नसों में कमजोरी के लक्षण Symptoms of nerve weakness

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नसों में कमजोरी आने पर दिख सकते हैं ये लक्षण These symptoms can be seen when there is weakness in the nerves नर्वस सिस्टम हमारे शरीर का कमांड सेंटर होता है। यह मस्तिष्क और शरीर के सभी अंगों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने के लिए कोशिकाओं का इस्तेमाल करता है। साथ ही नसों का काम पूरे शरीर में रक्त प्रवाह करने का होता है। ऐसे में जब नसों में कोई दिक्कत आती है या फिर नसें कमजोर होती हैं, तो व्यक्ति को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। संक्रमण, स्ट्रोक, डायबिटीज, गठिया और ट्यूमर नसों की कमजोरी के मुख्य कारण हो सकते हैं। इस स्थिति में आपको सिरदर्द और मासंपेशियों में दर्द महसूस हो सकता है। इसके अलावा भी आपको नसों में कमजोरी के कुछ लक्षण महसूस हो सकते हैं। आइए, नसों की कमजोरी के क्या लक्षण है? नसें कमजोर होने के क्या लक्षण है? या फिर नसों में कमजोरी आने के लक्षण क्या होते हैं? जानते हैं- हैलो फ्रेंड्स! मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन } मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा ...

निप्पल से जुड़ी कई रोचक बातें Many interesting facts about nipples

 जानिये निप्पल से जुड़ी कई रोचक बातें / क्या होता है निप्पल Learn many interesting things related to nipples / What is a nipple

निप्पल एक तरह के उभरे हुए बंप्स होते हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं की बॉडी में इनका आकार कुछ बड़ा होता है। इनके चारों तरफ सॉफ्ट लेकिन डीप कलर की स्किन का गोल घेरा होता है, जिसे ऐरियोला या अरीअल कहते हैं।

हैलो फ्रेंड्स!

मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }

मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें। तो अगर आपको मेरा लेख ( आर्टिकल ) अच्छा लगे तो फॉलो जरूर करें।

आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।

निप्पल की बनावट। nipple texture

जन्म के समय लड़कों और लड़कियों के निप्पल और स्तन एक जैसे दिखते हैं। लेकिन युवावस्था में आते-आते लड़कियों में हार्मोन के प्रभाव की वजह से बदलाव दिखना शुरू हो जाता है। निप्पल बड़े हो जाते हैं और पुरुष के स्तनों की नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं

ऐरियोला या अरीअल :- areola or auriel :- निप्पल स्तन एक तरह के उभरे हुए बंप्स होते हैं। महिलाओं की बॉडी में इनका आकार कुछ बड़ा होता है। इनके चारों तरफ सॉफ्ट लेकिन डीप कलर की स्किन का गोल घेरा होता है, जिसे ऐरियोला या अरीअल कहते हैं।

लेक्टीफेरोस डक्ट :- lactiferous duct :- निप्पल के आसपास कई छोटे-छोटे छिद्र होते हैं। इन छिद्रों को लेक्टीफेरोस डक्ट कहते हैं। ब्रेस्ट फीडिंग के दौरान इन छिद्रों का उपयोग बढ़ जाता है। प्रेगनेंसी और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान ये छोटे छोटे छिद्र निप्पल को सॉफ्ट बनाये रखने में सहयोग करते है। दरअसल, इनमें से एक किस्म का ऑइल निकलता है जो निप्पल्स को फटने और ड्राई होने से बचाता है। इसके साथ ही इस ऑइल में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो निप्पल में इन्फेक्शन होने से रोकते हैं।

निप्पल हेयर :- Nipple Hair :- निप्पल पर या इसके आस-पास के एरिया में कुछ बाल निकलते हैं। इन्ही बालों को निप्पल हेयर कहते हैं। हालांकि स्त्रियों की तुलना में पुरुषों में यह बाल अधिक देखने को मिलते है। कई बार मेडिकल कंडीशन या हॉर्मोनल चेंजेज के कारण स्त्रियों में भी यह स्थिति देखने को मिलती है।

सेक्स उत्तेजना पैदा करने में सहायक Helpful in creating sexual excitement

निप्पल का उपयोग शिशु को ब्रेस्टफीडिंग कराने के लिए होता है, लेकिन इसके अलावा निप्पल के और भी कई उपयोग होते हैं। सेक्स के दौरान निप्पल महिलाओं में उत्तेजना पैदा करने में सहायक होती है। कई महिलाओं को निपल्स के जरिए ही सेक्स संतुष्टि भी मिलती है। कई महिलाएं निप्पलों को सहलाने से ओगाज़्म तक पहुंच जाती हैं।

सेक्स के दौरान महिला के निप्पल और स्तन उत्तेजना पहुंचाने में बहुत सहायक होते हैं, क्योंकि निप्पल में कई नर्व एंडिंग होते हैं, जिसके स्टिमुलेशन के परिणामस्वरूप अधिक उत्तेजना होती है। इन यौन अंगों को अक्सर गलत तरीके से पकड़ने के कारण है, ब्रेस्ट सेक्स महिला को प्रसन्न नहीं करता है। जब इसे सही तरीके से किया जाता है, तो ब्रैस्ट सेक्स वास्तव में दोनों पार्टनर के लिए बहुत संतोषजनक साबित हो सकता है।

निप्पल और स्तन में बदलाव nipple and breast changes

लड़कियों के पहली बार मासिक धर्म आने के 4 से 5 साल बाद तक उनके स्तन और निप्पल पूरी तरह से विकसित हो जाते हैं। हर महिला के दोनों स्तनों और निप्पलों के आकार में अंतर होता है। इसके अलावा निप्पलों के रंग में भी अंतर हो सकता है। हालांकि इससे कोई समस्या नहीं होती है। महिला का एक निप्पल अधिक गहरे जबकि एक निप्पल कम गहरे रंग का हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान और सेक्स के दौरान भी महिलाओं के निप्पल के आकार में परिवर्तन होता है और ये पहले से ज्यादा बड़े हो जाते हैं।

निप्पल कितने प्रकार के होते है How many types of nipples are there?

निप्पल विभिन्न प्रकार के होते है

प्रोट्रूडिंग निप्पल :- Protruding nipple :- कुछ महिलाओं के निप्पल बाहर की ओर निकले हुए होते हैं और कुछ मिलीमीटर तक ऊपर उठे हुए होते हैं। ज्यादा उत्तेजित और ठन्डे होने पर ऐसे निप्पल कठोर हो जाते हैं।

सपाट निप्पल :- flat nipple :- ऐसे निप्पलों में उभार न के बराबर होती है। यहां तक कि उत्तेजना के समय भी इनमें बिल्कुल भी उभार नहीं आता है। हालांकि ऐसे निप्पल से भी स्तनपान कराने में कोई समस्या नहीं होते हैं।

इनवर्टेड निप्पल :- inverted nipple :- कुछ महिलाओं के निप्पल उल्टे होते हैं उनमें उभार तो होता है लेकिन यह उभार अंदर की और होता है। निप्पल बाहर की बजाय अंदर की ओर मुड़े हुए होते हैं। कई बार ऐसे निप्पलों को देखकर महिलाओं को चिंता हो जाती है। हालांकि यह कोई बीमारी नहीं है। ऐसे निप्पल से भी बच्चों को नार्मल तरीके से ही स्तनपान करा सकती हैं। जब आपका शिशु इसे चूसेगा है, तो निप्पल बाहर आ जाएगा। लेकिन अगर निप्पल में ज्यादा बदलाव देखने को मिले तो तुरंत डॉक्टर्स से संपर्क करना चाहिए।

अनक्लासिफाइड निप्पल :- Unclassified Nipple :- ऐसे निपल्स बीच में से अलग होते हैं या इनके दो मुंह होते हैं

यूनिलैटरल निप्पल :- Unilateral nipple :- कई बार महिला के दोनों निप्पलों का आकार भिन्न भिन्न होता है। ऐसी स्थिति में एक स्तन के निप्पल का आकार सामान्य हो सकता है, तो दूसरे स्तन के निप्पल का आकार उल्टा, सपाट या फ्लैट भी हो सकता है।

निप्पल में दर्द या दरारे आना। Sore or cracked nipples

निप्पल में दर्द होना या दरार जैसा महसूस होना आम बात है। कुछ महिलाओं को मासिक धर्म आने से पहले निप्पल में दर्द महसूस होता है। हालांकि यह दर्द चिंता का विषय नहीं है। अगर यह दर्द आपको सहन करने में मुश्किल हो रही है तो डॉक्टर्स से सम्पर्क जरूर करें। निपल्स का फटना भी काफी सामान्य है। बहुत टाइट कपड़े या बहुत टाइट ब्रा और इंटेंस वर्कआउट रूटीन ऐसा होने का कारण बन सकते हैं। स्तनपान कराने से निप्पल में दरारें भी आ सकती हैं।

केवल एक अच्छी मॉइस्चराइजिंग क्रीम का उपयोग करें। निश्चित ही आप ठीक हो जाएंगी।

सही साइज की ब्रा पहनने से स्तन के ऊतक क्षतिग्रस्त नहीं होते हैं

सही साइज का ब्रा स्तनों को सपोर्ट देता है। जिससे झुकने, उठने और बैठने में महिलाओं के स्तन बंधे रहते हैं और उन्हें परेशानी नहीं होती है।

परामर्श :- Consultation

अगर लड़कियों और महिलाओं के स्तनों में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए

कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।

स्तनों में कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।

यह एक सामान्य जानकारी है अगर लड़कियों और महिलाओं के स्तनों { ब्रेस्ट } से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए

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