गर्भ में महसूस करता है बच्चा The baby feels in the womb
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गर्भ में महसूस करता है बच्चा अपने आसपास की दुनिया, क्या आप जानते हैं? The baby feels the world around him in the womb, did you know that?
महिलाएं महसूस करती हैं कि जब बच्चा पेट के अंदर होता है तो उसे कुछ खास एहसास नहीं होता है। वो न तो देख सकता है और न ही कुछ खास प्रतिक्रिया कर सकता है। लेकिन ये बात पूरी तरह से सच नहीं है। भले ही पेट के अंदर बच्चा देख नहीं सकता है लेकिन गर्भ में बच्चा महसूस करता है। आप क्या खा रहे हैं या फिर किस चीज का सेवन कर रहे हैं। ये सब गर्भ में बच्चा महसूस करता है। शोधकर्ताओं ने वीडियो के माध्यम से जब जानकारी की तो पता चला कि बच्चा गर्भ में सुन सकता है, स्वाद ले सकता है। उनकी खास पसंद होती है और वो कुछ चीजों को नापसंद भी करते हैं।
हैलो फ्रेंड्स!
मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }
मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें। तो अगर आपको मेरा लेख ( आर्टिकल ) अच्छा लगे तो फॉलो जरूर करें।
आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।
गर्भ में बच्चा महसूस करता है मां का स्पर्श The baby in the womb feels the mother's touch
मां और बच्चे के बीच की बॉन्डिंग यहीं से शुरू होती है। जब मां दूसरी तिमाही के दौरान प्यार से अपने पेट में हाथ फिराती है तो बच्चा मां के स्पर्श को महसूस करता है और किक मारकर रिस्पॉन्स भी करता है। आप चाहे तो खुद ही महसूस कर सकती हैं। पेट को प्यार से सहलाएं। कुछ देर ऐसा करने से आपका बच्चा स्पर्श महसूस करेगा और आपको रिस्पॉन्स भी करेगा। ये बहुत ही प्यारा एहसास होता है। गर्भ में बच्चा महसूस करता है कि मां किस मूड में है, अगर मां खुश होगी तो बच्चे का रिएक्शन अलग होता है। अगर मां बहुत अपसेट है तो भी बच्चा अलग प्रतिक्रिया दे सकता है।
गर्भ में बच्चा महसूस करता है ध्वनि The baby in the womb can sense sound
नेशनल चाइल्ड बर्थ ट्रस्ट के निदेशक बारबरा कोट्ट के अनुसार, ‘बच्चे लगभग 20 सप्ताह के बाद संगीत की प्रति रिस्पॉन्स करना शुरू कर देते हैं। उदाहरण के लिए कुछ महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान संगीत सुनाया गया। जन्म के बाद जब वहीं संगीत बजाया गया तो बच्चों ने प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया। शोधकर्ताओं ने बच्चे की मस्तिष्क की गतिविधि का परिक्षण करना शुरू कर दिया। उन्होंने पाया कि जिन बच्चों ने जन्म से पहले संगीत सुना था उनके मस्तिष्क में नए पैटर्न का विकास हो गया है, लेकिन जिन बच्चों ने गर्भ में संगीत नहीं सुना था, उनके मस्तिष्क में कोई भी नया पैटर्न नहीं मिला है। बच्चा मां के पेट में कुछ आवजें जैसे दिल की धड़कन की आवाज, पेट में खाना पचने के दौरान आवाज और बल्ड सर्क्युलेशन के दौरान आवाज को सुनता है। गर्भ में बच्चा महसूस करता है कि किस तरह के आंतरिक माहौल में वह रह रहा है।
गर्भ में बच्चा महसूस करता है स्मोक के धुंए को The baby in the womb can sense smoke
लैंकेस्टर और डरहम विश्वविद्यालयों में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि जो महिलाए प्रेग्नेंसी के समय सिगरेट पीती है, उनके होने वाले बच्चे का मुंह के ऊपर हाथ रखना और अधिक मुंह चलाना जैसी प्रतिक्रिया महसूस की गई हैं। अल्ट्रासाउंड से ये पता चला है कि गर्भ में रहते हुए बच्चा सिगरेट के धुंए का पता लगा सकता है और उसके प्रति रिस्पॉन्स भी देता है। स्टडी में ये बात सामने आई है कि सिगरेट के धुएं के कारण स्ट्रेस बढ़ता है जिससे बच्चे का मूवमेंट बढ़ जाता है। एक अलग सा वातावरण गर्भ में बच्चा महसूस करता है, जिसके कारण उसका मूवमेंट बढ़ जाता है।
गर्भ में बच्चा महसूस करता है सूर्य की चमक The baby in the womb feels the sun's rays
गर्भ में पल रहे शिशुओं की आंखें केवल 15 सप्ताह में प्रकाश के प्रति संवेदनशील हो जाती हैं, लेकिन वो 22 सप्ताह तक अपनी आंखें नहीं खोलते हैं। बच्चा सूर्य की रोशनी को महसूस कर सकता है लेकिन उसे किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होती है। बच्चा सूर्य की रोशनी को तेज चमक के रूप में महसूस कर सकता है।
गर्भ में बच्चा महसूस करता है रिपिटेशन The baby in the womb feels repetition
अगर हम किसी भी काम को बार-बार करते हैं तो उसे तुरंत सीख जाते हैं। ठीक ऐसा ही गर्भ में पल रहे बच्चे के साथ भी हो सकता है। गर्भ में बच्चा कुछ खास प्रकार की ध्वनियों को सीख जाता है। ये केवन रिपिटेशन के कारण ही संभव हो पाता है। ध्वनि किसी भी प्रकार की हो सकती है।
गर्भ में बच्चा महसूस करता है स्वाद The baby in the womb senses taste
बच्चा पेट में रहते हुए फूड का फ्लेवर पहचानने में सक्षम होता है। एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि शिशु ओं में तीसरी तिमाही के दौरान गाजर के रस का इस्तेमाल किया गया। बाद में पाया गया कि उन बच्चों को गाजर बहुत पसंद थी। बच्चे को वेजीटेबल और फ्रूट लवर बनाना है तो प्रेग्नेंसी के दौरान सब्जियां और फल पर ज्यादा फोकस रखें। गर्भ में शिशु एम्निऑटिक फ्लूड से घिरा होता है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाए जो भी खाना खाती है, उसका सीधा असर एम्निऑटिक फ्लूड पर भी पड़ता है। बच्चा जो भी पोषण मां के शरीर से ले रहा होता है, वो मां के खाने का अंश ही होता है। ऐसे में मां जो खाती है, गर्भ में शिशु के लिए टेस्ट प्रिफरेंस बन जाता है। पैदा होने के बाद भी बच्चा उसी तरह का खाना पसंद करता है। सभी तरह के स्वाद को गर्भ में बच्चा महसूस करता है और भविष्य में उसकी पसंद और नापसंद इस बात पर भी निर्भर हो सकती है
गर्भ में बच्चा महसूस करता है नींद और सपने The baby feels sleep and dreams in the womb
सपना हर कोई देखता है। सपना मतलब कुछ पल के लिए एक अलग सी दुनिया में चले जाना। ऐसा बच्चों के साथ भी होता है। गर्भ में बच्चा महसूस करता है सपनों को। उन सपनों में उसके आसपास का वातावरण शामिल हो सकता है। आपने महसूस किया होगा कि कई बार बच्चे सोते समय रोने लगते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वे सपना देख रहे होते हैं। गर्भ में शिशु के साथ ही ऐसा होता है। रिसर्च के अनुसार बच्चे गर्भ में अचानक से नींद लेते हैं और जिसे रेम स्लीप (REM sleep) कहते हैं। महिला के गर्भ में बच्चे को रेम स्लीप लेते पाया गया है। इससे ये साबित होता है कि गर्भ में शिशु सपने देख सकता है। गर्भ में बच्चा नींद के साथ ही सपने का एहसास भी कर सकता है।
आपने जाना कि गर्भ में महसूस करता है बच्चा। वह किसी खास चीज के प्रति रिस्पॉन्स देता है और कुछ चीजों महसूस भी करता है। आप प्रेग्नेंसी के दौरान कोशिश करें कि किसी भी हानिकारक चीज का सेवन न करें क्योंकि ये आपके बच्चे को भी प्रभावित करेगा। गर्भ में महसूस करता है बच्चा ये जानकार आप जरूर आश्चर्यचकित हुए होंगे। बच्चा गर्भ में कई बातें भी सीख जाता है।
परामर्श :- Consultation
अगर गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है। तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।
कोई भी उपाय करने से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
गर्भावस्था के दौरान कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।
डॉक्टर द्वारा दिए गए दवाओं का नियमित रूप से सही समय पर सेवन करें।
यह एक सामान्य जानकारी है। अगर आपको पीरियड्स मिस होने या प्रेगनेंसी से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं। तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है। तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए।
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