शिशु अनुप्रस्थ लेटने की स्थिति में है Baby in transverse lie position
- Get link
- X
- Other Apps
शिशु अनुप्रस्थ लेटने की स्थिति में है The baby is in the transverse lying position
ट्रांस्वर्स लाई (Transverse Lie) position
ट्रांस्वर्स लाई (Transverse Lie) का मतलब है Transverse Lie means
गर्भावस्था के अंतिम चरण में सुरक्षित और आसान प्रसव के लिए शिशु की स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। शिशु गर्भावस्था के दौरान लगातार करवटें बदलते रहते हैं। जैसे-जैसे प्रसव की तिथि नजदीक आती है, वे धीरे-धीरे अपनी सही स्थिति में आने लगते हैं। लेकिन अगर शिशु सही स्थिति में न आए तो क्या होगा? अगर प्रसव शुरू होने पर शिशु का सिर नीचे न आए और वह अनुप्रस्थ स्थिति में हो तो क्या होगा?
हैलो फ्रेंड्स!
मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }
मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें। तो अगर आपको मेरा लेख ( आर्टिकल ) अच्छा लगे तो फॉलो जरूर करें।
आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।
ट्रांसवर्स लाई (Transverse Lie) गर्भावस्था की वह स्थिति है जब शिशु गर्भाशय में सीधा होने के बजाय क्षैतिज रूप से या आड़ा (side-to-side) लेटा होता है अर्थात शिशु का सिर एक तरफ और पैर दूसरी तरफ होते हैं। यह स्थिति आमतौर पर गर्भावस्था के शुरुआती चरणों में सामान्य है, लेकिन यदि यह प्रसव के समय तक बनी रहती है, और बच्चा नहीं घूमता है तो इसके लिए अक्सर सिजेरियन (C-section) की आवश्यकता होती है।
ट्रांस्वर्स लाई के मुख्य तथ्य Key facts about transverse lie
- कारण :- Causes :- यह स्थिति गर्भाशय के असामान्य आकार, जुड़वां बच्चों, या बहुत कम/ज्यादा एमनियोटिक द्रव (पानी) के कारण हो सकती है।
- शिशु की स्थिति :- Baby position :- इसमें बच्चा 90-डिग्री के कोण पर, माँ की रीढ़ की हड्डी के आर-पार लेटा होता है।
- प्रसव का तरीका :- Mode of delivery :- चूँकि शिशु का सिरा या पैर नीचे नहीं होते, इसलिए इसमें सामान्य (वजाइनल) डिलीवरी संभव नहीं होती है, सिजेरियन ही एकमात्र विकल्प होता है।
- जोखिम और कारण :- Risks and causes :- यह स्थिति गर्भ में जगह की कमी, जुड़वा बच्चे, या अपरा (placenta) की समस्या के कारण हो सकती है, जिससे गर्भनाल बाहर आने का खतरा (Cord Prolapse) बढ़ जाता है।
- समाधान :- Solution :- 36वें सप्ताह के स्कैन (ultrasound) में अगर बच्चा ट्रांसवर्स है, तो डॉक्टर से मिलकर सिजेरियन की तैयारी कर लेनी चाहिए।
- अंतिम हफ्तों में बदलाव :- Changes in the final weeks :- गर्भावस्था के 32 से 36 सप्ताह तक, अधिकांश शिशु अपने आप सिर नीचे (head-down) स्थिति में आ जाते हैं।
बच्चा अनुप्रस्थ स्थिति में हो तो क्या होता है? What happens if the baby is in the transverse position?
ट्रांसवर्स लाई का मतलब है कि आपका शिशु सिर नीचे की बजाय पेट पर तिरछा लेटा हुआ है। गर्भावस्था के शुरुआती दौर में यह पूरी तरह से सामान्य है, और अधिकांश शिशु तीसरी तिमाही के अंत तक स्वाभाविक रूप से सिर नीचे की स्थिति में आ जाते हैं।
शिशु की अनुप्रस्थ स्थिति तब होती है जब शिशु गर्भ में मां की रीढ़ की हड्डी से 90 डिग्री के कोण पर एक तरफ लेटा होता है।
गर्भावस्था के दौरान शिशु का करवट बदलना और एक तरफ झुकना आम बात है। हालांकि, ज्यादातर शिशु गर्भावस्था के आखिरी कुछ हफ्तों में सिर नीचे या सिर ऊपर की स्थिति में आने लगते हैं। अगर शिशु गर्भावस्था के अंत तक भी सही स्थिति में नहीं आता है, तो प्रसव के दौरान जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।
ट्रांसवर्स बेबी क्या होता है? What is a transverse baby?
यदि आपका शिशु गर्भाशय में एक तरफ लेटा हुआ है, तो वह अनुप्रस्थ स्थिति में है। उसकी पीठ गर्भाशय ग्रीवा की ओर (पीठ नीचे की ओर) या उससे दूर (पीठ ऊपर की ओर) हो सकती है। कई शिशु शुरुआत में एक तरफ लेटे रहते हैं, लेकिन अधिकांश अंतिम तिमाही तक सिर नीचे की ओर कर लेते हैं ।
क्या अनुप्रस्थ स्थिति में जन्मा बच्चा स्वस्थ होता है? Is a baby born in the transverse position healthy?
अनुप्रस्थ स्थिति में रहने वाले अधिकांश शिशु पूरी तरह से स्वस्थ होते हैं। हालांकि, कभी-कभी यह किसी अंतर्निहित समस्या का संकेत हो सकता है ।
गर्भवती महिलाओं को कैसे पता चलेगा कि गर्भावस्था के अंतिम चरण में बच्चा अनुप्रस्थ स्थिति में है? How do pregnant women know if the baby is in the transverse position in the last stage of pregnancy?
आपकी दाई गर्भावस्था के अंतिम तिमाही में, लगभग 36 सप्ताह के आसपास, आपके शिशु की स्थिति की जांच करेंगी। यदि वे आपके श्रोणि में शिशु का सिर या नितंब महसूस नहीं कर पाती हैं, तो उन्हें शिशु के अनुप्रस्थ स्थिति में होने का संदेह हो सकता है और वे स्कैन कराने की सलाह दे सकती हैं।
शिशु के अनुप्रस्थ अवस्था में रहने का कारण क्या है? What causes a baby to be in a transverse position?
गर्भावस्था के अंतिम समय में शिशु की स्थिति का अनुमान लगाना असंभव है। प्रसव शुरू होने के बाद भी शिशु घूमकर सही स्थिति में आ सकता है। शिशु के अनुप्रस्थ स्थिति में होने की संभावना बढ़ाने वाले कुछ जोखिम कारक निम्नलिखित हैं:
- गर्भाशय का आकार :- Shape of the uterus :- एक द्विशृंगी गर्भाशय के ऊपर एक गहरा V आकार होता है जो गर्भाशय को दो भागों में विभाजित करता है, जिससे बच्चे को करवट लेकर लेटने के लिए जगह मिलती है।
- एमनियोटिक द्रव :- Amniotic fluid :- जब एमनियोटिक द्रव का स्तर बहुत अधिक होता है (पॉलीहाइड्रामनिओस), तो शिशु गर्भावस्था के अंत तक हिलता-डुलता रह सकता है और प्रसव से पहले अनुप्रस्थ स्थिति में आ सकता है। इसी प्रकार, जब एमनियोटिक द्रव का स्तर बहुत कम होता है (ओलिगोहाइड्रामनिओस), तो शिशु की हलचल कम हो जाती है और वह अनुप्रस्थ स्थिति में फंसा रह सकता है।
- प्लेसेंटा प्रीविया :- Placenta previa :- जब प्लेसेंटा बहुत नीचे स्थित होता है और योनि के द्वार को अवरुद्ध कर देता है, तो बच्चा प्रसव के लिए सिर नीचे की स्थिति में नहीं आ पाता है।
- समय से पहले प्रसव :- Premature labor :- जब मां को समय से पहले प्रसव पीड़ा शुरू हो जाती है, तो बच्चे को सही स्थिति में आने का मौका नहीं मिल पाता है।
- एकाधिक गर्भावस्था :-Multiple pregnancy :- जब गर्भाशय में एक से अधिक बच्चे होते हैं, तो बच्चों को अपनी स्थिति बदलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं हो सकती है।
- श्रोणि संरचना :- Pelvic structure :- मां की असामान्य श्रोणि संरचना शिशु को सही स्थिति में आने से रोक सकती है।
- गर्भाशय ग्रीवा अवरुद्ध होना :- Blocked cervix :- यदि कोई सिस्ट या फाइब्रॉइड गर्भाशय ग्रीवा को अवरुद्ध कर रहा है, तो बच्चा अनुप्रस्थ स्थिति में रह सकता है।
कभी-कभी इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं होता यह बस हो जाता है।
अनुप्रस्थ लेटने वाले शिशु के लक्षण Characteristics of a transverse lying baby
शिशु को अनुप्रस्थ स्थिति में रखने के कुछ लक्षण इस प्रकार हैं:
- आप महसूस कर सकते हैं कि बच्चा ऊपर से नीचे की बजाय आपके बगल की ओर खिंच रहा है।
- आप उनके सिर का स्पर्श या अपने बगल में लगने वाली लातें महसूस कर सकते हैं।
- आपके गर्भाशय का ऊपरी हिस्सा आपके पेट में नीचे की ओर हो सकता है, जिससे ऊपर का हिस्सा अधिक चपटा महसूस हो सकता है।
शिशु की अनुप्रस्थ स्थिति से होने वाली जटिलताएं Complications from the transverse position of the baby
शिशु की अनुप्रस्थ स्थिति से प्लेसेंटल एब्रप्शन, भ्रूण संकट, समय से पहले प्रसव, भ्रूण की हृदय गति में अनियमितता या झिल्ली के समय से पहले फटने का खतरा बढ़ सकता है।
योनि से सफल प्रसव होने की स्थिति में In case of successful vaginal delivery
- प्रसव की अवधि आमतौर पर लंबी होती है
- शुरुआती कुछ दिनों तक शिशु का चेहरा सूजा हुआ या चोटिल दिख सकता है।
- गर्भनाल शिशु के जन्म से पहले ही बाहर निकल सकती है, जिससे शिशु को ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो सकती है।
यदि सीजेरियन डिलीवरी सफल रही तो If the caesarean delivery is successful
- बच्चे को चोट लगना
- फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा होने पर शिशु को सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।
- बच्चे की स्थिति के अनुसार सी-सेक्शन कट में बदलाव करना
- मां में रक्तस्राव में वृद्धि
- मां के मूत्राशय या आंत में चोट लगना
- मां में रक्त के थक्के या संक्रमण
- बेहद दुर्लभ मामलों में, यह घातक भी हो सकता है।
अपने बच्चे को करवट बदलने के लिए कैसे प्रोत्साहित करें।How to encourage your baby to roll over
झुककर बैठने से बचें और इसके बजाय सीधे, आगे की ओर झुककर और पैरों को फैलाकर बैठने का प्रयास करें ताकि शिशु का सिर आपकी श्रोणि में स्थापित हो सके।” गर्भावस्था के अंतिम चरण में यदि शिशु की स्थिति अनुप्रस्थ है, तो ये छोटे बदलाव कभी-कभी बहुत फर्क ला सकते हैं।
शिशु की अनुप्रस्थ स्थिति और प्रसव Transverse position of the baby and delivery
इसे ट्रांसवर्स फीटल लाई के नाम से भी जाना जाता है, यह स्थिति योनि प्रसव के लिए उपयुक्त नहीं है। यदि शिशु 30वें या 31वें सप्ताह तक सिर ऊपर या सिर नीचे की स्थिति में नहीं आता है, तो निम्नलिखित हो सकता है:
- शिशु स्वयं ही सही स्थिति में आ सकता है। ऐसा प्रसव शुरू होने से पहले या बाद में कभी भी हो सकता है। हालांकि, गर्भावस्था के अंतिम चरण में शिशु के अनुप्रस्थ स्थिति से स्वयं ही सही स्थिति में आने की संभावना बहुत कम होती है।
- डॉक्टर गर्भाशय के भीतर शिशु को घुमाने के लिए एक्सटर्नल सेफेलिक वर्जन या वेबस्टर तकनीक का उपयोग कर सकते हैं, ताकि शिशु का सिर योनि द्वार की ओर आ सके।आपके डॉक्टर सी-सेक्शन के जरिए बच्चे की डिलीवरी करेंगे।
परामर्श :- Consultation
शिशु की अनुप्रस्थ स्थिति योनि प्रसव के लिए सर्वोत्तम स्थिति नहीं होती है।
अधिकांश शिशु जन्म के समय एक तरफ होते हैं, लेकिन आमतौर पर गर्भावस्था के अंतिम तिमाही तक वे सिर नीचे की ओर पलट जाते हैं।
यदि आपकी नियत तारीख के करीब भी आपका बच्चा अभी भी एक तरफ है, तो आपकी दाई या डॉक्टर धीरे से उसे सीधा करने (ईसीवी) की कोशिश कर सकते हैं या सी-सेक्शन की योजना बना सकते हैं।
गर्भनाल का बाहर निकलना दुर्लभ लेकिन गंभीर समस्या है, इसलिए यदि आपका पानी टूट जाए या प्रसव के दौरान बच्चा एक तरफ हो तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
अगर गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है। तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।
कोई भी उपाय करने से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
गर्भावस्था के दौरान कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।
डॉक्टर द्वारा दिए गए दवाओं का नियमित रूप से सही समय पर सेवन करें।
यह एक सामान्य जानकारी है। अगर आपको पीरियड्स मिस होने या प्रेगनेंसी से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं। तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है। तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए।
- Get link
- X
- Other Apps
Comments
Post a Comment