महिलाओं की सेक्स में रुचि कम होने के कारण / महिलाओं में कामेच्छा बढ़ाने के उपाय / Reasons for women's lack of interest in sex / Tips to increase libido in women
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महिलाओं की सेक्स में रुचि कम होने के कारण / महिलाओं में कामेच्छा बढ़ाने के उपाय / Reasons for women's lack of interest in sex / Tips to increase libido in women
महिला की सेक्स करने की इच्छा कितनी उम्र तक रहती है ।महिला को कब तक सेक्स करने का मन होता है ? Till what age does a woman have the desire to have sex? Till when does a woman feel like having sex?
महिलाओं को कब तक सेक्स करने का मन होता है; इसके बारे में सटीक जानकारी देना तो थोड़ा कठिन काम होगा। क्योंकि, हर महिला की जिंदगी और शारीरिक स्वास्थ्य अलग अलग होता है। हर महिला के पीरियड भी अलग-अलग दौर में शुरू होते हैं। महावारी का दौर भी महिलाओं के लैंगिक स्वास्थ्य पर काफी प्रभाव डालता है।
महिलाएं 40 की उम्र तक सेक्स का पूरी तरीके से आनंद ले पाती है। लेकिन, जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है और मेनोपॉज का दौरा आते जाता है; वैसे वैसे महिलाओं के शरीर में तीव्र बदलाव होते हैं।
इन बदलाव के कारण महिलाओं को सेक्स करने की इच्छा कम हो जाती है। लेकिन, 40 की उम्र के बाद महिलाएं सेक्स को लेकर अधिक संतुष्ट रहने लगती हैं और अधिक ऑर्गेज्म प्राप्त करती हैं। महिलाएं 60 से 65 की उम्र में भी शारीरिक संबंध बना सकती हैं।
महिलाओं को शारीरिक संबंध बनाने के लिए ना सिर्फ एक मेल पार्टनर की जरूरत होती है; बल्कि महिलाएं काफी भावनिक भी होती है। इसीलिए, मेल पार्टनर से जुड़ी भावनाओं पर भी यह बात निर्भर होती है; कि वह उसके साथ कितनी देर तक और कब तक संबंध बना सकती है।
इसी के साथ, बढ़ती उम्र अपने साथ कई सारे शारीरिक परेशानियां भी लेकर आती है। बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं को रजोनिवृत्ति, कामेच्छा की कमी तथा अन्य शारीरिक बीमारियां जैसे; डायबिटीज, हाई बीपी, थायरॉयड, मानसिक तनाव सताने लगती हैं। इन सभी शारीरिक स्थितियों का भी सेक्स करने की इच्छा पर काफी प्रभाव पड़ता है।
लड़की को उम्र के कितने साल बाद सेक्स करने का मन होता है After how many years does a girl feel like having sex?
किशोरावस्था के दौरान लड़की के पीरियड्स शुरू होते हैं। आमतौर पर, लड़की के पीरियड शुरू होने के लिए 12 वर्ष की आयु एक सामान्य आयू मानी गई हैं। कभी-कभी लड़कियों के पीरियड 10 साल की उम्र में भी शुरू हो जाते हैं; कुछ लड़कियों को 18 साल की उम्र में भी शुरू हो सकते हैं।
जैसे ही लड़कियों के पीरियड शुरू होते हैं; उनके शरीर में काफी सारे बदलाव देखने को मिलते हैं। यह बदलाव अंदरूनी और बाहरी रूप दोनों से ही होते हैं। अंदरुनी रूप से लड़कियों के शरीर में सेक्स हार्मोन की लेवल बढ़ती है और वह शरीर में हर महीने सीक्रेट होते हैं।
शरीर में सेक्स हार्मोन बनने की वजह से लड़कियों के जननांगों में भी तेज बदलाव आते हैं। बगल में बाल आना, छाती में उभार आना, ब्रेस्ट का आकार बढ़ना, जननांगों के क्षेत्रों में बाल आना जैसे अनगिनत शारीरिक बदलाव देखे जाते हैं। बदलने वाले हार्मोन की लेवल लड़कियों में सेक्स करने की इच्छा को तीव्र बनाता है।
किशोरावस्था का यही वो दौर होता है; जहां एक लड़की शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए उत्सुक रहती हैं। किशोरावस्था के दौरान लड़कियां सेक्स को एक रोमांच, फैंटसी के तौर पर देखती है और कुछ बाते सपने में भी इमेजिन करती हैं।
क्या ज्यादा उम्र की महिलाओं को सेक्स करने का मन करता है Do older women feel like having sex?
शारीरिक सम्बन्ध बनाना एक ऐसी भावना है; जो उम्र के किसी भी पड़ाव पर आपको आकर्षित कर सकती हैं। अगर आप एक अच्छी हेल्दी लाइफ़स्टाइल जीते हैं और आपको एक अच्छा पाटनर मिला है; तो आप उम्र के किसी भी पड़ाव पर सेक्स का आनंद ले सकते हैं।
महिलाएं काफी भावनिक होती है; हर चीज को वह भावनाओं से देखने की कोशिश करती हैं। इसीलिए, कई बार उनके मूड स्विंग्स होते हैं। शरीर में होने वाले बदलाव मूड स्विंग्स का कारण हो सकते हैं। लेकिन, एक महिला उम्र बढ़ती उम्र के साथ सेक्स की और कुछ अलग नजरिए से देखने लगती है।
सेक्स को एक महिला ना सिर्फ शारीरिक आकर्षण के तौर पर देखती है; बल्कि एक-दूसरे के भावनाओं का आदर करने का जरिया भी मानती है। बढ़ती उम्र के साथ महिलाएं बहुत ही समझदार हो जाती हैं और हर चीज को देखने का उनका नजरिया बदल जाता है।
इसीलिए, बढ़ती उम्र के साथ कुछ महिलाओं में शारीरिक सम्बन्ध बनाने की कमी देखी जाती है; वहीं कुछ महिलाएं बहुत ही आनंद और पूरे ऑर्गेजम के साथ सेक्स का आनंद ले पाती है। जाहिर है, बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं के शरीर में हार्मोनल परिवर्तन होते हैं। जब एक महिला रजोनिवृत्ति के दौर से गुजरती है; तो उसके शरीर में तेजी से बदलाव देखे जाते हैं।
इन बदलावों का सीधा असर उनके लैंगिक स्वास्थ्य पर असर होता है। मेनोपॉज के बाद भी कई ऐसी महिलाएं हैं; जो अपने पार्टनर के साथ संभोग का पूरी तरीके से आनंद लेती है। वहीं कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं; जो रजोनिवृत्ति के दौर के बाद सेक्स का आनंद नहीं ले पाती है।
हर किसी के अपने-अपने अलग-अलग सोच और कारण होते हैं; उस हिसाब से ही वह सेक्स की ओर देखते हैं। शरीर का फिटनेस भी लैंगिक स्वास्थ्य पर काफी प्रभाव डालता है। अगर एक महिला शरीर से पूरी तरीके से फिट है; तो वह कभी भी नेगेटिव नहीं सोचती हैं और सेक्स की तरफ एक अच्छे नजरिए से देखती है और शारीरिक सम्बन्ध बनाने का पूरा आनंद लेती है।
वहीं कुछ महिलाएं ऐसे भी सोचती है, कि अब हम उम्र बढ़ती उम्र के साथ दादा-दादी या नाना-नानी बन गए हैं; तो ऐसे में शारीरिक सम्बन्ध बनाना गलत तो नहीं होगा? उम्र चाहे कोई भी हो; अपने लाइफ पार्टनर के साथ एक अच्छी बॉन्डिंग और अंडरस्टैंडिंग, एक हेल्थी लाइफस्टाइल और एक पॉजिटिव सोच आपको किसी भी उम्र में सेक्स करने से नहीं रोक सकती।
इसीलिए, इस दुनिया में ऐसी भी कई महिलाएं हैं; जो उम्र बढ़ने के बावजूद सेक्स का पूरी तरीके से आनंद लेती है।
उम्र बढ़ने पर महिलाओं को सेक्स करने का मन क्यों नहीं करता ? Why do women lose the desire for sex as they age?
निम्नलिखित कारणों की वजह से बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में एक शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा कम होती जाती है।
सबसे पहला कारण है, बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं के शरीर में होने वाले बदलाव। महिलाओं के शरीर में उम्र के बढ़ने के साथ कई सारे हार्मोनल बदलाव होते हैं; जिसके तहत महिलाओं का सेक्स के प्रति आकर्षण कम हो जाता है।
लगभग 40 की उम्र की होने तक महिलाओं में पारिवारिक जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। सास ससुर की देखभाल, बच्चों की देखभाल और रोजमर्रा की जिंदगी में महिलाएं इतनी व्यस्त हो जाती है; कि सेक्स के बारे में सोचने के लिए उन्हें वक्त ही नहीं मिल पाता है; जिसके परिणाम स्वरूप उनके मन में सेक्स करने की इच्छा ही उत्पन्न नहीं होती है।
कई महिलाएं बढ़ती उम्र के साथ डिप्रेशन, तनाव, शारीरिक स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं जैसे; थायराइड, बीपी, हड्डियों की कमजोरी, मधुमेह जैसी समस्याओं का सामना करती है; जिसके तहत उन्हें सेक्स संबंधित विचार ही नहीं आते हैं और सेक्स करने का मन भी नहीं करता है।
महिलाओं में मेनोपॉज के बाद टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की लेवल कम हो जाती हैं; जिसकी वजह से उन्हें सेक्स करने की इच्छा नहीं होती है।
कुछ महिलाएं बढ़ती उम्र के साथ यह सोच भी रखती है, कि अब हम दादा दादी नाना नानी बन गए हैं; तो ऐसी उम्र में हम सेक्स कैसे कर सकते हैं? यह विचार पद्धति भी महिलाओं में बढ़ती उम्र के साथ सेक्स की इच्छा को कम कर देते हैं।
ये वजह खत्म कर देती हैं औरतों की सेक्स इच्छा / These three reasons kill women's sexual desire
ज्यादातर महिलाओं को अपने जीवन में कभी ना कभी, किसी ना किसी अवस्था में यौन समस्याएं होती हैं लेकिन अधिकतर महिलाएं इस बारे में खुलकर बात करने में शर्म महसूस करती हैं जबकि फीमेल सेक्सुअल डिस्फंक्शन के बारे में हर औरत को जानकारी होनी चाहिए। युवा और मध्यम आयु वर्ग की लगभग एक-तिहाई महिलाओं और अधिक उम्र की आधी से ज्यादा महिलाओं को यौन समस्याएं प्रभावित करती हैं।
ये समस्याएं कई तरह की हो सकती हैं जैसेः-
संबंध बनाने की इच्छा खत्म हो जाना / चरम सुख प्राप्त ना होना
नींद की कमी / हार्मोनल परिवर्तन / थकान / दवा के प्रभाव
इंटरकोर्स के समय दर्द होना
इन सब समस्याओं के पीछे की वजह क्या है इसके लिए शारीरिक और मनोवैज्ञानिक दोनों ही कारणों की ओर ध्यान देने की जरूरत होती है।
नींद की कमी
जो महिलाएं पर्याप्त नींद लेती हैं, उनमें यौन इच्छा का स्तर अधिक होता है। वे अगले दिन बेहतर उत्तेजना भी दिखाती हैं, जिससे पता चलता है कि जो महिलाएं नींद से वंचित हैं, वे कम यौन इच्छा प्रदर्शित करती हैं। अध्ययन से यह भी पता चलता है कि एक घंटे की आंखें बंद करने से महिलाओं के अपने साथी के साथ यौन गतिविधियों में शामिल होने की संभावना में 14% की वृद्धि हुई। अब जब आप अपने साथी की यौन इच्छा के साथ सोने के प्रभाव के बारे में जानते हैं, तो अब आपके पास उसे चैन की नींद सोने देने का एक कारण है। जितना लंबा, उतना अच्छा।
थकान
अगर आपके पहले से ही बच्चे हैं और आपकी पार्टनर अचानक आपसे प्यार करने में रुचि खो देती है, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि वह थकान का अनुभव कर रही है। छोटे बच्चों की देखभाल करने की थकान, कभी-कभी काम के साथ थकान का कारण बन सकती है। यह भी संभव है कि कोई बीमारी या सर्जरी, विशेष रूप से स्तन या जननांग क्षेत्र के आसपास, किसी महिला के यौन कार्य, शरीर की छवि या सेक्स की इच्छा को प्रभावित कर सकती है। ये समस्याएं आपके पार्टनर की थकान का कारण भी बन सकती हैं। इस प्रकार, आपको अपने साथी की जीवनशैली या चिकित्सा पृष्ठभूमि को लेकर अधिक चौकस रहना होगा।
हार्मोनल परिवर्तन
एक अन्य कारक जो एक महिला की सेक्स ड्राइव को कम कर सकता है, वह है- हार्मोनल परिवर्तन। एक महिला के हार्मोन में बदलाव के कई कारण होते हैं। सबसे आम हैं रजोनिवृत्ति, गर्भावस्था और स्तनपान। रजोनिवृत्ति के दौरान, एक महिला का एस्ट्रोजन स्तर गिर जाता है क्योंकि उसका शरीर रजोनिवृत्ति की प्रक्रिया से गुजरता है। एस्ट्रोजन की इस कमी के कारण महिला की योनि के ऊतक शुष्क हो जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप दर्दनाक और असुविधाजनक संभोग होता है।
गर्भावस्था के दौरान, बच्चे के जन्म के बाद और स्तनपान के दौरान हार्मोन का परिवर्तन भी सेक्स ड्राइव में बाधा उत्पन्न कर सकता है। यह हमें उस थकान की ओर वापस लाता है जो प्रसव के बाद भी हो सकती है
दवा के प्रभाव
कुछ दवाएं एक महिला की सेक्स में रुचि पैदा कर सकती हैं। इसमें SSRI या सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीपटेक इनहिबिटर्स के रूप में वर्गीकृत एक विशेष एंटीडिप्रेसेंट दवा शामिल है। जो महिलाएं SSRI दवा का सेवन करती हैं, वे यौन क्रियाओं में शामिल होने में बहुत कम या कोई दिलचस्पी नहीं दिखाती हैं।
चरम सुख ना मिलना
यह दो तरह के होता है प्राइमरी और सेकंडरी। जब किसी महिला को पहले कभी चरम सुख नहीं मिला हो तो इसे प्राइमरी कहते हैं और जब महिला को पहले चरम सुख प्राप्त हुआ था लेकिन अब नहीं होता तो इसे सेकंडरी कहते हैं। कुछ महिला को इस आनंद के लिए चरम सुख की जरूरत नहीं होती जबकि कुछ के लिए चरम सुख प्राप्त ना होना, एक समस्या बन जाती है।
इसकी प्राप्ति ना होने के कारण
यौन क्रिया की जानकारी ना होना या फिर इससे डरना
शर्म या हिचकिचाहट।
डिप्रैशन :- पर्याप्त उत्तेजना ना होना या इससे पहले कोई दर्दनाक यौन अनुभव हो सकते हैं।
इसके अलावा क्लाइटोरिस में रक्त और नसों की आपूर्ति को प्रभावित करने वाली कुछ खास मेडिकल स्थितियों पर भी शोध चल रहा है ताकि पता चल सके कि ये ऑर्गेज्म की प्राप्ति को प्रभावित करती हैं या नहीं।
यौन-मनोचिकित्सा थेरेपी इस दिक्कत पर काबू पाने में मदद कर सकती है। इसके द्वारा ही सेक्स-थेरेपिस्ट समस्या को जानने की कोशिश करते हैं। जैसे एक समस्या है वैजिनिज़्मस (Vaginismus)। मतलब यौन क्रिया के दौरान दर्द होना जिसे डिस्परेयूनिया कहते हैं।
यह तब होती है जब महिला की योनि के अंदर और चारों तरफ की मांस-पेशियां ऐंठने लगती हैं जिससे संबंध बनाना दर्दनाक हो जाता है। इसकी वजह योनि में कोई चोट या प्रसव दौरान समस्या हो सकती है। कई बार गर्भावस्था का डर भी योनि और उसके आस-पास के हिस्से में दर्द का कारण बन जाता है।
इसके लिए यौन शिक्षा , परामर्श और वजाइनल ट्रेनर्स के द्वारा उपचार किया जा सकता है।
मेनोपॉज के बाद दर्द होना
जब महिला को मेनोपॉज की स्थिति आती है तो भी संबंध बनाने में दर्द होता है क्योंकि इससे एस्ट्रोजन लेवल गिर जाता है और योनि सूखी महसूस होती है। इसके लिए लुब्रिकेशन क्रीम मददगार हो सकती है। इसके लिए आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। दूसरा कारण फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन (FGM) भी हो सकता है। इसमें महिला के जननांगों को जानबूझकर काटा- बदला या चोट पहुंचाई जाती है। अगर आपको लगता है कि यौन संबंधों में परेशानी की वजह एफजीएम है तो आप डॉक्टर से इस बारे में खुलकर बात कर सकते हैं। शर्माएं नहीं और अपने साथी से अपनी समस्या के बारे में बात करें
महिलाओं में कामेच्छा की कमी के कारण
आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ-साथ कामेच्छा में कमी आती रहती है, लेकिन यह कई बार एक तय समय से पहले भी हो सकता है, निम्न कारण हैं जो इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं-
यदि सेक्स के दौरान दर्द हो रहा है और महिला को ऑर्गेज्म नहीं मिल रहा है।
गठिया, कैंसर, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, और तंत्रिका संबंधी रोग आदि से सेक्स ड्राइव पर प्रभाव पड़ सकता है।
यदि आप अवसाद कम करने वाली दवा का सेवन कर रही हैं तो इससे भी कामेच्छा में कमी आने की संभावना अधिक होती है।
आपके स्तन और जननांग से जुड़ी सर्जरी सेक्स ड्राइव कम कर सकती है।
बीमारी की वजह से या शारीरिक थकान भी कामेच्छा को कम करने के लिए जिम्मेदार है, यह अक्सर घर में बुजुर्ग और बच्चों की सेवा के कारण हो सकता है।
मीनोपॉज, गर्भावस्था या स्तनपान कराने वाली महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, ऐसे में कामेच्छा का कम होना स्वाभाविक है। कुछ मानसिक कारण जैसे- तनाव और अवसाद, काम या वित्त से जुड़ी चिंता, कुरूप होना, आत्मसम्मान में कमी, शारीरिक या यौन शोषण, सेक्स से जुड़ा पुराना नकारात्मक अनुभव आदि सेक्स ड्राइव को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं।
महिलाओं में कामेच्छा बढ़ाने के उपाय
आमतौर पर महिलाओं की कामेच्छा पुरुषों की तुलना में बहुत अधिक होती है, लेकिन कई दफा कई कारणों की वजह से सेक्स डिजायर कम हो जाती है और यौन सुख में बाधा उत्पन्न होने लगती है, नतीजन पुरुष पार्टनर भी दूर जाने लगता है।
ऐसे कई तरीके हैं जिन्हें उपयोग में लाकर महिलाएं कामेच्छा बढ़ा सकती हैं, फिर भी लाभ नहीं होने पर मेडिकल उपचार के लिए डॉक्टर के पास जा सकती हैं। आज हम इसी से जुड़ी सभी चीजें जानेंगे।
मेडिकल उपचार से पहले महिलाओं में कामेच्छा को बढ़ाने के लिए कुछ घरेलू उपाय का उपयोग कर लेना चाहिए, कुछ ऐसे नुस्खे हैं जो मददगार हो सकते हैं, जैसे-
फोरप्ले करें
सेक्स में फोरप्ले के बिना संतुष्टि प्राप्त नहीं की जा सकती है, यह कामसूत्र का पहला सूत्र है। यदि महिलाओं को सेक्स करने की इच्छा नहीं होती है तो उनके पार्टनर को सेक्स से पहले फोरप्ले करना चाहिए। फोर प्ले में चुम्बन करना, एक दूसरे के जननांग को छूना, शरीर को एक दूसरे से लिपटाकर शरीर के हर हिस्से में चुम्बन करना आदि शामिल है।
जब पुरुष महिलाओं के क्लिटोरिस योनि के ऊपरी हिस्से में होठ नुमा संरचना को उत्तेजित करते हैं उससे महिलाओं की सेक्स डिजायर बढ़ जाती है और ओर्गेज्म मिल जाता है।
कामेच्छा बढ़ाने के घरेलू उपाय
डार्क चॉकलेट खाने से ब्लड सर्कुलेशन सही होता है और दिमाग में सेक्स वर्धक केमिकल रिलीज़ होते हैं।
रोज दो कप कॉफ़ी पीने से सेक्स ड्राइव अच्छी होती है।
शहद में बोरोन नामक एक घटक होता है जो एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन को रेगुलेट करने में मदद करता है, रोज दो चम्मच शहद खाने से औरतों की कामेच्छा को बढाया जा सकता है
आलू और केला पोटैशियम से भरपूर स्रोत हैं इनके सेवन से टेस्टोस्टेरोन का लेवल ठीक हो जाता है और कामवासना में वृद्धि होती है।
हरी मिर्च खाने से महिलाओं और पुरुषों दोनों की सेक्स ड्राइव बेहतर होती है।
जीवनशैली में बदलाव और व्यायाम
एक्सरसाइज नियित एक्सरसाइज से महिलाओं का स्टेमिना बढ़ जाएगा और अंगों की सौन्दर्यता में चार-चांद लग जाएंगे। यदि तनाव और थकान की वजह से कामेच्छा में कमी है तो एक्सरसाइज इन दोनों को दूर करके लिबिडो को बढ़ाने में बहुत कारगर है।
तनाव कम करें व्यायाम या योग करें, मॉर्निंग वाक पर जाएं, मोबाइल और कंप्यूटर से दूरी बनाए रखें, अपने पसंदीदा काम करें, अकेलेपन से बचे, गाने सुने खुद को किसी न किसी काम में बिजी रखें, ये सभी उपाय अपनाकर आप तनाव को मात दे सकते हैं और कामेच्छा को बढ़ा सकते हैं।
अपने पार्टनर से बात करें यदि आप और आपके पार्टनर के बीच रिलेशन अच्छा नहीं है तो उसमें सुधार लाएं, आप एक-दूसरे से इमोशनल कनेक्ट बनाएं और खुलकर बात करें, झगड़ा न करें। रिलेशनशिप अच्छा होने से कामवासना भी बढ़ेगी। यदि आप एक पुरुष हैं तो अपनी औरत को ख़ुशी रखें।
सेक्स के लिए एक समय निकालें यदि आप एक निर्धारित समय पर सेक्स करते हैं तो यह बोरिंग हो सकता है, हर रोज काम के अलावा आप थोड़ा-बहुत रोमांटिक हो, ऐसा करने से दूरियां कम होंगी और एक-दूसरे के प्रति छाह्त बढ़ने लगेगी और आप सेक्स को एन्जॉय कर सकेंगी।
कुछ बदलाव करें अपने सेक्स लाइफ में तड़का लगाना बहुत जरूरी है, नई-नई सेक्स पोजीशन ट्राई करें, सेक्स से पहले फोरप्ले करें। कई बार सेक्स टॉयज भी फायदेमंद हो सकते हैं।
अच्छा खाएं यदि आप एक महिला हैं तो आपको अच्छे डाइट की बहुत ज्यादा जरूरत है, सारा दिन काम करना और आहार अच्छा न होना मानसिक और शारीरिक थकान के लिए पर्याप्त है, नतीजन कामेच्छा कम होना लाजिमी है। आहार अच्छा कर लेने से पोषण की पूर्ति होगी और आपका सेक्स ड्राइव अच्छा होगा।
रिलेशनशिप
यदि आपके पार्टनर और आपके बीच में लेकर कोई मनमुटाव है या चीजें क्लीयर नहीं है तो इससे भी आपके पार्टनर के प्रति आपकी यौन इच्छा कम हो जाएगी। ऐसे में महिलाएं अपने रिलेशनशिप में सुधार करें, इसमें सुधार करने के लिए निम्न तरीके आजमाए जा सकते हैं-
एक साथ काम करें , रात में घूमने जाएं
एक दूसरे से खुलकर बात करें
एक-दूसरे के लिए समय निकालें और बात-बात पर न लड़ें
डॉक्टर के पास जाएं
यदि बताए गए घरेलू नुस्खे और उपाय के बाद भी यौन इच्छा नहीं हो रही है तो आपको डॉक्टर के पास इसके निदान के लिए जाना चाहिए
सेक्स एजुकेशन
कई बार यह मानसिक रूप से जुड़ा होता है, महिला को मानसिक रूप से सेक्स के प्रति सजग करने के लिए सेक्स एजुकेशन दिया जा सकता है। स्त्री रोग विशेषज्ञ मैगजीन्स पढ़ने को कह सकते हैं, कुछ किताबें दे सकते हैं जिसमें सेक्स से जुड़ी कई तरह की पोजीशन और कामसूत्र के बारे में बताया गया होगा। सेक्स एजुकेशन में यह भी बताया जाता है कि सेक्सुअल रिस्पांस कैसे दिया जाता है।
परामर्श :- Consultation
पहली बार शारीरिक सम्बन्ध बनाने मे असहज हो सकता है, लेकिन यह कभी दर्दनाक नहीं होता है। अगर आपको अचानक सेक्स करने से पहले, सेक्स के दौरान या सेक्स के बाद योनि में दर्द होता है तो बिना देरी किए आपको गायनेकोलॉजिस्ट से संपर्क कराना चाहिए। क्योंकि आपके प्रॉब्लम की रोकथाम शुरूआती स्टेज में हि की जा सकती है।
अगर आपको शारीरिक सम्बन्ध बनाने के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।
शारीरिक सम्बन्ध बनाने के बाद कोई भी परेशानी हो रहा है तो कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
अगर शारीरिक सम्बन्ध बनाने के दौरान या बाद में महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
शारीरिक सम्बन्ध बनाते समय कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले |
शारीरिक सम्बन्ध आपसी मर्ज़ी से बनाने वाला, एक खूबसूरत रिश्ता होता है, जिसमे सभी काम एक दूसरे कि मर्ज़ी से ही होने चाहिए। और हाँ, सेक्स को कभी भी प्यार के ऊपर तरजीह न दें। अगर आप सेक्स कि वजह से, अपने लाइफ पार्टनर, या अपनी गर्लफ्रेंड, या अपने बॉयफ्रेंड को धोखा देते हैं, तो आपको कभी शांति नहीं मिलेगी, और आपको कभी न कभी इसका भुगतान ज़रूर करना पड़ेगा।
अगर लड़कियों या महिलाओं को हर बार सेक्स करते समय खून बहाना या बहुत ज्यादा दर्द होना जारी रहता हैं, तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।
अगर लड़कियों को या महिलाओं को ज्यादा तकलीफ़ होती है तो अपने पुरुष पार्टनर को बोल सकती हैं रुकना हैं या धीरे-धीरे करना हैं और अपनी तकलीफ़ या परेशानी के बारे में बता सकती है। और पुरुषों का भी फर्ज़ है। की अपने महिला पार्टनर का केयर करें। अपने लाइफ पार्टनर की केयर करने से आप दोनों पति पत्नी, लाइफ पार्टनर, प्रेमी जोड़ों में प्यार, रोमांस, रोमांटिक बॉन्डिंग को बेहतर बनाने में बहुत ज्यदा फायदेमंद होता है।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आप किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं या कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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