प्रेगनेंसी में योनि में दर्द : कारण और इसे कम करने का घरेलू उपाय Vaginal Pain During Pregnancy: Causes and Home Remedies to Alleviate It
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प्रेगनेंसी में योनि में दर्द : कारण और इसे कम करने का घरेलू उपाय Vaginal Pain During Pregnancy: Causes and Home Remedies to Alleviate It
हैलो फ्रेंड्स!
मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }
मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें। तो अगर आपको मेरा लेख ( आर्टिकल ) अच्छा लगे तो फॉलो जरूर करें।
आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।
आमतौर पर ज्यादातर गर्भवती महिलाओं को प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में योनि में दर्द होता है, लेकिन कुछ स्थितियों में यह किसी भी तिमाही में हो सकता है।
प्रेगनेंसी में इस दर्द से उन्हें काफी परेशानी हो सकती है। सामान्य स्थितियों में गर्भवती को योनि में दर्द होना बेहद आम होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह कई गंभीर समस्याओं की तरफ भी इशारा करता है।
प्रेग्नेंट होते ही महिलाओं के शरीर में बदलावों का सिलसिला शुरू हो जाता है। प्रेग्नेंट महिलाओं के अंदर हार्मोनल असंतुलन होते हैं और जैसे जैसे प्रेगनेंसी की अवधि आगे बढ़ती है महिलाओं के गर्भ में पल रहे शिशु के आकार और वजन में भी वृद्धि होती है जिसके कारण महिलाओं के गर्भ का साइज बढ़ता है। गर्भ का साइज बढ़ने के कारण पेल्विक क्षेत्र और पेट में परेशानियां शुरू होती है। इसके दौरान महिलाओं को कुछ परेशानियों और तकलीफों का सामना भी करना पड़ता है।
प्रेगनेंसी के दौरान कभी महिलाओं के पीठ दर्द, सिर दर्द, कमर दर्द, चक्कर आना, शरीर में सूजन, कंधे में दर्द, जी मिचलाना, उलटी होना, शरीर का वजन बढ़ना तो कभी कमजोरी होने जैसी ढेरों परेशानियों से होकर गुजरना पड़ता है। इन्ही परेशानियों में से एक परेशानी है योनि में दर्द होना भी
प्रेगनेंसी के दौरान योनि में दर्द के कारण
गर्भावस्था के दौरान योनि में दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख कारण नीचे लिखे गए हैं- There can be many reasons for vaginal pain during pregnancy, some of the major reasons are written below-
प्रेगनेंसी के दौरान योनि में दर्द होने के भी कारण होते हैं। आप इन कारणों के बारे में सही समय पर जान कार इनका सही से इलाज करवा कर योनि के दर्द से छुटकारा पा सकती है और ये हमेशा के लिए समाप्त हो सकता है गर्भावस्था एक बहुत ही नाजुक स्थिति होती है जिसके दौरान महिलाओं को काफी सावधान रहना चाहिए। छोटी सी भी लापरवाही बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।
योनि में इंफेक्शन :- vaginal infection :- प्रेगनेंसी के दौरान साफ सफाई पर खास ध्यान देना चाहिए क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही गंदगी का कारण बन सकती है और गंदगी की वजह से संक्रमण यानी इंफेक्शन होता है। प्रेगनेंसी के दौरान इंफेक्शन होना आम बात है क्योंकि यह बहुत ही आसानी से एक प्रेग्नेंट महिला को प्रभावित करता है। योनि में इंफेक्शन होने के कारण उसमें और उसके आस पास दर्द महसूस होता है। इंफेक्शन से बचने का सबसे सही तरीका है की आप अपने प्राइवेट पार्ट को समय समय पर साफ करते रहें।
हार्मोन में असंतुलन और संभोग करना :- hormonal imbalance And Having sex :- कई बार प्रेगनेंसी में सेक्स करने की वजह से गर्भवती महिलाओं को योनि में दर्द हो सकता है। इसके अलावा प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोनल असंतुलन होते हैं जिसके कारण महिलाएं अपने अंदर तरह तरह के बदलाव को देखती और महसूस करती हैं। हार्मोन में असंतुलन होने के कारण महिलाओं की योनि में सूखापन आ जाता है जिसकी वजह से महिलाओं को योनि में दर्द की शिकायत होती है। यह दर्द सेक्स करने के बाद ज्यादा तेज और ज्यादा गंभीर हो जाता है इसलिए इस दौरान सेक्स करने से बचना चाहिए।
भ्रूण का विकास :- Embryo development :- गर्भाशय में भ्रूण का विकास होने के कारण लिगामेंट्स इसको पेल्विक क्षेत्र में समायोजित करने के लिए आस पास की मांसपेशियों पर दबाव बनाना और खिंचाव करना शुरू कर देते हैं जिसके कारण योनि और उसके आस पास की मांसपेशियों में दर्द होने लगता है।
इससे बचने के लिए आप कुछ योग और व्यायाम की मदद ले सकती हैं क्योंकि ये आपके शरीर में लचीलापन लाते हैं जिससे मांसपेशियों में खिंचाव या प्रेशर होने के कारण कम से कम दर्द होता है।
गर्भाशय का आकार बढ़ना :- Enlargement of the uterus :- प्रेगनेंसी के दौरान गर्भ में पल रहे भ्रूण का आकार और वजन धीरे धीरे बढ़ता है जिसके कारण गर्भाशय में फैलाव आता है। गर्भाशय में फैलाव आने के कारण उसके आस पास की मांसपेशियों और योनि पर प्रेशर पड़ता है जिसके कारण प्रेग्नेंट महिलाओं को योनि में दर्द है।
लेकिन महिलाओं को इससे घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह प्रेगनेंसी के सामान्य लक्षणों में से एक है जिसका अनुभव हर एक गर्भवती महिला करती ही है।
योनि में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ना :- Increased blood circulation in the vagina :- प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं की योनि में ब्लड सर्कुलेशन नार्मल से तीन गुना ज्यादा बढ़ जाता है जिसके कारण गर्भाशय पर प्रभाव पड़ता है और योनि में तेज दर्द और उसके पास सूजन आ जाती है।
इस दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं को बहुत ही सावधान रहने की जरूरत होती है। कोई भी गंभीर समस्या होने पर तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलकर इस बारे में बात करना चाहिए।
पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स :- pelvic organ prolapse :- यह प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली एक स्थिति है जब प्रेग्नेंट महिलाओं के पेल्विक क्षेत्र का कोई भी हिस्सा योनि या मलाशय में चला जाता है जिसके कारण योनि में और उसके आस पास काफी तेज दर्द होता है।
यह स्थिति थोड़ी सीरियस हो सकती है इसलिए अगर आप योनि में तेज दर्द या अंदर की तरफ दबाव महसूस करती हैं तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर परामर्श करना चाहिए।
एक्टोपिक प्रेगनेंसी :- ectopic pregnancy :- एक्टोपिक प्रेगनेंसी के दौरान महिलाएं गर्भाशय के बदले फैलोपियन ट्यूब या पेट के दूसरे हिस्से में गर्भ धारण कर लेती हैं। शुरूआती स्टेज में इस समस्या के बारे में पता लगाना मुश्किल होता है लेकिन बाद में जब इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं तब इसका पता लगाना संभव हो जाता है। एक्टोपिक प्रेगनेंसी के कारण भी महिलाओं को प्रेगनेंसी दौरान योनि में दर्द और ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है। इसका समय पर सही से जांच और इलाज कराना जरूरी है नही तो आगे जाकर यह गंभीर रूप ले सकता है।
योनि में संक्रमण होना :- vaginal infection :- प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, इसलिए उन्हें कैंडिडा संक्रमण, मूत्र मार्ग में संक्रमण आदि आसानी से प्रभावित कर सकते हैं, जिनकी वजह से उन्हें योनि में दर्द हो सकता है।
प्रेगनेंसी में गर्भवती को योनि में दर्द किस तरह महसूस होता है?How does a pregnant woman feel vaginal pain during pregnancy?
प्रेगनेंसी में योनि में चुभन भरा दर्द होना। Stinging pain in the vagina during pregnancy
प्रेगनेंसी में लगभग सभी महिलाएं योनि में दर्द महसूस करती हैं, लेकिन कई बार यह दर्द काफी असहनीय होता है। इस दर्द के दौरान उन्हें लगता है कि जैसे उनकी योनि में कोई पैनी चीज़ चुभ रही है। यह दर्द गर्भावस्था के 5वें से 8वें सप्ताह के बीच में हो सकता है।ऐसा दर्द योनि के आसपास की मांसपेशियों के खिंचने की वजह से होता है। इसके अलावा यह दर्द गर्भावस्था के 37वें सप्ताह में भी हो सकता है, जोकि प्रसव का समय नज़दीक आने की वजह से होता है।
प्रेगनेंसी में योनि में लगातार दर्द होना। Persistent vaginal pain during pregnancy
यूं तो प्रेगनेंसी में गर्भवती महिलाओं को अक्सर योनि में दर्द होता है, लेकिन अगर दर्द लगातार हो रहा है तो यह चिंता का विषय बन सकता है। फैलोपियन ट्यूब या गर्भाशय में सूजन की वजह से प्रेगनेंसी में ऐसा हो सकता है।अगर गर्भवती महिलाओं को दो-तीन घंटों से लगातार योनि में दर्द हो रहा है, तो उन्हें बिना किसी देरी के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
प्रेगनेंसी में योनि में कटने जैसा दर्द होना। Cutting pain in the vagina during pregnancy
कई बार गर्भवती महिलाओं को योनि में ऐसा दर्द महसूस होता है, जैसे वहां हल्का चीरा लग गया है। दरअसल, यह दर्द सिस्टाइटिस (cystitis in hindi) का लक्षण हो सकता है।अगर गर्भवती महिलाओं को तीसरी तिमाही में इस तरह का दर्द महसूस हो, तो उन्हें फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ऐसा दर्द प्लेसेंटा के गर्भाशय से अलग होने यानि प्लेसेंटल डिटेचमेंट (placental detachment in hindi) की वजह से भी हो सकता है।
गर्भावस्था के दौरान योनि में दर्द कम करने के घरेलू उपाय क्या है। What are the home remedies to reduce vaginal pain during pregnancy?
प्रेगनेंसी के दौरान योनि में दर्द का इलाज। Treatment for vaginal pain during pregnancy:
प्रेगनेंसी के दौरान योनि में दर्द होना प्रेगनेंसी के सामान्य लक्षणों में से एक है लेकिन फिर भी इसको नजरअंदाज करना सही नहीं है।
आपको इसके बारे में डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। अपने मन मुताबिक किसी भी तरह की दवा का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि इस दौरान ऐसा करने से दवा का आप और आपके गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा असर पड़ सकता है। यह आवश्यक है की आप कोई भी दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर से उनकी राय लें।
गुनगुने पानी से योनि धोएं / हल्का गर्म पानी से स्नान करें। Wash your vagina with lukewarm water / take a warm bath
प्रेगनेंसी में योनि में दर्द से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाओं को अपनी योनि को हल्के गुनगुने पानी से धोना चाहिए।
हल्का गर्म पानी के ढेरों फायदे हैं और इन्ही फायदों में एक है योनि दर्द को दूर करना। प्रेगनेंसी के दौरान आपको अक्सर योनि में दर्द की शिकायत आती है लेकिन महिलाओं को इससे घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि आप घर बैठे बैठे इस समस्या को दूर कर सकते हैं। इसके लिए आपको बस हलके गर्म पानी से स्नान करना है क्योंकि इससे योनि और उसके आस पास का संक्रमण और दर्द खत्म कर सकता हैं।
बायीं तरफ करवट लेकर सोएं। Sleep on your left side
प्रेगनेंसी के दौरान प्रेग्नेंट महिलाएं जब भी बेड पर लेटे तो बायीं तरफ करवट लेकर सोए। क्योंकि ऐसा करने से आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन संतुलित हो जाता है साथ ही साथ इस पोजीशन में सोने से योनि पर किसी तरह का कोई दबाव भी नहीं पड़ता है और योनि के दर्द से राहत मिलती है।
तुरंत बैठ जाएं। Sit down immediately
गर्भावस्था के दौरान योनि में दर्द होने पर गर्भवती महिलाओं को तुरंत बैठ जाना चाहिए, इससे उन्हें दर्द से राहत मिल सकती है।
पैरों पर बैठें। sit on the legs
प्रेगनेंसी के दौरान पैरों या एड़ियों पर बैठने से योनि में हो रहे दर्द से छुटकारा मिल सकता है। प्रेग्नेंट महिलाएं जब भी कोई भी कोई ऐसा काम कर रही हों जिसमें बैठने की जरूरत है तो अपने पैरों या एड़ियों पर बैठकर काम करने की कोशिश करें। ऐसा करने से योनि पर कोई भी दबाव या खिंचाव नहीं पड़ता है और योनि दर्द से छुटकारा पाने में मदद मिलती सकता है।
पेल्विक क्षेत्र का मसाज करें। / हल्की उंगलियों से योनि की मालिश करें। Massage the pelvic area/vaginal massage with gentle fingertips.
गर्भावस्था के दौरान योनि में दर्द से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाओं को हल्की उंगलियों से योनि की मालिश करनी चाहिए।
प्रेगनेंसी के दौरान पेल्विक क्षेत्र का मसाज करने से उसके आस पास की मांसपेशिया हल्की ढीली और मुलायम हो जाती हैं। ऐसा करने से योनि का दबाव एवं खिंचाव भी कम होता है जिसके कारण योनि का दर्द कम हो जा सकता है।
प्रेगनेंसी में योनि में दर्द से बचने के लिए क्या करें? What can I do to avoid vaginal pain during pregnancy
योनि को साफ रखें। Keep the vagina clean
प्रेगनेंसी की शुरूआत से ही गर्भवती महिलाओं को योनि को साफ रखना चाहिए, इससे दर्द से बचा जा सकता है।
गीले कपड़े न पहनें। Do not wear wet clothes
प्रेगनेंसी में योनि में दर्द से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को गीले कपड़े नहीं पहनने चाहिए।
गंदी उंगलियों से योनि में खुजली न करें। Avoid scratching the vagina with dirty fingers
प्रेगनेंसी में योनि में दर्द से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को गंदी उंगलियों से वहां खुजली नहीं करनी चाहिए। गंदी उंगलियों से खुजली करने से उनकी योनि में संक्रमण हो सकता है।
असुरक्षित यौन संबंध ना बनाएं। Avoid unprotected sex प्रेगनेंसी में योनि में दर्द से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को असुरक्षित यौन संबंध नहीं बनाना चाहिए।
व्यायाम करें। Exercise
प्रेगनेंसी में योनि में दर्द से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को व्यायाम करना चाहिए।
परामर्श :- Consultation
अगर लड़कियों और महिलाओं को गीलापन की समस्या के साथ-साथ; खुजली, जलन, रैशेज, बदबूदार स्त्राव, स्त्राव के रंग में बदलाव असामान्य योनि स्राव, योनि में सूजन और लालिमा, पेशाब के दौरान जलन, योनि से बदबू आना, दर्द, योनि में दाने, योनि का मोटा होना।, कालापन, व्हाइट डिस्चार्ज, योनि का सूखापन, पेशाब करने में कठिनाई, योनी की त्वचा में छोटे-छोटे कट और दरारें दिखाई देना, जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं; तो महिलाओं को तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए अगर महिलाएं योनि के गीलेपन की समस्या को नजरअंदाज करती हैं; तो आगे जाकर इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिए, इसे नजरअंदाज ना करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेकर इसका इलाज कराए।
आमतौर पर महिलाएं पीरियड्स और प्रेगनेंसी को लेकर बहुत कम जागरूक होती हैं। इसलिए पीरियड्स में अनियमितता आने, सामान्य से अधिक या कम ब्लीडिंग होने, ब्लीडिंग के रंग में बदलाव या उससे बदबू आने या प्रेगनेंसी के दौरान किसी तरह की कोई समस्या होने पर वे तुरंत घबरा जाती हैं।
अगर आपको ऐसा लग रहा है कि ओव्यूलेशन ठीक ढंग से नहीं हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जांच करा कर इलाज करवाना चाहिए।
अगर महिलाओं को गर्भधारण करने में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।
अगर महिलाओं को र्भावस्था के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
किसी भी दवा का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
डॉक्टर द्वारा दिए गए दवाओं एवं सप्लीमेंट का नियमित रूप से सही समय पर सेवन करें।
अगर आपको पीरियड्स या प्रेगनेंसी से संबंधित किसी तरह की कोई परेशानी या कन्फ्यूजन है तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलकर इस बारे में बात करना चाहिए।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आपको पीरियड्स मिस होने या प्रेगनेंसी से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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