प्रेगनेंसी का पहला महीना, लक्षण, डाइट और सावधानियां। First Month of Pregnancy, Symptoms, Diet, and Precautions

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प्रेगनेंसी का पहला महीना के लक्षण, डाइट और सावधानियां Symptoms, Diet, and Precautions for the First Month of Pregnancy प्रेगनेंसी का पहला महीना बहुत खास होता है। यह एक ऐसा समय है जब उम्मीदें और अनिश्चितताएं दोनों का मिश्रण होता है। आपको एक नए जीवन के आगमन की खुशी तो होती ही है, लेकिन साथ ही इस समय में कई बदलाव भी आते हैं। प्रेगनेंसी के पहले महीने में आपको जो भी अनुभव हो रहा है, वो पूरी तरह से सामान्य है। हैलो फ्रेंड्स! मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन } मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें।  आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि। प्रेगनेंसी का पहला महीना बहुत ही खास होता है। प्रेगनेंसी के शुरूआती चार सप्ताहों में आपके शरीर के अंदर ढेरों बदलाव आते हैं और प्रेगनेंसी के लक्षण दिखाई...

फैलोपियन ट्यूब। Fallopian Tube

फैलोपियन ट्यूब। Fallopian Tube

महिला प्रजनन प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो गर्भाशय (Uterus) को अंडाशय (Ovary) से जोड़ने वाली दो पतली मांसपेशीय नलिकाएं हैं। ये ओव्यूलेशन के दौरान अंडाशय से निकले अंडे को गर्भाशय तक पहुँचाती हैं और निषेचन (Fertilization) की प्रक्रिया यहीं होती है, जहाँ शुक्राणु और अंडा मिलते हैं।

हैलो फ्रेंड्स!

मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }

मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें। 

आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।

महिला के शरीर में गर्भाशय के दोनों तरफ (दाईं और बाईं ओर) दो फैलोपियन ट्यूब होती हैं। ये लगभग 10 से 13 सेंटीमीटर लंबी होती हैं। ओवरी से निकले अंडे को फैलोपियन ट्यूब में ले जाना। यह वह स्थान है जहाँ पुरुष का शुक्राणु (Sperm) महिला के अंडे (Egg) से मिलता है यदि अंडा निषेचित हो जाता है, तो फैलोपियन ट्यूब उसे आगे बढ़ने के लिए गर्भाशय की ओर ले जाती है। यदि ये ट्यूब अवरुद्ध (blocked) या क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, तो यह स्वाभाविक रूप से गर्भधारण (Pregnancy) में कठिनाई पैदा कर सकता है, क्योंकि निषेचन की प्रक्रिया यहीं होती है।

फैलोपियन ट्यूब की मुख्य विशेषताएं। The main features of the fallopian tubes:

  1. संरचना :- Structure :- इनके चार प्रमुख भाग होते हैं: इस्थमस (Isthmus), एम्पुला (Ampulla), इनफंडिबुलम (Infundibulum), और इंटरस्टिशियल (Interstitial) भाग।
  2. कार्य :- Function :- ये अंडाशय और गर्भाशय के बीच एक पुल के रूप में कार्य करती हैं। इनके अंत में फिम्ब्रिया (Fimbriae) नामक उंगली जैसी संरचनाएं होती हैं, जो ओव्यूलेशन के समय अंडे को पकड़ती हैं।
  3. निषेचन :-Fertilization :- गर्भाधान (शुक्राणु और अंडे का मिलन) आमतौर पर फैलोपियन ट्यूब के एम्पुला भाग में होता है।
  4. सीलिया :- Cilia :- ट्यूब के अंदर छोटे बाल जैसे सीलिया होते हैं, जो अंडों या भ्रूण को गर्भाशय की ओर धकेलने में मदद करते हैं।

यदि फैलोपियन ट्यूब में कोई रुकावट (Blockage) हो, तो यह प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है।

फैलोपियन ट्यूब क्या है। What is the fallopian tube

फैलोपियन ट्यूब महिलाओ के शरीर का एक महत्वूर्ण अंग है जो अंडाशय(Ovary) और गर्भाशय (Uterus) को आपस में जोड़ती है। जैसे ही अंडा परिपक्व होता है वह फैलोपियन ट्यूब में शुक्राणु के साथ निषेचित होकर भ्रूण बनाने के लिए आता है, फिर फैलोपियन ट्यूब की मदद से भ्रूण गर्भाशय में चला जाता है। तो महिलाओ में फैलोपियन ट्यूब का बहुत महत्व है क्युकी शुक्राणु के साथ अंडे का निषेचन फैलोपियन ट्यूब में होता है |

फैलोपियन ट्यूब। fallopian tubes

2 फैलोपियन ट्यूब, जो लगभग 4 से 5 इंच (लगभग 10 से 13 सेंटीमीटर) लंबी होती हैं, गर्भाशय के ऊपरी किनारों से अंडाशयों तक फैली होती हैं। ट्यूब सीधे अंडाशय से नहीं जुड़ती हैं। इसके बजाय, प्रत्येक ट्यूब के अंत में फ़नल आकार के उँगलियों के समान विस्तरण (फ़िम्ब्रिया) होते हैं। जब अंडाशय से अंड निकलता है, तो फिम्ब्रिया अंड को फैलोपियन ट्यूब के मुख तक निर्देशित करता है।

फैलोपियन ट्यूब छोटे बालों के समान प्रक्षेपों (सिलिया) के साथ आवरित होती हैं। ट्यूब की दीवार में सिलिया और मांसपेशियां ट्यूब के माध्यम से गर्भाशय तक एक अंड को नीचे की ओर ले जाती हैं। फैलोपियन ट्यूब शुक्राणु द्वारा अंड के गर्भाधान का सामान्य स्थान है। गर्भाधान के बाद, निषेचित अंड गर्भाशय में प्रवेश करता है और वहां प्रत्यारोपण करता है।

अंडाशय :- ovaries

अंडाशय आमतौर पर मोती के रंग के, अंडाकार और अखरोट के माप के होते हैं। वे स्नायुबंधन द्वारा गर्भाशय से जुड़े होते हैं। महिला सेक्स हार्मोन (एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन) के उत्पादन के अलावा और कुछ पुरुष सेक्स हार्मोन, अंडाशय अंड का उत्पादन करते हैं और उसे रिलीज़ करते हैं। विकासशील अंड की कोशिकाएं (अंडाणु) अंडाशय की दीवार में द्रव से भरी गुहाओं (फॉलिकल) में निहित होती हैं। प्रत्येक फॉलिकल में एक अंडाणु होता है।

फैलोपियन ट्यूब कैसे काम करती है। How do fallopian tubes work?

फैलोपियन ट्यूब का काम सिर्फ़ एक रास्ता देना नहीं है, बल्कि यह एक एक्टिव रोल निभाती है।

स्टेप 1: एग को पकड़ना :- Step 1: Egg Pickup :- हर महीने, महिला की ओवरी (Ovary) से एक मैच्योर एग यानि परिपक्व अंडा रिलीज़ होता है जिसे "ओव्यूलेशन" (Ovulation) कहते हैं। जैसे ही एग बाहर आता है, फैलोपियन ट्यूब की उंगलियों जैसी संरचना (Fimbriae) उसे अपनी ओर खींच लेती है और ट्यूब के अंदर ले आती है।

स्टेप 2: स्पर्म और एग का मिलन :- Step 2: Fertilization :- शारीरिक संबंधों के बाद, स्पर्म यूटेरस से होते हुए फैलोपियन ट्यूब की तरफ तैरते हैं। अगर इस समय वहां एग मौजूद है, तो ट्यूब के 'एम्पुला' वाले हिस्से में स्पर्म एग को फर्टिलाइज कर देता है। यही किसी नन्हीं जीवन की शुरुआत है।

स्टेप 3: एम्ब्रियो को यूटेरस तक पहुँचाना :- Step 3: Transporting the Embryo to the Uterus :- फर्टिलाइजेशन के बाद, जो एम्ब्रियो (भ्रूण) बनता है, उसे ट्यूब वापस यूटेरस की तरफ धकेलती है। ट्यूब के अंदर छोटे-छोटे बाल जैसे रेशे होते हैं जिन्हें "सिलिया" (Cilia) कहते हैं। ये सिलिया धीरे-धीरे एम्ब्रियो को बच्चेदानी की तरफ खिसकाते हैं। इस सफ़र में लगभग 3 से 4 दिन लगते हैं।

अगर ट्यूब ब्लॉक हो या डैमेज हो, तो एग और स्पर्म मिल नहीं पाते, या फिर एम्ब्रियो यूटेरस तक नहीं पहुँच पाता।

फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज क्या है। What is fallopian tube blockage?

फैलोपियन ट्यूब के बंद होने को फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज कहा जाता है महिलाओं के बांझपन का कारण फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज ही होती है |

हर महिला के यूट्रस में दो फैलोपियन ट्यूब होती है, जिसमें से अगर एक भी ठीक हो तो मां बनने में मदद मिल सकती है। फैलोपियन ट्यूब वो रास्ता है जिससे अंडे यूट्रस तक पहुंचते हैं और फर्टिलाइज्ड होते हैं। कई बार ट्यूब में ब्लॉकेज के कारण अंडे रास्ते में ही रुक जाते हैं और भी टूटकर बाहर निकल आते हैं।

शादी के बाद हर औरत का सपना होता है कि वो माँ बने इसके लिए वो फिज़िकली और मेंटली दोनों तरह से खुद को तैयार करती है पर जब बार - बार कोशिश करने पर भी माँ बनने का सुख नही मिलता तो उसे अहसास होता है कि कहीं अंदरूनी गड़बड़ी जरूर है उन अंदरूनी गड़बड़ी में एक है फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज

गर्भाशय से जुड़ी दो पतली नलिकाओं को फ़ॉलोपियन ट्यूब कहा जाता है । फ़ॉलोपियन ट्यूब गर्भाशय का मुख्य और अहम हिस्सा होती है । ये पतली नलिकायें होती है जिसमें पुरूष शुक्राणुओं और महिला अंडे का मेल होता है । फिर वो अंडा गर्भाशय में जाता है और शिशु बनने की प्रक्रिया चालू होती है और 9 माह बाद शिशु का जन्म होता है ।

फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज के प्रकार। Types of Fallopian Tube Blockage

फैलोपियन ट्यूब में ब्लॉकेज के आधार पर फैलोपियन ट्यूब में तीन प्रकार के ब्लॉकेज पाए जाते हैं, जिसमें प्रॉक्सिमल फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज, मिडिल फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज और डिस्टल फैलोपियन ब्लॉकेज शामिल है। ट्यूब ब्लॉकेज का इलाज ए इसके प्रकार के आधार पर भिन्न हो सकता है।

  1. प्रॉक्सिमल फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज :- Proximal Fallopian Tube Blockage :- गर्भाशय के पास फैलोपियन ट्यूब में रुकावट होने पर उसे प्रॉक्सिमल फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज कहते हैं।
  2. मिडिल फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज :- Middle Fallopian Tube Blockage :- फैलोपियन ट्यूब के मध्य में ब्लॉकेज होने पर उसे मिडिल फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज कहते हैं।
  3. डिस्टल फैलोपियन ब्लॉकेज :- Distal Fallopian Blockage :- फैलोपियन ट्यूब के अंतिम भाग के आसपास के ब्लॉकेज को डिस्टल फैलोपियन ब्लॉकेज कहते हैं।

फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने के कारण। Causes of blocked fallopian tubes

फैलोपियन ट्यूब में रुकावट रुकावट कई कारणों से हो सकती है जैसे डैमेज, यूट्राइन इंफेक्‍शन, यौन संचारिक रोग, सूजन या ट्विस्टिंग। इसके अलावा एंडामेट्रियोसिस, पेल्विक सूजन, मिसकैरेज, यूटेरिन फाइब्रॉएड, पेट या पेल्विक सर्जरी के कारण भी फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक हो जाती है। हालांकि राहत की बात यह है कि इसे खोला जा सकता है।

  1. पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज :- Pelvic Inflammatory Disease - PID :- यह एक मुख्य कारण, जिसमें इन्फेक्शन से ट्यूब में निशान पड़ जाते हैं और सूजन आ जाती है।
  2. सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन :- Sexually transmitted infections :- क्लैमाइडिया और गोनोरिया, यह ऐसे इन्फेक्शन होते हैं जिनका पता नहीं चलता और समय के साथ ट्यूब को नुकसान पहुंचाते हैं।
  3. एंडोमेट्रियोसिस :- Endometriosis :- एंडोमेट्रियल टिश्यू ट्यूब के आसपास या अंदर बढ़ सकते हैं, जिससे ब्लॉकेज हो सकता है।
  4. पहले पेट या पेल्विक की सर्जरी :- Previous abdominal or pelvic surgery :- सी-सेक्शन, फाइब्रॉइड हटाने या अपेंडिक्स के ऑपरेशन जैसी सर्जरी से एडहेसन हो सकते हैं।
  5. एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का इतिहास :- History of ectopic pregnancy :- पहले हुई एक्टोपिक प्रेग्नेंसी से ट्यूब को नुकसान हो सकता है।
  6. हाइड्रोसैल्पिनक्स :- Hydrosalpinx :- इन्फेक्शन या सूजन के कारण फ्लूइड से भरी ट्यूब ब्लॉक हो जाती है और सूज जाती है।
  7. ट्यूब के पास फाइब्रॉइड :- Fibroids near the fallopian tube :- बड़े फाइब्रॉइड ट्यूब पर दबाव डाल सकते हैं या उसे टेढ़ा कर सकते हैं।

फैलोपियन ट्यूब में रुकावट के लक्षण। Symptoms of blockage in the fallopian tubes

फैलोपियन ट्यूब में रुकावट तो कई बार छोटी उम्र से ही होती है पर इसके लक्षणों का पता तो गर्भधारण नहीं हो सकने की स्थिति में ही लगाया जाता है। जब महिलाएं लगातार गर्भधारण की कोशिश करती है और उसे सफलता नहीं मिलती है। तब जांच के द्वारा ही इस बीमारी का पता चलता है। इसके अलावा कुछ ऐसे लक्षण भी है जिनको देखकर आप आसानी से पता लगा सकते है कि फैलोपियन ट्यूब में कुछ रुकावट है ।

ज़्यादातर महिलाओं को ब्लॉक ट्यूब होने पर कोई साफ लक्षण महसूस नहीं होते हैं। हालांकि, कुछ संकेत इस स्थिति की ओर इशारा कर सकते हैं:

  1. गर्भधारण में कठिनाई :- Difficulty conceiving :- यह सबसे आम लक्षण है। जब एक साल तक रेगुलर बिना प्रोटेक्शन के सेक्स करने के बाद भी प्रेग्नेंसी नहीं होती है, तो ट्यूबल ब्लॉकेज एक कारण हो सकता है।
  2. मासिक चक्र में अनियमितता :- Irregular menstrual cycles :- फैलोपियन ट्यूब के अवरुद्ध होने पर मासिक चक्र में भी गड़बड़ी हो जाती है । मासिक धर्म के दौरान पेट में बहुत तेज दर्द भी होता है और रक्तस्राव भी ज्यादा होता है ।
  3. पेट के निचले हिस्से या पेल्विक में दर्द :- Lower abdominal or pelvic pain :- पेट में दर्द फैलोपियन ट्यूब के बंद होने पर पेट के नीचे पेडू में बहुत तेज दर्द होता है कभी हल्का तो कभी गहरा दर्द हमेशा रहता ही है। लगातार या रुक-रुक कर होने वाला दर्द, खासकर पीरियड्स या सेक्स के दौरान, ट्यूब को प्रभावित करने वाले इन्फेक्शन या एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) जैसी समस्याओं का संकेत हो सकता है।
  4. सेक्स के दौरान दर्द (डिसपेरुनिया) :- Pain during sex (dyspareunia) :- यह आमतौर पर तब होता है जब ट्यूब के आसपास सूजन या निशान बन जाते हैं।
  5. असामान्य वजाइनल डिस्चार्ज :- Abnormal vaginal discharge :- गाढ़ा, चिपचिपा, बदबूदार डिस्चार्ज बिना इलाज वाले पेल्विक इन्फेक्शन (Pelvic infection) का संकेत हो सकता है, जिससे ट्यूबल ब्लॉकेज हो सकता है
  6. एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का खतरा :- Risk of ectopic pregnancy :- ब्लॉक ट्यूब वाली महिलाओं को (खासकर आंशिक ब्लॉकेज वाली महिलाओं को) एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का ज़्यादा खतरा होता है।
  7. इंफेक्शन :- Infection :- बार बार बुखार आना मरीज को बार बार बुखार आता है और पेशाब में इंफेक्शन हो जाता है । कई बार पेशाब में जलन भी होती है

जब फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होती हैं तो पीरियड्स कैसे होते हैं। How do periods occur when the fallopian tubes are blocked?

ब्लॉक ट्यूब आमतौर पर पीरियड्स को सीधे प्रभावित नहीं करती हैं। ज़्यादातर महिलाओं का साइकिल फ्लो और ड्यूरेशन नॉर्मल होता है। हालांकि, अगर अंदरूनी कारण में ये शामिल हैं तो पीरियड्स अनियमित लग सकते हैं:

  1. एंडोमेट्रियोसिस
  2. PID
  3. हार्मोनल असंतुलन
  4. पॉलीसिस्टिक ओवेरियन समस्याएँ (असंबंधित लेकिन साथ में होने वाली)

अगर सूजन या एंडोमेट्रियोसिस मौजूद है तो भारी ब्लीडिंग या दर्दनाक पीरियड्स हो सकते हैं।

फैलोपियन ट्यूब को खोलने के कुछ घरेलू उपाय। Some home remedies to open the fallopian tubes

विटामिन सी का प्रयोग विटामिन सी की कमी से शरीर में कई बीमारियां हो जाती है । विटामिन सी के प्रयोग से बन्द ट्यूब को खुलने में मदद मिलती हैं । कुछ ऐसे प्राकृतिक स्रोत भी है जो शरीर में विटामिन सी की मात्रा को पूरा करते हैं और बन्द फैलोपियन ट्यूब को खोलने में काफी मदद भी करते है । इसके अलावा मासिक धर्म के दौरान होने वाली पीड़ा से भी मुक्त कराते हैं । संतरा, निम्बू, मौसमी, कीवी के अलावा बहुत से फल हमारी रसोई में मौजूद है जिसके इस्तेमाल से शरीर को बहुत फायदा भी मिलता हैं और ये ब्लोकेज को खोलने में भी मदद करते हैं ।

हालांकि घरेलू उपाय स्कार टिश्यू या स्ट्रक्चरल समस्याओं के कारण होने वाली रुकावटों को फिजिकली हटा नहीं सकते, लेकिन वे रिप्रोडक्टिव हेल्थ को सपोर्ट कर सकते हैं, सूजन कम कर सकते हैं और पेल्विक ब्लड फ्लो को बेहतर बना सकते हैं। इन्हें मेडिकल इलाज का विकल्प नहीं, बल्कि सहायक उपायों के तौर पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

  1. कैस्टर ऑयल पैक :- Castor oil pack :- यह पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और लिम्फैटिक ड्रेनेज में मदद करता है। यह सूजन को कम करने में मदद करता है जो ट्यूब्स को प्रभावित कर सकती है।
  2. फर्टिलिटी (पेट की) मसाज :- Fertility (abdominal) (massage) :- हल्की मसाज से पेल्विक ब्लड फ्लो बढ़ता है और कंजेशन कम हो सकता है। टिश्यू को ठीक करने के लिए पीरियड्स के बीच में यह सबसे अच्छा काम करता है।
  3. गर्म सिकाई या गर्म पानी की थैली :- Hot compress or hot water bottle :- गर्मी पेल्विक मसल्स को आराम देती है और यूट्रस और ट्यूब्स के आसपास बेहतर सर्कुलेशन को बढ़ावा देती है। दर्द और सूजन से राहत के लिए फायदेमंद है।
  4. एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट :- Anti-inflammatory diet :- हल्दी, अदरक, पत्तेदार सब्जियां, बेरीज़ और ओमेगा-3 बीज सूजन को कम करते हैं। यह फर्टिलिटी के लिए बेहतर अंदरूनी माहौल बनाता है।
  5. अदरक या हल्दी की हर्बल चाय :- Herbal tea with ginger or turmeric :- ये दोनों जड़ी-बूटियां नेचुरल एंटी-इंफ्लेमेटरी हैं और पेल्विक ब्लड फ्लो को बेहतर बनाती हैं। रोज़ाना सेवन से रिप्रोडक्टिव टिश्यू की मरम्मत में मदद मिल सकती है।
  6. दालचीनी का पानी (Cinnamon water) :- यह यूट्स और ट्यूब्स में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है। यह हार्मोन और मासिक धर्म चक्र (Menstrual cycle) को नियमित करने में भी मदद करता है।
  7. ओमेगा-3 फूड्स :- Omega-3 foods :- ओमेगा-3 फैट सूजन को कम करते हैं और सेल रीजेनरेशन में मदद करते हैं। यह पूरी रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए ज़रूरी है।
  8. हल्की एक्सरसाइज और योग :- Light exercise and yoga :- बटरफ्लाई (butterfly pose), ब्रिज और कोबरा जैसे योगा पोज़ पेल्विक फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाते हैं और ब्लड फ्लो को बेहतर बनाते हैं। यह तनाव कम करने में मदद करता है, जो फर्टिलिटी को प्रभावित करता है।
  9. गर्म पानी पीना :- Drinking hot water :- दिन भर गर्म पानी पीने से लिम्फ मूवमेंट बेहतर होता है और अंदरूनी कंजेशन कम होता है। यह नेचुरल डिटॉक्स और हीलिंग में मदद करता है।
  10. नमक के गर्म पानी से नहाना :- Taking a bath with warm salt water :- गर्म नमक का पानी पेल्विक मसल्स को आराम देता है और सर्कुलेशन बढ़ाता है। यह सूजन कम करने और आराम को बढ़ावा देने में भी मदद करता है।

परामर्श :- Consultation

ब्लॉक फैलोपियन ट्यूब गर्भधारण में एक साइलेंट रुकावट हो सकती हैं, लेकिन कई मामलों में इनका इलाज संभव है। शुरुआती निदान, समय पर इलाज और एक स्वस्थ जीवनशैली फर्टिलिटी के नतीजों में काफी सुधार कर सकती है। जबकि घरेलू उपचार और आहार प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, मेडिकल हस्तक्षेप अक्सर ज़रूरी होता है खासकर गंभीर ब्लॉकेज, हाइड्रोसैल्पिनक्स, या स्कार टिश्यू के मामलों में।

अगर आप धूमपान, शराब -तंबाकी आदि लेती हैं तो उनका सेवन तुरंत बंद कर दें क्योंकि फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक्ड हो सकती हैं। साथ ही इससे महिलाओं की फर्टिलिटी पर भी असर पड़ता है।

इनफर्टिलिटी का एक कारण तनाव भी है। ऐसे में स्ट्रेस दूर करने के लिए आप मेडिटेशन, योग आदि का सहारा लें। साथ ही सुबह-शाम ध्यान व सैर जरूर करें।

आप डॉक्टर से सलाह लेकर आप दवाओं के साथ कुछ नेचुरल तरीके आजमाकर बंद ट्यूब को खोल सकती हैं। डॉक्टर से एक बार सलाह जरूर ले। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें

आमतौर पर महिलाएं पीरियड्स और प्रेगनेंसी को लेकर बहुत कम जागरूक होती हैं। इसलिए पीरियड्स में अनियमितता आने, सामान्य से अधिक या कम ब्लीडिंग होने, ब्लीडिंग के रंग में बदलाव या उससे बदबू आने या प्रेगनेंसी के दौरान किसी तरह की कोई समस्या होने पर वे तुरंत घबरा जाती हैं।

अगर आपको ऐसा लग रहा है कि ओव्यूलेशन ठीक ढंग से नहीं हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जांच करा कर इलाज करवाना चाहिए।

अगर महिलाओं को गर्भधारण करने में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।

अगर महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।

किसी भी दवा का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

डॉक्टर द्वारा दिए गए दवाओं एवं सप्लीमेंट का नियमित रूप से सही समय पर सेवन करें।

अगर आपको पीरियड्स या प्रेगनेंसी से संबंधित किसी तरह की कोई परेशानी या कन्फ्यूजन है तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलकर इस बारे में बात करना चाहिए।

यह एक सामान्य जानकारी है अगर आपको पीरियड्स मिस होने या प्रेगनेंसी से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए।

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