मानव शरीर में लिवर क्या है? ,What is the liver in the human body?
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मानव शरीर में लिवर के महत्वपूर्ण कार्य / लिवर क्या है? / लीवर कमजोर क्यों होता है? / लिवर खराब कैसे होता है? / लिवर फेलियर के कारण,लक्षण क्या है? / लिवर में इन्फेक्शन क्यों होता है? / फैटी लिवर रोग क्या है? Important functions of the liver in the human body / What is the liver? / Why does the liver become weak? / How does the liver get damaged? / What are the causes and symptoms of liver failure? / Why does liver infection occur? / What is fatty liver disease?
हमारे पेट में मौजूद लिवर हमारे शरीर का बहुत जरूरी अंग है। खाना पचाने से लेकर पित्त बनाने जैसे जरूरी कामों को ये हमारे शरीर के अंदर करता है। एक मिनट में लगभग 1.5 लीटर खून हमारे लिवर से होकर गुजरता है। अगर शरीर के अंदर मौजूद लिवर काम करना बंद कर दे तो कुछ भी हो सकता है। वैसे इसका काम केवल खाना पचाना या पित्त बनाना नहीं बल्कि इससे और अधिक जरूरी काम भी हैं जो यह हमारे शरीर में करता है।
हैलो फ्रेंड्स!
मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }
मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें। तो अगर आपको मेरा लेख ( आर्टिकल ) अच्छा लगे तो फॉलो जरूर करें।
आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।
लिवर क्या है? What is liver?
हमारे पेट में मौजूद एक ऐसा अंग जो शरीर में लगभग 500 से अधिक कार्यों को करता है। लिवर का वजन 1.3 से 1.6 किलोग्राम तक होता है। यह रंग में लाल या भूरे रंग का होता है। लिवर को शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग कहा जाता है यानी यह आकर में शरीर के बाकी अंगों से बड़ा होता है। यह हमारे पेट में सीधे हाँथ की पसलियों के ठीक नीचे मौजूद होता है और वही से शरीर की सभी क्रियाविधियों का संचालन करता है।
लिवर के कार्य Liver Functions
शरीर को स्वस्थ रखने के कई सारे जरूरी कार्य लिवर के द्वारा किए जाते हैं। यह शरीर का वो भाग है जो हमारे शरीर को साफ़ करने के साथ-साथ खाना पचाने और पित्त को बनाने जैसे काम करता है।
- भोजन पचाने में सहायता करना :- Helping in digestion of food :- जब भी हम कुछ खाते हैं तो लिवर के द्वारा ही पित्त रिलीज किया जाता है जिससे हमारा भोजन पचता है। इसमें मौजूद पित्त हमारे खाने को छोटे छोटे टुकड़ों में बाँट देता है और इससे खाना आसानी से पचने लगता है।
- शरीर का विषहरण करना :- Detoxifying the body :- लिवर का दूसरा मुख्य काम है हमारे शरीर में मौजूद सभी तरीके के विषों का हरण करना है। हमारे शरीर में मौजूद जितने भी हानिकारक विषाक्त पदार्थ होते हैं उन्हें बाहर निकालने का काम लिवर के द्वारा किया जाता है। खून में मौजूद कोई भी खराब सेल या फिर कोई ऐसी चीज जिसकी शरीर को जरूरत नहीं है उसे छानकर लिवर अलग कर देता है। कुल मिलाकर शरीर को शुद्ध और साफ़ रखने का काम लिवर के द्वारा किया जाता है।
- ऊर्जा को स्टोर करना :- Storing energy :- लिवर हमारे शरीर में ऊर्जा का भंडार है और यह ऊर्जा को ग्लाइकोजन के रूप में संरक्षित करता है। फिर जब आप लंबे समय तक भोजन नही करते हैं और आपके शरीर को बाहरी ऊर्जा नही मिलती है तो इसके द्वारा संरक्षित की गई यह ऊर्जा आपके शरीर को चलाने का काम आ करती है।
- हार्मोन निर्माण का काम :- Hormone production :- शरीर में एस्ट्रोजन और थायराक्सिन हार्मोन को बनाना लिवर का ही काम होता है I इसके अलावा इनको संतुलित भी लिवर ही करता है। एस्ट्रोजन एक सेक्स हार्मोन है जो महिलाओं के यौन और प्रजनन स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आवश्यक है और थायरॉक्सिन हार्मोन वसा, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट के मेटाबोलिज्म को बढ़ाता है। इन्हें लिवर ही बनाता है। इससे आप समझ सकते हैं यह हमारे शरीर के लिए लिवर कितना आवश्यक है।
- प्रोटीन का अवशोषण करना :- Absorption of protein :- हमारे शरीर में प्रोटीन के टुकड़ों को तोड़कर उसे शरीर के लिए उपयोगी बनाने का काम लिवर ही करता है। जैसे खाने के माध्यम से प्रोटीन लिवर में आता है तो ये उसे टुकड़ों में तोड़ता है और फिर उसे अवशोषित करके बॉडी के लिए उसे उपयोगी बनाता है।
लिवर खराब कैसे होता है? How does the liver get damaged?
- अलकोहल से :- From alcohol :- जब अलकोहल यानी शराब आपके शरीर में जाती है तो ये हमारे खून में मिल जाती है। ऐसे में वो सारा खून लिवर से होकर गुजरता है तो यह उससे अलकोहल और बाकी के सभी खराब रसायन सोख लेता है और ऐसा करने से इसके कई सारे सेल्स नष्ट हो जाते हैं। हालाँकि बाद में वो सेल्स फिर से बन जाते हैं लेकिन लगातार अलकोहल लेने से वो सेल्स नष्ट हो जाते हैं और इससे लिवर खराब होने लगता है।
- फैटी खाना खाने से :- Eating fatty foods :- जब आप लगातार तली भुनी और तेल वाली चीजे खाते हैं तो इन सब चीजों में मौजूद केमिकल्स को लिवर अवशोषित करता है और धीरे धीरे सेल्स और खत्म होने लगती हैं जिससे यह काम करना बंद कर देता है और उसकी क्षमता कम होने लगती है। इसके अलावा लगातार एंटीबॉयटिक या कोई और दवाई लेने से भी इस पर असर पड़ता है।
लिवर फेलियर के लक्षण, कारण और इलाज क्या है? What are the symptoms, causes and treatment of liver failure?
लिवर फेलियर क्या है? What is liver failure
क्या आप अपने आप को थका हुआ या कमजोर महसूस कर रहे हैं, त्वचा पर पीलापन नजर आ रहा है, यह लक्षण लिवर फेलियर के संकेत हो सकते हैं। लिवर फेलियर तब माना जाता है जब आपके लिवर का कोई बड़ा भाग काम करना बंद कर देता है और उसका इलाज असंभव होता है। लिवर का खराब होना एक आपातकालीन स्थिती है और ऐसे में तत्काल प्रभाव से इलाज की आवश्यक्ता होती है। वैसे लिवर अचानक खराब नहीं होता है, यह कई सालों में धीरे-धीरे खराब होता है। हालंकि, अचानक से लिवर फेल होना एक असामान्य घटना है, जिसमें लिवर तेजी से खराब होता है और शुरुआत में हमें पता नहीं चल पाता है।
लिवर फेलियर कितने प्रकार के होते हैं? What are the types of liver failure?
लिवर फेलियर दो प्रकार के होते हैं There are two types of liver failure
- एक्यूट लिवर फेलियर :- Acute liver failure :- एक्यूट लिवर फेलियर की स्थिति में लिवर तेजी से प्रभावित होता है। इसमें लिवर कुछ दिन या कुछ सप्ताह में खराब हो सकता है। यह स्थिति अचानक हो सकती है इसमें बिना किसी लक्षणों का अनुभव किए लिवर की क्षति हो सकती है। यह ड्रग्स का जयादा उपयोग, मशरूम के विषाक्तता इत्यादि के कारण हो सकता है।
- क्रोनिक लिवर फेलियर :- Chronic liver failure :- क्रोनिक लिवर फेलियर में लिवर बहुत धीरे-धीरे प्रभावित होता है। इसके लक्षणों का पता चलने में कई महिने या कई साल लग सकते हैं। क्रोनिक लिवर फेलियर अक्सर सिरोसिस के कारण होता है, यह लम्बे समय तक शराब के सेवन से होता है।
लिवर फेलियर के कारण क्या है? What causes liver failure
लिवर खराब होने के कई कारण हो सकते है। इसके सामान्य कारण निम्नलिखित है:-
- वायरल हेपेटाइटिस :- viral hepatitis :- हेपेटाइटिस ए, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी यह सभी लिवर फेल होने का कारण बन सकता हैं।
- शराब :- Liquor :- शराब का सेवन लिवर के लिए हानीकारक होता है। शराब लिवर की बीमारी का कारण बनता है।
- फैटी लिवर :- Fatty Liver :- इस स्थिति में लिवर में अधिक मात्रा में फैट जमा हो जाता है, जिसके कारण सिरोसिस का खतरा होता है और लिवर खराब हो सकता है।
- ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस :- Autoimmune hepatitis :- ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस मामले में इम्यून सिस्टम लिवर सेल्स पर अटैक करता है जिसके कारण लिवर को नुकसान पहुंचता है और सूजन की समस्या हो जाती है, जो लिवर फेलियर को बढ़ावा देता है।
लिवर खराब होने के लक्षण क्या है? What are the symptoms of liver damage
लिवर खराब होने के लक्षण निम्न है:-
भूख में कमी / थकान / कमजोरी / वजव कम होना
दस्त / पीलिया / एडिमा / गहरे रंग का यूरीन
पेट में तरल पदार्थ का बनना / आसानी से चोट लगना
कमजोर लिवर के लक्षण Symptoms of a weak liver
अक्सर लोगों के द्वारा पूछा जाता है कि लीवर कमजोर होने के लक्षण क्या है?
- पेट में दर्द या सूजन :- Abdominal pain or swelling :- लीवर कमजोर होने पर पेट के ऊपरी भाग में सूजन आ जाती है। इसके साथ-साथ दर्द भी होता है।
- भूख न लगना :- Loss of appetite :- लीवर का कार्य भोजन को पचाना भी होता है। जब लीवर कमजोर हो जाता है, तो यह भोजन को ठीक से पचाने में असमर्थ होता है, जिससे भूख भी नहीं लगती है।
- वजन कम होना :- Weight loss :- कम भूख के कारण वजन कम होना एक सामान्य लक्षण है।
- थकान :- Tiredness :- कमजोर लीवर के कारण शरीर में ऊर्जा का भी निर्माण नहीं हो जाता है, जिससे व्यक्ति को थकान का अनुभव होता है।
- पीलिया :- Jaundice :- पीलिया में आंखों का सफेद भाग पीला पड़ जाता है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब लीवर रक्त से पित्त को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाता है।
- त्वचा में खुजली :- itchy skin :- त्वचा में खुजली एक अन्य सामान्य लक्षण है। जब रक्त से विषाक्त पदार्थ नहीं निकल पाते हैं, तो त्वचा में खुजली व्यक्ति को बहुत परेशान करती है।
- मूत्र का रंग गहरा हो जाना :- Darkening of urine color :- मूत्र का रंग गहरा होना एक अन्य लक्षण है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब लीवर रक्त से पित्त को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाता है।
- मल का रंग हल्का हो जाना :- Lightening of stool color :- मल के रंग में बदलाव भी एक महत्वपूर्ण लक्षण है
- एडिमा :- Edema :- इस स्थिति में तरल पदार्थ के साथ पैरों में सूजन आ जाती है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब लीवर पर्याप्त एल्ब्यूमिन का उत्पादन नहीं कर पाता है, जिससे रक्त में एल्ब्यूमिन की मात्रा कम हो जाती है।
- मस्तिष्क की कार्यप्रणाली का प्रभावित होना :- Affecting the functioning of the brain :- जब लीवर में किसी भी प्रकार की समस्या होती है, तो रक्त में विषाक्त पदार्थों की संख्या बढ़ जाती है, जो मस्तिष्क तक पहुंच सकता है। इसके कारण व्यक्ति को भ्रम, भटकाव या भूलने की बीमारी हो जाती है।
- पाचन संबंधी समस्या :- Digestive problems :- विषाक्त पदार्थों का शरीर में जमा होने के कारण पाचन संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे मतली और उल्टी की समस्या उत्पन्न होती है
- खराब नींद :- poor sleep :- हालांकि यह लक्षण बहुत कम मामलों में उत्पन्न होते हैं, लेकिन यह भी एक महत्वपूर्ण लक्षण की श्रेणी में आता है।
यह लक्षण कई दूसरी समस्याओं के कारण भी हो सकते हैं। और इसके कारण लिवर की परेशानी का निदान करने में कठिनाई हो सकती है। कई मामलों में इसके कोई लक्षण नहीं होते हैं, जब तक की यह दयनीय स्थिति में नहीं पहुंच जाता है।
लीवर कमजोर होने पर क्या खाना चाहिए? What should be eaten when the liver is weak
लीवर को फिर से दुरुस्त करने के लिए खानपान एक अहम भूमिका निभाता है। कई बार डॉक्टर भी आहार में कुछ आवश्यक बदलाव का सुझाव देते हैं। लीवर कमजोर होने पर रोगी को निम्न खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए।
फल :- Fruit :- ताजे फल लीवर को स्वस्थ रखने में बहुत मदद कर सकते हैं। फलों में फाइबर प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है। लीवर को स्वस्थ रखने के लिए कुछ विशेष फल इस प्रकार है - आम / पपीता / ब्लूबेरी / अंगूर / सभी खट्टे फल
सब्जियां :- Vegetables :- यदि कोई व्यक्ति अपने लीवर को स्वस्थ रखना चाहता है, तो उसे प्रतिदिन ताजी हरी सब्जियां खानी चाहिए। ब्रोकली / गाजर / पालक / चुकंदर
अनाज (ग्रेन्स) :- Grains :- लीवर के बेहतर स्वास्थ्य के लिए फाइबर की मात्रा को बढ़ाना चाहिए। ओटमील / ब्राउन राइस / बाजरा
पेय पदार्थ :- beverage :- हाइड्रेट रखने के लिए पेय पदार्थ बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लीवर को ठीक रखने के लिए रोगी को निम्न पेय पदार्थ के सेवन को बढ़ाना चाहिए क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है - फलों और सब्जियों के रस / ग्रीन टी, चुकंदर, गाजर और खीरा जूस / नींबू का रस
फैटी लिवर रोग क्या है? What is fatty liver disease
लिवर में अतिरिक्त चिकनाई का बनना फैटी लिवर की बीमारी है।
फैटी लिवर की बीमारी शराब के सेवन से हो सकती है और यदि व्यक्ति शराब पीना जारी रखे तो उससे लिवर को गंभीर क्षति हो सकती है।
कौन (NAFLD) से ग्रसित हो सकते है ? Who can suffer from (NAFLD)
NAFLD पुरुषों और महिलाओं और सभी उम्र के बच्चों को प्रभावित कर सकता है, मगर अधिक वजन वाले लोगों का इससे ग्रसित होना आम है। चिकनाई से भरपूर आहार, कैलोरी और फ्रुक्टोज भी फैटी लिवर रोग का कारण हो सकते हैं। मोटापा एक खतरनाक दर से बढ़ रहा है। मोटापा और मधुमेह फैटी लिवर के लिए प्रमुख खतरा हैं,
फैटी लिवर रोग के कितने चरण हैं? How many stages of fatty liver disease are there
फैटी लिवर आमतौर पर निम्नलिखित चरणों के माध्यम से आगे बढ़ता है:
साधारण फैटी लिवर Simple fatty liver
सूजन के साथ फैटी लिवर (NASH या नॉन-अल्कोहिलक स्टेटोहेपेटाइटिस के रूप में जाना जाता है)
फैटी लिवर जिसमे लिवर की स्कार्रिंग हो या लिवर सख्त हो जाये (जिसे लिवर सिरोसिस भी कहा जाता है)
फैटी लिवर के क्या लक्षण हैं? What are the symptoms of fatty liver
फैटी लिवर वाले अधिकांश व्यक्तियों में कोई लक्षण नहीं होते हैं, हालांकि कुछ को लिवर के बढ़ने के कारण पेट के दाहिनी ओर दर्द का अनुभव हो सकता है। अन्य लक्षण सामान्य थकान, मतली और भूख न लगना है। एक बार सिरोसिस विकसित हो जाता है, और लिवर की विफलता की शुरुआत हो जाए, तब आँखों का पीलापन (पीलिया), पेट में पानी भरना (एडिमा), खून की उल्टी, मानसिक भ्रम और पीलिया हो सकता है।
फैटी लिवर रोग का निदान कैसे किया जाता है? How is fatty liver disease diagnosed
फैटी लिवर आमतौर पर चेकअप के दौरान पाया जाता है, जब डॉक्टर को बढ़े हुए लिवर का पता चलता है। अल्ट्रासाउंड स्कैन लिवर में फैट दिखा सकती है , जब लिवर का रक्त परीक्षण सामान्य नहीं हो।
फैटी लिवर रोग खतरनाक क्यों है? Why is fatty liver disease dangerous
फैटी लिवर एक मूक रोग है। हो सकता है की यह तब तक कोई लक्षण न दिखाए जब तक कि स्थिति लिवर सिरोसिस और लिवर की विफलता की ओर नहीं बढ़ जाती है। प्रारंभिक चरण में इस बीमारी का पता लगाना महत्वपूर्ण है
फैटी लिवर के रोग को कैसे रोकें? How to prevent fatty liver disease
- अपना वजन मैनेज करें। वजन कम करें, यदि आप अधिक वजन वाले हैं तेजी से वजन कम करने से बचें। डाइट कार्यक्रमों से दूर रहें जो भूखे रहने की सलाह देते हैं।
- प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
- आहार में चिकनाई की मात्रा कम करें।
- कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार को ना कहें। ये हमारी आंतों से जल्दी से अवशोषित हो जाते हैं सोख लिए जाते हैं और लिवर फैट में परिवर्तित हो जाते हैं। जो खाद्य पदार्थ जो धीरे-धीरे अवशोषित होते हैं, फायदेमंद होते हैं।
- फ्रुक्टोज से भरपूर कई जूस और कार्बोनेटेड पेय पीने से बचें। इसके अलावा, बहुत ज़्यादा फल खाने से सावधान रहें।
- वार्षिक स्वास्थ्य जांच करें। हर साल अपने लिवर एंजाइम, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर की जाँच करें।
- अगर आपको उच्च रक्तचाप और मधुमेह है, तो इसका प्रभावी उपचार करें।
- अगर आप शराब पीते हैं, तो शराब का सेवन पूरी तरह से बंद करें।
लिवर खराब होने का इलाज क्या है? What is the treatment for liver damage
लिवर खराब होने का इलाज लिवर की गंभीर स्थिति को देखते हुए किया जा सकता है। लिवर फेलियर का इलाज निम्नलिखइत है:-
यदि लिवर में थोड़ी बहुत खराबी है, डैमेज है तो उसे दावाई से ठीक किया जा सकता है। इसमें ऐसी दवाई दी जाती है जो लिवर को और ज्यादा खराब होने से बचाती है, सूजन को कम करती है और ब्लड सर्कुलेशन ठीक करने में मदद करती है।
यदि किसी वायरस के कारण लिवर खराब है तो वायरस के शरीर में रहने तक उसके लक्षणों का इलाज किया जाता है। ऐसे मामलों में लिवर कभी बिना किसी उपचार के भी ठीक हो सकता है।
लिवर खराब होने का एक मात्र संपूर्ण इलाज है लिवर ट्रांसप्लांट। इस मामले में खराब लिवर को सर्जरी के द्वारा हटा दिया जाता है और उस जगह पर डोनर के द्वारा दिए गए लिवर को सफलतापूर्वक लगा दिया जाता है। लेकिन ऐसे में, लिवर महंगे होते है और बॉडी रिजेक्शन का भी खतरा रहता है।
कुछ केसेज में, लिवर के खराब हिस्सों को ठीक करने के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ती है, इसमें लिवर के खराब वेसल्स की रिपेयर की जाती है।
परामर्श :- Consultation
शरीर को चलाने के लिए लिवर बहुत महत्वपूर्ण अंग है। यह शरीर से खाद्य और पेय पदार्थों को ऊर्जा में बदलती है। लिवर की बीमारी होता है जब लिवर का कोई बड़ा भाग काम करना बंद कर देता है या कोई गंभीर लिवर समस्या हो रहा हो।और उसका इलाज संभव नहीं होता है। लिवर फेलियर दो प्रकार के होते हैं, एक्यूट लिवर फेलियर और क्रोनिक लिवर फेलियर। एक्यूट में लिवर अचानक किसी स्थिति में खराब होता है और क्रोनिक में लिवर धीरे-धीर काफी समय बाद खराब होता है।
लिवर खराब होने के लक्षण में भूख न लगना, थकान, पीलिया, एडिमा, इत्यादि है। लिवर फेलियर के कारण में वायरल हेपेटाइटिस, अल्कॉहल, फैटी लिवर, ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस, इत्यादि है। लिवर फेलियर के इलाज में लिवर ट्रांसप्लांट, दवाएं, सर्जरी इत्यादि शामिल है। इससे अलग बात करें, तो खान-पान की खराब आदतों से कई सारी बीमारियां जुड़ी है। खराब जीवनशैली और खराब डाइट दोनों ही बीमारियों के प्रमुख कारण है।
अगर आपके में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए
कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
अगर आपको किसी भी प्रकार का कोई भी शारीरिक समस्या हो रहा है; डॉक्टर से सलाह जरूर ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
पेट में किसी भी तरह का कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आपको पेट या लिवर से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
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