर्फ दिन में ही काटते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार डेंगू के मच्छर आपको दिन या रात कभी भी काट सकते हैं।
डेंगू बुखार के जोखिम कारक। Risk Factors for Dengue Fever
बारिश के मौसम में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है।
जलभराव के आसपास के इलाकों में मच्छरों के पनपने की संभावना ज्यादा होती है इसलिए यहां डेंगू का खतरा ज्यादा होता है।
घर के अंदर या बाहर किसी जगह या वस्तु में रुका हुआ पानी भी मच्छर पैदा कर सकता है, जिससे डेंगू का खतरा बढ़ सकता है।
इम्यूनिटी कमजोर होने पर भी डेंगू होने का खतरा ज्यादा होता है।
छोटे बच्चों और बुजुर्गों को डेंगू का खतरा ज्यादा होता है क्योंकि इनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है।
डेंगू का बुखार कितने दिनों तक रहता है? How long does dengue fever last?
आमतौर पर डेंगू का बुखार 4 से 10 दिनों तक रह सकता है। कुछ गंभीर मामलों में ये बुखार 10 दिन से भी ज्यादा समय तक रह सकता है। डेंगू के मरीज को बुखार ठीक होने तक मच्छरदानी में ही सुलाएं, ताकि मच्छर उस तक न पहुंचे और अन्य लोगों तक संक्रमण न फैले।
डेंगू के लक्षण कितने दिन बाद दिखते हैं? After how many days do the symptoms of dengue appear?
डेंगू के लक्षण आमतौर पर मच्छर काटने के 3 से 10 दिन बाद से लक्षण नजर आना शुरू होते हैं। शुरुआती लक्षण बुखार और थकान होते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य लक्षण नजर आते हैं। ये लक्षण 10 दिन या इससे अधिक समय तक बने रह सकते हैं।
डेंगू के लक्षण क्या हैं? What are the symptoms of dengue?
डेंगू एक तरह का संक्रमण है जो डेंगू वायरस के कारण होता है,
अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए तो व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।
डेंगू होने पर ये लक्षण नजर आ सकते हैं-
सिर में तेज दर्द / बुखार आना / आंखों में दर्द / रैशेज की समस्या
जोड़ों में तेज दर्द / हड्डी या मसल्स पेन / जी मिचलाना या उल्टी
डेंगू से जोखिम। Risk from dengue
डेंगू से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से डेंगू हो सकता है।
जल भराव वाले क्षेत्र में रहते हैं तो आपको डेंगू हो सकता है।
डेंगू की पहचान कैसे की जाती है। How is dengue diagnosed?
अगर किसी व्यक्ति को डेंगू जैसे लक्षण नजर आते हैं, तो उसे डॉक्टर से मिलना चाहिए और ब्लड टेस्ट कराना चाहिए। खून की जांच के जरिए पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति डेंगू से संक्रमित है या नहीं। डेंगू संक्रमण की जांच के लिए कई टेस्ट किए जाते हैं,
Nonstructural Protein 1 (NS1) Antigen Test
Dengue RT-PCR test
Immunoglobulin M (IgM) test for Dengue
Immunoglobulin G (IgG) test for Dengue
Complete Blood Count (CBC)
डेंगू का पता लगाने के लिए जरूरी टेस्ट। Important tests to detect dengue
डेंगू का पता कैसे लगाया जाता है? डेंगू का पता लगाने के लिए कंप्लीट ब्लड काउंट टेस्ट, एलिसा टेस्ट, पीसीआर टेस्ट, सीरम आईजीजी, आईजीएम टेस्ट किया जाता है।
डेंगू की पुष्टि होने पर क्या करें? What to do if dengue is confirmed?
डॉक्टर की सलाह पर दवाओं का सेवन समय पर करें।
सबसे पहले बुखार उतारने की कोशिश करनी है।
शरीर में फ्लूड की कमी न होने दें।
दवा लेने के कुछ घंटे बाद भी बुखार न उतरे तो डॉक्टर से संपर्क करें।
डेंगू से बचने के उपाय। Measures to prevent dengue
डेंगू से बचने के लिए घर में किसी गड्डे, बर्तन या पॉट में पानी न भरने दें। इन्हीं में डेंगू मच्छर अंडे देते हैं।
सोते समय आपको मच्छर दानी का इस्तेमाल करना चाहिए, समय-समय पर घर की सफाई करवाते रहें।
अगर आपके घर में किसी ऐसी जगह पानी इकट्ठा होता है जिसे आप हटा नहीं सकते तो आपको उसे तुरंत ढक देना चाहिए।
आपको अपने खिड़की और दरवाजे शाम होने से पहले बंद कर देने चाहिए वहीं छोटे बच्चों को खासकर शाम के समय फुल स्लीव कपड़े पहनाएं।
डेंगू से बचने के लिए डाइट में करें बदलाव। Make changes in your diet to avoid dengue
आपको पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना है, पानी के साथ आप नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी भी पी सकते हैं।
डेंगू से बचाव के लिए खाने में तुलसी, हल्दी, दालचीनी, अदरक, लौंग, काली मिर्च जैसे इम्यूनिटी बढ़ाने वाले इंग्रीडिएंट्स का यूज करें।
बासी खाना न खाएं, ताजा खाना खाएं और फाइबर रिच फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करें।
डेंगू एक संचारी रोग है जो एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है इसलिए डेंगू से बचाव ही इसका सबसे बेहतर इलाज है। अपने आसपास सफाई का ध्यान रखें।
परामर्श :- Consultation
अगर आपको बुखार या एडीज मच्छर के काटने से किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए
अगर आपको बुखार होने के साथ - साथ ये लक्षण नजर आ रहे हैं जैसे :- सिर में तेज दर्द / बुखार आना / आंखों में दर्द / रैशेज की समस्या जोड़ों में तेज दर्द / हड्डी या मसल्स पेन / जी मिचलाना या उल्टी आना इत्यादी। तो नजर अंदाज न करें। और कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें।
किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आपको किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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