​बच्‍चों की हाइट बढ़ाने के तरीके Ways to increase the height of children

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बच्चों की हाइट नहीं बढ़ने के कारण / बच्चों की हाइट बढ़ाने के नेचुरल तरीके Reasons for children not growing in height / Natural ways to increase children's height लड़के और लड़कियों की लंबाई किस उम्र तक बढ़ती है? Till what age do boys and girls grow in height? आज के समय में हर कोई अच्छी हाइट पाना चाहता है, क्योंकि लंबाई न केवल व्यक्तित्व को आकर्षक बनाती है, बल्कि आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। यहां जानिए, लड़के और लड़कियों की लंबाई कब तक बढ़ती है? जन्म के बाद बच्चों के सही विकास की जिम्मेदारी माता-पिता की होती है। किसी भी बच्चे की शारीरिक संरचना कैसे होगी यह पूरी तरह से माता-पिता पर निर्भर करता है। अक्‍सर पेरेंट्स शिकायत करते हैं कि उनके बच्‍चे की हाइट नहीं बढ़ रही है या अपने साथ के बच्‍चों के मुकाबले उनके बच्‍चे की हाइट कम है। आजकल तो बच्‍चों की हाइट न बढ़नी या कम बढ़ने की प्रॉब्‍लम ज्‍यादा देखी जा रही है। कम हाइट होने की वजह से बच्‍चों के आत्‍मविश्‍वास में कमी आती है और वो लोगों के सामने जाने से भी कतराने लगते हैं। बच्‍चों के सही मानसिक विकास के लिए उचित शारीरिक विकास होना भी जरूरी ह...

प्रेगनेंसी में सेक्स करने के फायदे और नुकसान having sex during in pregnancy of Advantages and disadvantages

प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करे या नहीं। फायदे और नुकसान Whether or not to have sex during pregnancy: advantages and disadvantages

प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करने का सबसे बेहतरीन तरीका The best way to have sex during pregnancy

प्रेगनेंसी किसी भी महिला के लिए सबसे खूबसूरत और नायाब तोहफा होता है। यह महिलाओं के जीवन का वो सुहाना पल है जिससे हर एक महिला अपने जीवन में गुजरना चाहती है। सेक्स हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है जो हमारे जीवन से काफी परेशानियों को दूर करने तथा हमें हमेशा शारीरिक और मानसिक रूप से खुश और सेहतमंद रखने में मदद करता है। हर कोई अपने जीवन में सेक्स का भरपूर आनंद उठाना चाहता है और इसमें शर्माने वाली कोई भी बता नहीं है।

हैलो फ्रेंड्स!

मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }

मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें। तो अगर आपको मेरा लेख ( आर्टिकल ) अच्छा लगे तो फॉलो जरूर करें।

आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।

प्रेगनेंसी नौ महीने की एक लंबी प्रक्रिया है। प्रेगनेंसी को स्वस्थ बनाए रखने के लिए एक गर्भवती महिला को अनेको चीजों पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है। क्योंकि जरा सी लापरवाही कई समस्याएं पैदा कर सकती है। प्रेगनेंसी के तीन महीने तक सेक्स को स्वस्थ माना जाता है। उसके बाद, डॉक्टर सेक्स नहीं करने की सलाह देते हैं। अगर आप प्रेगनेंसी, प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स और दूसरी आवश्यक पहलुओं के बारे में जानना चाहती हैं तो सेक्स एक्सपर्ट से परामर्श कर सकती हैं।

सेक्स करना नेचुरल है और इसे सही तरीके से पूरी सावधानी के साथ आनंद पूर्वक करना चाहिए। लेकिन कई बार आपके मन में कुछ सवाल आ सकते हैं जैसे की प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करना चाहिए या नहीं? प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करना कितना सुरक्षित है? सेक्स करने से कहीं गर्भ में पल रहे भ्रूण पर कोई बुरा प्रभाव तो नहीं पड़ेगा? सेक्स करने की वजह से गर्भपात का खतरा तो नहीं है? इस दौरान सेक्स करने का सही तरीका क्या है? प्रेगनेंसी के कितने समय तक सेक्स करना चाहिए है?

ये सभी ऐसे सवाल हैं जो उन पुरुषों के मन में आते हैं जिनकी पत्नी प्रेग्नेंट है या फिर उन महिलाओं के मन में आते हैं जो खुद प्रेग्नेंट हैं और साथ ही सेक्स का आनंद भी उठाना चाहती हैं लेकिन कुछ सवालों के कारण डर जाती हैं। प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करना कितना सुरक्षित है, इस दौरान किस तरह से सेक्स करना चाहिए और कौन कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि महिला के गर्भ में पल रहे भ्रूण को किसी भी तरह का कोई नुकसान न हो।

प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करना कितना सुरक्षित है? How safe is it to have sex during pregnancy?

अगर आपकी प्रेगनेंसी नार्मल है, इसमें किसी तरह की कोई परेशानी या जटिलता नहीं है तो आप गर्भावस्था के दौरान सेक्स कर सकती हैं। इसमें किसी तरह की कोई दिक्कत या परेशानी वाली बात नहीं है। लेकिन अगर आपकी प्रेगनेंसी में किसी तरह की कोई परेशानी है और आपको डॉक्टर ने सेक्स करने से मना किया है तब इस स्थिति में आपको प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स नहीं करना चाहिए।

साथ ही कुछ चीजों को लेकर सावधान रहना चाहिए। अगर आपकी गर्भावस्था बिलकुल नॉर्मल है तो आप प्रेगनेंसी की तीसरी यानी की अंतिम तिमाही तक सेक्स कर सकते हैं। प्रेगनेंसी के दौरान महिला में हार्मोनल बदलाव होते हैं जिसके कारण इस दौरान उनके अंदर सेक्स करने की अच्छा पहली की तुलना में काफी ज्यादा होती है। इस समय वे सेक्स को पहले से ज्यादा एन्जॉय करती हैं। प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करने से आप अपने पार्टनर से बस यौन सुख ही प्राप्त नहीं करते बल्कि आप उनसे भावनात्मक तरीके से जुड़ते भी हैं।

क्या प्रेगनेंसी में सेक्स कर सकते हैं? Can we have sex during pregnancy?

कई सारी महिलाएं गर्भावस्था के दौरान अपने बच्चे की सेहत के बारे में सोचते हुए अपने पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध बनाने से मना कर देती हैं। लेकिन, आपको जानकर हैरानी होगी; कि गर्भावस्था के दौरान संबंध बनाने से गर्भ में पल रहे बच्चे को कोई भी नुकसान नहीं होता है और उसके स्वास्थ्य पर कोई भी बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है!

गर्भावस्था एक ऐसा दौर होता है; जिसके प्रति दंपत्ति काफी संवेदनशील होती हैं। गर्भावस्था के दौरान एक महिला का जिंदगी में सबसे ज्यादा ख्याल रखा जाता है; क्योंकि उसके गर्भ में पल रहे बच्चे के हैल्थ पर कोई भी बुरा प्रभाव ना पड़े।

अगर आप की गर्भावस्था पूरी तरीके से नॉर्मल और हेल्दी हैं, आप के गर्भ में पल रहे शिशु को कोई भी स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं नहीं है; तो डॉक्टर भी आपको गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने से कोई परहेज नहीं करते हैं। एक नॉर्मल, हेल्दी प्रेगनेंसी के दौरान आप गर्भावस्था के दौरान सेक्स कर सकती हैं।

लेकिन, अगर आपको गर्भावस्था के दौरान किसी तरह की तकलीफ हो रही है या आपके बच्चे के स्वास्थ्य की कोई समस्या हो रही है; तो ऐसी परिस्थिति में डॉक्टर आपको शारीरिक संबंध बनाने के बारे में कुछ सावधानियां बरतने को बोलती है और कुछ मामलों में शारीरिक संबंध ना बनाने की सलाह देते हैं।

सेक्स करने का सबसे बेहतरीन तरीका The best way to have sex

प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करने के लिए निम्नलिखित पोजीशन का प्रयोग कर सकते हैं।

आइए जानते हैं प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करने के सबसे बेहतरीन तरीकों के बारे में।

प्रेगनेंसी में सेक्स करने की पोजीशन sex positions during pregnancy

  1. स्पूनिंग पोजीशन :- Spooning Position :- सेक्स का यह पजिशन सबसे कंफर्टेबल और सुरक्षित माना जाता है। इस प्रक्रिया में सेक्स करने के लिए महिला बेड पर एक तरफ करवट लेकर लेट जाती है और फिर उनके पीछे पुरुष लेटता है। प्रेगनेंसी के दौरान इस पजिशन में सेक्स करने से महिला के पेट या गर्भ में पल रहे शिशु पर किसी तरह से कोई भी बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है।
  2. एज ऑफ द बेड :- Edge of the Bed :- इस पोजीशन में महिलाएं बेड के एक किनारे पीठ के बल सो जाती हैं, अपने पैरों को फैला देती हैं और सामने से पुरुष होता है। इस पोजीशन को भी महिलाओं के लिए प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करने के लिए उचित माना गया है। लेकिन, अधिक देर तक पीठ के बल लेटने से प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है; जिससे उन्हें पीठ का दर्द हो सकता है। इसी कारण, डॉक्टर अधिक देर तक पीठ के बल लेट कर सेक्स करने से महिलाओं को मना करते हैं।
  3. वीमेन ऑन टॉप :- Woman on Top :- गर्भावस्था के दौरान शारीरिक संबंध बनाने के लिए यह पोजीशन महिलाओं के लिए काफी सुरक्षित और अच्छी मानी गई है। क्योंकि, इस पोजीशन में सेक्स करने से महिलाओं के पेट पर कोई भी प्रेशर नहीं आता है; जिससे उनके बच्चे को कोई भी नुकसान नहीं होता है। इसी के साथ, इस पोजीशन में सेक्स करने से पेनिस महिलाओं के योनि के कितने अंदर जा सकता है; यह भी महिलाओं के नियंत्रण में होता है। इसी कारणवश, महिलाएं इस पोजीशन में प्रेगनेंसी के दौरान सुरक्षित तरीके से शारीरिक संबंध बना सकती है।
  4. सिटिंग डाउन स्टाइल :- Sitting Down Style :- इस पोजीशन में महिला पुरुष की गोद में बैठ जाती है और दोनों का चेहरा आमने सामने होता है। इस पोजीशन का इस्तेमाल प्रेगनेंसी के चार से पांच महीने तक ही करना चाहिए क्योंकि उसके बाद महिला के पेट का आकार काफी बड़ा हो जाता है जिससे इस पोजीशन में सेक्स करने में समस्याएं सामने आ सकती हैं साथ ही गर्भ में पल रहे शिशु पर गलत प्रभाव भी पड़ सकता है।
  5. डॉगी स्टाइल :- Doggy Style :- सेक्स के इस पोजीशन में महिला सोफा या बेड पर अपना हाथ रखते हुए घुटनों के बल झुक जाती है जिसके कारण सेक्स के दौरान उनके पेट पर दवाब महसूस नहीं होता है। प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करने के लिए इस पोजीशन को भी बेहतर माना जाता है।

इन सबके अलावा, प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करते समय पुरुष को अपना कंफर्ट देखने के साथ साथ अपनी पत्नी का कंफर्ट देखना सबसे ज्यादा आवश्यक है। इस दौरान सेक्स करते समय संयम और सावधानी दोनों की जरूरत होती है। सेक्स एक प्रक्रिया है जिसका आनंद लेते समय कुछ सावधानियों का भी ध्यान में रखना चाहिए। सेक्स के दौरान या बाद में किसी भी तरह की कोई भी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलकर बात करनी चाहिए।

प्रेगनेंसी में सेक्स कितने महीने तक करे How many months should you have sex during pregnancy?

प्रेगनेंसी के कितने महीने तक शारीरिक संबंध बनाना सुरक्षित होता है; जिससे बच्चे को कोई तकलीफ ना हो? प्रेगनेंसी के किसी भी महीने में सेक्स करने से कोई भी समस्या नहीं होती है। अगर आपकी प्रेग्नेंसी पूरी तरीके से नार्मल और हल्दी है; तो आप कुछ सावधानियां बरतते हुए प्रेगनेंसी के किसी भी महीने में शारीरिक संबंध बना सकते हैं। लेकिन, प्रेगनेंसी के आखिरी दौर में डॉक्टर शारीरिक संबंध बनाने की सलाह नहीं देते हैं क्योंकि शारीरिक संबंध बनाना गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए सुरक्षित नहीं होता है।

आमतौर पर, प्रेगनेंसी के पहले 3 महीने के बाद से लेकर सातवें, आठवें महीने तक शारीरिक संबंध बनाने के लिए उचित होते हैं। प्रेगनेंसी के आखिरी दौर में डॉक्टर खुद शारीरिक संबंध बनाने से मना कर देते हैं।

लेकिन, आपको शारीरिक संबंध बनाते वक्त कुछ चीजों का ध्यान जरूर रखना होता है; जिससे आपके गर्भ में पल रहे बच्चे को कोई भी नुकसान ना हो। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में सेक्स करने की इच्छा बढ़ जाती है और उनको सेक्स करते दौरान कुछ सावधानियां बरतनी होती हैं।

गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने की पोजीशन भी अलग होती है: जिससे आपके गर्भ में पल रहे बच्चे पर कोई भी दबाव ना आए और आप सेक्स का आनंद ले सके।

प्रेगनेंसी के दौरान किस सेक्स पोजीशन से बचना चाहिए Which sex positions should be avoided during pregnancy?

प्रेगनेंसी की पहली तिमाही के दौरान सभी सेक्स पोजीशन सुरक्षित होते हैं क्योंकि इस समय तक गर्भ में पल रहे शिशु का ज्यादा विकास नहीं हुआ होता है। लेकिन इस दौरान आपको गति के साथ सेक्स करने से बचना चाहिए। प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही के दौरान आपको मिशनरी पोजीशन से बचना चाहिए क्योंकि इस पोजीशन के दौरान आप पीठ के बल लेटती हैं और पुरुष आपके ऊपर होता है।

इस पोजीशन में सेक्स करने से गर्भाशय पर दबाव पड़ता है जिसके कारण आपके सामने समस्याएं पैदा हो सकती हैं। प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही बहुत खास और नाज़ुक होती है क्योंकि इस दौरान आपके शिशु का विकास अच्छा खासा हो जाता है। इस समय आपको मिशनरी या उन सभी पोजीशन का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए जिसमें पीठ के बल लेटना होता है। बाकि किसी भी चीज को लेकर कोई संदेह हो तो स्त्री-रोग विशेषज्ञ से मिलकर इस बारे में विस्तार से बात करनी चाहिए।

प्रेगनेंसी में सेक्स करने के फायदे benefits of having sex during pregnancy

गर्भावस्था के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से महिलाओं को निम्नलिखित फायदे होते हैं तथा कुछ नुकसानों का भी सामना करना पड़ सकता है।

  1. पेल्विक एरिया की मजबूती हम सभी जानते हैं; कि जब एक महिला बच्चे को जन्म देती है, तो उसे कितना दर्द और पीड़ा होती हैं! गर्भावस्था के आखिरी तिमाही में सेक्स करने से महिलाओं के पेल्विक मांसपेशियों को मजबूती मिलती है; जिसके तहत उन्हें नॉर्मल डिलीवरी में आसानी हो पाती है।
  2. प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करने के बहुत फायदे हैं। प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करने के बाद महिला के शरीर में एंडोर्फिन और ऑक्सिटॉसिन नामक हार्मोन का निर्माण होता है जिसके कारण पति और पत्नी के बीच प्यार बढ़ता है और उनके रिश्तों में मिठास आती है।
  3. तनाव गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में होने वाले हार्मोनल परिवर्तन उन्हें कभी-कभी अधिक तनाव का एहसास कराते हैं। अगर महिलाएं अपने गर्भावस्था के दौरान शारीरिक संबंध बनाती है; तो उनके तनाव को कम करने में उन्हें सहायता मिल पाती हैं। दरअसल, गर्भावस्था के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से महिलाओं के शरीर में एंडोर्फिन नामक हार्मोन रिलीज होते हैं; जो गर्भ में पल रहे बच्चे तथा माता को खुशी का एहसास कराते हैं। इसी के साथ, गर्भावस्था के दौरान किया गया सेक्स महिलाओं के शरीर में ऑक्सीटोसिन हार्मोन को भी रिलीज करता है; जिसकी वजह से दंपत्ति में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता है और वह एक दूसरे के अधिक करीब आते हैं।
  4. प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करने से पति और पति शारीरिक ही नहीं बल्कि भावनात्मक रूप से एक दूसरे के करीब आते हैं। प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करना गर्भवती महिला के साथ साथ गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी फायदेमंद साबित होता है।
  5. प्रेगनेंसी में सेक्स करने से मन बिलकुल रिलैक्स हो जाता है जिसकी वजह से आपको अच्छी नींद आती है। सेक्स करने से आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन काफी तेज हो जाता है जो आपके साथ साथ आपके शिशु के लिए भी फायदेमंद होता है।
  6. गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने से शरीर के एंटीबॉडी लेवल में सुधार होता है जिससे प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इस कारण सर्दी और खांसी जैसी समस्याएं आपसे दूर रहती हैं।
  7. प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से श्रोणि की मांपेशियाँ मजबूत होती हैं। जिसकी वजह से नॉर्मल डिलीवरी के समय आपको ज्यादा दर्द और परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है।
  8. गर्भावस्ता के दौरान संभोग करने के फायदों में सामान्य ब्लड प्रेशर भी शामिल है। प्रेगनेंसी में सेक्स करने से आपका ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है जिसकी वजह से कई बीमारियां आपसे दूर रहती हैं।
  9. इम्यूनिटी प्रेग्नेंसी के दौर में एक महिला के शरीर में काफी सारे बदलाव होते हैं; जिनका सामना करते करते उसकी शारीरिक रोग प्रतिकारक क्षमता भी कम हो जाती हैं। ऐसे में, उसे छोटे-छोटे इन्फेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है। अगर आप गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित तरीके से शारीरिक संबंध बनाती है; तो आपके शरीर में रोगप्रतिकारक क्षमता बढ़ने में सहायता मिल सकती है। एक अध्ययन के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान किया गया सेक्स महिलाओं को इम्यूनिटी में इजाफा दिलाता है।
  10. ब्लड प्रेशर कई बार महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप की समस्या का सामना करना पड़ता है। अगर आप इस समस्या से सुरक्षित रहना चाहती हैं; तो आप गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित तरीके से यौन संबंध बना सकती हैं। दरअसल एक अध्ययन के अनुसार यह साबित हुआ है; कि गर्भावस्था के दौरान किया गया सेक्स महिलाओं के शरीर में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है; जिससे वह हाई बीपी जैसी बीमारियों से सुरक्षित रह पाती है।

प्रेगनेंसी में सेक्स करने के नुकसान Disadvantages of having sex during pregnancy

गलत तरीके से और गलत पोजीशन में करने से शारीरिक संबंध बनाने से गर्भावस्था के दौरान आपको नुकसान भी हो सकता है। दरअसल, गलत तरीके से और गलत पोजीशन में गर्भावस्था के दौरान किया गया सेक्स गर्भवती महिलाओं को दर्द एवं पीड़ा का अनुभव करा सकता है।

निम्नलिखित दी गई स्थितियों के तहत, डॉक्टर आपको गर्भावस्था के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से परहेज कर देते हैं।

  1. अगर एमनियोटिक थैली से एम्नियोटिक फ्लूइड बाहर आने लगे; तो डॉक्टर आपको गर्भावस्था के दौरान सेक्स न करने की सलाह देती है।
  2. अगर आपको पहले गर्भपात की समस्या का सामना करना पड़ा हो; तो इस परिस्थिति में आपको डॉक्टर गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने से मना कर देती हैं।
  3. गर्भावस्था के दौर में 38 वें हफ्ते से पहले अगर डिलीवरी होने की संभावना होती हैं; तो आपको सेक्स नहीं करना चाहिए।
  4. अगर गर्भवती महिला को थोड़ी मात्रा में भी बिल्डिंग की समस्या हो रही है; तो गर्भावस्था के दौरान सेक्स नहीं करना चाहिए।
  5. अगर गर्भवती महिला को पेट में मांसपेशियों की ऐंठन तथा योनि के आसपास ऐठन महसूस रही है; तो आपको गर्भावस्था में शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए।

प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स संबंधित सावधानियां Precautions related to sex during pregnancy

प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करते समय आपको बहुत कुछ चीजों पर ध्यान देने की जरूरत होती है। इसमें साफ सफाई रखना, कंडोम का इस्तेमाल करना, इंफेक्शन या सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिजीज से बचने के सभी उपाय अपनाना, सेक्स के दौरान प्रेग्नेंट महिला की पोजीशन और उनके कंफर्ट का ध्यान रखना आदि शामिल है।

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को शारीरिक संबंध बनाते समय कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी होती है। क्योंकि गर्भावस्था महिला के जीवन का बहुत ही नाजुक एवं महत्वपूर्ण दौर होता है। अगर ऐसे दौर में आप बिना कुछ सावधानियां बरतें सेक्स करती हैं; तो इसका आपके बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

गर्भावस्था के दौरान सेक्स करते समय थोड़ी सी भी भूल चूक हो जाए; तो वह आपको अनचाहे गर्भपात का खतरा बन सकता है और आपके लिए काफी दुखद हो सकता है। इसलिए, प्रेगनेंसी के दौरान शारीरिक संबंध बनाते समय कुछ सावधानि अपना सकती हैं।

  1. सबसे पहले, प्रेगनेंसी के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से पहले अपने गाइनेकोलॉजिस्ट से दंपत्ति को उचित सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
  2. गर्भावस्था के दौरान सेक्स करते समय मेल पार्टनर को कंडोम का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि महिला के जननांगों में किसी प्रकार का इन्फेक्शन ना हो।
  3. गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने की पोजीशन अलग होती हैं; जिनको अपनाकर ही आपको गर्भावस्था के दौरान सेक्स करना चाहिए। गलत तरीके से और गलत पोजीशन में किया गया सेक्स आपके गर्भ में पल रहे बच्चे पर दबाव डाल सकता है और उसे नुकसान पहुंचा सकता है।
  4. गर्भावस्था के दौरान मेल पार्टनर को अपने फीमेल पाटनर का कंफर्ट लेवल का भी ध्यान रखना होता है; ताकि उन्हें किसी भी तरह की कोई तकलीफ ना हो।
  5. दंपत्ति अगर गर्भावस्था के दौरान सेक्स करना चाहते हैं; तो दोनों को अपने पर्सनल हाइजीन का खासा ख्याल रखना चाहिए। क्योंकि, गर्भावस्था मे सेक्स करने के बाद अगर आप ठीक तरीके से साफ सफाई नहीं करते हैं; तो आपके जननांगों मे इंफेक्शन हो सकता है; जो गर्भावस्था के दौरान माता के लिए हानिकारक होता है।
  6. गर्भावस्था के दौरान एक महिला के काफी मूड स्विंग्स देखे जाते हैं। क्योंकि, उसके शरीर में काफी हार्मोनल परिवर्तन भी होते हैं। इसी कारण, गर्भावस्था के दौरान सेक्स करते वक्त, समय समय पर आपको अपने पार्टनर के साथ बातचीत करना चाहिए और अपनी तकलीफ को साझा करना चाहिए; जिससे उन्हें समझ में आ जाता है; कि आपको सेक्स करना है या नहीं?
  7. बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होने की स्थिति में डॉक्टर सेक्स करने से मना करते हैं क्योंकि इससे महिला और उनके गर्भ में पल रहे भ्रूण दोनों को खतरा होता है।
  8. एमनॉयटिक फ्लूड की स्थिति में भी शिशु की जान को खतरा होता इसलिए इस दौरान सेक्स करने से बचना चाहिए। डॉक्टर इस स्थिति में सेक्स करने से खास तौर पर मना करते हैं।
  9. कमजोर गर्भ होने की स्थिति में आपको सेक्स नहीं करना चाहिए क्योंकि इस सिचुएशन में पेल्विक फ्लोर आपके शिशु और सेक्स को सपोर्ट नहीं कर पाता है जिसके कारण आपके सामने ढेरों परेशानियां आ सकती हैं।
  10. अगर पहले कभी आपके साथ गर्भपात की समस्या हो चुकी है तो इस बार प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करने से पहले डॉक्टर से मिलकर बात करनी और उनकी राय लेनी चाहिए।
  11. अगर आपके गर्भ में दो या दो से ज्यादा भ्रूण पल रहे हैं तो आपको सेक्स करने से बचना चाहिए। क्योंकि ऐसा न करने से आपकी प्रेगनेंसी में समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
  12. योनि से खून निकलना गर्भपात की तरफ इशारा करता है। अगर आपके योनि से खून आ रहा है तो आपको सेक्स नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे आपको परेशानी हो सकती है।
  13. सेक्स करने के बाद अगर आपको पेल्विक क्षेत्र में दर्द या पेट में ऐंठन की शिकायत होती है तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए और सेक्स नहीं करना चाहिए।
  14. आपको या आपके साथी को यौन संचारित रोग है तो आपको प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स नहीं करना चाहिए।
  15. वजाइनल सेक्स करने से पहले एनल सेक्स नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे इंफेक्शन और दूसरी बीमारियां होने का खतरा रहता है।

प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करने या दूसरी किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलकर उन्हें अपने प्रॉब्लम के बारे में बताना चाहिए। प्रेगनेंसी बहुत नाज़ुक स्थिति होती है इसलिए आपको इस दौरान किसी भी तरह की कोई लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

प्रेगनेंसी के दौरान डॉक्टर के संपर्क में रहना आवश्यक क्यों है Why is it important to stay in touch with your doctor during pregnancy?

प्रेगनेंसी एक बहुत ही खास और खूबसूरत पल है। यह नौ महीने कि एक प्रक्रिया है जिसके दौरान आपको लगातार डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए। अपने खान पान और लाइफस्टाइल पर खास ध्यान देने के बाद भी आप कई तरह कि परेशानियों का सामना कर सकती हैं वो भी खासकर तब जब आप प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करती हैं।

जहां एक तरफ प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करने से आपको ढेरों फायदे होते हैं। वहीं दूसरी थोड़ी सी भी लापरवाही बरतने पर आपको इससे काफी नुकसान भी हो सकता है। प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करने आपको अधिक ब्लीडिंग हो सकती है, आपकी योनि या यूरिन में इंफेक्शन कि समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं, गलत तरीके से सेक्स करने पर आपको गर्भपात यानी कि मिसकैरिज भी हो सकता है।

प्रेगनेंसी के दौरान आप अपने शरीर में प्रेगनेंसी के ढेरों लक्षणों को महसूस करती हैं। लेकिन बहुत से ऐसे लक्षण हैं जो प्रेगनेंसी और प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली समस्याओं में कॉमन होती हैं। इनके कॉमन होने के कारण आप इन्हे प्रेगनेंसी का लक्षण समझकर नजरअंदाज कर देती हैं जिस कारण बाद में आपको जटिलताएं पैदा होती हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान अगर आपके शरीर या गर्भ में पल रहे शिशु से संबंधित किसी तरह कि कोई परेशानी हो तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। वे आपकी परेशानी कि रोकथाम कर देंगे जिससे आप और आपकी प्रेगनेंसी दोनों स्वस्थ रहेंगी।

परामर्श :- Consultation

अगर आपको गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने के बाद कोई भी दर्द या तकलीफ महसूस हो रही है; तो आप तुरंत डॉक्टर से बात करें। डॉक्टर से बात करके आपको आपकी स्थिति की गंभीरता समझ में आ जाती है और आप एंजाइटी घबराहट जैसी स्थितियों से सुरक्षित रह पाती हैं।

क्योंकि, गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में हारमोंस के बदलाव देखे जाते हैं; जिसकी वजह से उनके मूड स्विंग्स होते हैं। ऐसे में, अगर उन्हें सेक्स करने के बाद कोई भी तकलीफ हो रही है; तो उन्हें चिड़चिड़ा हट और घबराहट महसूस होने लगती है। ऐसे में, सेक्स करने के बाद थोड़ा भी दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।

डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही आप गर्भावस्था के दौरान शारीरिक संबंध बनाए; तो यही आपके लिए बेहतर होगा। गर्भावस्था एक महिला के जीवन का सबसे संवेदनशील और नाजुक दौर होता है। इसलिए, इस दौरान की जाने वाली हर चीज का डॉक्टर को पता होना होता है।

पहली बार शारीरिक सम्बन्ध बनाने मे असहज हो सकता है, लेकिन यह कभी दर्दनाक नहीं होता है। अगर आपको अचानक सेक्स करने से पहले, सेक्स के दौरान या सेक्स के बाद योनि में दर्द होता है तो बिना देरी किए आपको गायनेकोलॉजिस्ट से संपर्क कराना चाहिए। क्योंकि आपके प्रॉब्लम की रोकथाम शुरूआती स्टेज में हि की जा सकती है।

अगर आपको शारीरिक सम्बन्ध बनाने के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

शारीरिक सम्बन्ध बनाने के बाद कोई भी परेशानी हो रहा है तो कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें

अगर शारीरिक सम्बन्ध बनाने के दौरान या बाद में महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।

शारीरिक सम्बन्ध बनाते समय कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले |

शारीरिक सम्बन्ध आपसी मर्ज़ी से बनाने वाला, एक खूबसूरत रिश्ता होता है, जिसमे सभी काम एक दूसरे कि मर्ज़ी से ही होने चाहिए। और हाँ, सेक्स को कभी भी प्यार के ऊपर तरजीह न दें। अगर आप सेक्स कि वजह से, अपने लाइफ पार्टनर, या अपनी गर्लफ्रेंड, या अपने बॉयफ्रेंड को धोखा देते हैं, तो आपको कभी शांति नहीं मिलेगी, और आपको कभी न कभी इसका भुगतान ज़रूर करना पड़ेगा।

अगर लड़कियों या महिलाओं को हर बार सेक्स करते समय खून बहाना या बहुत ज्यादा दर्द होना जारी रहता हैं, तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

अगर लड़कियों को या महिलाओं को ज्यादा तकलीफ़ होती है तो अपने पुरुष पार्टनर को बोल सकती हैं रुकना हैं या धीरे-धीरे करना हैं और अपनी तकलीफ़ या परेशानी के बारे में बता सकती है। और पुरुषों का भी फर्ज़ है। की अपने महिला पार्टनर का केयर करें। अपने लाइफ पार्टनर की केयर करने से आप दोनों पति पत्नी, लाइफ पार्टनर, प्रेमी जोड़ों में प्यार, रोमांस, रोमांटिक बॉन्डिंग को बेहतर बनाने में बहुत ज्यदा फायदेमंद होता है।

यह एक सामान्य जानकारी है अगर आप किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं या कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए

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