​बच्‍चों की हाइट बढ़ाने के तरीके Ways to increase the height of children

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बच्चों की हाइट नहीं बढ़ने के कारण / बच्चों की हाइट बढ़ाने के नेचुरल तरीके Reasons for children not growing in height / Natural ways to increase children's height लड़के और लड़कियों की लंबाई किस उम्र तक बढ़ती है? Till what age do boys and girls grow in height? आज के समय में हर कोई अच्छी हाइट पाना चाहता है, क्योंकि लंबाई न केवल व्यक्तित्व को आकर्षक बनाती है, बल्कि आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। यहां जानिए, लड़के और लड़कियों की लंबाई कब तक बढ़ती है? जन्म के बाद बच्चों के सही विकास की जिम्मेदारी माता-पिता की होती है। किसी भी बच्चे की शारीरिक संरचना कैसे होगी यह पूरी तरह से माता-पिता पर निर्भर करता है। अक्‍सर पेरेंट्स शिकायत करते हैं कि उनके बच्‍चे की हाइट नहीं बढ़ रही है या अपने साथ के बच्‍चों के मुकाबले उनके बच्‍चे की हाइट कम है। आजकल तो बच्‍चों की हाइट न बढ़नी या कम बढ़ने की प्रॉब्‍लम ज्‍यादा देखी जा रही है। कम हाइट होने की वजह से बच्‍चों के आत्‍मविश्‍वास में कमी आती है और वो लोगों के सामने जाने से भी कतराने लगते हैं। बच्‍चों के सही मानसिक विकास के लिए उचित शारीरिक विकास होना भी जरूरी ह...

कम उम्र या जल्दी शादी करने के फायदे और नुकसान Advantages and disadvantages of early or young marriage

कम उम्र या जल्दी शादी करने के फायदे और नुकसान Advantages and disadvantages of early or young marriage

शादी! एक ऐसी बात है, जिसके बारे में सबके अलग अलग विचार होते हैं। किसी को अच्छा लगता है और किसी को बुरे अनुभावों की वजह से चिढ़ आती है। शादी करने के कुछ सालों तक सब कुछ ठीक ठाक चल रहा होता है। बाद में धीरे धीरे इस शादी से चिढ़ आने लगती हैं। रोज के रोज वही काम, वही रूटीन, वही हस्बैंड की किट किट, सास ससुर की डांट, ताने, हर किसी की मर्जी संभालना!! यह चीजें करते-करते महिलाओं में गुस्सा चढ़ जाता है। जाहिर है, महिलाएं इस चीज का गुस्सा अपने पति पर निकालती हैं। पति भी शादी के नाम से चिढ़ जाते हैं।

जब शादी करते हैं, तो बहुत अच्छा लगता है। पर बाद में उसकी जिम्मेदारियां संभालते संभालते जब सच्चाई का सामना करना पड़ता है, तो हम लोगों को सही मायने में शादी का मतलब समझ में आता है। हमारे भारत देश में पहले से ही बाल विवाह की प्रथा चलती आ रही हैं। आज भी कई ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी उम्र में ही लड़के और लड़कियों की शादी की जाती है, जबकि यह गुनाह है। सरकार ने शादी के लिए एक आयु निश्चित किया हुआ है, जिसमें आप शादी कर सकते हैं। कम आयु में शादी करने के कुछ फायदे होते हैं और उसी के साथ में कुछ नुकसान भी होते हैं। तो दोस्तों, आज जानेंगे कम उम्र में शादी के फायदे और नुकसान।

कम उम्र में शादी के फायदे Benefits of early marriage

दोस्तों, वैसे देखा जाए तो शादी का असली मतलब समझने के बाद में हमको लगेगा कि शादी के कुछ फायदे भी हो सकते हैं? यह तो हुई मजाक की बात! कम उम्र में शादी करने के कुछ फायदे होते हैं। हम एक-एक करके सब जानेंगे।

शादी का खर्च :- wedding expenses

जब आपकी कम उम्र में शादी होती हैं, तो आपके शादी का खर्चा आपके मां बाप ही उठाते हैं। वैसे तो, लड़कियों की शादी का खर्चा मां बाप ही उठाते हैं; चाहे वह जल्दी शादी करे या फिर देर से! लेकिन, लड़कों के बारे में यह नहीं होता है। जब लड़के कम उम्र में शादी करते हैं, तो उनकी शादी का पूरा खर्चा उनके मां बाप ही उठाते हैं। लेकिन, अगर लड़के उम्र में बड़े हो जाए, कमाने लगे और मां-बाप भी बुड्ढे हो जाते हैं; तो ऐसे में उनको अपनी शादी का खर्चा खुद ही करना पड़ता है।

एक दूसरे समझौता आसान होता है It's easier to compromise with each other

वैसे तो शादी ही एक बहुत बड़ा समझौता है। उसमें हमें बहुत सारी एडजेस्टमेंट्स करनी पड़ती है। ज्यादातर लड़कियों को समझौते करने पड़ते हैं। अपनी इच्छाओं, अपनी पढ़ाई को लेकर, अपने करियर के बारे में! ऐसे अनगिनत समझौते लड़कियां करती हैं। लेकिन, जब आप की कम उम्र में शादी होती हैं, तो आपको ज्यादा समझ भी नहीं होती है और कोई भी इच्छा इतनी प्रबल नहीं होती है, कि उसके लिए आप एक दूसरे से लड़ पड़े। इसीलिए, हर चीज पर एक दूसरे के साथ समझौता कर लेना कम उम्र की शादी में पॉसिबल होता है।

बच्चे पैदा करने का दबाव नहीं होता There is no pressure to have children

अगर आपकी कम उम्र में शादी हुई हैं, तो आपके ऊपर बच्चे पैदा करने का सामाजिक और पारिवारिक दबाव नहीं होता है। आप अपने फैमिली बढ़ाने के बारे में जल्दी नहीं सोचते हैं। इसीलिए, आप अपने पार्टनर को ज्यादा से ज्यादा वक्त दे सकते हैं और अपने करियर तथा जिंदगी जीने पर ज्यादा ध्यान दे सकते हैं। आपके ऊपर जल्दी शादी होने के कारण बच्चे पैदा करने का ज्यादा दबाव नहीं होता है, क्योंकि उसके लिए बहुत वक्त होता हैं।

एक दूसरे को समझना Understanding each other

कम उम्र में शादी होने की वजह से हम एक दूसरे को समझने के लिए काफी वक्त दे सकते हैं। वैसे भी, शादी के बाद एक दूसरे को वक्त देना पड़ता है। क्योंकि हमें एक दूसरे के बारे में कुछ भी पता नहीं होता है। ज्यादातर अरेंज मैरिज में यह होता ही है। क्योंकि, हम अनजान लोगों से रिश्ता जोड़ते हैं और इसीलिए उन दोनों को एक दूसरे को समझने के लिए वक्त मिलना चाहिए। कम उम्र में शादी होने की वजह से आप लोग बहुत हीअच्छी तरीके से एक दूसरे को समझ सकते हैं। इसी के साथ, एक दूसरे को समझने के बाद दोनों परिवारों में तालमेल भी अच्छे से बिठा सकते हैं।

जिम्मेदारियों का एहसास sense of responsibility

कम उम्र में शादी होने की वजह से आपको जिम्मेदारियों का अहसास बहुत ही जल्द हो जाता है। यह खासकर लड़कों को लागू होता है। क्योंकि, लड़कियों को तो हम बचपन से ही सिखाते हैं; कि आपको शादी करके दूसरों के घर जाना है, आपको उनके हिसाब से रहना है आदि। लेकिन, लड़कों का है ऐसे नहीं होता है। कुछ लड़के युवा होते ही बिगड़ जाते हैं। इसलिए, उनके मां-बाप उनकी शादी जल्दी करा देते हैं। ताकि वह अपनी मनमानी शादी के बाद ना कर पाए और एक जिम्मेदारी के साथ अपनी पत्नी की और अपनी जिम्मेदारी अच्छे से निभाए।

कम उम्र में शादी के नुकसान Disadvantages of early marriage

कम उम्र में शादी करने के जैसे फायदे हैं, वैसे ही कुछ नुकसान भी हैं जो हमें उठाने पड़ सकते हैं। वह नुकसान के कारण अलग-अलग हो सकते हैं। लड़कियों पर ज्यादा दबाव, उनको हर वक्त ताने कसना, घर में कोई बहू को समझ नहीं पाता है आदि। इसी के साथ में इन सब चीजों का परिणाम पति के ऊपर होता है और पति और पत्नी में अनबन हो जाती है।

  1. तालमेल में गड़बड़ी कम उम्र में शादी होने की वजह से जल्द ही जिम्मेदारियां अपने ऊपर आ जाती है और हर कोई जोड़ा इस जिम्मेदारी को उठा नहीं पाता है। इस वजह से उनके तालमेल में गड़बड़ी हो जाती है। उन दोनों का रिश्ता लड़खड़ा जाता है। कम उम्र होने की वजह से उनमें ज्यादा अनुभव भी नहीं होता है और जिसकी वजह से वह कठिनाइयां हैंडल नहीं कर पाते हैं।
  2. गर्भपात का खतरा कम उम्र में शादी होने के बाद में गर्भपात का खतरा भी बढ़ जाता है। कई परिवारों में शादी होते हैं बच्चे की अपेक्षाएं की जाती हैं। लेकिन लड़कियों की उम्र कम होने की वजह से उनका शरीर मां बनने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं होता है और अगर ऐसे में वह मां बनना चाहे, तो उसे बार-बार गर्भपात का खतरा उठाना पड़ सकता है।
  3. शारीरिक संबंध की जानकारी ना होना अगर आपकी शादी कम उम्र में हुई हो और वह अरेंज मैरिज हो, तो कई बार वह दोनों एक दूसरे के साथ में शारीरिक संबंध बनाने को हिचकिचाते हैं। कई बार तो कई जोड़ों को शारीरिक संबंध के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती हैं। उसकी वजह से वह अपने मैरिड लाइफ ठीक से नहीं जी पाते हैं।
  4. पढ़ाई पूरी ना करना भारत में आज भी कई ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ाई को इतनी महत्वता नहीं दी जाती है, जितनी देनी चाहिए। लड़कियों को तो इस बात का हमेशा से ही सामना करना पड़ रहा है। बहुत ही कम पढ़ाई करने के बाद में तुरंत उनकी शादी कर दी जाती है। जिससे उनकी पढ़ाई अधूरी रह जाती है। कई क्षेत्रों में लड़कों का भी वही हाल है। ऐसे में वह शादीशुदा जोड़ा एक अच्छी जिंदगी नहीं जी पाता है।
  5. आर्थिक रूप से कमजोर होना अगर आपकी शादी कम उम्र में हो गई हो और आप आर्थिक रूप से भी मजबूत ना हो, तो आपको शादी में बहुत झंझट उठानी पड़ सकती हैं। आर्थिक रुप से कमजोर होने की वजह से लड़के अपने घर की जिम्मेदारियां उठा नहीं पाते हैं और इस वजह से पति और पत्नी में अनबन हो जाती हैं।

शादी अपने जीवन का बहुत ही बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय साबित होता है। इसीलिए, इसे किसी भी जल्दबाजी में लेना बहुत गलत बात है। परिवार वाले और जिनको शादी करनी है वह आपस में बैठकर चर्चा करें और एक अच्छा निर्णय लें, जो आपके भविष्य के लिए फायदेमंद साबित होगा।

शादी में फायदे और नुकसान होती ही है। जैसे कि हमने देखा शादी एक समझौता ही है। लेकिन हर एक चीज की एक लिमिट होती है और इसीलिए आपको शादी के बारे में बहुत ही समझदारी से काम लेना चाहिए। धन्यवाद।

परामर्श :- Consultation

आमतौर पर महिलाएं पीरियड्स और प्रेगनेंसी को लेकर बहुत कम जागरूक होती हैं। इसलिए पीरियड्स में अनियमितता आने, सामान्य से अधिक या कम ब्लीडिंग होने, ब्लीडिंग के रंग में बदलाव या उससे बदबू आने या प्रेगनेंसी के दौरान किसी तरह की कोई समस्या होने पर वे तुरंत घबरा जाती हैं।

अगर आपको ऐसा लग रहा है कि ओव्यूलेशन ठीक ढंग से नहीं हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जांच करा कर इलाज करवाना चाहिए।

अगर महिलाओं को गर्भधारण करने में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।

अगर महिलाओं को र्भावस्था के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।

किसी भी दवा का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

डॉक्टर द्वारा दिए गए दवाओं एवं सप्लीमेंट का नियमित रूप से सही समय पर सेवन करें।

अगर आपको पीरियड्स या प्रेगनेंसी से संबंधित किसी तरह की कोई परेशानी या कन्फ्यूजन है तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलकर इस बारे में बात करना चाहिए।

यह एक सामान्य जानकारी है अगर आपको पीरियड्स मिस होने या प्रेगनेंसी से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए

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