डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट मिल्क ना होने के कारण क्या हैं ? What are the reasons for lack of breast milk after delivery?
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डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट मिल्क ना होने के कारण क्या हैं ? What are the reasons for lack of breast milk after delivery?
डिलीवरी के बाद कई महिलाओं को ब्रेस्ट मिल्क ना आने की परेशानी होने लगती है। हर स्तनपान कराने वाली महिलाए चाहती है कि, वो अपने शिशु को अच्छा पोषण दे और इसके लिए वो अपनी ब्रेस्टफीडिंग डाइट का पूरा ध्यान रखती है। लेकिन कई बार महिलाओं को स्तनों में ना दूध बनने की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
हैलो फ्रेंड्स!
मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }
मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें। तो अगर आपको मेरा लेख ( आर्टिकल ) अच्छा लगे तो फॉलो जरूर करें।
आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।
नवजात शिशुओं के लिए मां का गाढ़ा और पीला दूध अमृत के समान होता है। शिशुओं के लिए मां का दूध बहुत ही जरूरी है। करीब 6 माह तक नवजात शिशुओं को मां का दूध पिलाना चाहिए, इससे वे जिंदगीभर स्वस्थ रहेंगे। मां का दूध पीने वाले मां का दूध ना पीने वालों की तुलना में काफी स्वस्थ और हेल्दी रहते हैं। लेकिन कई मामलों में महिलाएं मजबूरी में अपने शिशु को ब्रेस्ट फीडिंग नहीं करवा पाती हैं। इसका कारण है उन्हें डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट मिल्क नहीं होता है। ब्रेस्ट मिल्क ना होने के कारण शिशुओं को बाहर का दूध पिलाना मजबूरी बन जाती है। ऐसे में बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। महिलाओं को ब्रेस्ट मिल्क ना होने के कई कारण हो सकते हैं। जिसमें शारीरिक और मानसिक दोनों कारण शामिल हैं। इस समस्या का इलाज संभव है। आप डॉक्टर की सलाह अपना कर ब्रेस्ट मिल्क ना आने की समस्या से निजात पा सकते हैं।
लाइफस्टाइल के कारण Due to lifestyle
गर्भावस्था का दौर बहुत ही नाजुक होता है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को अपने लाइफस्टाइल का खास ख्याल रखना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को कैफीन, असंतुलित भोजन, स्मोकिंग जैसी चीजों से दूर रहना चाहिए। अगर वे गर्भावस्था में इन चीजों का सेवन करती हैं, तो इससे उनके ब्रेस्ट मिल्क पर असर पड़ सकता है।
स्ट्रेस लेने से भी हो सकता है। It can also happen due to stress.
स्ट्रेस आज के समय में बहुत ही बड़ी समस्या बनती जा रही है। इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में लोग स्ट्रेस के शिकार होते जा रहे हैं। बहुत से लोग ना तो अपनी बात शेयर कर पाते हैं और ना अपनी चीजें शेयर कर पाते हैं। इस वजह से भी स्ट्रेस की समस्या काफी ज्यादा हो रही है। गर्भवती महिलाओं का स्ट्रेस लेना नुकसानदेय हो सकता है। डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट मिल्क ना होने का कारण स्ट्रेस भी हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाएं स्ट्रेस ना लें।
हॉर्मोन के असंतुलन के कारण due to hormonal imbalance
डिलीवरी के दौरान शरीर का हार्मोन असंतुलित हो जाता है, जिसके कारण ब्रेस्ट मिल्क पर भी इसका असर पड़ता है। कुछ महिलाओं को थायराइड की समस्याएं होती हैं। थायराइड होने पर शरीर का हार्मोंस असंतुलित रहता है। इस वजह से भी महिलाओं को ब्रेस्ट मिल्क नहीं हो पाता है।
डिलिवरी में होने वाली परेशानियों के कारण Due to delivery problems
डिलीवरी के दौरान आने वाली परेशानियां भी ब्रेस्ट मिल्क ना होने के कारण होते हैं। कई बार डिलीवरी की वजह से बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होती है, जिसमें ट्रॉमैटिक डिलीवरी होने का खतरा काफी ज्यादा रहता है। स्ट्रेस, ट्रॉमैटिक डिलीवरी का जिम्मेदार होता है। डिलीवरी के बाद अधिक ब्लीडिंग होने से ब्रेस्ट मिल्क बनाने वाले हार्मोंस प्रभावित होते हैं। इस वजह से ब्रेस्ट मिल्क में कमी आती है।
प्लेसेंटा के अंश गर्भाशय में रह जाने के कारण Due to the placenta fragments remaining in the uterus
डिलीवरी होने के बाद महिला के शरीर से प्लेंटा का अंश पूरी तरह से बाहर निकाल दिया जाता है। लेकिन कुछ मामलों में प्लेसेंटा के अंश गर्भाशय में रह जाते हैं, जिसके कारण महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं। जिसकी वजह से महिलाओं को ब्रेस्ट मिल्क नहीं हो पाता है। शरीर में हार्मोनल बदलाव से मिल्क प्रोडक्शन में बाधा होने लगता है। अगर आपको इस तरह की कोई समस्या होती है, तो तुरंत डॉक्टर्स से संपर्क करें। ताकि समय रहते आपके शरीर में बचे प्लेसेंटा अंश को बाहर निकाला जा सके।
प्रीमेच्योर बर्थ डिलीवरी premature birth delivery
साधारण मामलों में गर्भावस्था के तीसरे महिने से महिलाओं में ब्रेस्ट मिल्क बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, लेकिन अगर गर्भावस्था के दौरान प्रीमेच्योर बर्थ हो जाए, तो ब्रेस्ट मिल्क की प्रक्रिया में बाधा होने लगती है। क्योंकि मिल्क बनने की प्रक्रिया में कुछ समय लगता है। सही से वक्त ना मिलने के कारण मिल्क पंप नहीं कर पाता है, जिसकी वजह से ब्रेट मिल्क निकलने में परेशानी होती है।
गर्भनिरोधक दवाओं के कारण due to contraceptive drugs
गर्भनिरोधक गोलियों का अधिक सेवन करने के कारण भी शरीर में हार्मोनल बदलाव देखने को मिलते हैं। इस वजह से शरीर में ब्रेस्ट मिल्क कम बनने लगता है। शरीर में हार्मोनल बदलाव के कारण महिलाओं के ब्रेस्ट से मिल्क नहीं निकल पाता है। ऐसी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर्स से संपर्क करें।
डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट मिल्क नहीं बनने पर क्या करें। What to do if breast milk is not produced after delivery.
ब्रेस्ट का करें मसाज Massage the breasts
डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट मिल्क लाने के लिए ब्रेस्ट की अच्छी तरह मसाज करें। ब्रेस्ट का आप सर्कुलर और अप-डाउन मोशन में अच्छी तरह मसाज करें। इससे ब्रेस्ट में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिसकी वजह से मैमरी ग्लैंड्स भी स्टीम्यूलेट होता है। ब्रेस्ट का अच्छी तरह मसाज करने से ब्रेस्ट मिल्क सही तरीके से बनता है।
हाथों से निकालें मिल्क Express milk with your hands
अगर आपके ब्रेस्ट में मिल्क सही से पंप नहीं कर रहा है, तो हाथों से प्रेस करके ब्रेस्ट मिल्क निकालें। ब्रेस्ट पर हाथों से प्रेस करने से मिल्क सही से निकलता है।
परामर्श :- Consultation
अगर गर्भवती महिलाओं को र्भावस्था के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है। तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।
कोई भी उपाय करने से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
गर्भावस्था के दौरान कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।
डॉक्टर द्वारा दिए गए दवाओं का नियमित रूप से सही समय पर सेवन करें।
अगर लड़कियों और महिलाओं के स्तनों में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए
कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
स्तनों में कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर लड़कियों और महिलाओं के स्तनों { ब्रेस्ट } से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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