​बच्‍चों की हाइट बढ़ाने के तरीके Ways to increase the height of children

Image
बच्चों की हाइट नहीं बढ़ने के कारण / बच्चों की हाइट बढ़ाने के नेचुरल तरीके Reasons for children not growing in height / Natural ways to increase children's height लड़के और लड़कियों की लंबाई किस उम्र तक बढ़ती है? Till what age do boys and girls grow in height? आज के समय में हर कोई अच्छी हाइट पाना चाहता है, क्योंकि लंबाई न केवल व्यक्तित्व को आकर्षक बनाती है, बल्कि आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। यहां जानिए, लड़के और लड़कियों की लंबाई कब तक बढ़ती है? जन्म के बाद बच्चों के सही विकास की जिम्मेदारी माता-पिता की होती है। किसी भी बच्चे की शारीरिक संरचना कैसे होगी यह पूरी तरह से माता-पिता पर निर्भर करता है। अक्‍सर पेरेंट्स शिकायत करते हैं कि उनके बच्‍चे की हाइट नहीं बढ़ रही है या अपने साथ के बच्‍चों के मुकाबले उनके बच्‍चे की हाइट कम है। आजकल तो बच्‍चों की हाइट न बढ़नी या कम बढ़ने की प्रॉब्‍लम ज्‍यादा देखी जा रही है। कम हाइट होने की वजह से बच्‍चों के आत्‍मविश्‍वास में कमी आती है और वो लोगों के सामने जाने से भी कतराने लगते हैं। बच्‍चों के सही मानसिक विकास के लिए उचित शारीरिक विकास होना भी जरूरी ह...

क्‍यों बढ़ रहा है पुरुषों में सेक्‍सुअल डिसफंक्‍शन / जानें क्या होती है पुरुषों की सेक्स प्रॉब्लम / Why is sexual dysfunction increasing in men? Learn about the sex problems in men.

 क्‍यों बढ़ रहा है पुरुषों में सेक्‍सुअल डिसफंक्‍शन / जानें क्या होती है पुरुषों की सेक्स प्रॉब्लम / Why is sexual dysfunction increasing in men? Learn about the sex problems in men.

सिर्फ महिलाओं में ही नहीं बल्कि पुरुषों में भी कई तरह की सेक्स प्रॉब्लम पाई जाती हैं, जिसकी वजह से वह अकसर परेशान रहते हैं और हिचकिचाहट की वजह से उन समस्याओं को न तो किसी से कह पाते हैं

सेक्‍स में इंट्रेस्‍ट न लेना, या सेक्‍सुअल सेटिस्‍फेक्‍शन न मिलना, आजकल अधिकतर पुरुषों की समस्‍या बन गई है। पुरुषों को साथी के साथ सेक्‍सुअल कॉन्‍टेक्‍ट बनाने में कठिनाई महसूस होना। मेडिकल भासा में इसे सेक्‍सुअल डिसफंक्‍शन के नाम से जाना जाता है। ये एक शारीरिक समस्‍या है जो बिजी लाइफस्‍टाइल और तनाव के कारण पुरुषों को अपना शिकार बना रही है। इस समस्‍या के कारण में इनफर्टिलिटी, प्रीमैच्‍योर इजेकुलेशन और सेक्‍स डिजाइर में कमी हो सकते हैं। इसका समय रहते इलाज ना कराने से ज्यादा प्रॉब्‍लम हो सकता है। सेक्‍सुअल डिसफंक्‍शन बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं

पुरुषों में सेक्‍सुअल डिसफंक्‍शन के कारण

सेक्‍सुअल डिसफंक्‍शन के कई कारण हो सकते हैं जिसमें व्‍यक्ति की भावनात्‍मक और शारीरिक दोनों स्थितियां शामिल हो सकती हैं।

जैसे की :-

कार्डियोवसकुलर डिजीज / डायबिटीज /हाइपरटेंशन

हाई कोलेस्‍ट्रॉल / हाइपोथाइरॉइडिज्‍म / मोटापा

लो टेस्‍टोस्‍टेरोन लेवल / हार्मोन असंतुलन / किडनी प्रॉब्‍लम

दवाईयां / हाई ब्‍लड प्रेशर / डिप्रेशन / स्‍लीप डिसऑर्डर

स्‍ट्रैस / एंग्‍जाइटी / डिप्रेशन / परफॉर्मेंस एंग्‍जाइटी

पुरुषों में सेक्‍सुअल डिसफंक्‍शन के लक्षण जैसे :-

सेक्‍स डिजायर में कमी / समय से पहले इरेक्‍ट हो जाना

सेक्‍स में कम इंट्रेस्‍ट लेना / उत्‍तेजना में कमी

घबराहट महसूस होना

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन

सवाल :-

कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो सहवास करने की इच्छा तो रखते हैं लेकिन उनके लिंग में जल्दी तनाव नहीं आता हैं। तनाव आने पर भी अकसर ये जल्दी खत्म हो जाता है जिसकी वजह से पुरुष अपने पार्टनर को पूरी तरह से संतुष्ट नहीं कर पाता हैं

जवाब :-

जिन लोगों को ये समस्या हो, उन्हें अपना ब्लड शुगर चेक कराना चाहिए। डायबिटीज के मरीजों में सेक्सचक्र में कामेच्छा और चरम तो नॉर्मल ही बना रहता है पर प्राइवेट पार्ट में तनाव आने में दिक्कत हो सकती है।

अगर शुगर के कंट्रोल होने के बाद भी तनाव में कमी बनी हुई है तो आपको डॉक्टर से सलाह लेकर ईसका इलाज कराना चाहिए |

हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी बीमारियों में भी यह समस्या हो सकता है इसलिए अपनी इन सभी बीमारियों को ठीक रखेंगे तो इस समस्या से आप छुटकारा पा सकते है अगर आप लैपटॉप को अपने प्राइवेट पार्ट पर रखकर काम करते है, तो एसा करने से बचना चाहिए

अगर आप बहुत अधिक तेल और मसालेदार युक्त भोजन करते हैं तो ईसे कम कर देना चाहिए

किसी भी तरह का कोई भी नशा करते हैं तो आपको ईसे छोड़ देना चाहिए

टेस्टोस्टेरोन की कमी

सवाल :-

टेस्टोस्टेरोन एक मेल हार्मोन होता है, जो पुरुष यौन क्षमता को बढ़ाता है। कई बार देखने में आता है कि पुरुष में सेक्स की चाहत कम होती है और इसकी एक बड़ी वजह सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन की कमी का होना है। पुरुषों में 40 की उम्र के बाद रक्त में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा में कमी आ जाती है। हार्मोन में कमी उम्र के साथ जुड़ी समस्या है लेकिन कुछ लोग अपनी उम्र के शुरुआत में ही इससे परेशान हो जाते हैं। वैसे इस हार्मोन के कम होने के कई कारण हैं

जैसे कि :-

अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण भी इस हार्मोन का स्तर गिर सकता है। कई बार आहार भी पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम करते हैं, जैसे कि फास्ट फूड, तैलीय भोजन, शराब और प्रोसेस्ड फूड।

जवाब :-

टेस्ट करके हार्मोन के कारणों का पता किया जाता है। इसके बाद इंजेक्शन, दवाएं या सर्जरी आदि से इलाज किया जाता है। इसके अलावा ज़िक और मैग्नीशियम जैसे खनिज शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं इन खाद्य पदार्थों का सेवन बहुत जरूरी है। कई बार वजन ज्यादा होने की वजह से भी यह समस्या हो जाती है इसलिए वजन को नियंत्रित में रखना जरूरी है, मीठा कम से कम खाएं, ज्यादा से ज्यादा पानी पीना भी इसमें फायदेमंद रहता है।

शीघ्रपतन की समस्या

सवाल :-

यह पुरुषों में होने वाली सामान्य सेक्स समस्या है। जब किसी पुरुष में वीर्य पतन उसके इच्छा से पूर्व ही हो जाता है या संसर्ग के समय वह बहुत जल्दी ही वीर्य स्खलित कर देता है, तो उसे शीघ्रपतन कहा जाता है। मेडिकल भाषा में इंटरकोर्स शुरू होने से 60 सेकंड के भीतर ही यदि किसी पुरुष का वीर्य स्खलन हो जाए तो इसे शीघ्रपतन कहा जाता है। इस समस्या के कारण पुरुष सैक्स के दौरान अपने साथी को संतुष्ट नहीं कर पाता है।

जवाब :-

सबसे पहले तो यह बात जान लें कि यह बीमारी लाइलाज नहीं है लेकिन इसका इलाज ना कराने से या लापरवाही बरतने पर प्रॉब्लम बढ़ सकती इस समस्या में अल्कोहल का सेवन बंद कर देना चाहिए। शारीरिक सम्बन्ध बनाने में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहिए करें। साथ ही इस समय मन में किसी तरह की कोई चिंता, तनाव या भय नहीं होना चाहिए। सैक्स करने से पहले फोरप्ले में अधिक समय लगाएं। सेक्स के दौरान बीच-बीच में जूस, दूध, ग्लूकोज आदि भी ले सकते है।

सेक्‍सुअल डिसफंक्‍शन का उपचार

परामर्श

सेक्‍सुअल डिसफंक्‍शन का उपचार उसके कारणों और लक्षणों पर निर्भर करता है। इसके लिए आपको कुछ दवाओं के अलावा साइकलॉजिकल ट्रीटमेंट की आवश्‍यकता भी महसूस हो सकती है।

पहली बार शारीरिक सम्बन्ध बनाने मे असहज हो सकता है, लेकिन यह कभी दर्दनाक नहीं होता है। अगर आपको अचानक सेक्स करने से पहले, सेक्स के दौरान या सेक्स के बाद योनि में दर्द होता है तो बिना देरी किए आपको गायनेकोलॉजिस्ट से संपर्क कराना चाहिए। क्योंकि आपके प्रॉब्लम की रोकथाम शुरूआती स्टेज में हि की जा सकती है।

अगर आपको शारीरिक सम्बन्ध बनाने के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

शारीरिक सम्बन्ध बनाने के बाद कोई भी परेशानी हो रहा है तो कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें

अगर शारीरिक सम्बन्ध बनाने के दौरान या बाद में महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।

शारीरिक सम्बन्ध बनाते समय कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले |

शारीरिक सम्बन्ध आपसी मर्ज़ी से बनाने वाला, एक खूबसूरत रिश्ता होता है, जिसमे सभी काम एक दूसरे कि मर्ज़ी से ही होने चाहिए। और हाँ, सेक्स को कभी भी प्यार के ऊपर तरजीह न दें। अगर आप सेक्स कि वजह से, अपने लाइफ पार्टनर, या अपनी गर्लफ्रेंड, या अपने बॉयफ्रेंड को धोखा देते हैं, तो आपको कभी शांति नहीं मिलेगी, और आपको कभी न कभी इसका भुगतान ज़रूर करना पड़ेगा।

अगर लड़कियों या महिलाओं को हर बार सेक्स करते समय खून बहाना या बहुत ज्यादा दर्द होना जारी रहता हैं, तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

अगर लड़कियों को या महिलाओं को ज्यादा तकलीफ़ होती है तो अपने पुरुष पार्टनर को बोल सकती हैं रुकना हैं या धीरे-धीरे करना हैं और अपनी तकलीफ़ या परेशानी के बारे में बता सकती है। और पुरुषों का भी फर्ज़ है। की अपने महिला पार्टनर का केयर करें। अपने लाइफ पार्टनर की केयर करने से आप दोनों पति पत्नी, लाइफ पार्टनर, प्रेमी जोड़ों में प्यार, रोमांस, रोमांटिक बॉन्डिंग को बेहतर बनाने में बहुत ज्यदा फायदेमंद होता है।

यह एक सामान्य जानकारी है अगर आप किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं या कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए

Comments

Popular posts from this blog

किशोरावस्था क्या है? What is adolescence?

प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) कारण लक्षण इलाज। Premenstrual syndrome (PMS) causes, symptoms, and treatment

First pireod पहला पीरियड कैसा होता है: सभी संकेत