महिला के गुदा पर पूरी जानकारी / एनल सेक्स (गुदामैथुन) के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव Complete information on the female anus / The health effects of anal sex
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महिला के गुदा पर पूरी जानकारी / एनल सेक्स (गुदामैथुन) के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव Complete information on the female anus / The health effects of anal sex
महिला के गुदा पर पूरी जानकारी: एनल सेक्स से पहले पढ़ो! Complete information on the female anus: Read before anal sex!
सेक्स के समय व्यक्ति अपने साथी के गुदा द्वार को सहला सकते हैं, या फिर हस्तमैथुन मास्टरबेशन के समय अपने गुदा द्वार को सहला या रगड़ सकते हैं। जो लोग गुदा मैथुन को सेक्स में सम्मिलित करना चाहते हैं यह आर्टिकल उनके लिए है।
जहाँ आतें खुलती हैं, उसे गुदा द्वार कहते हैं - जहाँ से मल बाहर निकलता है। गुदा द्वार के आस पास छोटे बाल होते हैं जो अक्सर नितम्बों के बीच फ़ैले होते हैं।गुदा द्वार एक संवेदनशील क्षेत्र होता है, इसीलिए कई लोग इसे सेक्स में सम्मिलित करते हैं। सेक्स के समय व्यक्ति अपने साथी के गुदा द्वार को सहला सकते हैं, या फिर हस्तमैथुन मास्टरबेशन के समय अपने गुदा द्वार को सहला या रगड़ सकते हैं।
गुदा द्वार पर, मुख या जीभ का इस्तेमाल भी, कई लोगों को अच्छा लग सकता है। कुछ लोगों को गुदा द्वार में लिंग या उंगली का प्रवेश आनन्ददायक लगता है। इसे गुदा मैथुन एनल सेक्स कहते हैं।
यदि व्यक्ति गुदा मैथुन को सेक्स में सम्मिलित करना चाहते हैं तो उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए की गुदा द्वार के क्षेत्र को सौम्य साबुन और पानी से साफ़ कर लें।
कुछ लोग गुदा मैथुन से पहले आँतों को साफ़ करने के लिए एनिमा या लैक्सेटिव सपोसिटरी जिसे बत्ती भी कहा जाता है, का उपयोग करना पसंद कते हैं, जिससे उंगली या लिंग पर मल न लग जाए।
गुदा मैथुन के दौरान प्रचुर मात्रा में जल-आधारित चिकनाई युक्त पदार्थ वाटर बेस्ड लूब्रीकेंट का उपयोग करने से लिंग आसानी से गुदा द्वार में जा सकता है। तेल-आधारित चिकनाई युक्त पदार्थ आयल बेस्ड लूब्रीकेंट का उपयोग ना करें, क्योंकि यह कण्डोम को खराब कर सकता है और इसलिए यौन संचारित संक्रमण से बचाव नहीं हो पाता है।
संक्रमण
लड़कियों को यह ध्यान रखना होगा की वे अपने गुदा द्वार को छूने के बाद अपने योनि द्वार को न छुएं। यदि उनके साथी गुदा मैथुन कर रहे हों तो ध्यान रखें की वे लिंग को गुदा द्वार से निकाल कर सीधे योनि द्वार में न डाल दें। ऐसा करने से आँत क्षेत्र के जीवाणु योनि में प्रवेश कर सकते हैं और मूत्राशय में संक्रमण हो सकता है या फिर, यौन संचारित रोग हो सकता है।
anal sex एनल सेक्स के बुरे प्रभाव, गुदामैथुन जिसे एनल सेक्स के नाम से जाना जाता है एक प्रकार का सेक्स होता है जिसमें लिंग को योनि की बजाए गुदा में प्रवेश कराया जाता है। अगर हम इसे सरल शब्दों में समझना चाहे तो गुदा में लिंग को डालकर संभोग करने की प्रक्रिया को ही गुदामैथुन या एनल सेक्स कहा जाता है। आज हम आपको बताएंगे एनल सेक्स के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव क्या है और किस प्रकार इनसे बचा जा सकता है।
ज्यादातर लोग इसके बारे में बात नहीं करते लेकिन आज कल देखा गया है कि गुदामैथुन में लोगों की दिलचस्पी बढ़ती जा रही है और लोग इसका आनंद भी उठा रहे हैं। लेकिन यदि आप गुदामैथुन anal sex करने की सोच रहे हैं तो आपको इसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों को जानना आवश्यक है।
क्या होता है गुदामैथुन
प्राकृतिक सेक्स वह होता है जिसमें पुरुष अपने लिंग को महिला की योनि में प्रवेश करता है जबकि गुदामैथुन में इसके विपरीत लिंग को महिला या पुरुष की गुदा में प्रवेश कराया जाता है गुदामैथुन में जरूरी नहीं कि लिंग penis का ही प्रयोग हो इसके लिए उंगली या अन्य किसी वस्तु को भी इस्तेमाल किया जाता है आपको यह जानना बहुत जरूरी है की गुदामैथुन योनि की भांति आसान नहीं होता और ऐसे करने से बहुत सारे खतरे भी होते हैं।
एनल सेक्स को होमोसेक्सुअल कपल ही नहीं बल्कि हेट्रोसेक्सुअल कपल भी करना पसंद करते हैं कुछ पुरुष सेक्स का अधिक आनंद पाने के लिए एनल सेक्स करना पसंद करते हैं इसलिए यदि आप भी एनल सेक्स को ट्राई करना चाह रहे हैं तो अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए इस में की जाने वाली गलतियों से बचें आइए जानते हैं एनल सेक्स के बुरे प्रभाव क्या है।
गुदा मैथुन के नुकसान
एनल सेक्स के नुकसान जानने के लिए आपको गुदा के बारे में जानकारी होना आवश्यक है गुदाद्वार शरीर का एक हिस्सा होता है जो कि एक पाइप की तरह होता है और मल को त्यागने का कार्य करता है गुदा की मांसपेशियां अत्यधिक टाइट होती हैं और उनमें किसी भी प्रकार का लुब्रिकेंट नहीं निकलता आइए जानते हैं गुदामैथुन के नुकसान क्या है और गुदा मैथुन के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव क्या है।
गुदा में नहीं होती प्राकृतिक चिकनाई
योनि संभोग Vaginal sex करते समय योनि की दीवारों में प्राकृतिक चिकनाई उत्पन्न होती है। जिससे कि संभोग के दौरान योनि और लिंग दोनों को सुरक्षा प्रदान होती है और अधिक घर्षण नहीं होता। इसके विपरीत गुदा में प्राकृतिक चिकनाई उत्पन्न नहीं होती जिसकी वजह से गुदा और पेनिस के बीच अधिक घर्षण उत्पन्न होता है जिससे पेनिस में चोट आने की संभावना अधिक होती है साथ ही साथ गुदा में भी घाव होने के चांस होते हैं।
एनल सेक्स से गुदाद्वार को नुकसान पहुंचाना
अगर आप एनल सेक्स करते हैं तो गुदाद्वार की त्वचा को आसानी से चोट पहुंच सकती है। क्योंकि गुदा की कोशिकाएं बहुत ही टाइट होती हैं और वह जल्दी ही टूट सकती हैं जिसके कारण आपको दर्द के साथ-साथ संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। गुदाद्वार की मांसपेशियां प्राकृतिक तौर पर फैलने और सिकुड़ने के लिए उतनी अधिक तैयार नहीं होती जितनी कि योनी की होती हैं इसलिए गुदामैथुन करते समय जल्दबाजी ना करें और धीरे-धीरे इसकी शुरुआत करें ताकि गुदा में किसी प्रकार की चोट उत्पन्न ना हो।
गुदामैथुन में होता है यौन संचारित रोग होने का खतरा
यौन संचारित रोग जो कि मुख्य यौन क्रिया के द्वारा उत्पन्न होते हैं गुदामैथुन या एनल सेक्स किए जाने पर इनके होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है STD जिनमें मुख्यता है गोनोरिया क्लैमाइडिया जैसे रोग आते हैं इसमें शामिल होते हैं कई शोधों में यह बात सामने आई है कि एनल सेक्स करने पर यौन संचारित रोग होने की संभावना 30% तक बढ़ जाती है जिसमें एचआईवी एड्स सबसे प्रमुख यौन संचारित रोग है।
ऐनल सेक्स से भीतरी ऊतकों को होता है नुकसान
जब आप एनल सेक्स करते हैं तो आपके गुदा के अंदरूनी भाग उतने सुरक्षित नहीं होते जितने कि इसके बाहरी होते हैं जब आप अपने लिंग को गुदा में प्रवेश कराते हैं तो इससे आपके लिंग के ऊतक और गुदा के ऊतकों को नुकसान पहुंचाने के चांस काफी अधिक हो जाते हैं।
एनल सेक्स से बढ़ सकता है कैंसर का खतरा
अध्ययन से यह मालूम हुआ है कि गुदा के कैंसर का खतरा एनल सेक्स करने वालों में अधिक होता है क्योंकि यह कई प्रकार से गुदा को प्रभावित करता है
अमेरिकी कैंसर सोसाइटी के मुताबिक गुदा के अंदर बहुत ही पतली झिल्ली पाई जाती हैं जिसके कारण इन्हें चोट पहुंचने पर कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है
ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से सबसे अधिक गुदा कैंसर होता है।
एनल सेक्स में अधिक होता है एड्स का खतरा
यदि गुदा सेक्स मैं सुरक्षा का ध्यान ना रखा जाए तो एड्स जैसी खतरनाक बीमारियां होने के चांस बहुत अधिक होते हैं अध्ययन से पता चला है कि एचआईवी योनि की तुलना में गुदामैथुन के द्वारा 30 परसेंट अधिक तेजी से फैल रहा है इसलिए गुदा मैथुन करते समय सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
एनल सेक्स से मल रोकने में होती है कठिनाई
जब आप बार-बार एनल सेक्स करने लगते हैं तो आपके गुदा में मल को रोक कर रखने की क्षमता कम हो जाती है क्योंकि गुदा की मांस पेशियों को फैलने और से करने की आदत हो जाती है जिससे वह मन रोकने की क्षमता को कुछ हद तक खो देती हैं इससे बचने के लिए आपको कीगल एक्सरसाइज को करना चाहिए जो कि आपकी गुदा की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है साथ ही साथ यह जल्दी स्खलन को रोकने में भी बहुत ही कारगर होती है।
गुदामैथुन में होता है अधिक दर्द
जैसा कि आप समझते हैं योनि सेक्स और गुदा सेक्स दोनों में दर्द का अनुभव की बात की जाए तो गुदामैथुन में दर्द अधिक होता है क्योंकि गुदाद्वार छोटा होता है और उसमें प्राकृतिक चिकनाई भी नहीं होती इसलिए जब भी आप एनल सेक्स करें तो अधिक दर्द ना झेलें अगर आप एनल सेक्स के दौरान अधिक दर्द सहन करते हैं तो बाद में आपको गुदा में सूजन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
एनल सेक्स से हो सकता है पेनिस को नुकसान
सेक्स करते समय पेनिस में खून का संचार बहुत अधिक मात्रा में होता है जिससे उस में कड़ापन उत्पन्न होता है जब आप गुदा में पेनिट्रेशन करते हैं तो आप अपने लिंग को नुकसान पहुंचा सकते हैं क्योंकि उस समय आप इतने उत्तेजित होते हैं कि आपको यह एहसास नहीं होता कि आप अपने लिंग में कितना घर्षण सहन कर पा रहे हैं गुदा मैथुन के बाद आपके लिंग में सूजन और लिंग का टेढ़ा होना जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है इनसे बचने के लिए आपको अधिक चिकनाहट का उपयोग एनल सेक्स करते समय करना चाहिए।
गुदा मैथुन करते समय क्यों आता है आनंद
जैसा कि आपने ऊपर जाना गुदामैथुन धीरे-धीरे लोगों में प्रचलित होता जा रहा है इसके फायदे कम और नुकसान अधिक हैं फिर भी यदि इससे कुछ सावधानियों के साथ किया जाए तो यह पुरुष और महिला दोनों के लिए आनंद की अनुभूति कराने वाला होता है आइए समझते हैं कि किस प्रकार गुदामैथुन करने पर आनंद की प्राप्ति होती है।
गुदा मैथुन करने से पुरुषों को आनंद की प्राप्ति प्रोस्टेट जो कि एक पौरुष ग्रंथि होती है मैं आनंद की प्राप्ति होती है यह ग्रंथि गुदा के अत्यधिक निकट पाई जाती है।
पुरुषों को इसे करने में आनंद आता है क्योंकि इसमें पेनिस पर अधिक टाइटनेस महसूस होती है।
जबकि स्त्रियों में गुदामैथुन का आनंद इसलिए आता है क्योंकि गुदा पर बहुत सारी तंत्रिकाएं आकर समाप्त होती हैं और जब एक साथ इन में घर्षण उत्पन्न होता है तो एक अलग ही आनंद की अनुभूति होती है।
गुदा मैथुन करते समय सावधानियां
यदि आप एनल सेक्स करने का मन बना चुके हैं तो आपको इसे करने से पहले इसके बारे में कुछ सावधानियों को जानना आवश्यक है। आइए जानते हैं कि गुदा मैथुन करते समय किन सावधानियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
जब भी आप गुदामैथुन करने जाएं तो आप अपने पास किसी वॉटर बेस लुब्रिकेंट को रखें ताकि आप एनल सेक्स के दौरान होने वाले अत्यधिक घर्षण से बच पाएं। जिससे आप दोनों अपने गुप्त अंगों में होने वाले नुकसान को कम कर सकेंगे।
प्रत्येक बार गुदामैथुन की शुरुआत धीरे-धीरे करें और हो सके तो पहले गुदा में उंगली को प्रवेश कराएं और उसके बाद लिंग को धीरे-धीरे गुदा में प्रवेश कराएं। जिससे आप एनल सेक्स का भरपूर आनंद ले सकेंगे।
हमेशा एनल सेक्स करते समय आपको कंडोम का इस्तेमाल करना चाहिए इससे आप यौन संचारित रोगों से बच पाएंगे और अपने लिंग को चोटिल होने से भी बचा पाएंगे।
एनल सेक्स करने से पहले आपको गर्म पानी से स्नान और मल त्याग करना चाहिए। ऐसा करने से आपका गुदा साफ हो जाएगा और इससे गुदा में रहने वाले बैक्टीरिया भी कम हो जाएंगे
यदि आप एनल सेक्स के साथ ही वजाइनल सेक्स भी करते हैं तो आपको अधिक सावधानी की आवश्यकता होती है। जब भी आप इस प्रकार से वजाइनल सेक्स के बाद एनल सेक्स करें तो हमेशा नए कंडोम का उपयोग करें जिससे आप वजाइना में होने वाले इंफेक्शन से बच सकते हैं।
एनल सेक्स और गर्भावस्था का संबंध
अधिकतर लोग मानते हैं कि एनल सेक्स से गर्भावस्था के चांस नहीं होते और यह कुछ हद तक सही भी होता है। क्योंकि अगर आप गुदा के अंदर स्पर्म को छोड़ते हैं तो इससे प्रेगनेंसी के चांस नहीं होते। लेकिन यदि आपके स्पर्म गुदा से बहकर योनि के अंदर चले जाते हैं तो महिला गर्भवती हो सकती है इसलिए यह कहना सही नहीं होगा की गुदा मैथुन करने से गर्भ नहीं ठहरता। खासकर जब आप महिला के साथ एनल सेक्स करते हैं तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपका स्पर्म किसी भी प्रकार से महिला की वजाईना तक ना पहुंच पाए जिससे आप अनचाहे गर्भ से बच सकें।
महिलाये गुदा मैथुन के लिए कम राजी होती है और इसे सही भी नहीं माना जाता इसलिए यदि आप गुदा मैथुन के बारे में सोच रहे हैं और एनल सेक्स करने की तैयारी में है तो अपने आप को पूरी तरह इसके लिए उत्तेजित कर लें तथा किसी चिकनाई की व्यवस्था भी कर लें ताकि आप अपने एनल सेक्स को पूरी तरह से आनंदमय बना सकें और उसे दर्द रहित कर पाएं और ऊपर बताई गई बातों का ध्यान रखना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि गुदा मैथुन के समय सावधानियां ना रखने पर इसके खतरनाक परिणाम या बुरे प्रभाव प्राप्त हो सकते हैं।
परामर्श
पहली बार शारीरिक सम्बन्ध बनाने मे असहज हो सकता है, लेकिन यह कभी दर्दनाक नहीं होता है। अगर आपको अचानक सेक्स करने से पहले, सेक्स के दौरान या सेक्स के बाद योनि में दर्द होता है तो बिना देरी किए आपको गायनेकोलॉजिस्ट से संपर्क कराना चाहिए। क्योंकि आपके प्रॉब्लम की रोकथाम शुरूआती स्टेज में हि की जा सकती है।
अगर आपको शारीरिक सम्बन्ध बनाने के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।
शारीरिक सम्बन्ध बनाने के बाद कोई भी परेशानी हो रहा है तो कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
अगर शारीरिक सम्बन्ध बनाने के दौरान या बाद में महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
शारीरिक सम्बन्ध बनाते समय कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले |
शारीरिक सम्बन्ध आपसी मर्ज़ी से बनाने वाला, एक खूबसूरत रिश्ता होता है, जिसमे सभी काम एक दूसरे कि मर्ज़ी से ही होने चाहिए। और हाँ, सेक्स को कभी भी प्यार के ऊपर तरजीह न दें। अगर आप सेक्स कि वजह से, अपने लाइफ पार्टनर, या अपनी गर्लफ्रेंड, या अपने बॉयफ्रेंड को धोखा देते हैं, तो आपको कभी शांति नहीं मिलेगी, और आपको कभी न कभी इसका भुगतान ज़रूर करना पड़ेगा।
अगर लड़कियों या महिलाओं को हर बार सेक्स करते समय खून बहाना या बहुत ज्यादा दर्द होना जारी रहता हैं, तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।
अगर लड़कियों को या महिलाओं को ज्यादा तकलीफ़ होती है तो अपने पुरुष पार्टनर को बोल सकती हैं रुकना हैं या धीरे-धीरे करना हैं और अपनी तकलीफ़ या परेशानी के बारे में बता सकती है। और पुरुषों का भी फर्ज़ है। की अपने महिला पार्टनर का केयर करें। अपने लाइफ पार्टनर की केयर करने से आप दोनों पति पत्नी, लाइफ पार्टनर, प्रेमी जोड़ों में प्यार, रोमांस, रोमांटिक बॉन्डिंग को बेहतर बनाने में बहुत ज्यदा फायदेमंद होता है।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आप किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं या कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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