​बच्‍चों की हाइट बढ़ाने के तरीके Ways to increase the height of children

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बच्चों की हाइट नहीं बढ़ने के कारण / बच्चों की हाइट बढ़ाने के नेचुरल तरीके Reasons for children not growing in height / Natural ways to increase children's height लड़के और लड़कियों की लंबाई किस उम्र तक बढ़ती है? Till what age do boys and girls grow in height? आज के समय में हर कोई अच्छी हाइट पाना चाहता है, क्योंकि लंबाई न केवल व्यक्तित्व को आकर्षक बनाती है, बल्कि आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। यहां जानिए, लड़के और लड़कियों की लंबाई कब तक बढ़ती है? जन्म के बाद बच्चों के सही विकास की जिम्मेदारी माता-पिता की होती है। किसी भी बच्चे की शारीरिक संरचना कैसे होगी यह पूरी तरह से माता-पिता पर निर्भर करता है। अक्‍सर पेरेंट्स शिकायत करते हैं कि उनके बच्‍चे की हाइट नहीं बढ़ रही है या अपने साथ के बच्‍चों के मुकाबले उनके बच्‍चे की हाइट कम है। आजकल तो बच्‍चों की हाइट न बढ़नी या कम बढ़ने की प्रॉब्‍लम ज्‍यादा देखी जा रही है। कम हाइट होने की वजह से बच्‍चों के आत्‍मविश्‍वास में कमी आती है और वो लोगों के सामने जाने से भी कतराने लगते हैं। बच्‍चों के सही मानसिक विकास के लिए उचित शारीरिक विकास होना भी जरूरी ह...

वजायना में होने वाली गंभीर बीमारियां, Serious diseases of the vagina,

वजायना में होने वाली गंभीर बीमारियां, Serious diseases of the vagina,

महिलाओं की योनि में सूजन और जलन होना एक बहुत बड़ी समस्या है। यह बीमारी संक्रमण प्रजनन के समय ज्यादा तेजी से होता है। यह बीमारी हार्मोनल लेवल के घटने-बढ़ने, बैक्टीरिया या यौन गतिविधियों के कारण योनि से जुड़ी समस्या होती है। योनि में अनेकों प्रजाति के बैक्टीरिया होते हैं। कई बार बैक्टीरिया या तो बहुतकम हो जाते हैं या बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं। इस वजह से योनि में संक्रमण हो जाता है। महिलाओं को संक्रमण सेक्स करने से भी हो सकता है।

योनि संक्रमण तीन प्रकार का होता है। पहला – यीस्ट इंफेक्शन, दूसरा- बैक्टीरियल इंफेक्शन, तीसरा ट्राईकोमोनिएसिस, जिन महिलाओं को यह गंभीर बीमारी होती है। योनि में एक लिक्विड डिस्चार्ज होने लगता है। योनि के आसपास और अंदर बहुत खुजली भी होता है। कई बार बहुत ज्यादा खुजलाने से जलन होने लगता है। तीनों इंफेक्शन के लक्षण भी अलग-अलग होता है।

महिलाओं को कौन-कोन सी योनि की समस्याएं हो सकती हैं? What vaginal problems can women have?

यीस्ट इंफेक्शन :- yeast infection :-

योनि की समस्यायों की बात करें तो सबसे पहले यीस्ट इंफेक्शन आता है। इस समस्या में योनि में बहुत ज्यादा खुजली होने लगता है। इंफेक्शन बहुत ज्यादा बढ़ जाने से जलन भी होने लगता है। योनि मार्ग में कभी-कभी हल्का दर्द भी होने लगता है। सेक्स और मूत्र करते वक्त जलन महसूस होता है। योनि के अंदर एक व्हाइट कलर का लिक्विड डिस्चार्ज होने लगता है। जिस वजह से बदबू भी आती है। कुछ मरीजों को योनि के ऊपर और आसपास के हिस्सों में लाल चकत्ते और दाने होने लगते है

बैक्टीरियल वेजिनोसिस :- Bacterial vaginosis :-

योनि की समस्यायों में बैक्टीरियल वेजिनोसिस भी है। यह भी एक तरह से इंफेक्शन है। यह इंफेक्शन योनि में बैक्टीरिया अधिक बढ़ जाने से या कम हो जाने से होता है। इस कंडिशन में गार्डनेरेला वैजिनाइटिस कहते हैं। यह गार्डनेरेला बैक्टीरिया की वजह से होता है। योनि में जब बैक्टीरिया असंतुलित होने लगते है, तब यह इंफेक्शन होता है। बहुत सारी महिलाएं योनि की सफाई के लिए डूशिंग का इस्तेमाल करती हैं। जिस वजह से यह इंफेक्शन ज्यादा होता है। एंटीसेप्टिक लिक्विड से नहाने से भी यह इंफेक्शन हो सकता है।

यूट्रीन प्रोलैप्स :- uterine prolapse :-

यह महिलाओं में काफी गंभीर बीमारी होती है। इस बीमारी में यूट्रस अलग होकर गिर जाता है। यह बीमारी काफी खतरनाक होता है। इसे यूट्रीन प्रोलैप्स कहते हैं। महिलाओं में यूट्रस मांसपेशियों की मदद से अपनी जगह पर टिका होता है। इस बीमारी के प्रभाव से यूट्रस की मांसपेशियां कमजोर हो जाती है। जिस वजह से मांसपेशियां यूट्रस को जकड़ नहीं पाती है और यूट्रस अपनी स्थान से अलग होकर गिर जाता है। ज्यादातर मामलों में यूट्रस वजायना तक आ जाता है। कुछ मामलों में ऐसा भी होता है कि यूट्रस वजायना से बाहर निकलने लगता है। इस बीमारी का खतरा उम्र बढ़ने के साथ बढ़ता है। महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन नाम का हॉर्मोन भी बनता है। तभी यूट्रीन प्रोलैप्स का खतरा बढ़ जाता है। यह समस्या प्रेग्नेंसी और डिलिवरी के समय भी आती है।

इस बीमारी का खतरा उम्र बढ़ने के साथ बढ़ता है। महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन नाम का हॉर्मोन भी बनता है। तभी यूट्रीन प्रोलैप्स का खतरा बढ़ जाता है। यह समस्या प्रेग्नेंसी और डिलिवरी के समय भी आती है। इस बीमारी में शुरुआती लक्षण योनि से ब्लीडिंग होने लगता है। योनि में सफेद पदार्थ दिखाई देने लगता है। कभी-कभी ऐसा महसूस होगा, जैसे यूट्रस योनि से बाहर निकल रहा हो। पेट के निचले हिस्से में काफी कसाव महसूस हो सकता है। पेशाब करने में काफी दिक्कत हो सकती है। अगर आपको ऐसा कुछ लक्षण महसूस हो, तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। इन लक्षणों को शुरू में बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें।

अगर आपको ऐसा कुछ लक्षण महसूस हो, तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। इन लक्षणों को शुरू में बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें

योनि की समस्याएं से बचने के लिए ध्यान दें ये बातें। To avoid vaginal problems, pay attention to these things

योनि की समस्यायों से बचने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप इस जागह की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। क्योंकि बेक्टीरिया गंदगी में ज्यादा पनपते हैं, तो गुप्तांग की साफ सफाई रखना जरूरी है।

संक्रमण से बचने के लिए क्या करे। What to do to avoid infection

  1. हमेशा कॉटन के अंडरवियर पहनें। कॉटन के अंडरवियर से इंफेक्शन का खतरा कम होता है। अगर इंफेक्शन है तो यह इस दौरान राहत दिलाने में मदद करता है।
  2. टाइट अंडरवेयर या लोअर्स को पहनने से बचना चाह‍िए। सिंथेटिक फाइबर्स से बने कपड़ों को भी न पहनें। ऐसे कपड़े पहनने से समस्या बढ़ सकती है।
  3. पीरियड्स के दौरान टैम्पोन या पैड्स को हर चार घंटे में बदलते रहना चाह‍िए ज्यादा देर तक एक ही पैड या टैंपोन का इस्तेमाल करने से इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
  4. गीले कपड़ों में ज्यादा देर ना रहें। गीले कपड़ों में बेक्टीरिया पनपते हैं, जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
  5. वजायना को हमेशा ड्राय और क्लीन रखें। वजायना के ज्यादा गीले रहने और साफ-सफाई न रखने पर इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
योनि में ड्रायनेस, जलन या दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लें, क्योंकि अक्सर महिलाएं इसे छोटी समस्या समझकर इग्नोर कर देती हैं, और बाद में यही इंफेक्शन को बढ़ाने का कारण बन जाती है। साथ ही योनि में किसी भी प्रकार के ऑइंटमेंट या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। योनि को साबुन से क्लीन न करें। ये भी इंफेक्शन का कारण बन सकता है।

परामर्श :- Counseling :-

अगर लड़कियों और महिलाओं को गीलापन की समस्या के साथ-साथ; खुजली, जलन, रैशेज, बदबूदार स्त्राव, स्त्राव के रंग में बदलाव असामान्य योनि स्राव, योनि में सूजन और लालिमा, पेशाब के दौरान जलन, योनि से बदबू आना, दर्द, योनि में दाने, योनि का मोटा होना।, कालापन, व्हाइट डिस्चार्ज, योनि का सूखापन, पेशाब करने में कठिनाई, योनी की त्वचा में छोटे-छोटे कट और दरारें दिखाई देना, जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं; तो महिलाओं को तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए अगर महिलाएं योनि के गीलेपन की समस्या को नजरअंदाज करती हैं; तो आगे जाकर इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिए, इसे नजरअंदाज ना करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेकर इसका इलाज कराए।

अगर महिलाओं या लड़कियों के वजायना में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए

कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें

महिलाओं या लड़कियों को योनि में किसी भी प्रकार की कोई भी समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।

वजायना (योनि) में कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।

डॉक्टर द्वारा दिए गए दवाओं का नियमित रूप से सही समय पर सेवन करें।

यह एक सामान्य जानकारी है अगर लड़कियों और महिलाओं के वजायना ( योनि ) से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए

Tak

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