​बच्‍चों की हाइट बढ़ाने के तरीके Ways to increase the height of children

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बच्चों की हाइट नहीं बढ़ने के कारण / बच्चों की हाइट बढ़ाने के नेचुरल तरीके Reasons for children not growing in height / Natural ways to increase children's height लड़के और लड़कियों की लंबाई किस उम्र तक बढ़ती है? Till what age do boys and girls grow in height? आज के समय में हर कोई अच्छी हाइट पाना चाहता है, क्योंकि लंबाई न केवल व्यक्तित्व को आकर्षक बनाती है, बल्कि आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। यहां जानिए, लड़के और लड़कियों की लंबाई कब तक बढ़ती है? जन्म के बाद बच्चों के सही विकास की जिम्मेदारी माता-पिता की होती है। किसी भी बच्चे की शारीरिक संरचना कैसे होगी यह पूरी तरह से माता-पिता पर निर्भर करता है। अक्‍सर पेरेंट्स शिकायत करते हैं कि उनके बच्‍चे की हाइट नहीं बढ़ रही है या अपने साथ के बच्‍चों के मुकाबले उनके बच्‍चे की हाइट कम है। आजकल तो बच्‍चों की हाइट न बढ़नी या कम बढ़ने की प्रॉब्‍लम ज्‍यादा देखी जा रही है। कम हाइट होने की वजह से बच्‍चों के आत्‍मविश्‍वास में कमी आती है और वो लोगों के सामने जाने से भी कतराने लगते हैं। बच्‍चों के सही मानसिक विकास के लिए उचित शारीरिक विकास होना भी जरूरी ह...

कैसे होती है स्तनों में दूध आपूर्ति? How is milk supplied to the breasts?

डिलिवरी के बाद कैसे होती है स्तनों में दूध की आपूर्ति? How is milk supply in the breasts maintained after delivery?

गर्भावस्था के दौरान शरीर में प्रोलेक्टिन, कोर्टिसोल, ऑक्सिटोसिन का प्रभाव देखने को मिलता है। ये सभी ब्रेस्टमिल्क के प्रोडक्शन में शामिल होते हैं। ईस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन की हेल्प से दूध तब तक प्रोड्यूस नहीं होता है जब तक डिलिवरी नहीं होती है। सभी हाॅर्मोन का अपना रोल है।

हैलो फ्रेंड्स!

मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }

मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें। तो अगर आपको मेरा लेख ( आर्टिकल ) अच्छा लगे तो फॉलो जरूर करें।

आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।

प्रोलेक्टिन हार्मोन :- Prolactin hormone :- प्रेग्नेंट हो या नहीं, प्रोलेक्टिन हार्मोन सभी महिलाओं में मौजूद रहता है। प्रेग्नेंसी के समय इसका लेवल बढ़ जाता है। ये मेमेरी टिशू की ग्रोथ और मिल्क को प्रोड्यूस करने का काम करता है। जब बच्चा दूध पीता है तो प्रोलेक्टिन का स्तर खून में बढ़ जाता है।

कॉर्टिसोल और इंसुलिन :- Cortisol and insulin :- ये दोनो हाॅर्मोन ब्रेस्ट मिल्क की सप्लाई का काम करते हैं।

ऑक्सिटोसिन हार्मोन :- Oxytocin hormone :- इस हार्मोन के कारण मिल्क का फ्लो बना रहता है।

प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोन :- Progesterone :- प्रेग्नेंसी के दौरान प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोन के कारण मिल्क स्तनों से बाहर नहीं निकलता है। डिलिवरी के बाद हाॅर्मोन का लेवल कम हो जाता है और दूध का रिसाव शुरू हो जाता है।

स्तनों में दूध आपूर्ति कब शुरू होता है दूध का रिसाव When does the milk supply in the breasts begin? Milk leakage

डिलिवरी के बाद प्रोजेस्ट्रॉन और ईस्ट्रोजन का लेवल कम हो जाता है और प्रोलेक्टिन का लेवल बढ़ने के कारण दूध का रिसाव होता है। पहले गाढ़े पीले दूध को कोलोस्ट्रम कहते हैं। बर्थ के बाद पहले कुछ दिनों में बेबी को इसी खास पौष्टिक दूध की जरूरत होती है। डिलिवरी के चार से पांच दिन बाद ये गाढ़ा दूध मैच्योर मिल्क के साथ मिल जाता है। इसे ट्रांजीशनल मिल्क कहते हैं।

ब्रेस्ट मिल्क में क्यों होती है कमी? Why is there a decrease in breast milk?

बेबी के लिए ब्रेस्ट मिल्क में पूरा पोषण होता है। कुछ महिलाओं में पहले सप्ताह में बहुत कम दूध निकलता है जिस कारण वे चिंतित हो जाती हैं। स्तनों में दूध आपूर्ति कम होने का ये मतलब बिलकुल नहीं है कि आप अपने बच्चे को दूध नहीं पिला सकती कुछ कारण हो सकता हैं जिनकी वजह से ब्रेस्ट मिल्क में कमी आ सकती है।

हॉर्मोनल गड़बड़ी की वजह से स्तनों में दूध आपूर्ति कम Hormonal imbalances can lead to decreased breast milk supply

मास्टर ग्लैंड के कारण Causes of Master Gland

मास्टर ग्लैंड या पियूष ग्रन्थि की वजह से हाॅर्मोन में गड़बड़ी पैदा होती है तो भी ब्रेस्ट मिल्क में कमी आ सकती है। मास्टर ग्लैंड ऑक्सिटोसिन और प्रोलेक्टिन हार्मोन प्रोड्यूस करता है।

थायराॅइड की समस्या thyroid problems

कुछ महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान थायराॅइड की समस्या होती है तो इस वजह से भी ब्रेस्ट मिल्क में कमी आ जाती है।

मेडिकेशन के कारण स्तनों में दूध आपूर्ति कम Decreased breast milk supply due to medication

कुछ खास तरह की मेडिसिन भी ब्रेस्ट मिल्क में कमी पैदा कर सकती हैं। बर्थ कंट्रोल मेडिसिन आदि भी ब्रेस्ट मिल्क में कमी पैदा कर सकते हैं।

मदर की हेल्थ कंडिशन Mother's health condition

कई बार महिलाओं के हेल्थ कंडिशन भी स्तनों में दूध की कमी का कारण बन सकती है। कुछ कंडिशन और भी हो सकता जिसकी वजह से भी दूध में कमी होती है जैसे-

तनाव

मां का मोटापा

बुखार के साथ संक्रमण

प्रेग्नेंसी के दौरान लंबे समय का आराम

दूध के प्रोडक्शन के लिए करें ये उपाय

अगर डिलिवरी के बाद स्तनों में दूध की आपूर्ति में कमी महसूस हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

स्तनों में दूध आपूर्ति बढ़ाने के लिए जल्द कराएं ब्रेस्टफीड Breastfeed early to increase breast milk supply

बच्चे को देर से फीड कराने से भी स्तनों में दूध की आपूर्ति में कमी हो सकती है। डिलिवरी के एक घंटे बाद आपने बेबी को सीधी तरफ से पकड़ें और ब्रेस्ट फीड कराएं।

पहले सप्ताह दें ध्यान Pay attention in the first week

डिलिवरी के बाद पहले सप्ताह के दौरान आप दिन में दो से तीन घंटे के अंतराल में बच्चे को 10 से 12 बार ब्रेस्टफीड कराएं। दूध पिलाते समय ये बात भी ध्यान रखनी होगी कि बच्चा दूध पी रहा है या फिर नहीं। बच्चे की पुजिशन दूध पिलाते समय सही रखें, नहीं तो बच्चे को असुविधा महसूस हो सकती है।

दोनों ब्रेस्ट से पिलाएं दूध Feed milk from both breasts

कुछ महिलाओं के स्तनों में दूध का अधिक प्रोडक्शन होता है। ब्रेस्टफीडिंग के समय ध्यान देना चाहिए कि एक स्तन से दूध न पिलाएं। दोनों तरफ से दूध पिलाएं ताकि दूध की कमी न हो। आप चाहे तो ब्रेस्ट मिल्क पंप का भी यूज कर सकती हैं।

परामर्श :- Consultation

स्तनों में दूध की कमी होने पर आप डॉक्टर से परामर्श करें। डॉक्टर आपको कुछ दवाएं सजेस्ट करेंगे।

बच्चे की अच्छी हेल्थ के लिए स्तनों में दूध की बराबर मात्रा होना बहुत जरूरी है। अगर आपको भी डिलिवरी के बाद स्तनों में दूध की कमी महसूस हो रही है आप डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

अगर लड़कियों और महिलाओं के स्तनों में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए

कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।

स्तनों में कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।

यह एक सामान्य जानकारी है अगर लड़कियों और महिलाओं के स्तनों { ब्रेस्ट } से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए

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