ओवेरियन सिस्ट क्या हैं ओवरी में गांठ क्यों और कैसे बनती हैं। कारण, लक्षण What are ovarian cysts? Why and how do they form in the ovaries? Causes, symptoms, and treatment.
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ओवेरियन सिस्ट क्या हैं? जानिए ओवरियन सिस्ट होने के कारण, लक्षण, और उपचार What are ovarian cysts? Learn about the causes, symptoms, and treatment.
ओवरी में गांठ कैसे बनती है और सिस्ट होने के कारण, लक्षण और उपचार How a lump forms in the ovary and the causes and symptoms of a cyst
जीवन के सभी अनमोल पलों में एक पल प्रेगनेंसी का होता है। महिला में प्रेगनेंसी की खबर सुनते ही आपके घर में खुशियों की बरसात शुरू हो जाती है। यह एक खूबसूरत एहसास है जिसे हर महिला अपने जीवन में कम से कम एक बार जरूर अनुभव करने की ख्वाहिश रखती है। प्रेगनेंसी नौ महीने की एक प्रक्रिया है जिसके दौरान आपको सैकड़ों मानसिक और शारीरिक बदलावों से गुजरना पड़ता है। प्रेगनेंसी का सबसे पहला स्टेज गर्भधारण यानी की कंसीव करना है।
लेकिन बहुत सी ऐसी महिलाएं हैं जो किसी परेशानी या बीमारी के कारण गर्भधारण नहीं कर पाती हैं और कई बार उनके मां बनाने का सपना अधूरा सा रह जाता है। आज हमारे सामने ऐसी ढेरों समस्याएं और बीमारियां मौजूद हैं जो प्रेगनेंसी में बाधाएं पैदा करती हैं। ओवेरियन सिस्ट भी इन्ही में से एक है। महिलाओं में होने वाली यह एक सामान्य बीमारी है जिसके कारण महिला को कंसीव करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन इसका इलाज मौजूद है जिसकी मदद से इससे छुटकारा पाया जा सकता है।
ओवेरियन सिस्ट क्या हैं। What are ovarian cysts?
ओवेरियन सिस्ट महिलाओं के ओवेरी (अंडाशय) में ऊतकों से बनी गांठे हैं। यह गांठें शारीरिक प्रक्रियाओं के दौरान महिला के अंडाशय में बनती हैं और आमतौर पर हर मासिक धर्म के दौरान शरीर से खुदबखुद गायब हो जाती हैं। हालांकि, कई मामलों में ये गांठें बड़ी हो जाती हैं और अंडाशय में सिस्ट बनकर रह जाती है, जिस कारण वो समय पर निकल नहीं पाते। अंडाशय में मौजूद स्त्रीबीज महिला के गर्भधारण में एहम भूमिका निभाते है और सिस्ट बनने के कारण महिलाओं फर्टिलिटी पर असर पड़ सकता है।
क्या होती है ओवेरियन सिस्ट जिस प्रकार गांठ तरल पदार्थ से भरी एक थैलीनुमा आकृति होती है, उसी के समान अंडाशय में विकसित होने वाली गांठ भी तरल से भरी एक थैली होती है जो आपके दोनों में से एक या दोनों अंडाशयों में विकसित होती है। राजमा के आकार में बने आपके दोनों अंडाशय, शरीर के वे अंग होते है जिनमें गर्भाशय में पहुँचने से पूर्व, आपके अंडे संग्रहीत रहते हैं और जिससे उसमें प्रजनन उर्वरता उत्पन्न होती है। ये गर्भाशय की दोनों ओर पेट के नीचे के स्थान पर स्थित होते हैं। महिलाओं के शरीर में ये दोनों अंडाशय, अंडे के साथ एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन नामक हार्मोन की रचना करते हैं।
ओवेरियन सिस्ट अर्थात् अंडाशय में गांठ होने का सरल अर्थ- ओवरी एक तरल पदार्थ से भरी थैली होती है जबकि सिस्ट का मतलब गांठ होता है। जब तक सिस्ट या गांठ एक बड़ा आकार ना ले लें, तब तक अंडाशय में गांठ बनने के कोई विदित लक्षण दिखाई नहीं देते हैं।
ओवेरियन सिस्ट और प्रेगनेंसी। Ovarian cysts and pregnancy
ओवेरी गर्भाशय के दोनों तरफ निचली ओर स्थित होता है। यह महिलाओं में प्रजनन का एक प्रमुख हिस्सा है। महिलाओं के शरीर में दो अंडाशय पाए जाते हैं जिनका कार्य एस्ट्रोजन और प्रेजोस्टेरोन हार्मोन बनाना है जो गर्भावस्था के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन ओवेरियन सिस्ट के इसमें बाधा डालने का काम करता है क्योंकि इसके कारण ओव्यूलेशन की प्रक्रिया संभव नहीं है।
ओवेरियन सिस्ट से पीड़ित महिला को पॉलिसिस्टिक ओवेरियन डिजीज होने का खतरा ज्यादा होता है। जिसके लक्षणों में अनियमित रूप से पीरियड्स आना शामिल है। जब आपके गर्भ से निकलने वाले अंडे ओव्यूलेशन नहीं कर पते हैं और गर्भ नाली में चिपक जाते हैं तो बाद में ये सिस्ट का रूप ले लते हैं। जिसके कारण गर्भधारण में में समस्याएं पैदा करते हैं।
ओवरियन सिस्ट के कारण और ज़रूरी प्रकार। Causes and important types of ovarian cysts
एक क्रियात्मक (फंक्शनल) आवेरियन गांठ जो एक महिला के अंदर गर्भावस्था के दौरान पाई जाती है, वह आमतौर पर आपके या आपके बच्चे के लिए कोई परेशानी नहीं पैदा करती है। क्रियात्मक ओवेरियन सिस्ट दो प्रकार की होती है- फॉलिक्युलर सिस्ट और ल्युटियम सिस्ट।
ओवेरियन सिस्ट के कारण और ज़रूर प्रकार निम्नलिखित है। The causes and types of ovarian cysts are as follows:
फॉलिकुलर सिस्ट :- Follicular cyst
महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान तरल पदार्थ युक्त थैलीनुमा आकृति अर्थात् ओवरी में उत्पन्न होने वाले अंडों को फॉलिकल कहा जाता है। अमूमन हर माह ये थैली फट जाती है और अंडे इससे बाहर निकल जाते हैं लेकिन जब यह थैली फटने में असमर्थ रहती है, उस समय अंडाशय में मौजूद तरल पदार्थ सिस्ट या गांठ का रूप ले लेता है।
कॉपर्स ल्यूटियम सिस्ट (यूटेराइन सिस्ट) :- Corpus luteum cyst (uterine cyst)
ये सिस्ट आमतौर पर फॉलिकल निकलने के बाद स्वयं ही नश्ट हो जाते हैं, किंतु किसी कारण यदि ये नश्ट नहीं हो पाते हैं तो इसमें जगह से अधिक तरल एकत्रित हो जाता है जो कॉपर्स ल्यूटियम सिस्ट में तब्दील होने का कारण बन जाता है। इसमें गर्भाशय में गांठें बनती हैं और वे अंडाशय में स्थायी बन जाती हैं। इससे महिलाओं को अधिक ब्लीडिंग, दर्द और गर्भाशय में संक्रमण की संभावना बढ़ती है।
डर्मोयड सिस्ट्स :- Dermoid cysts
ये सिस्टओवेरी के बाहरी परत में बनती हैं और अंडाशय में नजर आती हैं। ये चिकनाई या रक्त से भरी होती हैं और बड़ी होने पर चीर जाती हैं। ये सिस्टआमतौर पर असामान्य होती हैं और संक्रमण और दर्द के कारण परेशानी पैदा कर सकती हैं।
पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम :- polycystic ovary syndrome
महिलाओं में पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम या पीसीओएस एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, जिसके लिए महिलाओं को सावाधनीपूर्वक मूल्यांकन, उचित उपचार और समय पर हस्तक्षेप की अत्यधिक ज़रूरत होती है। सही समय पर उपचार न होने पर पीसोओएस ग्रस्त महिलाओं को अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं जैसे उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रोल, चिंता और अवसाद, दिल का दौरा आदि बीमारियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
इससे ओवरी के भीतर कई छोटी-छोटी गांठे या सिस्ट पैदा हो जाते है जिसके बढ़ने पर महिलाओं को बांझपन की समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है।
ओवेरियन सिस्ट के कारण। Causes of ovarian cysts
ओवेरियन सिस्ट के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ मुख्य हैं:
हार्मोनल असंतुलन :- hormonal imbalance :-
हार्मोनल असंतुलन के कारण अंडाशय में सिस्ट बन सकती हैं। इसमें अंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) के अधिक उत्पादन, एस्ट्रोजन या प्रोगेस्टेरोन के कम उत्पादन शामिल हो सकते हैं।
निरोधक प्रभाव :- Preventive effect:-
शरीर के अंदर निरोधक प्रभावी दवाओं का उपयोग करने से भी ओवेरी में सिस्ट बन सकती हैं। इसके कारण अंडाशय की ग्रंथि में बदलाव होता है और सिस्ट बन जाती हैं।
गंभीर रोग :- Serious diseases: -
पीसीओएस (पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम), अडेनोमायोसिस और कैंसर भी ओवेरी में सिस्ट
ओवेरियन सिस्ट और इनफर्टिलिटी के बीच का संबंध। The relationship between ovarian cysts and infertility
जब गांठें अंडाशय में बढ़ जाती हैं तो वे महिलाओं की फर्टिलिटी पर असर डाल सकती हैं। इस कारण कई महिलाएं ओवेरी सिस्ट के कारण गर्भाधान करने में समस्या का सामना कर सकती है।
अनियमित मासिक धर्म :- Irregular menstruation: -
ओवेरियन सिस्ट महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म का कारण बन सकता है। इसके परिणामस्वरूप, ओवरीज़ में गर्भाधान के लिए उचित स्त्रीबीज विकसित होने में परेशानी होती है।
अंडाशय की गर्भाशय संबंधित समस्याएं। :- Ovarian and uterine problems:
गर्भाशय अटॉनी या अन्य समस्याएं ओवेरी को प्रभावित कर सकती हैं और इससे इनफर्टिलिटी की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
हार्मोनल असंतुलन :- hormonal imbalance :-
ओवेरियन सिस्ट हार्मोन असंतुलन की एक संभावित वजह हो सकती हैं। हार्मोनों के संतुलन का महत्वपूर्ण भूमिका गर्भाधान में होती है और यदि यह असंतुलन होता है, तो बांझपन की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
अन्य सामान्य समस्याएं :- Other common problems:-
अत्याधिक तनाव, मोटापा, खराब आहार और अनुपयुक्त जीवनशैली भी महिलाओं को इनफर्टाइल बना सकती हैं। ये सभी कारक ओवेरियन सिस्ट के उपसंग्रह संबंधी भी हो सकते हैं।
ओवेरियन सिस्ट के लक्षण। Symptoms of ovarian cysts
ओवेरियन सिस्ट के लक्षण समान्यतः महिलाओं में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ महिलाओं में लक्षण होते ही नहीं हैं, जबकि कुछ महिलाओं को इन लक्षणों का सामना करना पड़ सकता है:
ओवरियन सिस्ट या अंडाशय में गांठ महिला के शरीर में कुछ हफ्तों से लेकर कई महीनों तक भी बनी रह सकती है और स्वयं ही बढ़ती चली जा सकती है। इस बात की भी अधिकतम संभावना होती है कि शायद आप अपने अंडाशय में उपज रही गांठ से बिल्कुल अवगत नहीं हो। लेकिन कई बार इसके विभिन्न ल़क्षण महिलाओं का शरीर महसूस करता है। ओवरियन सिस्ट के लक्षण निम्न हैः
कमर का आकार बढ़ना
वजन में बदलाव।
कम भूख लगना
उलटी होना
बुखार लगना
जी मिचलाना
चक्कर आना
घबराहट होना
धड़कन तेज होना
पेट में सूजन होना
बार-बार पेशाब आना
मलाशय या मूत्राशय पर दबाव
बार-बार पेट में दर्द या तनाव का एहसास।
पेट के निचले हिस्से में दबाव या भारीपन महसूस होना।
मलत्याग में असहजता व अत्यधिक दर्द
संभोग के दौरान अधिक दर्द होना
स्टूल पास करते समय तकलीफ होना
पीरियड्स से पहले या उसके दौरान पेल्विक क्षेत्र में दर्द होना
मासिक धर्म में अनियमितता।
पेट में गैस या आंतों में चुभन।
स्तनों में दर्द या सूजन।
मूड स्विंग्स या चिड़चिड़ापन।
अन्य संकेत जैसे उल्टी, तापमान में वृद्धि, या पेशाब में बदलाव।
ये सभी ओवेरियस सिस्ट के लक्षण है जिनके बारे में जानने के बाद आप तुरंत एक्शन लेकर इन्हे गंभीर रूप लेने से रोक सकती हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण खुद में अनुभव करती हैं तो तुरंत स्त्री-रोग विशेषज्ञ से मिलकर इसकी जाँच और इलाज के बारे में बात करना चाहिए।
ओवेरियन सिस्ट का इलाज। Ovarian cyst treatment
ओवेरियन सिस्ट कोई बहुत बड़ी समस्या नहीं है लेकिन लंबे समय तक इसे नजरअंदाज करना आपके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। कई मामलों में ओवेरियन सिस्ट अपने आप ही सिकुड़ जाते हैं और फिर अंडाशय पूरी तरह से सामान्य हो जाता है।
आपके सिस्ट के आकार बड़े और उनकी संख्या ज्यादा नहीं होने की स्थिति में डॉक्टर आपको कुछ महीनों तक इंतजार करने की सलाह दे सकते हैं।
डॉक्टर आपको पेल्विक अल्ट्रासाउंड का सुझाव भी देते हैं ताकि सिस्ट में हो रहे बदलाव को देखा और समझा जा सके।
सिस्ट की स्थिति, आकार और गंभीरता को समझने के बाद डॉक्टर इलाज शुरू करते हैं। आमतौर पर इस समस्या का इलाज तीन तरह से किया जाता है जिसमें दवा, सर्जरी और घरेलू इलाज शामिल हैं।
दवाइयाँ :- Medications :- डॉक्टर आपके लक्षणों और सिस्ट के प्रकार के आधार पर उपयुक्त दवाइयाँ देते हैं। यह दवाइयाँ सिस्ट या ग्रंथियों को स्थायी रूप से नष्ट करने, और हार्मोन स्तर को संतुलित करने में मदद करती हैं।
ओवेरियन सिस्ट की स्थिति सामान्य होने पर डॉक्टर कुछ गर्भ निरोधक दवाओं का सेवन करने की सलाह देते हैं। जो नए सिस्ट के निर्माण को रोकने और ओवेरियन कैसंर की संभावना को कम करने में मदद करते हैं।
ओव्यूलेशन संचालन :- Ovulation stimulation :- कुछ महिलाओं में ओव्यूलेशन की समस्या होती है, जिससे उनकी गर्भाधान क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसके लिए दवाइयों या तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है जो ओव्यूलेशन को संचालित करने में मदद कर सकते हैं। यह आपकी गर्भाधान की संभावना बढ़ा सकता है।
सर्जरी :- Surgery :- अगर सिस्ट गंभीर है और अन्य उपायों से नष्ट नहीं हो रही है, तो सर्जरी का विचार किया जा सकता है। इसमें गर्भाशय या ओवेरी के संबंधित हिस्से का हटाना या सुधार करना शामिल हो सकता है। इस बीमारी को ठीक करने के लिए दो तरह से सर्जरी की जाती है, इसमें पहला लैप्रोस्कोपी सर्जरी और दूसरा लैप्रोटोमी यानी की ओपन सर्जरी शामिल हैं।
जीवनशैली परिवर्तन :- Lifestyle changes :- स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली करना भी ओवेरियन सिस्ट के उपचार में मदद कर सकता है। यह आहार की सुधार, व्यायाम, तनाव से दूर रहने की तकनीकों का उपयोग और स्वस्थ वजन बनाए रखने को सम्मिलित कर सकता है।
ओवेरियन सिस्ट में प्रेगनेंसी संभव है? Is pregnancy possible with an ovarian cyst?
ओवेरियन सिस्ट एक सामान्य समस्या है जिसका इलाज संभव है। यह समस्या कुछ समय के अंदर अपने आप ही खत्म हो जाती है लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर आपको डॉक्टर से मिलकर इसकी जांच और इलाज के संबंध में बात करनी चाहिए।
ओवेरियन सिस्ट की समस्या को कुछ दवाओं, सर्जरी और सावधानियों की मदद से दूर किया जा सकता है। जैसे ही समस्या ख़त्म होती है आपके पीरियड्स नियमित रूप से आने लगते हैं और फिर ओव्यूलेशन की प्रक्रिया में भी किसी तरह की कोई बाधा नहीं आती है।ऐसे में आपको गर्भधारण करने में कोई प्रॉब्लम नहीं होती है।
परामर्श :- Consultation :-
क्या सभी महिलाएं ओवेरियन सिस्ट से प्रभावित हो सकती हैं?
नहीं, सभी महिलाएं ओवेरियन सिस्ट से प्रभावित नहीं होती हैं। यह सामान्यतः उन महिलाओं में देखा जाता है जिनकी हार्मोनल समस्याएं होती हैं या जो मोटापे से पीड़ित होती हैं।
ओवेरियन सिस्ट का निदान कैसे किया जाता है?
नियमित पेल्विक टेस्ट और अल्ट्रासाउंड के ज़रिये ओवेरियन सिस्ट की पुष्टि की जा सकती है।
क्या ओवेरियन सिस्ट दर्दनाक होती है?
हां, कुछ मामलों में ओवेरियन सिस्ट दर्दनाक होती है। यह दर्द पेट के निचले हिस्से में महसूस हो सकता है और इसे पीरियड्स के दौरान अधिकतर बढ़ जाता है। यदि ये दर्द लंबे समय तक बना रहता है या तेज होता है, तो अपने डॉक्टर से जरूर सलाह ले।
क्या ओवेरियन सिस्ट गर्भाधान की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं?
जबकि हर सिस्ट इनफर्टिलिटी का कारण नहीं होती। हां,कुछ मामलों में ओवेरियन सिस्ट गर्भाधान की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से अपनी स्तिथि के बारे में बात करना उचित है।
आमतौर पर महिलाएं पीरियड्स और प्रेगनेंसी को लेकर बहुत कम जागरूक होती हैं। इसलिए पीरियड्स में अनियमितता आने, सामान्य से अधिक या कम ब्लीडिंग होने, ब्लीडिंग के रंग में बदलाव या उससे बदबू आने या प्रेगनेंसी के दौरान किसी तरह की कोई समस्या होने पर वे तुरंत घबरा जाती हैं।
अगर आपको ऐसा लग रहा है कि ओव्यूलेशन ठीक ढंग से नहीं हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जांच करा कर इलाज करवाना चाहिए।
अगर महिलाओं को गर्भधारण करने में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।
अगर महिलाओं को र्भावस्था के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
किसी भी दवा का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
डॉक्टर द्वारा दिए गए दवाओं एवं सप्लीमेंट का नियमित रूप से सही समय पर सेवन करें।
अगर आपको पीरियड्स या प्रेगनेंसी से संबंधित किसी तरह की कोई परेशानी या कन्फ्यूजन है तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलकर इस बारे में बात करना चाहिए।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आपको पीरियड्स मिस होने या प्रेगनेंसी से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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