स्लीप एपनिया कारण, लक्षण, और उपचार Sleep Apnea Causes, Symptoms, and Treatment

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  स्लीप एपनिया कारण, लक्षण, और उपचार Sleep Apnea Causes, Symptoms, and Treatment खामोश रातें: स्लीप एपनिया को समझना और उपचार के विकल्प Silent Nights: Understanding Sleep Apnea and Treatment Options हैलो फ्रेंड्स! मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन } मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें। आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि। स्लीप एपनिया या स्लीप एप्निया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें रात में सोते समय सांस लेने में समस्या होती है। इस दौरान जैसे ही आपको सांस लेने में दिक्कत होती है, दिमाग आपको नींद से जगा देता है। यही कारण है कि स्लीप एपनिया (Sleep Apnea) की स्थिति में नींद में समस्या सबसे सामान्य लक्षण है। समय के साथ यह समस्या गंभीर होने लग जाती है निद्रा विकार दुनिया भर में लाखों लोगों...

अनियमित मासिक धर्म के कुछ कारण

 अनियमित मासिक धर्म के कुछ कारण

हैलो फ्रेंड्स!

मैं { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }

मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें।

लड़कियों और महिलाओं के लिए मासिक धर्म कोई उत्साहपूर्ण चीज नहीं होती है और कोई भी स्त्री वास्तव में इसके लिए उत्सुक भी नहीं होती है। हालांकि, यह आपके संपूर्ण प्रजनन स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि लड़कियों और महिलाओं का मासिक धर्म नियमित है और आप अपनी तारीख जानती हैं तो यह आपके लिए मददगार हो सकता है। ऐसे में आप अपनी तारीख के अनुसार विशेष अवसरों की योजना बना सकती हैं। दुर्भाग्य से, यह सभी लड़कियों या महिलाओं के लिए नहीं होता है क्योंकि कई महिलाओं को अनियमित मासिक धर्म या मासिक धर्म चक्र के दौरान समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

अनगिनत कारणों की वजह से लड़कियों और महिलाओं के शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है; जिसके चलते उन्हें हार्मोन परिवर्तन या असंतुलन का सामना करना पड़ता है। लड़कियों और महिलाओं के जीवन में और उनके स्वास्थ्य में हारमोंस एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। हारमोंस का स्वास्थ्य अच्छा रहने पर महिलाओं की माहवारी में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होती है।

परंतु, हार्मोन इंबैलेंस होने की वजह से लड़कियों और महिलाओं को अनियमित पीरियड्स जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई ऐसी लड़कियां या महिलाएं होती हैं; जिन्हें महीने में कई बार पीरियड आते हैं और कई महीनों तक पीरियड नहीं आने की समस्या भी हो जाती है।

ऐसे में, अपने जीवन शैली में और आहार की पद्धति में कुछ उचित बदलाव करते हुए लड़कियां और महिलाएं अपने मासिक धर्म को प्राकृतिक रूप से रेगुलर कर सकती हैं। आजकल की बदली हुई जीवनशैली और खराब खान-पान के पद्धति, बढ़ता हुआ तनाव, अत्याधिक प्रदूषण जैसे कारणों की वजह से भी महिलाओं के पीरियड्स के साइकिल में अनियमितता देखी जा सकती है।

अनियमित मासिक धर्म क्या है?

अनियमित मासिक धर्म आमतौर पर हॉर्मोनल असंतुलन का संकेत होता है। एक सही माहवारी चक्र 28 दिनों का होता है। जिस किसी को भी 29वें दिन में मासिक धर्म होता है तो उसका मासिक धर्म चक्र स्वस्थ है। लेकिन अगर लड़कियों या महिलाओं को 21 दिनों में या उससे पहले मासिक धर्म शुरू हो जाता है और अगर माहवारी 8 दिनों से अधिक समय तक रहती है, तो इसे अनियमित मासिक धर्म कहा जाता है। इसके अलावा, यदि देर से माहवारी आती है या एक चक्र चूक गया है, तो भी अनियमित मासिक धर्म चक्र कहां जाता है। माहवारी में आने वाली अनियमितता को “ओलिगोमेनोरिया” भी कहा जाता है।

अनियमित मासिक धर्म एक ऐसी स्थिति होती है; जिसमें एक लड़की या महिला के महावारी की साइकिल बदलते हुए अलग-अलग समय पर होने लगते हैं; जिससे वह महिला काफी परेशान हो जाती है और अनियमित माहवारी उसके स्वास्थ्य के लिए अच्छा भी नहीं माना जाता है।

अनियमित मासिक धर्म होने के पीछे अनगिनत प्रकार के कारण मौजूद होते हैं। जैसे; योनी में सूजन, गर्भाशय से जुड़ी समस्याएं, एंडोमेट्रियोसिस, पीसीओडी, पीसीओएस, हारमोंस का असंतुलन आदि कारणों की वजह से लड़कियों और महिलाओं की माहवारी अनियमित हो जाती है।

अनियमित मासिक धर्म चक्र के कारण क्या हैं?

लड़कियों और महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म चक्र के लिए बहुत सारे कारक ज़िम्मेदार होते हैं। यह कारक या कारण, अक्सर एक अस्वास्थ्यकर जीवनशैली से संबंधित होते हैं।अनियमित मासिक धर्म होने के कुछ कारण, इस प्रकार हैं:

1. हारमोंस का असंतुलन होना:-

हारमोंस का असंतुलन महिलाओं में माहवारी की अनियमित का सबसे मुख्य कारण माना जाता है।

2. तनाव का उच्च स्तर :-

माहवारी के दौरान तनाव, ओवुलेशन या डिंबोत्सर्ग को रोक सकता है। एस्ट्रोजन और अन्य प्रजनन हॉर्मोन का उत्पादन भी, उच्च–तनाव स्तर के कारण बाधित हो जाता है। नतीजतन आपकी गर्भाशय की परत उस तरह से नहीं बनती है जैसी उसे बननी चाहिए, जिसकी वजह से भी मासिक धर्म समय पर नहीं होता है।

3. आहार में पोषण की कमी :-

गलत दिनचर्या, खराब खान-पान की पद्धति तथा अनहेल्दी लाइफस्टाइल जैसे कारणों की वजह से भी महिलाएं अनियमित माहवारी की समस्या से सामना करती हैं।

जिस आहार में एंटी–ऑक्सीडेंट की कमी होती है वह आहार किसी भी महिला के शरीर में विभिन्न हॉर्मोन के सामान्य कार्य में विघ्न डाल सकता है। परिणामस्वरूप, इसी कारण से मासिक धर्म अनियमित सकता है।

उदाहरण के लिए, योज्य (एडिटिव्स) और कीटनाशकों जैसे उत्तेजक पदार्थों से भरा भोजन, अधिवृक्क ग्रंथियों के सामान्य कार्यों में बाधा डालता है और इससे कॉर्टिसॉल में वृद्धि हो सकती है। बढ़ा हुआ कॉर्टिसॉल प्रजनन हॉर्मोन सहित कई हॉर्मोन के सामान्य कार्य में बाधा उत्पन्न करता है।

4. तनावपूर्ण व्यायाम :-

अधिक व्यायाम के कारण होने वाला तनाव या थकान अधिवृक्क, थायरॉयड और पिट्यूटरी ग्रंथियों के सामान्य कार्यों में बाधा उत्पन्न करता है, जिससे मासिक धर्म अनियमित हो जाता है।

5. थायरॉयड :-

थायरॉइड की समस्या से पीड़ित महिलाओं का मासिक धर्म अक्सर चूक जाता हैं या उन्हें अनियमित मासिक धर्म का सामना करना पड़ता है।

6. गर्भनिरोधक गोली :-

गर्भनिरोधक गोलियों का मासिक धर्म पर सीधा असर पड़ता है। यह माहवारी को कम करता है और कई मामलों में तो इसे पूरी तरह से रोक देता है।

7. पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पी.सी.ओ.एस / पीसीओडी ) :-

पीसीओएस, पीसीओडी जैसी गंभीर हार्मोनल इंबैलेंस की वजह से होने वाली समस्याओं के कारण भी महिलाओं में माहवारी की अनियमितता देखी जाती है।

यह ऐसी चिकित्सीय संबंधी स्थिति है, जिसमें अंडाशय में बहुत सारी छोटी पुटियाँ दिखाई देती हैं। इस स्थिति से पीड़ित महिलाओं को अनियमित मासिक धर्म का अनुभव होता है।

8. अत्यधिक वजन में गिरावट :-

यदि महिलाओं में शरीरिक बी. एम. आई. 18 या 19 से नीचे होता है, तो आपके शरीर में वसा कम होने के कारण अनियमित मासिक धर्म का अनुभव हो सकता है। शारीरिक वसा एस्ट्रोजन बनाने में मदद करता है वह एक ऐसा हॉर्मोन है जो अंडाशय के सामान्य कार्य के लिए आवश्यक होता है।

9. वज़न में अचानक वृद्धि :-

कम समय में लड़कियों और महिलाओं के वज़न में बहुत ज़्यादा वृद्धि के कारण भी शारीरिक हॉर्मोन के सामान्य कार्य पर प्रभाव पड़ सकता है। इसमें संभोग का हॉर्मोन भी होता है जो अनियमित मासिक धर्म का एक कारण हो सकता है।

10. खाद्य पदार्थों से ऐलर्जी :-

कुछ खाद्य पदार्थों से एलर्जी, जैसे निदान न हुआ हो ऐसा लासा या सीलिएक रोग, शारीरिक हॉर्मोन को प्रभावित कर सकते हैं। यह संभोग हॉर्मोन के सामान्य कार्य को भी प्रभावित करता है जो अनियमित मासिक धर्म का कारण बन सकता है।

11. अन्य चिकित्सीय स्थितियाँ :-

मधुमेह, फाइब्रॉएड, अन्तर्गर्भाशय–अस्थानता(एंडोमेट्रियोसिस) और यौन संचारित रोगों जैसी चिकित्सा संबंधी स्थितियों से पीड़ित किसी भी महिला को अनियमित मासिक धर्म का अनुभव होने की सबसे अधिक संभावना होती है।

12. उम्र :-

यह देखा गया है कि जब किसी लड़की को पहली बार मासिक धर्म होता है, तो उसे सामान्य होने में कुछ समय लगता है। केवल उम्र के साथ ही महिलाओं में मासिक धर्म चक्र नियमित होता है। किशोरावस्था में लड़कियों को अनियमित मासिक धर्म के बारे में चिंतित होने की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि किशोरावस्था के वर्षों में यह एक आम स्थिति है।

13. गर्भाशय पर फाइब्रॉइड की समस्या होना :-

गर्भाशय पर फाइब्रॉइड की समस्या होना या पॉलिप्स होने की वजह से भी महिलाओं में अनियमित पीरियड्स की समस्या देखी जाती है।

14. स्तनपान के दौरान :-

स्तनपान के दौरान अक्सर महिलाओं में अनियमित माहवारी देखी जाती हैं।

अनियमित पीरियड्स के लक्षण :-

अनियमित माहवारी की समस्या होने पर महिलाओं में निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते हैं; जिन्हें उन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  1. अनियमित मासिक धर्म का रक्तस्राव होना।
  2. अत्याधिक दर्द के साथ मासिक धर्म होना।
  3. उल्टी, पेट में दर्द, मतली जैसे समस्याएं मासिक धर्म के दौरान होना।
  4. मासिक धर्म 6 दिनों से अधिक दिनों तक चलना।
  5. लगातार तीन महीनों तक मासिक धर्म ना होना या उससे अधिक समय तक मासिक धर्म ना होना।
  6. मासिक चक्र का बदलाव होना।
  7. मासिक धर्म के दौरान होने वाले रक्त प्रवाह से खून के थक्के यानी ब्लड क्लॉट्स जाना।
  8. श्रोणि में दर्द होना और अत्यधिक क्रैंप्स महसूस होना।
  9. सर दर्द और स्तनों में दर्द की समस्या होना।

अनियमित मासिक धर्म – क्या सामान्य है और क्या नहीं?

वर्ष में एक या दो बार मासिक धर्म अनियमित होना काफी सामान्य स्थिति है। लेकिन अगर हमेशा ही ऐसा होता है, तो इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है क्योंकि यह अन्य बीमारियों का लक्षण हो सकता है।

  1. क्या अनियमित मासिक धर्म गर्भावस्था को प्रभावित करता है? जवाब है हाँ, मासिक धर्म गर्भावस्था को भी प्रभावित करता है! अनियमित मासिक धर्म का मतलब है कि आप हर महीने डिंबोत्सर्जन नहीं कर रही हैं, इससे आपकी गर्भावस्था पर सीधा असर पड़ सकता है। यदि आप कुछ समय से गर्भवती होने की कोशिश कर रही हैं लेकिन ऐसा करने में असमर्थ हैं, तो आपको डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है, क्योंकि अनियमित मासिक धर्म चक्र इसका कारण हो सकता है।
  2. अनियमित मासिक धर्म होना यह एंडोमेट्रियोसिस, पी.सी.ओ.एस. या थायरॉयड जैसी गंभीर बीमारियों का लक्षण भी हो सकता है। इसलिए यदि आप लंबे समय से अनियमित मासिक धर्म से पीड़ित हैं, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
  3. अनियमित माहवारी, डिम्बग्रंथि के कैंसर का लक्षण हो, ऐसा जरूरी नहीं है। हालांकि, यदि डॉक्टर इसे आवश्यक मानते है, तो वह आपका परीक्षण कर सकते है।
  4. रियूमैटॉइड गठिया (Rheumatoid arthritis) भी अनियमित मासिक धर्म का कारण हो सकता है। इसके बारे में डॉक्टर से परामर्श लें और इसकी होने या ना होने की पुष्टि करने के लिए जॉँच करवाएं।

अनियमित मासिक धर्म के लिए कुछ घरेलू उपचार कर सकते है!

अनियमित मासिक धर्म के लिए कुछ घरेलू उपचार हैं जो इस स्थिति को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं, जैसे:

  1. यदि तनाव आपके अनियमित मासिक धर्म चक्र का कारण है, तो आप तनाव–मुक्त जीवन के लिए योगा और ध्यान का अभ्यास कर सकती हैं। काफी अनियमित रूप से आने वाले मासिक धर्म चक्र से पीड़ित महिलाओं के लिए एक्यूपंक्चर व्यायाम भी फायदेमंद साबित हुआ है।
  2. समग्र स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन आवश्यक है। अपने रोजमर्रा के आहार में स्वस्थ वसा और प्रोबायॉटिक को शामिल करना हॉर्मोन के सामान्य कार्य विधि के लिए बहुत आवश्यक है।
  3. व्यायाम करते समय, अपने शरीर की सुनें, मतलब जब ज़्यादा थकान हो तो रुक जाएं। सिर्फ कैलोरी कम करने के लिए ही नहीं बल्कि तनाव को कम करने के लिए भी व्यायाम करें ।
  4. यदि आपके अनियमित मासिक धर्म का कारण हॉर्मोनल है, तो आपको डॉक्टर से परामर्श लेने की आवश्यकता है। वह इस समस्या को ठीक करने के लिए आपको कुछ गर्भनिरोधक गोलियाँ या दवाइयाँ दे सकते है।

अनियमित मासिक धर्म की दवाइयाँ लेने से पहले, घरेलू नुस्खे आज़माने का प्रयास करें और किसी भी प्रकार की दवा के सेवन से पहले हमेशा डॉक्टर से परामर्श जरूर ले।

चिकित्सक की सलाह कब लें?

निम्नलिखित संकेत मिलने पर डॉक्टर से सलाह अवश्य लें:

  1. यदि आप लगातार अस्थिर या अप्रत्याशित माहवारी अनुभव करती हैं।
  2. बताए गए सभी उपचारों और उपायों को आज़माने के बाद, आप में कोई सुधार नहीं हुआ है।
  3. यदि आप गर्भवती होने की कोशिश कर रहीं हैं, लेकिन अनियमित मासिक धर्म के कारण नहीं हो पा रही हैं।
  4. आप अनियमित मासिक धर्म के कारण लंबे समय तक ऐंठन से पीड़ित रहती हैं।

परामर्श :-

आमतौर पर महिलाएं पीरियड्स और प्रेगनेंसी को लेकर बहुत कम जागरूक होती हैं। इसलिए पीरियड्स में अनियमितता आने, सामान्य से अधिक या कम ब्लीडिंग होने, ब्लीडिंग के रंग में बदलाव या उससे बदबू आने या प्रेगनेंसी के दौरान किसी तरह की कोई समस्या होने पर वे तुरंत घबरा जाती हैं।

अगर आपको ऐसा लग रहा है कि ओव्यूलेशन ठीक ढंग से नहीं हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जांच करा कर इलाज करवाना चाहिए।

अगर महिलाओं को गर्भधारण करने में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।

अगर महिलाओं को र्भावस्था के दौरान किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।

किसी भी दवा का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

डॉक्टर द्वारा दिए गए दवाओं एवं सप्लीमेंट का नियमित रूप से सही समय पर सेवन करें।

अगर आपको पीरियड्स या प्रेगनेंसी से संबंधित किसी तरह की कोई परेशानी या कन्फ्यूजन है तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलकर इस बारे में बात करना चाहिए।

यह एक सामान्य जानकारी है अगर आपको पीरियड्स मिस होने या प्रेगनेंसी से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए

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