कमजोर दिल वालों के शरीर में दिखते हैं ये लक्षण These symptoms are seen in the body of people with weak heart

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  कमजोर दिल वालों के शरीर में दिखते हैं ये लक्षण, गलती से भी न करें नजरअंदाज These symptoms are seen in the body of people with weak heart, do not ignore them even by mistake. हार्ट कमजोर होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण महसूस हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन लक्षणों के बारे में दुनियाभर में हार्ट रोगियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आज के समय में 30 से 40 साल के लोगों की भी हार्ट अटैक से मौत हो रही है। इसका कारण खराब खानपान, लाइफस्टाइल बेहतर न होना, स्ट्रेस में रहना इत्यादि है। इसके अलावा हार्ट डिजीज के कई कारण हो सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हार्ट कमजोर होने के लक्षण हमारे शरीर में पहले से ही नजर लाने लगते हैं। अगर आप इन लक्षणों पर समय पर ध्यान देंगे, तो काफी हद तक हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर जैसी परेशानियों को रोका जा सकता है। आइए जानते हैं कमजोर दिल होने के क्या लक्षण हैं? हैलो फ्रेंड्स! मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन } मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा ल...

ह्यूमन कोरियोनिक गोनाड्रॉपिन (HCG) Human Chorionic Gonadropin (HCG)

गर्भावस्था के दौरान एचसीजी लेवल से संबंधित जानकारियां प्राप्त करने में ये लेख हो सकता है मददगार This article can be helpful in getting information related to HCG levels during pregnancy.

ह्यूमन कोरियोनिक गोनाड्रॉपिन (Human chorionic gonadotropin) या एचसीजी एक हॉर्मोन है जो प्रेग्नेंसी के दौरान प्लेसेंटा की कोशिकाओं के द्वारा निर्मित किया जाता है। खासतौर पर शुरुआती गर्भावस्था के दौरान एचसीजी लेवल (hCG Levels During Pregnancy) में खासी बढ़ोतरी होती है। यह वहीं हॉर्मोन है जो होम प्रेग्नेंसी किट में डिटेक्ट होता है। यह हॉर्मोन गर्भाधान conception के 11 दिन के बाद ब्लड में पाया जाने लगता है। जब डॉक्टर महिला की प्रेग्नेंसी को कंफर्म करना चाहते हैं तो वे एक या ज्यादा एचसीजी ब्लड टेस्ट रिकमंड कर सकते हैं। इस टेस्ट में ब्लड में एचसीजी के लेवल के बारे में पता किया जाता है। इस आर्टिकल में गर्भावस्था के दौरान एचसीजी लेवल की जानकारी दी जा रही है।

गर्भावस्था के दौरान एचसीजी लेवल (hCG Levels During Pregnancy)

गर्भावस्था के दौरान एचसीजी लेवल बॉडी को कई तरह से प्रभावित करता है। यह इम्यून सिस्टम को वीक कर देता है जिससे आप इंफेक्शन जैसे कि कोल्ड आदि के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं। यही हॉर्मोन प्रेग्नेंसी के लक्षणों जैसे कि मॉर्निंग सिकनेस के लिए जिम्मेदार होता है। होम प्रेग्नेंसी टेस्ट में एसीजी लेवल डिटेक्ट हो जाता है, लेकिन यूरिन टेस्ट के जरिए इसके बारे में पता लगाते हैं। ऐसे में गर्भवती महिला को ऐसा लग सकता है कि गर्भावस्था के दौरान एचसीजी लेवल (hCG Levels During Pregnancy) नॉर्मल या नहीं।

अगर वे इसे किसी दूसरी महिला से कंपेयर करती हैं तो बता दें कि हॉर्मोन्स का लेवल पर्सन टू पर्सन और प्रेग्नेंसी दर प्रेग्नेंसी अलग हो सकता है। इंप्लाटेशन के टाइम से एचसीजी के लेवल में हर 2 दिन में 60% की वृद्धि होती है। लास्ट पीरियड के बाद 7 से 12 हफ्ते के बीच वृद्धि कहीं अधिक होती है और फिर ये घटने लगती है।

गर्भावस्था के दौरान एचसीजी लेवल (hCG Levels During Pregnancy) के बारे में प्रिडिक्ट करना नहीं है संभव

गर्भावस्था के दौरान एचसीजी लेवल में वृद्धि का अनुमान लगाना संभव नहीं है। विशेषज्ञों ने महिला के पीरियड का पहला दिन मिस करने के बाद एचसीजी के लेवल में भारी बदलाव पाया है। कुछ महिलाओं में लगभग कोई मापने योग्य एचसीजी नहीं होता है, जबकि अन्य में 400 मिली-अंतर्राष्ट्रीय इकाइयों प्रति मिलीलीटर (एमआईयू / एमएल) से अधिक की रीडिंग होती है और जुड़वां बच्चों में एचसीजी का स्तर एक अकेले बच्चे की तुलना में बहुत अधिक होता है।

गर्भावस्था के दौरान एचसीजी लेवल (hCG Levels During Pregnancy) : सप्ताह के अनुसार

गर्भावस्था के दौरान एचसीजी लेवल में वेरिएशन दिखाई देते हैं। अमेरिकन प्रेग्नेंसी एसोसिएशन ने गर्भावस्था के दौरान एचसीजी लेवल (hCG Levels During Pregnancy) की जो रेंज बताई है उसके बारे में हम आपको जानकारी दे रहे हैं। यह महिला के लास्ट पीरियड के बाद सप्ताह दर सप्ताह दिखाई देती है।

3 सप्ताह: 6 – 70 आईयू / एल

4 सप्ताह: 10 – 750 आईयू /ली

5 सप्ताह: 200 – 7,100 आईयू / एल

6 सप्ताह: 160 – 32,000 आईयू/लीटर

7 सप्ताह: 3,700 – 160,000 आईयू/ली

8 सप्ताह: 32,000 – 150,000 आईयू /ली

9 सप्ताह: 64,000 – 150,000 आईयू /ली

10 सप्ताह: 47,000 – 190,000 आईयू/ली

12 सप्ताह: 28,000 – 210,000 आईयू/ली

14 सप्ताह: 14,000 – 63,000 आईयू/ली

15 सप्ताह: 12,000 – 71,000 आईयू/ली

16 सप्ताह: 9,000 – 56,000 आईयू /ली

16 – 29 सप्ताह (दूसरी तिमाही): 1,400 – 53,000 आईयूएल

29 – 41 सप्ताह (तीसरी तिमाही): 940 – 60,000 आईयू /ली

ध्यान रखें ये रेंज लास्ट पीरियड डेट के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए इनको लेकर बहुत परेशान ना हो। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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