पीसीओडी(PCOD) क्या है? कारण, लक्षण What is PCOD? Causes, Symptoms
- Get link
- X
- Other Apps
पीसीओडी(PCOD) क्या है? जानें, इसके कारण, लक्षण और उपचार What is PCOD? Learn about its causes, symptoms, and treatment.
आज के समय में व्यस्त जीवन और खराब लाइफस्टाइल की वजह से कई सारी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। लोगों को खुद के स्वास्थ्य पर ध्यान देने का समय नहीं मिल पा रहा है। खासकर महिलाएं, जो घर और बाहर के काम को तो अच्छे से सम्भाल लेती हैं, लेकिन खुद की छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज करती रहती है। और वहीं छोटी-छोटी समस्याएं आगे जाकर गंभीर बीमारी का रूप ले लेती हैं। इन्हीं में से एक है पीसीओडी (PCOD) यानी पॉली सिस्टिक ओवेरियन डिजीज।
पीसीओडी की समस्या महिलाओं और लड़कियों में बहुत कॉमन हो गई है। आइए जानते हैं, पीसीओडी कैसे होता है?
पीसीओड (PCOD) क्या है? What is PCOD?
पीसीओडी का मतलब है पॉली सिस्टिक ओवेरियन डिजीज, जो महिलाओं में सबसे तेजी से बढ़ रहा है। यह महिलाओं में होने वाला एक हार्मोनल विकार है, जहां हॉर्मोन संतुलन बिगड़ने के कारण ओवरी में छोटे-छोटे सिस्ट का निर्माण होता है, जो गांठ की तरह दिखाई देते हैं। पीसीओडी के कारण महिलाओं में बांझपन, अनियमित पीरियड्स इत्यादि जैसी कई समस्याएं हो सकती है। पीसीओडी की समस्या 14 से 45 वर्ष की लड़कियों और महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है। ऐसे मामलों में मरीज के चेहरे और दूसरे अंगो पर रोएं और बालों का निकलना शुरू हो जाता है।
पीसीओडी की जटिलताएं Complications of PCOD
समय पर पीसीओडी को नियंत्रित नहीं करने यह दूसरी अनेक समस्याओं का कारण बन सकता है। पीसीओडी की जटिलताओं में शामिल हैं:
बांझपन की शिकायत होना
गर्भपात या समय से पहले जन्म होना
उपापचय की समस्या होना
गर्भाशय से असामन्य रक्तस्राव होना
चिंता या अवसाद से ग्रस्त होना
दुर्लभ मामलों में ब्रेस्ट कैंसर होना
टाइप 2 डायबिटीज या प्रीडायबिटीज होना
एंडोमेट्रियल कैंसर होना (गर्भाशय के अस्तर का कैंसर)
मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा होना
गर्भकालीन मधुमेह और प्री-एक्लेमप्सिया होना
पीसीओडी (PCOD के कारण क्या है? What causes PCOD?
पीसीओडी के अनेक कारण हो सकते हैं, लेकिन निम्नलिखित को इसके मुख्य कारणों में गिना जाता है:
अनियमित पीरियड्स / अनहेल्दी लाइफस्टाइल
आनुवंशिक कारण / शरीर में इंसुलिन की मात्रा अधिक होना
सूजन / एंड्रोजन लेवल हाई होना
खान-पान में लापरवाही / शारीरिक गतिविधि नहीं करना
पोषक तत्वों से भरपूर भोजन नहीं करना
अचानक से वजन में बढ़ोतरी यानी मोटापा होना
पीसीओडी के लक्षण क्या हैं? What are the symptoms of PCOD?
पीसीओडी के लक्षण सबमें अलग-अलग हो सकते हैं। यह लक्षण उनकी शारीरिक स्थिति के आधार पर निर्भर करते हैं। उन्हीं में से पीसीओडी के कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार है:-
मुंहासे / वजन बढ़ना / अनियमित पीरियड्स / सरदर्द होना
ज्यादा रक्तश्राव होना / त्वचा का काला पड़ना
पीरियड्स का पूरी तरह से बंद हो जाना / निंद में कमी
चेहरे पर तेजी से बाल उगना / बालों का पतला होना
गर्भधारण में समस्या होना / श्रोणि में दर्द होना
बांझपन की शिकायत होना / दूसरे हार्मोन में असंतुलन होना
थकान महसूस करना / मूड में अचानक बदलाव आना
शरीर के अन्य हिस्से पेट, जांघ और छाती पर बालों का बढ़ना
अगर आप ऊपर दिए गए लक्षणों को खुद में अनुभव करती हैं तो जल्द से जल्द स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए।
क्या पीसीओडी में प्रेगनेंसी संभव है? Is pregnancy possible with PCOD?
यदि आपके मन में भी ऐसा विचार आता है कि, क्या पीसीओडी में आप प्रेगनेंट हो सकती है या नहीं? क्या पीसीओडी प्रेगनेंसी को प्रभावित करता है? तो दोनों का जवाब हां है। पीसीओडी प्रेग्नेंसी को प्रभावित जरूर करता है लेकिन इस में प्रेग्नेंसी संभव जरूर हो सकती है। सामान्य महिलाओं की तुलना में पीसीओडी वाली महिलाओं को प्रेगनेंसी में ज्यादा समय लग सकता है और दूसरी अन्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। ऐसो मामलों में अपने लाइफस्टाइल में बदलाव और सही इलाज के द्वारा इस परेशानी को नियंत्रित किया जा सकता है।
पीसीओडी में प्रेगनेंसी के लक्षण क्या है? What are the symptoms of pregnancy in PCOD?
पीसीओडी में प्रेगनेंसी के लक्षण सभी महिलाओं में अलग-अलग होते हैं। यह महिला के स्वास्थ्य और स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करता है। पीसीओडी में गर्भधारण के लक्षण निम्नलिखित है:-
पीरियड्स मिस होना
मूड स्विंग होना
स्तनों में दर्द
गैस बनना
कमर के निचे दर्द होना
सिरदर्द होना
पीसीओडी कितने दिन में ठीक होता है? How many days does PCOD take to cure?
पीसीओडी को ठीक करना कोई बड़ी बात नहीं है। अपने लाइफस्टाइ में बदलाव कर के और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर आप पीसीओडी जैसी बीमारी से छुटकारा पा सकती हैं। अपने डेली रुटीन में योगा व एक्सरसाइज को शामिल करें। आप इसे दवाइयों के द्वारा भी नियंत्रित कर सकती हैं लेकिन शारीरिक वर्कआउट बहुत जरूरी है।
पीसीओडी (PCOD) का इलाज क्या है? पीसीओडी से बचाव What is the treatment for PCOD? Prevention of PCOD
पीसीओडी का इलाज पूरी तरह से संभव नहीं है। इसके लक्षणों को दवाओं और सर्जरी के माध्यम से कम किया जा सकता है। इसके अलावा आप पीसीओडी का घरेलू उपचार कर के यानी लाइफस्टाइल में बदलाव कर के भी इसके लक्षणों को नियंत्रित कर सकते हैं।
कुछ बातों को ध्यान में रखकर पीसीओडी की रोकथाम की जा सकती है। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
अपने डाइट में फल और सब्जियों को शामिल करें। यह शरीर में शुगर लेवल को कम करता है, जिसके कारण इन्सुलिन बेहतर काम करता है और हार्मोन्स स्थिर रहते है।
दिन भर में कम से कम 30 ग्राम फाइबर का सेवन करें। यह आपके ब्लड शुगर को बैलेंस रखता है।
प्रोटीन का भरपूर सेवन करें।
हैवी मील के बजाय थोड़ा-थोड़ा खाना खाएं।
अपने वजन को मेंटेन रखें।
नियमित रूप से कम से कम 15 मिनट एक्सरसाइज करें।
प्रोसेस्ड फूड का सेवन न करें।
केक, कुकीज, चॉक्लेट, मिठाई इत्यादि खानें से बचें।
मैदा और सूजी के सेवन से बचें।
स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं।
अपनी वजन का खास ध्यान रखना
अधिक तैलीय और मसालेदार चीजों से दूर रहना
परामर्श :- Consultation
महिलाओं में पीसीओडी होना बहुत आम हो गया है। शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ने से ओवरी में सिस्ट बन जाते हैं, जिसके कारण यह होता है। इसके कारण प्रिग्नेंसी और पीरियड्स में बहुत परेशानी होती है। अपने लाइफस्टाइल में बदलाव कर के और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर आप इसे नियंत्रित कर सकते हैं।
अगर महिलाओं और लड़कियों को किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए
कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें
महिलाओं और लड़कियों को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आपको पीसीओडी (PCOD) से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए
- Get link
- X
- Other Apps
Comments
Post a Comment