प्रेगनेंसी का पहला महीना, लक्षण, डाइट और सावधानियां। First Month of Pregnancy, Symptoms, Diet, and Precautions

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प्रेगनेंसी का पहला महीना के लक्षण, डाइट और सावधानियां Symptoms, Diet, and Precautions for the First Month of Pregnancy प्रेगनेंसी का पहला महीना बहुत खास होता है। यह एक ऐसा समय है जब उम्मीदें और अनिश्चितताएं दोनों का मिश्रण होता है। आपको एक नए जीवन के आगमन की खुशी तो होती ही है, लेकिन साथ ही इस समय में कई बदलाव भी आते हैं। प्रेगनेंसी के पहले महीने में आपको जो भी अनुभव हो रहा है, वो पूरी तरह से सामान्य है। हैलो फ्रेंड्स! मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन } मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें।  आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि। प्रेगनेंसी का पहला महीना बहुत ही खास होता है। प्रेगनेंसी के शुरूआती चार सप्ताहों में आपके शरीर के अंदर ढेरों बदलाव आते हैं और प्रेगनेंसी के लक्षण दिखाई...

लड़कियों और महिलाओं के ब्रेस्ट ढीले क्यों पड़ते हैं ? Why do girls' and women's breasts sag? (sagging , loose)

लड़कियों और महिलाओं के ब्रेस्ट ढीले और छोटे होकर लटक रहे है क्या ? जानिए इलाज Are your girl's and women's breasts sagging and small? Learn the treatment.

लड़कियों और महिलाओं के ब्रेस्ट ढीले क्यों पड़ते हैं ? Why do girls' and women's breasts become loose?

पुरुषों के मुकाबले लड़कियां और महिलाएं अपने शरीर का ज्यादा ध्यान देती हैं खासकर फिगर का लेकिन बहुत सी लड़कियां और महिलाएं अपने बैडोल शरीर के चलते परेशान रहती हैं। खासकर स्तनों के खराब आकार के चलते । कुछ लड़कियों और महिलाओं के स्तन कम उम्र में ही यानि सैगी लटक जाते हैं जिससे सारा फिगर ही खराब हो जाता है।

लड़कियां और महिलाएं अपने फिगर को मेंटेन करने के लिए अपने ब्रेस्ट का ध्यान रखती है। और अपने ब्रेस्ट से खूबसूरत और अट्रैक्टिव लगती है। लेकिन स्तन लड़कियों और महिलाओं की कुछ आदतों के चलते समय से पहले ढीले हो जाते है। ऐसे में फिर लड़कियां और महिलाएं तरह-तरह के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती है। कभी-कभी ये प्रोडक्ट्स स्तनों पर साइड इफ़ेक्ट भी करते है।

हैलो फ्रेंड्स!

मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }

मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें। तो अगर आपको मेरा लेख ( आर्टिकल ) अच्छा लगे तो फॉलो जरूर करें।

आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।

कम उम्र में ही कुछ लड़कियों और महिलाओं की ब्रेस्ट क्यों हो जाती है ढीले Why do some girls' and women's breasts become saggy at an early age?

लड़कियां और महिलाएं सूरज की यूवी किरणों से बचने के लिए अपने चेहरे और हाथों पर सनस्क्रीन का इस्तेमाल करती है। जबकि स्तनों की त्वचा पर इसे लगाने से बचती है। सूरज की किरणों के संपर्क में आने से स्तनों की त्वचा में भी कोलाजेन खिंचने लगता है। इससे स्तन में ढीलापन आ जाता है।

लड़कियों और महिलाओं का वजन बहुत जल्दी बढ़ता है। ऐसे में स्तन की त्वचा भी ढीली होने लगती है। अनियमित डाइटिंग से वजन घटने-बढ़ने से स्तनों काफी प्रभाव पड़ता है।

आजकल कुछ लड़कियां और महिलाएं सिगरेट, तंबाकू, शराब का सेवन करने लगी है। इससे स्तनों पर काफी ज्यादा प्रभाव पड़ता है।

कई महिलाएं काफी ज्यादा वर्कआउट करती है। जिसकी वजह से स्तन छोटे और ढीले हो जाते है।

कुछ महिलाएं सही ब्रा का चुनाव नहीं कर पाती, जिसकी वजह स्तनों पर इसका काफी ज्यादा प्रभाव पड़ता है।

लड़कियों और महिलाओं के ब्रेस्ट ढीले पड़ने के पीछे कई कारण होते हैं। लड़कियों और महिलाओं के ब्रेस्ट फैट और टिशू से बने होते हैं। ब्रेस्ट को फर्म और टाइट रखने के लिए एक लिगामेंट होता है; जिसे “कूपर लिगामेंट” कहां जाता है। जब यह कूपर लिगामेंट किसी कारणों की वजह से ढीला पड़ने लगता है; तो ब्रेस्ट में भी सैगीनेस बढ़ जाता है और ब्रेस्ट ढीले पड़ने लगते हैं।

धूम्रपान :- smoking :- हमारे शरीर में कोलेजन शरीर के सबसे प्रमुख प्रोटीन में से एक है। कोलेजन ही हमारी त्वचा को इलास्टिक बनाता है लेकिन उम्र के साथ साथ यह कम होता जाता है। इसी के चलते शरीर के कुछ अंगों पर झुर्रियां आने लगती है या त्वचा ढीली पड़ने लगते है। और सैगी ब्रेस्ट की समस्या होने लगती है लेकिन धूम्रपान करने वाले लोगों के शरीर में कोलेजन जल्दी कम होने लगता है जिससे यह समस्या भी जल्दी होने लगती है। इसलिए इसका सेवन ना ही करें तो अच्छा है। आजकल लड़कियां और महिलाएं कम उम्र में ही धूम्रपान तथा अन्य नशीले पदार्थों का सेवन कर रही हैं; जिसका बुरा असर लड़कियों और महिलाओं के प्रजनन क्षमता स्तनों के विकास और स्वास्थ्य पर पड़ता है और ब्रेस्ट में ढीलापन आ जाता है।

अनुवांशिकता :- genetics :- इसका एक कारण जेनेटिक्स भी होता है। शरीर में मौजूद कूपर लिगामेंट की मजबूती आपके जेनेटिक्स पर भी निर्भर करती हैं। अगर आपके परीवार में जैसे :- दादी, नानी या मां के ब्रेस्ट कम उम्र में ही ढीले हो गए थे; तो आपके ब्रेस्ट भी कम उम्र में ढीले पड़ने की संभावना अधिक होती है।

वजन घटना :- Weight loss :- कई बार लड़कियां वेट लॉस करने की कोशिश करती हैं। लेकिन, इसका परिणाम आपके ब्रेस्ट के ऊपर हो सकता है। अगर आप बिना प्लान किए ही अपना अचानक से जरूर से ज्यादा वजन कम कर लेती हैं तो इसका असर आपके स्तनों पर भी पड़ेगा। ब्रेस्ट टिश्यू में फैट अधिक होता है और जब आप एकदम से फैट कम कर देते हैं तो स्तन भी लटक जाते हैं।

पोस्चर सही ना होना :- Poor posture :- अगर लड़कियां और महिलाएं बैठते समय झुक कर बैठती हैं; हालांकि आपको जल्दी ये सब महसूस नहीं होगा लेकिन समय के साथ अगर आप लगातार गलत तरीके से बैठती हैं, तो आपके ब्रेस्ट में ढीलापन आ सकता है। गलत तरीके से बैठने के कारण इसका असर कूपर लिगामेंट पर पड़ता रहता है। ऐसा तुंरत तो नहीं होता लेकिन समय के साथ ऐसा होता है वहीं अगर आप सही तरीके से ब्रा नहीं पहनती है। या गलत साइज का इनरवियर पहनती है तो भी स्तन ढीले होने की समस्या हो सकती है। मांसपेशियां और लिगामेंट्स खराब पॉस्चर के कारण स्तन लूज होने लगते हैं। बैठते समय खासतौर पर सही पॉस्चर बहुत जरूरी है।

एक्सरसाइज की कमी :- Lack of exercise :- जो महिलाएं हैल्दी हैं और अपर बॉडी की एक्सरसाइज नहीं करती तो भी ये समस्या हो सकती है। एक्सपर्ट की माने तो, ब्रेस्ट मसल्स को कसाव की जरूरत होती है और इसके लिए पुशअप, प्लैंक, चेस्ट प्रैस जैसी एक्सरसाइज हफ्ते में कम से कम दो बार जरूर करनी चाहिए। खासकर जिन महिलाओं की अपर ब़ॉडी हैवी है।

स्तनपान :- Breastfeeding :- स्तनपान के दौरान भी ब्रेस्ट में मौजूद फैट सेल्स सिकुड़ जाते हैैं और लटक जाते हैैं इसलिए इन मांओं को फीडिंग के बाद हलकी एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है। कुछ महिलाएं स्तनपान के दौरान इनरवियर पहनना बंद कर देती हैं क्योंकि इससे उन्हें असहजता होती है लेकिन ये भी स्तनों के लिए हानिकारक होती है। ब्रेस्टफीडिंग के दौरान ब्रा पहननी चाहिए। टाइट ब्रा के बजाए आरामदायक इनरवियर का चुनाव करें।

लड़कियों और महिलाओं के स्तनों का आकार कैसे बढ़ता है ? How does the size of girls' and women's breasts increase?

जब लड़कियां किशोरावस्था में आती हैं; तब उसके शरीर में कई सारे बदलाव होते हैं। यह शारीरिक बदलाव होने के बाद ब्रेस्ट में भी बदलाव देखा जाता है। अन्य शारीरिक विकास होने के साथ-साथ; किशोरावस्था के दौरान लड़कियों के जननांगों और स्तनों में भी विकास देखने को मिलता है।

प्यूबर्टी के दौरान, लड़कियों के स्तन का आकार बदलने लगता है और बढ़ने भी लगता है। किशोरावस्था के समय से ही लड़कियों के ब्रेस्ट बढ़ने की शुरुआत हो जाती हैं। लड़कियों के जब पीरियड शुरू होते हैं; तब उनके शरीर में प्रोजेस्ट्रोन और एस्ट्रोजन नामक हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है।

इसी कारणवश, लड़कियों के स्तनों का आकार बढ़ सकता है। अक्सर कहा जाता है: कि शादी के बाद लड़कियों के स्तनों का आकार बड़ा हो जाता है। लेकिन, पूरी तरीके से यह सही नहीं हो सकता है। हालांकि, शादी के बाद सहजीवन शुरू करने के बाद एक लड़की के जीवन और शरीर में भी बदलाव देखे जाते हैं। शादी होने के बाद प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं; जिसकी वजह से ब्रेस्ट का आकार बढ़ सकता है।

डिलीवरी होने के बाद जब नवजात शिशु अपनी मां का दूध पीने लगता है; उस दौरान भी एक महिला के स्तनों के आकार में वृद्धि देखी जा सकती है। इसी के साथ, आजकल गलत खानपान के कारण लड़कियां मोटापा का शिकार होती जा रही है। ऐसे में, अगर कम उम्र में ही अधिक मोटापा हो जाता है; तो वजन बढ़ने के कारण भी लड़कियों के स्तनों का आकार बड़ा हो सकता है।

लड़कियों और महिलाओं की स्तन कितनी उम्र में बढ़ती है ? At what age do girls' and women's breasts grow?

किशोरावस्था के दौरान लड़कियों का शारीरिक विकास बहुत ही तेजी से होता है। लड़कियों में किशोरावस्था की औसतन उम्र 11 साल से लेकर 18 साल तक लड़कियों में प्यूबर्टी का दौर देखा जाता है। किशोरावस्था के दौरान ही लड़कियों के शरीर में हारमोंस के तेज बदलाव देखे जाते हैं।

इसी कारणवश, उनका शारीरिक विकास तेजी से होता है। शारीरिक विकास तेजी से होने के कारण लड़कियों के जननांग तथा स्तनों के आकार में वृद्धि देखी जा सकती हैं। लड़कियों के स्तनों का आकार उनके किशोरावस्था में बढ़ना शुरू हो जाता है।

लड़कियों और महिलाओं के ब्रेस्ट टाइट करने के घरेलू उपाय Home remedies to tighten breasts for girls and women's

लड़कियों के स्तनों को टाइट बनाने के लिए और उन में कसाव उत्पन्न करने के लिए कुछ घरेलू उपाय भी अपनाए जा सकते हैं।

सही ब्रा का चयन :- Choosing the right bra :- ढीले पड़े स्तनों को सही आकार देने के लिए और उन्हें कसाव उत्पन्न करने के लिए सही ब्रा का चयन करना भी बहुत आवश्यक होता है। अगर आप अधिक ढीली ढाली या अधिक टाइट ब्रा पहनती हैं; तो इसका बुरा परिणाम आपके ब्रेस्ट पर होता है। इसलिए, ब्रा का चयन करते समय उसके कप साइज और उसकी क्वालिटी अच्छी होना बहुत ही आवश्यक होता है। ध्यान रहे; कई सालों तक एक ही ब्रा का इस्तेमाल ना करें। अपने स्तनों को सही आकार देने के लिए, उनमें कसाव उत्पन्न करने के लिए और उन्हें टाइट बनाने के लिए आपके स्तनों को सपोर्ट देने वाली ब्रा का चयन करें।

संतुलित आहार balanced diet :- अपने स्तनों को टाइट बनाने के लिए अपना आहार संतुलित रखना बहुत ही आवश्यक होता है। अपने आहार में उचित पोषक तत्वों से भरपूर मात्रा में पदार्थों का सेवन करने से आप के स्तनों की मांसपेशियों में कसाव उत्पन्न होता है और प्राकृतिक रूप से आप अपने स्तनों को टाइट बना सकती हैं।

एक्सरसाइज :- Exercise :- हमारे शरीर के हर हिस्से की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करने के लिए एक्सरसाइज बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एक्सरसाइज तथा योग प्राणायाम का अभ्यास शरीर को स्वास्थ्यवर्धक लाभ दिलाता है। अगर लड़कियां और महिलाए अपने ब्रेस्ट में कसाव उत्पन्न करके उन्हें टाइट बनाना चाहती हैं; तो उनको रोजाना तौर पर एक्सरसाइज करना चाहिए है। ढीले स्तनों को टाइट बनाने के लिए एक्सरसाइज करने से भी फायदा देखने को मिल सकता है। कोई भी एक्सरसाइज आपके स्तनों के मांसपेशियों में कसक उत्पन्न करती हैं; जिससे स्तनों को टाइट बनाने में मदद मिलती है।

तेल की मालिश :- oil massage :- लड़कियों और महिलाओं को अपने स्तनों में कसाव लाने के लिए रोजाना तेल की मालिश करना चाहिए। सरसों के तेल, जैतून का तेल, नारियल के तेल जैसे कई तरह के तेलों का इस्तेमाल करके आप अपने स्तनों की मालिश कर सकती हैं। अपने हाथों पर इन तेलों की कुछ बूंदे लें और हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में स्तनों की मालिश करें। मालिश करने से स्तनों के ब्लड सरकुलेशन में बढ़ोतरी होगी और मांसपेशियों को मजबूती मिलेंगी जिसके कारण आपके स्तनों का आकार बढ़ाने और टाइट बनाने में मदद मिल सकती है।

अनार :- Pomegranate :- अनार एक बेस्ट एंटी एजिंग सामग्री के रूप में जाना जाता है। अनार के छिलकों का पाउडर ले और उनको सरसों के तेल में मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को स्तनों पर लगाकर 5 से 10 मिनट तक मसाज करें और थोड़ी देर बाद पानी से स्तनों को धो डालें। ऐसा प्रयोग करने से आपको अपने स्तनों में कसाव मिल सकता है और आपके ब्रेस्ट टाइट बन सकते हैं।

कुछ लड़कियों और महिलाओं के ब्रेस्ट छोटे होने के कारण Reasons why some girls and women's have small breasts

कुछ कारणों की वजह से लड़कियों के ब्रेस्ट छोटे हो सकते हैं।

लड़कियों के ब्रेस्ट छोटे होने के पीछे हार्मोन असंतुलन बड़ा कारण हो सकता है। कई लड़कियों के शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा कम होती है और प्रोजेस्टेरोन की मात्रा अधिक होने के कारण उनके ब्रेस्ट का आकार छोटा रह जाता है।

शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने के कारण भी लड़कियों का शारीरिक विकास बेहतर तरीके से नहीं हो पाता है और उनके स्तनों का आकार छोटा रह जाता है।

लड़कियों के ब्रेस्ट छोटे रहने के पीछे अनुवांशिकता भी एक कारण हो सकता है।

वजन कम होने से भी लड़कियों के ब्रेस्ट छोटे होने के पीछे एक कारण हो सकता है।

कुछ दवाइयों का सेवन करने के बाद उनकी वजह से होने वाले साइड इफेक्ट्स की वजह से भी लड़कियों में स्तनों का आकार छोटा रह जाता है|

लड़कियों को अपने छोटे स्तनों को सुडौल बनाने और बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए ?

किशोरावस्था के दौरान होने वाले हारमोंस के बदलाव लड़कियों को कई बातों के लिए आकर्षित करते हैं। किशोरावस्था के दौरान अगर किसी लड़की के ब्रेस्ट छोटे है; तो ऐसे में वह अपने स्तनों को बड़ा बनाने के लिए सोचती रहती हैं। अगर लड़कियां प्राकृतिक तरीके से अपने स्तनों का आकार बढ़ाना चाहती हैं; तो लड़कियों को अपने आहार में कुछ उचित बदलाव करके देखना चाहिए; जो उनके लिए काफी सरल और सुरक्षित उपाय हो सकता हैं ।

सोया प्रोडक्ट्स :- Soya Products :- सोया प्रोडक्ट्स में आइसोफ्लेवोन्स मौजूद होते हैं; जो एस्ट्रोजन की तरह काम करते हैं। सोया प्रोडक्ट्स का सेवन करने से लड़कियां अपने स्तनों का आकार बढ़ाने में सफल हो सकती हैं। टोफू, सोयाबीन तथा सोया मिल्क जैसे सोया प्रोडक्ट्स का सेवन करने से लड़कियों के शरीर में उचित पोषक तत्वों की आपूर्ति होती है; जो उनका शारीरिक विकास तेजी से करने में सहायता करते हैं। सोया प्रोडक्ट का सेवन लड़कियों के शरीर में मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है और उनमें कसाव बढ़ाता है; जो लड़कियों के स्तनों का आकार बढ़ाने के लिए उपयुक्त हो सकते हैं।

दूध :- Milk :- लड़कियां और महिलाए अपने स्तनों का आकार बढ़ाने के लिए दूध का सेवन भी कर सकती हैं। मानव शरीर के समान दूध में एस्ट्रोजन, प्रोलेक्टिन, प्रोजेस्टेरोन जैसे हारमोंस मौजूद होते हैं। इसी के साथ, दूध में प्रोटीन, कई प्रकार के विटामिन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। दूध का सेवन करने से लड़कियों के शरीर में हारमोंस का संतुलन बना रहता है, यह शारीरिक विकास को गति प्रदान करता है, मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है और प्रजनन क्षमता के विकास में काम करता है; जिससे लड़कियां अपने स्तनों का आकार बढ़ाने में सफल हो सकती हैं।

बीज :- Seed :- कद्दू के बीज तथा सूरजमुखी के बीजों में कई सारे पोषक तत्व मौजूद होते हैं; जो शारीरिक विकास की गति को बढ़ाते हैं। इन सभी बीजों में कैल्शियम, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन तथा कई तरह के मिनरल्स मौजूद होते हैं; जिससे लड़कियों और महिलाओं के शरीर में उचित पोषक तत्वों की आपूर्ति होती हैं और उनका शारीरिक विकास बेहतर होने में मदद मिल सकती हैं। बीजों का सेवन लड़कियों के शरीर में मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है और उनके स्तनों का आकार बढ़ाने में मददगार साबीत हो सकता है।

मेथी दाना :- Fenugreek seeds :- मेथी का सेवन हमारे शरीर के लिए कई रूपों से स्वास्थ्यवर्धक होता है। अगर लड़कियां और महिलाए अपने स्तनों का आकार बढ़ाना चाहती हैं; तो उनको मेथीदाना का सेवन करना चाहिए। मेथी दाना का सेवन आप कई तरह से कर सकते हैं। मेथीदाना का आप पानी पी सकते हैं, उसको के खाने साथ डाल खा सकते हैं या सीधे तौर पर एक चम्मच मेथी दाने का सेवन कर सकती है।

मेथी दाने में ऐसे कई सारे पोषक तत्व मौजूद होते हैं; जो शरीर में ब्लड सरकुलेशन को बढ़ाते हैं। मेथीदाना का सेवन लड़कियों के शरीर में हारमोंस के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है और उनके मांस पेशियों में विकास करके स्तनों के आकार को बढ़ा सकता है।

परामर्श :- Consultation

अगर लड़कियों और महिलाओं के स्तनों में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए

कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।

स्तनों में कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।

यह एक सामान्य जानकारी है अगर लड़कियों और महिलाओं के स्तनों { ब्रेस्ट } से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए

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