क्या बंद होने वाले हैं आपके पीरियड्स
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क्या बंद होने वाले हैं आपके पीरियड्स, इस लक्षणों से करें पहचान
हैलो फ्रेंड्स!
मैं { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }
मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें।
किशोरियों में एक उम्र के बाद मासिक धर्म चक्र की शुरुआत होती है। हर महिला को लगातार 12 महीनों में हर माह मासिक धर्म से गुजरना पड़ता है। इस तरह की शारीरिक स्थिति महिलाओं ले लिए आवश्यक होती है। वहीं उम्र बढ़ने पर पीरियड्स खत्म भी हो जाते हैं। पीरियड्स आने की सही उम्र 12 साल होती है। हालांकि कई बार लड़कियों को 8 साल की उम्र या 15 साल की उम्र में भी मासिक धर्म शुरू हो जाते हैं। वहीं मासिक धर्म बंद होने की उम्र 45 से 50 साल होती है। इस स्थिति को मेनोपाॅज कहा जाता है। लेकिन हर स्त्री के लिए मेनोपाॅज के अनुभव अलग अलग हो सकते हैं। मेनोपाॅज स्वास्थ्य की वह स्थिति है, जिसमें किसी महिला को लगातार 12 महीने मासिक धर्म से नहीं गुजरना पड़ता। इस अवस्था में गर्भवती होने की संभावना कम हो जाती है। मेनोपाॅज एक सामान्य स्थिति है, हालांकि इससे जुड़ी कुछ समस्याएं भी हैं। ये कैसे पता चलेगा कि किसी महिला के पीरियड्स बंद होने वाले हैं यानी महिला मेनोपाॅज के करीब है? चलिए जानते हैं मेनोपाॅज के लक्षण, जिससे पीरियड बंद होने के मिलते हैं संकेत।
पीरियड्स बंद होने की सही उम्र :-
एक रिसर्च के मुताबिक, मेनोपाॅज के लिए उम्र पहले से निर्धारित मानी गई है। लेकिन कई कारणों से मेनोपॉज की स्थिति उम्र से पहले आ सकती है। एक्सपर्ट के मुताबिक, मेनोपाॅज की शुरुआती आयु 45 से 50 साल मानी जाती है। इस उम्र की अधिकांश महिलाओं को मासिक धर्म आना बंद होने लगते हैं। हालांकि कुछ महिलाओं की ओवरी जल्दी ही काम करना बंद कर देती है। वहीं कुछ महिलाओं का मासिक धर्म 50 साल की उम्र के बाद भी जारी रहता है।
मेनोपाॅज के प्रकार :-
पीरियड्स खत्म होने से पहले पूरे एक साल के लिए मासिक धर्म की कमी होने की स्थिति मेनोपाॅज है। मेनोपाॅज दो प्रकार के होते हैं- पेरिमेनोपॉज और पोस्टमेनोपाॅज।
पेरिमेनोपॉज के दौरान अक्सर पीरियड्स अनियमित आने लगते हैं या लेट पीरियड्स होते हैं। एक दो बार से ज्यादा पीरियड्स पूरी तरह से छूट सकते हैं। ब्लड का फ्लो कभी भारी तो कभी हल्का होने लगता है।
पोस्ट मेनोपॉज की स्थिति में आपके पीरियड्स लगातार 12 महीने से ज्यादा समय तक चल सकते हैं।
पीरियड्स बंद होने के लक्षण :-
अनियमित मासिक धर्म :-
जब आपके पीरियड्स अनियमित होने लगें तो इसका एक कारण मेनोपाॅज भी हो सकता है। वैसे तो स्वास्थ्य संबंधी समस्या या प्रेगनेंसी के दौरान भी मासिक धर्म अनियमित होते हैं लेकिन मेनोपाॅज का यह सबसे प्रमुख लक्षण है। पीरियड बंद होने से पहले मासिक धर्म में ब्लड का फ्लो कभी ज्यादा कभी कम हो सकता है।
वेजाइनल ड्राईनेस :-
मासिक धर्म चक्र बंद होने से पहले योनि में सूखापन, खुजली हो सकती है। मेनोपॉज में महिला की त्वचा में कटने-फटने की समस्या होने पर इंफेक्शन फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है।
अनिद्रा की शिकायत :-
मेनोपॉज की स्थिति में नींद आने में परेशानी होने लग सकती है। महिला में डिप्रेशन, चिंता या मूड स्विंग के लक्षण देखे जा सकते हैं। इसके अलावा भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है।
हाॅट फ्लैशेस :-
हॉट फ्लैशेस में शरीर के ऊपरी हिस्से में गर्मी ज्यादा लगती है। पीरियड बंद होने की स्थिति में चेहरे, गर्दन और सीने में ज्यादा गर्मी महसूस हो सकती है। अधिक पसीना आना और त्वचा पर लाल चकत्ते आ सकते हैं।
मासिक धर्म एक महिलाओं के शरीर में प्राकृतिक रूप से होने वाली प्रक्रिया है, जो आमतौर पर पूरे माहवारी काल में आती है। हालांकि, कई महिलाओं को उनकी आमतौर पर माहवारी की तारीख से पहले या तारीख के बाद मासिक धर्म बंद हो जाता है। यह समस्या अक्सर स्वाभाविक नहीं होती है और इसका कारण स्वास्थ्य समस्याएं, स्ट्रेस, गर्भावस्था, और अन्य बाहरी कारकों में से कोई भी हो सकता है।
मासिक धर्म के रंग में बदलाव :-
अगर आपका मासिक धर्म का रंग बदल रहा है और आप इसे पहले की तुलना में अलग देख रहे हैं, तो यह एक गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
माहवारी समय से पहले या बहुत देर में होना :-
आपका मासिक धर्म सामान्यतः स्थानिक या सामान्य समय से पहले या बाद में आता है, तो यह एक बाधाकारी लक्षण हो सकता है।
दर्द और असहजता का अनुभव :-
आपको मासिक धर्म के समय असामान्य दर्द और असहजता का अनुभव हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह विषय आपके स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
हार्मोनल संतुलन में बदलाव :-
मासिक धर्म बंद होने के साथ, आपके शरीर में हार्मोनल संतुलन में भी बदलाव हो सकता है।
अगर आपको लगता है कि आपका मासिक धर्म बंद हो रहा है या मासिक धर्म बंद होने के लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो आप मासिक धर्म बंद होने के लक्षणों को नजर अंदाज न करें । और आप जल्द से जल्द डॉक्टर से सम्पर्क करें । और इसका इलाज कराए
परामर्श :-
आमतौर पर महिलाएं पीरियड्स और प्रेगनेंसी को लेकर बहुत कम जागरूक होती हैं। इसलिए पीरियड्स में अनियमितता आने, सामान्य से अधिक या कम ब्लीडिंग होने, ब्लीडिंग के रंग में बदलाव या उससे बदबू आने या प्रेगनेंसी के दौरान किसी तरह की कोई समस्या होने पर वे तुरंत घबरा जाती हैं।
अगर आपको ऐसा लग रहा है कि ओव्यूलेशन ठीक ढंग से नहीं हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जांच करा कर इलाज करवाना चाहिए।
अगर महिलाओं को गर्भधारण करने में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।
अगर महिलाओं को र्भावस्था के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
किसी भी दवा का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
डॉक्टर द्वारा दिए गए दवाओं एवं सप्लीमेंट का नियमित रूप से सही समय पर सेवन करें।
अगर आपको पीरियड्स या प्रेगनेंसी से संबंधित किसी तरह की कोई परेशानी या कन्फ्यूजन है तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलकर इस बारे में बात करना चाहिए।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आपको पीरियड्स मिस होने या प्रेगनेंसी से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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