हंसने, खांसने या छींकने पर यूरीन लीकेज कारण, लक्षण इलाज Urine leakage when laughing, coughing, or sneezing: causes, symptoms, and treatment
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हंसने, खांसने या छींकने पर यूरीन लीकेज की समस्या पुरुषों और महिलाओं में कॉमन होती जा रही है जानिए कारण, लक्षण इसे कैसे कंट्रोल करना है Urine leakage when laughing, coughing, or sneezing is becoming more common among men and women. Learn about the causes, symptoms, and how to control it.
हंसने, खांसने या छींकने पर यूरीन निकल जाने की परेशानी पुरुषों और महिलाओं में कॉमन होती जा रही है। यूरीन से जुड़ी यह बीमारी यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस कहलाती है।
पेशाब की प्रक्रिया मांसपेशियों और तंत्रिकाओं की जटिल अंतःक्रिया द्वारा नियंत्रित होती है। मूत्राशय गुर्दे द्वारा उत्पादित मूत्र को संग्रहीत करता है, और जब पेशाब करने का समय होता है, तो मूत्राशय के आस-पास की मांसपेशियां मूत्र को बाहर धकेलने के लिए सिकुड़ती हैं जबकि मूत्रमार्ग स्फिंक्टर एक मांसपेशी जो मूत्रमार्ग को बंद रखती है मूत्र को पारित करने की अनुमति देने के लिए आराम करती है।
हंसते हुए अगर यूरीन निकल जाए तो इस समस्या को हल्के में न लें। हो सकता है कि यह किसी बड़ी समस्या की शुरुआत हो। दरअसल हंसने, खांसने या छींकने पर यूरीन निकल जाने की परेशानी पुरुषों और महिलाओं में कॉमन होती जा रही है। इससे उनको कई बार शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। यूरीन से जुड़ी यह बीमारी यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस कहलाती है। यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलता है
मूत्र रिसाव यानी यूरिनरी लीक क्या है? What is urinary leakage?
मूत्र रिसाव, पेशाब निकल जाना या यूरिनरी लीक केवल बेडवेटिंग नहीं है, बल्कि जब आपको टॉयलेट तक पहुंचने तक भी यूरिन कंट्रोल न हो सके , या हंसते, खांसते, छींकते समय, भारी वज़न उठाते समय या संभोग करते समय ऐसा हो जाए तो इसे यूरिनरी लीक की स्थिति माना जाता है. पुरुषों और महिलाओं इस रिसाव के अलग-अलग कारण हो सकते हैं.
ब्लैडर लीकेज क्या है? What is bladder leakage?
हमारा ब्लैडर यानि मूत्राश्य की थैली और हमारे मूत्र मार्ग में एक एंगल रहता है वो एंगल लुप्त हो जाता है जिसकी वजह से पेशाब की थैली और मूत्र मार्ग नीचे आ जाता है और पेट पर दबाव पड़ने पर यूरिन लीकेज हो जाता है। जिन पुरुषों और महिलाओं को कब्ज ज्यादा रहता है और वजन ज्यादा होता है तो उन्हें यूरिन लीकेज की परेशानी हो सकती है।
यूयूआई और एसयूआई में फर्क Difference between UUI and SUI
अगर आपका रिसाव वॉशरूम तक पहुंचने से पहले हो जाता है, तो आप मूत्र असंयम यानी यूयूआई से परेशान हैं. वहीं, अगर आप मूत्र रिसाव तब होता है जब आप मुद्रा यानी पोजिशन बदलते हैं या हंसते या खांसते हैं, तो इसे तनाव मूत्र असंयम (SUI) के रूप में जाना जाता है. ये दोनों ही यूरिन लीक यानी मूत्र रिसाव के सामान्य प्रकार हैं.
हंसने, खांसने या छींकने पर मूत्र रिसाव के कारण Causes of urine leakage when laughing, coughing, or sneezing
तनाव मूत्र असंयम तब होता है जब पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियाँ मूत्राशय को सहारा देती हैं और मूत्रमार्ग को बंद रखने में मदद करती हैं मूत्राशय पर दबाव में अचानक वृद्धि को झेलने के लिए पर्याप्त मजबूत नहीं होती हैं। हंसने, खांसने या छींकने जैसी क्रियाओं के दौरान, दबाव क्षण भर के लिए इन मांसपेशियों की ताकत से अधिक हो सकता है, जिससे मूत्र का रिसाव हो सकता है।
उम्र बढ़ने के साथ ही महिलाओं में यूआई (UI) की समस्या कॉमन होती जाती है। ज्यादातर 30-35 की उम्र के बाद महिलाओं में ये परेशानी देखी जाती है। यूआई के ये मुख्य कारण हो सकती हैं।
पेल्विक मसल्स का कमजोर होना Weakening of the pelvic muscles
प्रसव :- Childbirth :- योनि से प्रसव से पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां खिंच सकती हैं और कमजोर हो सकती हैं। इससे मूत्र असंयम का जोखिम बढ़ जाता है।
पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां ब्लैडर और मूत्रमार्ग को सहारा देती हैं जब ये मांसपेशियां कमजोर होने लगती है तो ब्लैडर लीकेज की समस्या बढ़ने लगती है। पेल्विक फ्लोर कमजोर होने के कारण, कब्ज के कारण, उम्र बढ़ने पर, भारी सामान उठाने से ब्लैडर लीकेज की परेशानी होती है।
डिलीवरी :- Delivery :- बच्चे की डिलीवरी के बाद भी महिलाओं में यह समस्या हो जाती है। इसका कारण है बच्चे को जन्म देने में नीचे के मसल्स ज्यादा स्ट्रेच होते हैं। इससे उन पर दबाव पड़ता है और वो कमजोर हो जाते हैं।
उम्र बढ़ना :- Aging :- उम्र बढ़ने के साथ-साथ, शरीर की मांसपेशियां, जिनमें श्रोणि तल की मांसपेशियां भी शामिल हैं, कमजोर होने लगती हैं, जिससे मूत्र रिसाव बढ़ सकता है।
हार्मोनल परिवर्तन :- Hormonal changes :- हार्मोनल उतार-चढ़ाव, विशेष रूप से रजोनिवृत्ति के दौरान, श्रोणि ऊतकों की शक्ति और लोच को प्रभावित कर सकता है, जिससे असंयम की संभावना बढ़ जाती है।
कोई लंबी बीमारी :- Chronic illness :- कुछ पुरुषों और महिलाओं में कोई लंबी बीमारी, सही खानपान का अभाव या शारीरिक कमजोरी भी यूरीन लीक होने की वजह बन सकती है। ऐसे में पेल्विक मसल्स कमजोर होने पर हंसने, खांसने, छींकने या किसी श्रम गतिविधि करने के दौरान ब्लैडर पर दबाव पड़ता है, तो वह यूरीन को होल्ड नहीं रख पाता। इस वजह से यूरीन लीक हो जाता है।
मोटापा :- Obesity :- पुरुषों और महिलाओं में मोटापे के कारण शरीर का अतिरिक्त वजन मूत्राशय और पैल्विक तल की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे मूत्र रिसाव का खतरा बढ़ जाता है।
डायबिटीज :- Diabetes :- पुरुषों और महिलाओं में डायबिटीज भी यूरीन लीकेज का कारण बन सकते हैं।
खांसी :- Coughing :- दीर्घकालिक ब्रोंकाइटिस या अस्थमा जैसी स्थितियां जो लगातार खांसी का कारण बनती हैं, वे पेट में दबाव को बार-बार बढ़ाकर तनाव मूत्र असंयम को बढ़ा सकती हैं।
पहचानने योग्य लक्षण Recognizable symptoms
तनाव मूत्र असंयम का मुख्य लक्षण पेट के दबाव को बढ़ाने वाली गतिविधियों के दौरान अनैच्छिक मूत्र रिसाव है। यह खांसने, हंसने, छींकने या व्यायाम के दौरान हो सकता है। रिसाव की मात्रा कुछ बूंदों से लेकर अधिक प्रवाह तक भिन्न होती है।
मूत्र रिसाव यानी यूरिन लीक को कैसे करें कंट्रोल करें। How to control urine leakage.
इस स्थिति को रोकने और उसके इलाज के लिए बहुत ही सरल, कुशल और प्रभावी तरीके हैं, जो कई महिलाओं के जीवन को प्रभावित करता है!
पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज :- Pelvic floor exercises :- इसे केगेल एक्सरसाइज भी कहा जाता है, इसमें पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को बार-बार सिकोड़ा और ढीला किया जाता है। नियमित अभ्यास से ये मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे मूत्र संबंधी कार्यों पर नियंत्रण बेहतर होता है।
जीवनशैली में बदलाव :- Lifestyle changes :- स्वस्थ वजन बनाए रखना, पुरानी खांसी का इलाज कराना, तथा कैफीन और अल्कोहल जैसे मूत्राशय को परेशान करने वाले पदार्थों से बचना लक्षणों को कम कर सकता है।
वजन कम करना :- Losing weight :- मोटापा कम करना और तनाव कंट्रोल कर स्थिति बेहतर की जा सकती है.
आहार परिवर्तन :- Dietary changes :- मूत्राशय की जलन से बचें जैसे कैफीन, चॉकलेट, मसालेदार भोजन, अम्लीय रस, कृत्रिम पेय पदार्थ न लें.
शोषक उत्पाद :- Absorbent products :- विशेष पैड और अंडरगारमेंट्स सुरक्षा और आराम प्रदान कर सकते हैं, तथा दैनिक गतिविधियों के दौरान रिसाव को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।
कुछ दवाओं से करें लीकेज कंट्रोल Control leakage with some medicines
कुछ नॉन सर्जिकल दवाओं का सेवन करके भी आप लीकेज को कंट्रोल कर सकते हैं। एस्ट्रोजन की मात्रा बढ़ाने के लिए ये दवाइयां दी जाती है। मेनोपॉज के दौरान डॉक्टर एस्ट्रोजन थेरेपी की सलाह दे सकते हैं।
मूत्राशय प्रशिक्षण :- Bladder training :- इसमें नियमित पेशाब कार्यक्रम स्थापित करना और धीरे-धीरे शौचालय जाने के बीच के समय को बढ़ाना शामिल है, ताकि मूत्राशय को समय के साथ अधिक मूत्र धारण करने में मदद मिल सके।
परामर्श :- Consultation :-
अगर आपको हंसने, खांसने या छींकने पर यूरीन निकल जाता है। या पेशाब करने के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए। क्योंकि आपके प्रॉब्लम की रोकथाम शुरूआती स्टेज में हि की जा सकती है।
अगर आपको कोई भी परेशानी हो रहा है तो कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
पेशाब करने के दौरान या बाद में पुरुषों और महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।
अगर लड़कियों या महिलाओं को हर बार सेक्स करते समय खून बहाना या बहुत ज्यादा दर्द होना जारी रहता हैं, तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आप किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं या कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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