ब्रेस्टफीडिंग कराते समय दूध से क्यों खून आता है Why does blood come in your breast milk
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ब्रेस्टफीडिंग कराते समय दूध से खून आता है तो ये करें If you notice blood in your breast milk while breastfeeding, do this.
बच्चे को दूध पीलाने के दौरान अगर बेस्ट में से खून निकलता है तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय इन लक्षणों पर ध्यान दें। यह बीमारी का भी कराण हो सकता है।
बेबी के ग्रोथ के लिए ब्रेस्टफीडिंग कराना बहुत जरूरी होता है। ब्रेस्ट मिल्क बच्चों को हेल्दी बनाती है और उनका मानसिक व शारीरिक विकास करती है। लेकिन कुछ असमान्य स्थिति में महिलाए अपने बेबी को दूध नहीं पीला पाती हैं। इन असमान्य स्थिति में ब्रेस्ट मिल्क से खून आना किसी बीमारियों के संकेत हो सकता है। अगर आपके भी ब्रेस्ट से दूध के साथ खून निकलता है तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|
ब्रेस्ट मिल्क में उपस्थित रक्त पर इतना ध्यान नहीं जाता क्योंकि यह बहुत ही कम मात्रा में आता है। लेकिन अधिक मात्रा में यह निकलने लगे तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें।
ब्रेस्टफीडिंग कराते समय दूध में खून आने के कई कारण हो सकते हैं, There can be many reasons for blood in breast milk during breastfeeding.
- निप्पल में चोट :- Nipple Trauma :- स्तनपान कराते समय निप्पल में दरारें, खरोंच या रगड़ लगने से खून आ सकता है, जिससे दूध का रंग गुलाबी या लाल हो जाता है।
- निप्पल में दरारें आना :- cracked nipples :- अक्सर जब बच्चा बहुत अधिक दूध पीता है तो निप्पल को बार-बार चूसने के कारण इसमें दरारें पड़ जाती हैं जिसकी वजह से निप्पल में घाव आ जाते हैं। ऐसे में इन घाव वाले निप्पलस से ब्रेस्टफीडिंग कराने के दौरान निप्पलस से खून निकलने लगता है। जिसकी वजह से महिलाओं को निप्पल्स में दर्द होता है और निप्पलस से खून निकलता है। अगर इस वजह से दूध के साथ खून निकलता है तो घबराएं नहीं। ये सामान्य स्थिति है।
- रस्टी पाइप सिंड्रोम :- Rusty Pipe Syndrome :- इस सिंड्रोम के कारण ब्रेस्टमिल्क के साथ खून निकलता है तो इसे नजरअंदाज ना करें। रस्टी पाइप सिंड्रोम, रस्टी पाइप से आने वाले पानी के रंग के बदलने जैसा ही है। वैसे ही कई बार दूध का रंग भी भूरा या लाल हो जाता है। यह केवल तभी दिखाई देता है जब आप दूध पम्प करती हैं या बच्चा दूध निकालता है। यह केवल कुछ दिनों तक ही रहता है और पहले प्रसव के समय अक्सर यह समस्या देखी जाती है।
- ब्रोकन या डेमेज्ड सेल्स कोशिकाएं :- Broken or damaged cells :- कभी-कभी ब्रेस्ट में उपस्थित छोटे-छोटे बल्ड सेल्स ख़राब हो जाते हैं या टूट जाती हैं। यह तब होता है जब दूध की एक्स्प्रेसिंग की जाती हैं। एक्स्प्रेसिंग से तात्पर्य है बिना बच्चे को दूध पीलाए पम्प द्वारा या हाथ की सहायता से दूध निकालना। निप्पलस से खून आने कारण बन सकता है।
- इंट्राडक्टल पेपिलोमा :- Intraductal papilloma :- इंट्राडक्टल पेपिलोमा एक छोटे ट्यूमर की तरह होता है जो कई महिलाओं के दूध के कोशिकाओं की लाइनिंग में होता है। इसके कारण कई बार ब्लीडिंग हो सकती है और यह प्रवाह ब्रेस्ट मिल्क में जाकर मिल जाता है। यह निप्पल के पीछे या उसके बगल में एक छोटी सी गांठ जैसी होती है।
- मस्तितिस :- mastitis :- मस्तितिस एक संक्रमण की तरह होता है जो ब्रेस्टफीडिंग के दौरान होता है। यह तब होता है जब बच्चा ठीक तरह से स्तन नहीं पकड़ता या बच्चा ब्रेस्टफीडिंग नहीं करता। ऐसे मामले में ब्रेस्टफीडिंग करवाते समय समय आपको खून मिला हुआ दूध दिख सकता है।
- ब्रेस्ट कैंसर :- breast cancer :- अगर ब्रेस्टफीडिंग के दौरान बहुत अधिक खून निकल रहा है तो ये ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। अगर महिलाओं को लगातार ब्रेस्ट मिल्क में खून निकलने की समस्या हो रही है तो एक बार जाकर डॉक्टर से जांच जरुर कराएं, ये ब्रेस्ट कैंसर का संकेत है। इसे नजर अंदाज न करें आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।
ब्रेस्टमिल्क से खून निकलने के दौरान इन सारी बीमारियों का टेस्ट एक बार जरूर करवा लें।
परामर्श Consultation
स्तनों में से खून निकल ने पर आप डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर आपको कुछ दवाएं सजेस्ट करेंगे।
बच्चे की अच्छी हेल्थ के लिए स्तनों में दूध की बराबर मात्रा होना बहुत जरूरी है। अगर महिलाओं को डिलिवरी के बाद स्तनों में से दूध साथ लगातार ब्रेस्ट मिल्क में खून निकलने की समस्या हो रही है तो आप डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।
अगर लड़कियों और महिलाओं के स्तनों में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए
कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
स्तनों में कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर लड़कियों और महिलाओं के स्तनों { ब्रेस्ट } से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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