प्रेग्नेंसी में यूरिन लीकेज कारण ,लक्षण और इलाज Urine leakage during pregnancy: causes, symptoms, and treatment
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प्रेग्नेंसी में यूरिन लीकेज की समस्या क्यों होती है? जानें इसके कारण और इलाज। Why does urine leakage occur during pregnancy? Learn about its causes and treatment.
प्रेग्नेंसी 9 महीने महिला के लिए काफी मुश्किल भरे होते हैं। इन 9 महीनों में महिलाओं को कई मानसिक और शारीरिक परेशानियों से गुजारना पड़ता है। प्रेग्नेंसी की पहली 2 तिमाही में महिला को उल्टी, जी मिचलाना, लूमोशन और चक्कर आने की समस्या होती है। इन्हीं सब परेशानियों के बीच एक और ऐसी परेशानी है जो लगभग हर महिला को होती है वो है यूरिन लीकेज। प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में ज्यादातर महिलाओं को यूरीन लीकेज की समस्या होती है।
प्रेग्नंसी और बार-बार पेशाब आने के बीच क्या संबंध है? What is the connection between pregnancy and frequent urination?
प्रेग्नंसी के दौरान, प्रेग्नेंट महिलाओं के शरीर में विभिन्न प्रकार के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं। ऐसा ही एक बदलाव है किडनी में रक्त का प्रवाह बढ़ना, जिससे पेशाब आने में वृद्धि होती है। इसके अतिरिक्त, जैसे-जैसे आपका बच्चा बढ़ता जाता है, वह आपके ब्लैडर (मूत्राशय) पर दबाव बढ़ाता है, जिससे बार-बार पेशाब करने की आवश्यकता होती है या प्रेग्नंसी के दौरान पेशाब लीक (मूत्र रिसाव) होने का अनुभव भी होता है।
प्रेग्नेंसी में यूरिन लीकेज की समस्या क्यों होती है? Why does urine leakage occur during pregnancy?
प्रेग्नेंसी में यूरिन लीकेज की समस्या बहुत ही आम है। महिलाओं को प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में यूरिन लीकेज की परेशानी होती है। कई बार महिलाओं को हंसते, बोलते, खांसने, छींकने और रोते समय में भी यूरिन लीकेज हो जाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान यूरिन लीकेज की समस्या इसलिए होती हैं क्योंकि पेट का आकार बढ़ता है और यह मूत्राशय पर दबाव डालता है। मूत्राशय पर पड़ने वाला दवाब जब बढ़ जाता है तो यूरीक लीकेज की संभावना बढ़ जाती है। प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में ऊतक और मांसपेशियों के फैलने से स्पिंचटर मसल्स कमजोर पड़ने लगते हैं जिसकी वजह से यूरिन निकल जाता है।
प्रेग्नेंसी में मूत्राशय पर दवाब ज्यादा पड़ता है, जिससे यूरिन लीकेज होता है।
प्रेग्नेंसी में खांसने और छींकने पर भी निकल जाता है। It also comes out when coughing and sneezing during pregnancy
प्रेग्नेंसी के आखिरी महीनों में मूत्राशय पर प्रेशर बढ़ जाता है जिसकी वजह से आपको बार-बार पेशाब आने की शिकायत होने लगती है। ऐसे में प्रेगनेंट महिलाओं का खांसने या छींकने पर पेशाब निकल सकता है।
अक्सर महिलाओं को समझ नहीं आता है कि पेशाब क्यों लीक हो रहा है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
क्या यूरिन लीकेज कॉमन है? Is urine leakage common?
प्रेग्नेंसी में होने वाली कॉमन परेशानियों में से एक यूरिन लीकेज या पेशाब न रोक पाना होता है। कुछ महिलाओं को थोड़ा-सा ही यूरिन निकलता है लेकिन कुछ मामलों में यह चिंता का विषय बन सकता है।
प्रेग्नेंसी में क्यों होता है यूरिन लीक। Why does urine leak during pregnancy?
मूत्राशय पर ज्यादा दबाव पड़ने की वजह से प्रेगनेंट महिलाओं का यूरिन लीक हो सकता है। प्रेग्नेंसी में पेट का साइज बढ़ जाता है और कई तरह के हार्मोनल बदलाव आते हैं जिससे पेल्विक फ्लोर के ऊतक और मांसपेशियां फैल जाती हैं।
ऊतक और मांसपेशियों के फैलने से स्पिंचटर मसल्स कमजोर पड़ जाती है जिसके कारण मूत्राशय से पेशाब रिलीज करने की क्षमता कम हो जाती है। इसके कारण खांसने, छींकने या हंसने पर पेशाब निकल सकता है।
वहीं प्रेग्नेंसी में बढ़ते वजन, हार्मोनल बदलावों और कब्ज का संबंध भी यूरिन लीकेज से होता है क्योंकि इन सबकी वजह से पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों पर प्रेशर पड़ता है।
कब तक रहती है ये परेशानी। how long does this problem last
प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में पेशाब न रोक पाने या पेशाब निकलने की प्रॉब्लम और बढ़ सकती है। इस समय पेल्विक हिस्से पर दबाव बढ़ने की वजह से ऐसा होता है। कुछ महिलाओं को डिलीवरी के बाद भी पेशाब न रोक पाने की परेशानी हो सकती है। ज्यादातर मामलों में डिलीवरी के बाद तीन से छह महीनों में यह प्रॉब्लम ठीक होती चली जाती है।
हाइड्रेशन और बार-बार पेशाब आने के बीच संतुलन कैसे ढूंढें? How to find a balance between hydration and frequent urination?
प्रेग्नंसी के दौरान हाइड्रेटेड रहना महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रेग्नंसी के दौरान महिलाओं में बार-बार पेशाब आने की समस्या में यह योगदान कर सकता है। इसमें एक संतुलन ढूँढना महत्वपूर्ण है। एक बार में बड़ी मात्रा में पानी पीने के बजाय पूरे दिन पानी पीते रहें और रात के समय आनेवाली रुकावटों को कम करने के लिए सोने से पहले तरल पदार्थ का सेवन कम करने पर विचार करें।
प्रेग्नेंसी में होने वाले यूरिन लीकेज का इलाज क्या है? What is the treatment for urine leakage during pregnancy?
- प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में अगर यूरिन लीकेज की समस्या 1 या 2 दिन होती है तो यह आम है, लेकिन यह समस्या काफी दिनों तक रहती है तो डॉक्टर से संपर्क करें।
- यूरिन लीकेज होने की वजह से डिहाइड्रेशन हो सकता है इसलिए अधिक मात्रा में पानी पिएं। पेशाब को घंटों तक रोक कर न रखें।
- प्रेग्नेंसी के दौरान हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रेस की वजह से भी यूरिक लीकेज की प्रॉब्लम होती है। इसलिए स्ट्रेस फ्री रहने की कोशिश करें। अपनी डाइट में हेल्दी फूड्स को शामिल करें।
- प्रेग्नेंसी में अगर आपका वजन ज्यादा बढ़ गया है तो इसे कंट्रोल में करने की कोशिश करें। ज्यादा वजन बढ़ने की वजह से भी यूरिन लीकेज की समस्या होती है।
- प्रेग्नेंसी के दौरान चाय और कॉफी का सेवन सीमित मात्रा में करें। दरअसल, कैफीन का ज्यादा सेवन करने की वजह से यूरिन पास करने की इच्छा बार-बार होती है। इसकी वजह से भी यूरिन लीकेज हो सकता है।
- पेल्विक फ़्लोर एक्सरसाइज जिसे केगल्स के नाम से भी जाना जाता है, जो ब्लैडर को सहारा देने वाली मांसपेशियों को मजबूत कर सकता है। नियमित अभ्यास से ब्लैडर (मूत्राशय) पर नियंत्रण पाने में सुधार हो सकता है, पेशाब होना कम हो सकता है और प्रेग्नंसी के दौरान आपके पेशाब संबंधी कार्य पर नियंत्रण पाने में इससे मदद मिल सकती है। अपनी पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों के बारे में जानने के लिए, पेशाब करते समय बीच में ही रुकें। इसे करने के लिए आपने जिन मांसपेशियों का उपयोग किया है वे आपकी पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियाँ हैं जो आपके ब्लैडर(मूत्राशय) को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। अब 3-6 सेकंड के लिए इन मांसपेशियों को कसकर रखें। यह सुनिश्चित करें कि आप केवल इन मांसपेशियों को संलग्न कर रहे हैं और अपने नितंबों, जांघों या किसी अन्य मांसपेशी के समूह को कस नहीं रहे हैं। अब अपनी उन्हीं मांसपेशियों को 3-6 सेकेंड के लिए आराम दें। इसे हर दिन कम से कम दो वक्त करीब 10 बार करें। लेकिन एक्सरसाइज करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
- खाने में फाइबर की मात्रा को बढ़ाने से कब्ज कम होती है जिससे प्रेग्नेंसी में पेल्विक मांसपेशियों पर पड़ रहा प्रेशर कम होता है।
जलन पैदा करने वाले खाद्य और पेय पदार्थों का सेवन न करें। Avoid consuming irritating foods and drinks.
प्रेग्नंसी में बार-बार पेशाब आने की समस्या पर आसानी से कैसे नियंत्रण करें? कुछ खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ ब्लैडर (मूत्राशय) में जलन पैदा कर सकते हैं और पेशाब की आवृत्ति को बढ़ा सकते हैं। जैसे की:
- खट्टे फल,
- कैफीन,
- मसालेदार खाद्य पदार्थ
- कार्बोनेटेड पेय
- जलन कम करने और पेशाब करने की इच्छा कम करने के लिए ब्लैडर (मूत्राशय) के अनुकूल विकल्प चुनें।
बेहतर नींद के लिए महिलाओं में रात में बार-बार पेशाब आना कैसे बंद करें?/ How to stop frequent urination at night in women to sleep better?/
प्रेग्नंसी के दौरान पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है, लेकिन रात में बार-बार पेशाब आने के कारण आपको रात में बाथरूम जाने की परेशानी हो सकती है। इस परेशानी को कम करने के लिए,
- सोने से पहले तरल पदार्थ का सेवन सीमित करें,
- सोने से पहले अपने ब्लैडर (मूत्राशय) को पूरी तरह से खाली कर लें,
- बेहतर आराम और सहायता के लिए मैटरनिटी पिल्लो का उपयोग करने पर विचार करें।
इसके अतिरिक्त, आप रात के समय पेशाब (मूत्र रिसाव) को रोकने के लिए या यदि आप रात में खुद को असुविधा नहीं पहुँचाना चाहते हैं तो रात के समय अडल्ट डायपर पहनने पर विचार कर सकते हैं।
प्रेग्नंसी के दौरान पेशाब के लिए किन सहायक उपकरणों का उपयोग करें? What assistive devices should I use for urination during pregnancy?
प्रेग्नंसी के दौरान पेशाब के लिए विशिष्ट उत्पादों, जैसे फ्रेंड्स मैटरनिटी पैड या फ्रेंड्स एडल्ट डायपर का भी आप उपयोग कर सकते है। ये उत्पाद आपको प्रेग्नंसी के दौरान खांसते समय पेशाब लिक होने के खिलाफ अतिरिक्त सहायता और सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। साथ ही ये आपको अधिक आत्मविश्वास और आरामदायक महसूस करने में मदद कर सकते हैं।
ऐसे कपड़ों का चयन जो बार-बार पेशाब आने के दौरान महिलाओं के लिए आरामदायक और सुविधाजनक हो। Choosing clothes that are comfortable and convenient for women during frequent urination:
ढीले-ढाले और आरामदायक कपड़े चुनने से बार बार बाथरूम जाना आसान और अधिक सुविधाजनक हो सकता है। बाथरूम तक त्वरित और परेशानी मुक्त पहुँचने के लिए इलास्टिकवाली मैटरनिटी पैंट, ढीली पोशाक का उपयोग तथा आसानी होनेवाले कपड़े चुनें।
परामर्श :- Consultation
प्रेग्नंसी के दौरान बार-बार पेशाब आना आम बात है, लेकिन कुछ लक्षण संभावित समस्या का संकेत दे सकते हैं। यदि आपको पेशाब करते समय दर्द या जलन होना, पेशाब में खून आना, बुखार आना या लगातार पेशाब रिसाव का अनुभव होता है, तो मार्गदर्शन और उपचार के लिए अपने हेल्थ केअर प्रोफेशनल (स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर) से परामर्श लें।
सही रणनीतियों और जीवनशैली में बदलाव लाने के साथ, आप प्रेग्नंसी के दौरान लगातार लीक हो रहे पेशाब से राहत पा सकती हैं। यदि आपको कोई समस्या हो रही है या कुछ असामान्य लक्षणों का अनुभव हो तो अपने हेल्थ केअर प्रोफेशनल से परामर्श करना याद रखें। अपने जीवन के इस विशेष समय को स्वीकार करें और इसके साथ आने वाली चुनौतियों को कम करने के तरीके खोजें। आपको एक स्वस्थ और आरामदायक प्रेग्नंसी यात्रा की शुभकामनाएँ!
अगर आपको हंसने, खांसने या छींकने पर यूरीन निकल जाता है। या पेशाब करने के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए। क्योंकि आपके प्रॉब्लम की रोकथाम शुरूआती स्टेज में हि की जा सकती है।
रुक-रुक कर पेशाब होना, बूंद-बूंद पेशाब आना, पेशाब के दौरान तनाव होना, दर्द होना, पेशाब में झाग आना, पेशाब से बदबूं आना या किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
अगर आपको कोई भी परेशानी हो रहा है तो कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
पेशाब करने के दौरान या बाद में पुरुषों और महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।
अगर लड़कियों या महिलाओं को हर बार सेक्स करते समय खून बहाना या बहुत ज्यादा दर्द होना जारी रहता हैं, तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आप किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं या कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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