प्रेगनेंसी के दौरान योनि स्राव के कारण, लक्षण और उपाय Vaginal discharge during pregnancy: causes, symptoms, and remedies
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प्रेगनेंसी के दौरान योनि स्राव के कारण, लक्षण और उपाय Vaginal discharge during pregnancy: causes, symptoms, and remedies
हैलो फ्रेंड्स!
मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }
मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें।
प्रेगनेंसी नौ महीनों की एक प्रक्रिया है जिससे महिलाएं गुजरती हैं इस नौ महीनों के दौरान महिलाएं ढेरों बदलावों का अनुभव करती हैं। महिलाएं जैसे ही गर्भ धारण करती हैं, महिलाओं के शरीर में हार्मोनल असंतुलन होने शुरू हो जाते हैं जिसके कारण महिलाओं में मानसिक और शारीरिक बदलाव का सिलसिला शुरू हो जाता है।
योनि स्राव क्या है What is vaginal discharge
प्रेगनेंसी से लेकर शिशु के जन्म के दिन तक महिलाओं के अंदर बदलाव होते ही रहते हैं। कभी आपके पीठ में दर्द होना, कमर में दर्द, पेट में गैस, सूजन और दर्द होना. कमजोरी महसूस करना, चक्कर आना, जी मचलाना, उलटी होना, थकान होना, बार बार पिशाब लगना, तेज भूख और प्यास लगना शामिल है। इन्ही बदलावों यानी की लक्षणों में एक लक्षण योनि स्राव यानी की योनि से गिरना भी है। प्रेगनेंसी के दौरान आपको योनि स्राव होता है जिसके दौरान आपकी योनि से पानी की तरह कुछ द्रव बाहर निकता है।
हर एक महिला अपने जीवन में कभी न कभी योनि स्राव से जरूर गुजरती है। यह पीरियड्स के समय हार्मोनल असंतुलन होने के कारण होता है। ओव्यूलेशन के दौरान इसके गाढ़ेपन में बदलाव आता है। जब महिलाएं ओव्यूलेशन नहीं कर पाती हैं तो यह गाढ़ा और चिपचिपा होता है लेकिन जब महिलाएं ओव्यूलेशन करती हैं तो यह पतली और लचीली झिल्ली में बदल जाता है जो स्पर्म को अण्डों तक ले जाने में मदद करता है।
महिलाओं को योनि स्राव से घबराने या इसके बारे में ज्यादा टेंशन लेने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह एक सामान्य लक्षण है जो कुछ समय के बाद अपने आप ही ठीक हो जाता है।
योनि स्राव के कारण Causes of vaginal discharge
प्रेग्नन्सी के दौरान योनि स्राव होना आम बात है जिससे महिलाओं को घबराने की जरूरत नहीं है। आमतौर पर यह खतरनाक नहीं होता है और गर्भ में पल रहे शिशु पर इसका किसी तरह से कोई गलत प्रभाव नहीं पड़ता है। यह प्रेगनेंसी से पहले होने वाले योनि स्राव के जैसा ही होता है, इसमें बस इतना फर्क है की प्रेगनेंसी के दौरान स्राव ज्यादा मात्रा में होती है जबकि प्रेगनेंसी से पहले कम मात्रा में होती है।
सामान्य योनि स्राव को ल्यूकोरोइया के नाम से जाना जाता है जिसका रंग दूधिया और सुगंध हल्का कस्तूरी की तरह होता है। यह महिलाओं के योनि को साफ रखने और इंफेक्शन से बचाने में मदद करता है। यह ग्रीवा से बाहर निकलता है गर्भावस्था के समय इस क्षेत्र में ज्यादा मात्रा में ब्लड सर्कुलेशन होता है तथा शिशु का आकार और वजन भी बढ़ता है।
शिशु का विकास होने की वजह से गर्भाशय ग्रीवा पर प्रेशर डालता है साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान ग्रीवा भी नरम हो जाती है जिसके कारण अधिक योनि स्राव होता है। स्राव अधिक होने के कारण इस दौरान आपको श्लेम भी आ सकता है। श्लेम को अंग्रेजी में शो के नाम से जाना जाता है और ये वो श्लेम डॉट है जो प्रेगनेंसी के दौरान आपकी ग्रीवा को बंद रखता है। लेकिन जब यह ढीला होता है तो बाहर आ जाता है जो डिलीवरी यानी की प्रसव के शुरूआती लक्षणों में एक है।
योनि स्राव के लक्षण Symptoms of vaginal discharge
प्रेगनेंसी के दौरान योनि स्राव होना आम बात है। लेकिन कई बार यह किसी गंभीर समस्या की और भी इशारा भी कर सकता है। कई बार महिलाएं सामान्य और असामान्य योनि स्राव के बीच में फर्क नहीं कर पाती हैं जिसके कारण महिलाओं के सामने ढेरों परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। इसलिए योनि स्राव की स्थिति में आपको इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से मिलकर इस बारे में विस्तार से बात करनी चाहिए।
कुछ लक्षणों के बारे में हम आपको बता रहे हैं जिन्हे अनुभव करने के बाद आपको तुरंत स्त्री-रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
- बेचैनी होना
- पिशाब करने में परेशानी होना
- लगातार बुखार होना या इसका आते जाते रहना
- प्रेगनेंसी के दौरान अधिक मात्रा में पानी जैसा स्राव होना
- अचानक से योनि स्राव के रंग और गंध में बदलाव आना
- प्रेगनेंसी के 27 सप्ताह के बाद शरीर के निचले हिस्से में दर्द होना
- योनि के आसपास सूजन, खुजली, झनझनाहट, दर्द या लालिमा होना
योनि स्राव से बचने के उपाय Tips to avoid vaginal discharge
प्रेगनेंसी के दौरान हार्मोनल असंतुलन के कारण महिलाओं के अंदर ढेरों बदलाव होते हैं और उन्ही बदलावों में से एक बदलाव योनि स्राव है। यह कोई बहुत ही गंभीर समस्या नहीं है बल्कि प्रेगनेंसी के दौरान आप जिन लक्षणों को अपने अंदर महसूस करती हैं, ये भी उन्ही में से एक है। जो कुछ समय के बाद अपने आप ही ठीक हो जाता है।
लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी तरह की समस्या होने पर आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
परामर्श :- Consultation :-
अगर लड़कियों और महिलाओं को गीलापन की समस्या के साथ-साथ; खुजली, जलन, रैशेज, बदबूदार स्त्राव, स्त्राव के रंग में बदलाव असामान्य योनि स्राव, योनि में सूजन और लालिमा, पेशाब के दौरान जलन, योनि से बदबू आना, दर्द, योनि में दाने, योनि का मोटा होना।, कालापन, व्हाइट डिस्चार्ज, योनि का सूखापन, पेशाब करने में कठिनाई, योनी की त्वचा में छोटे-छोटे कट और दरारें दिखाई देना, जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं; तो महिलाओं को तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए अगर महिलाएं योनि के गीलेपन की समस्या को नजरअंदाज करती हैं; तो आगे जाकर इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिए, इसे नजरअंदाज ना करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेकर इसका इलाज कराए।
आमतौर पर महिलाएं पीरियड्स और प्रेगनेंसी को लेकर बहुत कम जागरूक होती हैं। इसलिए पीरियड्स में अनियमितता आने, सामान्य से अधिक या कम ब्लीडिंग होने, ब्लीडिंग के रंग में बदलाव या उससे बदबू आने या प्रेगनेंसी के दौरान किसी तरह की कोई समस्या होने पर वे तुरंत घबरा जाती हैं।
अगर आपको ऐसा लग रहा है कि ओव्यूलेशन ठीक ढंग से नहीं हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जांच करा कर इलाज करवाना चाहिए।
अगर महिलाओं को गर्भधारण करने में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।
अगर महिलाओं को र्भावस्था के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
किसी भी दवा का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
डॉक्टर द्वारा दिए गए दवाओं एवं सप्लीमेंट का नियमित रूप से सही समय पर सेवन करें।
अगर आपको पीरियड्स या प्रेगनेंसी से संबंधित किसी तरह की कोई परेशानी या कन्फ्यूजन है तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलकर इस बारे में बात करना चाहिए।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आपको पीरियड्स मिस होने या प्रेगनेंसी से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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