स्तनों में दूध जमना milk accumulation in the breasts
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स्तनों में दूध जम जाए तो क्या करना चाहिए ? What should be done if milk gets accumulated in the breasts?
लड़कियों और महिलाओं के स्तनों में किस तरह का बदलाव हो रहा है, इसकी जानकारी आपको जरूर होनी चाहिए। अगर आपके स्तनों में हल्कापन या फिर भारीपन महसूस होता है, तो आपको डॉक्टर से इस बारे में परामर्श करना चाहिए।
हैलो फ्रेंड्स!
मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }
मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें। तो अगर आपको मेरा लेख ( आर्टिकल ) अच्छा लगे तो फॉलो जरूर करें।
आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।
गर्भवती महिलाओं को र्भावस्था के दौरान 1 महीने की गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म तक महिलाओं के शरीर में तीव्र और तेजी से बदलाव देखे जाते हैं; जिसके चलते गर्भवती महिलाओं को कई सारी शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
बच्चे को जन्म देने के बाद भी महिला के शरीर में होने वाले तीव्र बदलाव उसके शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत ही गहरा प्रभाव डालते हैं। एक बच्चे को जन्म देने के बाद महिला के शरीर में हार्मोनल परिवर्तन देखा जाता है; जिसके चलते महिलाओं को विविध प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
बच्चों को जन्म देने के बाद कुछ ही समय में महिलाओं के ब्रेस्ट में दूध उतरता है और डॉक्टर बच्चे को दूध पिलाने की सलाह देते हैं।
क्योंकि, बच्चे की डाइजेस्टिव सिस्टम काफी नाजुक होती है; जो सिर्फ और सिर्फ मां का दूध ही पचा पाती है और अन्य खाद्य पदार्थ नहीं पचा पाती है। बच्चों का संपूर्ण शारीरिक एवं मानसिक विकास केवल मां के दूध से ही संपूर्ण हो पता है।
इसीलिए, मां का दूध नवजात शिशु के लिए किसी वरदान से काम नहीं माना जाता है! परंतु, स्तनपान कराने वाली महिलाओं को स्तनपान कराने के उसे दौर में ब्रेस्ट में दूध जमने की समस्याओं का सामना करना पड़ता है; जो कि कई सारी महिलाओं में सबसे आम समस्या मानी जाती हैं।
बच्चे को स्तनपान कराते समय ब्रेस्ट में दूध जमने के पीछे अनगिनत प्रकार के कारण मौजूद होते हैं। अगर महिला समय-समय पर अपने बच्चों को दूध नहीं पिला पाती है या किसी कारणवश बच्चा पूरी तरीके से स्तनपान नहीं कर पता है; तो महिला के स्तनों में दूध जमा होने लगता है।
महिलाओं के बेस्ट में दूध जमा होने से बुखार आना, ब्रेस्ट में तेज दर्द होना और ब्रेस्ट में सूजन आना जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ब्रेस्ट में दूध जमा होने पर महिलाओं को तुरंत डॉक्टर की सलाह लेकर उस समस्या का इलाज करवा लेना जरूरी होता है।
क्लॉग्ड मिल्क डक्ट घ (Clogged milk duct) यानी ब्रेस्ट में दूध जमना क्या है What is a clogged milk duct?
क्लॉग्ड Clogged शब्द का मतलब होता है – थक्का जमना। स्तनों की नलियों में दूध का थक्के जमने से होने वाली समस्या को क्लॉग्ड मिल्क डक्ट कहते हैं। ज्यादातर महिलाओं को यह समस्या होती है। स्तनों में दूध जमने से महिला को स्तनों में असहनीय दर्द, स्तनों में सूजन और बुखार जैसी दिक्कतें होती हैं।
स्तनों में दुग्ध ग्रंथियों से नलियों के द्वारा दूध निप्पल तक पहुंचता है। इन्हीं नलियों में दूध का जमना ही क्लॉग्ड मिल्क डक्ट है। स्तनपान कराने वाली ज्यादातर महिलाओं के ब्रेस्ट में दूध जमना जैसी समस्या आती है। ऐसा बच्चे को दूध न पिलाने के कारण होता है। इसके अलावा, जब बच्चा स्तन का पूरा दूध नहीं पी पाता है तो भी ऐसी समस्या आती है। क्लॉग्ड मिल्क डक्ट के कारण स्तनों से जुड़ी मैस्टाइटिस जैसी समस्या भी हो सकती है।
(क्लॉग्ड मिल्क डक्ट के कारण स्तनों से जुड़ी मैस्टाइटिस जैसी समस्या भी हो सकती है।)
स्तन में दूध के थक्के क्यों बनते हैं ? Why do milk clots form in the breast?
महिलाओं के स्तनों में दूध के थक्के जमा होने के पीछे या ब्रेस्ट में दूध जमा होने के पीछे निम्न कारण मौजूद होते हैं।
- महिलाओं के ब्रेस्ट में से पूरी तरीके से दूध ना निकल पाने की वजह से भी स्तन में दूध के थक्के जम हो जाते हैं।
- अगर बच्चा ठीक तरीके से स्तनपान नहीं कर पता है; तब भी स्तनों में दूध जमा होने लगता है।
- अगर महिलाओं के ब्रेस्ट में दूध का उत्पादन अधिक होता है; ऐसी स्थिति में भी ब्रेस्ट में दूध के थक्के जम हो जाते हैं।
- अगर किसी कारणवश महिला अपने बच्चों को स्तनपान नहीं कर पा रही है; तब महिलाओं के स्तनों में दूध जमा होने लगता है।
- अतिरिक्त टाइट फिटिंग वाले कपड़े या अंडरगारमेंट्स (जैसे ब्रा) पहनने की वजह से भी महिलाओं के ब्रेस्ट में दूध के थक्के जम हो जाते हैं।
- अगर महिला अपने बच्चों को सही समय पर स्तनपान नहीं करती है या स्तनपान के समय में अचानक से बदलाव कर देती है; तब भी महिलाओं के ब्रेस्ट में दूध के थक्के जम हो जाते हैं।
क्लॉग्ड मिल्क डक्ट (ब्रेस्ट में दूध जमना) होने का कारण क्या है?What causes clogged milk ducts?
ब्रेस्ट में दूध जमना एक सामान्य समस्या है, जो स्तनपान कराने वाली ज्यादातर महिलाओं को होती है। ऐसा इसलिए होता है कि स्तनों से दूध पूरी तरह से निकल नहीं पाता है। जब दूध स्तनों में बच जाता है तो दुग्ध नलियों (Milk Duct) में रूक के जम जाता है। स्तनपान कराने में दिक्कत होती है और बच्चा सही से दूध पी नहीं पाता है, अधिक मात्रा में दूध का बनना आदि क्लॉग्ड मिल्क डक्ट होने के कारण हैं। इसके और भी कई कारण हैं-
- स्तनपान कराने के समय में बदलाव करने के कारण
- बच्चे द्वारा सही से स्तनों को न लैच करने के कारण
- दो स्तनपान के बीच दो घंटे से ज्यादा समय का अंतराल करने के कारण
- टाइट फिटिंग ब्रा और कपड़े पहनने के कारण भी स्तनों में दूध जमने की समस्या होती है।
स्तनों में दूध जम जाने पर क्या होता है ? What happens when milk gets clogged in the breasts?
महिलाओं के स्तनों में दूध के थक्के जमने पर या दूध जमा होने पर उन्हें निम्नलिखित परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- स्तनों में दूध जमा होने पर महिलाओं को ब्रेस्ट में अतिरिक्त असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है।
- स्तनों में दूध जमा होने पर महिलाओं को इंफेक्शन भी हो सकता है; जिसे “मैस्टाइटिस” कहते हैं।
- ब्रेस्ट में दूध जमा होने पर महिलाओं को बुखार भी आ सकता है और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
- अगर महिलाओं के छाती में दूध जमा हो गया है; तो उन्हें छाती में गांठ भी महसूस हो सकती हैं।
- महिलाओं के स्तनों में दूध जमा होने पर ब्रेस्ट में सूजन की समस्या देखने को मिलती हैं; जिससे उन्हें काफी पीड़ा होती है।
- छाती में दूध जमा होने पर महिलाएं अपने बच्चों को ठीक तरीके से स्तनपान भी नहीं कर पाती हैं।
क्लॉग्ड मिल्क डक्ट यानी ब्रेस्ट में दूध जमना के लक्षण क्या है? What are the symptoms of clogged milk ducts i.e. milk accumulation in the breast?
इन लक्षणों से पता लगाया जा सकता है कि महिलाओं को क्लॉग्ड मिल्क डक्ट ब्रेस्ट में दूध जमना की समस्या है। जिसकी वजह से अन्य कई समस्याएं होती हैं।
- स्तनों में दूध जमने पर एक विशेष स्थान पर दर्द होना
- स्तनों में गांठों की सूजन का पाया जाना
- स्तनों में सूजन होना
- स्तनों का गर्म होना
- स्तनों से दूध का रिसना
- निप्पल पर छोटा सफेद बिंदू दिखाई देना
- स्तनों में संक्रमण के कारण बुखार आना
- शरीर में थकान होना
- शरीर में दर्द होना
- स्तनों में खुजली होना
- लिम्फ नोड्स में सूजन आना
स्तनों में दूध जम जाए तो क्या करना चाहिए ? What should be done if milk gets accumulated in the breasts?
यहां हम आपको कुछ स्तनों में दूध न जमने यानी इससे संबंधित बचाव के बारे में बता रहे हैं।
क्लॉग्ड मिल्क डक्ट के लिए घरेलू इलाज Home Remedies for Clogged Milk Ducts
ब्रेस्ट में दूध जमना का इलाज खुद महिलाओं के पास है। अमूमन महिलाओं में ब्रेस्ट में दूध जमना एक या दो दिन में घरेलू इलाज या बिना इलाज के भी ठीक हो जाता है। लेकिन, अगर स्तनों में होने वाला दर्द लगातार बना रहे तो डॉक्टर से जरूर मिलें। क्लॉग्ड मिल्क डक्ट से निजात पाने के लिए आप इन घरेलू नुस्खों को अपना सकती हैं।
अगर महिलाओं के स्तनों में दूध जमा हो जाता है; तो वह निम्नलिखित उपाय अपना कर अपने बच्चों को स्तनपान करा सकती हैं और इस समस्या से छुटकारा पा सकती हैं।
- स्तनों में दूध जमा होने पर महिलाओं को अपने बच्चों को समय-समय पर स्तनपान कराते रहना चाहिए; जिससे इस समस्या से उन्हें छुटकारा मिलने में काफी मदद मिल पाती हैं। जिससे स्तनों में दूध जमा होने का रिस्क ना के बराबर रहेगा।
- दोनों स्तनों से बारी-बारी से स्तनपान कराते रहें। नवजात शिशु को स्तनपान करने में 20 से 30 मिनट लग सकते हैं। इसलिए धैर्य बनाकर रखें। कोशिश करें कि बच्चे को जल्दबाजी में स्तनपान न कराएं, बल्कि स्तनों के खाली होने तक दूध पिलाते रहें
- हल्के गुनगुने गर्म पानी में सेंधा नमक मिलाकर अच्छे से मिक्स करें। इस पानी में सूती कपड़े को भिगोकर, निचोड़कर अपने ब्रेस्ट की सिकाई करें। ऐसा करने से छाती में दूध जमा होने की वजह से होने वाले दर्द से काफी हद तक राहत मिल पाती हैं और इस प्रक्रिया को आप दिन में दो से तीन बार दोहरा सकती हैं।
- बच्चे को स्तनपान कराने की पुजिशन में बदलाव करें। बच्चों को स्तनपान कराने के पोजीशन में थोड़ा बदलाव करने से भी छाती में दूध जमा होने की समस्या से राहत मिल पाती हैं। बच्चे को स्तनपान ऐसे कराएं कि उसकी नाक या ठुड्डी क्लॉग्ड मिल्क डक्ट द्वारा दर्द कर रहे स्थान की तरफ हो। इससे दूध जल्दी निकलने से आपको आराम हो जाएगा।
- स्तनों में हो रहे दर्द तथा स्तनों में जमा दूध की समस्या से राहत पाने के लिए आप अपने ब्रेस्ट को तेल लगाकर हल्के हाथों से मालिश कर सकती हैं। मालिश करते हुए आपको अंदर से बाहर की तरफ और निपल्स की तरफ मालिश करना है। ऐसा करने से आपको दर्द से राहत मिलेगी।
- अतिरिक्त टाइट अंडरगारमेंट्स पहनने से बचना चाहिए और कंफर्टेबल ब्रा का इस्तेमाल करना चाहिए; जिससे महिलाओं को ब्रेस्ट में आरामदायक महसूस होता है और स्थानों में दूध जमा होने की वजह से होने वाले दर्द से भी राहत मिल पाती हैं।
- अपने बच्चों को स्तनपान कराते हुए महिलाओं को ब्रेस्ट पर अतिरिक्त दबाव बिल्कुल भी नहीं डालना चाहिए।
- स्तनों को दबा कर दूध निकालने की कोशिश बिल्कुल न करें। अगर स्तन से दूध नहीं आ रहा है, तो आप डॉक्टर से संपर्क कर सकती हैं।
- अगर स्तनों में जलन हो रही है तो ये संक्रमण हो सकता है। आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए।
- सारे घरेलू उपाय अपनाने के बावजूद अगर महिलाओं को ब्रेस्ट में दर्द हो रहा है और पीड़ा बढ़ती ही जा रही है; तो इस समस्या को नजर अंदाज बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
कैसे पता करें स्तनों में दूध खत्म हो गया? How to know if your breasts are out of milk?
आमतौर पर आपको स्तनों में भारीपन या फिर हल्कापन महसूस नहीं होता होगा। जब स्तनों में दूध जमने लगता है, तो समस्या हो सकती है। बच्चा भी सही से दूध का सेवन नहीं कर पाता है। आपको इस तरह से पता चल सकता है कि स्तनों में दूध जमा है या फिर नहीं।
आपको स्तन हल्के लगने लगेंगे।
बच्चे के दूध निगलने की आवाज सुननी बंद हो जाती है।
स्तन छूने में मुलायम लगने लगते हैं और उनमें दर्द भी नहीं रहता है।
क्या खाने से छाती में दूध अच्छा बनेगा ? What foods will help in better breast milk production?
महिलाओं को स्तनों में दूध अच्छा बनने के लिए निम्नलिखित पदार्थों का अपने आहार में समावेश करना चाहिए; जिससे प्राकृतिक तरीके से वह अपने दूध के उत्पादन को बढ़ा सकती हैं।
मेथी दाना :– Fenugreek seeds :– महिलाओं से जुड़ी लगभग हर समस्या का निवारण करने में सबसे बेहतरीन प्राकृतिक उपाय मेथी दाने का सेवन को माना जाता है। मेथी दाने में ओमेगा थ्री फैटी एसिड, बेटा कैरोटीन, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम जैसे विविध प्रकार के जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं; जो महिलाओं के छाती में दूध के उत्पादन को बढ़ाने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका का निभाते हैं।
महिलाओं के स्तनों में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए यह सारी पोषक तत्व बहुत ही जरूरी होते है; जो मेथी दाने का सेवन करने से महिलाओं को आसानी से मिल पाते हैं। रात को एक गिलास पानी में एक चम्मच मेथी दाना भिगोकर सुबह इस पानी का सेवन करने से महिलाओं को स्तनों मैं दूध का उत्पादन बढ़ाने में आसानी होती हैं।
कच्चा पपीता :– Raw Papaya :– महिलाओं के स्तनों में दूध के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कच्चे पपीते का सेवन करने से भी विशेष तौर पर लाभ देखने को मिलते हैं। पपीते का सेवन दिन में दो बार करने से महिलाओं को अपने दूध का उत्पादन बढ़ाने में काफी आसानी हो पाती है। पपीते में क्राइमोपेपैन और पेपैन नामक एंजाइम्स मौजूद होते हैं; जो महिलाओं के ब्रेस्ट में दूध के उत्पादन को बढ़ावा देने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही, पपीते का सही तरीके से किया गया सेवन महिलाओं को कब्ज की समस्या से भी राहत दिलाता है और पाचन तंत्र को मजबूती प्रदान करता है।
शकरकंद :– Sweet Potato :– शकरकंद में पोटेशियम, मैग्नीशियम, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन बी कांप्लेक्स, विटामिन सी जैसे अनगिनत प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं; जो महिलाओं के स्तनों में दूध के उत्पादन को बढ़ाने के लिए बहुत ही जरूरी होते हैं। शकरकंद का सेवन आप किसी भी रूप में कर सकती हैं। इसके स्मूदी बनाकर आप पी सकती है या इसका सलाद में इस्तेमाल करते हुए भी आप इसका सेवन कर सकती हैं । शकरकंद में मौजूद प्राकृतिक फाइबर की मात्रा महिलाओं के पाचन तंत्र को मजबूती प्रदान करती हैं और कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है।
अजवाइन :– Celery :- पाचन तंत्र से जुड़ी लगभग हर समस्या का निवारण करने के लिए अजवाइन का सेवन करने से विशेष लाभ देखने को मिलते हैं। परंतु, क्या आप जानते हैं; अजवाइन का सेवन करने से महिलाएं अपने ब्रेस्ट में दूध का उत्पादन बढ़ा सकती है? जी हां! एक चम्मच अजवाइन को लगभग एक से दो लीटर पानी में मिलाकर उबाल ले और पानी ठंडा करके एक बोतल में भर ले। इस पानी का सेवन दिन भर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में करते रहे। अजवाइन में मौजूद जरूरी पोषक तत्व महिलाओं के शरीर में गर्माहट पैदा करते हैं और ब्रेस्ट में लिक का उत्पादन बढ़ाते हैं। परंतु, अजवाइन के पानी का सेवन अतिरिक्त मात्रा में भी नहीं करना चाहिए; वर्ना इससे बच्चों को परेशानी हो सकती हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां :– Green leafy vegetables :–
महिलाओं के शरीर को पूरे जरूरी पोषक तत्वों की आपूर्ति होना सबसे आवश्यक माना जाता है; जो हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करने से आसानी से हो सकता है। हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करने के बाद महिलाओं को ब्रेस्ट में दूध का उत्पादन बढ़ाने में भी आसानी होती हैं। पालक, मटर, मेथी, ब्रोकली, गोभी, पत्ता गोभी जैसी सब्जियों में विटामिन, फाइबर, मिनरल्स तथा विविध प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं; जो महिलाओं के स्तनों में दूध के उत्पादन को बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं।
क्लॉग्ड मिल्क डक्ट से बचाव का तरीका आपकी जागरूकता है। इसलिए आप स्तनपान कराने के लिए जागरूक रहें।
परामर्श :- Consultation
अगर लड़कियों और महिलाओं के स्तनों में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए
कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
स्तनों में कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।
जब आपके स्तनों में लगातार दर्द हो, बुखार आए, स्तनों में लालिमा और सूजन हो, दोबारा क्लॉग्ड मिल्क डक्ट की शिकायत हो तो डॉक्टर से जरूर मिलें।
अगर आपको या आपकी किसी परिचित महिला के साथ ऐसी कोई समस्या होती है, तो आप उनके साथ इस जानकारी को शेयर कर सकते हैं, ताकि वो भी सही जानकारी पा कर सही उपचार कर सकें।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर लड़कियों और महिलाओं के स्तनों { ब्रेस्ट } से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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