ज्यादा डकार और पाद आना excessive burping and farting
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ज्यादा डकार और पाद आना गंभीर बीमारी का संकेत है सेहत के लिए खतरनाक
ऐसा कहा जाता है कि पाद मारना हेल्दी होता है क्योंकि ऐसा करने से आपके शरीर को पेट में बनी ज्यादा गैस को बाहर निकालने में मदद मिलती है नहीं तो आप असहजता और कभी-कभार दर्द भी महसूस कर सकते हैं। अगर आप किसी समूह में बैठे हैं और अचानक से कोई पाद (farting) मार दे तो निश्चित है कि आपको बदबू के साथ-साथ गुस्सा आएगा। कभी-कभार पाद मारने वाला व्यक्ति हंसी का भी पात्र बन जाता है। लेकिन एक बात जान लीजिए कि पाद मारना बिल्कुल सामान्य है और इसे आपके हेल्दी होने का संकेत माना जाता है। आइए जानते हैं क्यों पाद मारना है हेल्दी और कितना पाद मारना होता है नार्मल।
हैलो फ्रेंड्स!
मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }
मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें। तो अगर आपको मेरा लेख ( आर्टिकल ) अच्छा लगे तो फॉलो जरूर करें।
आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।
क्या होता है पाद मारना
पाद यानी की पेट की गैस, जो हमारे पाचन क्रिया और सांस लेने के कारण छोटी आंत में बनती है। अक्सर जब भी आप कुछ खाते हैं, चबाते हैं या फिर निगलते हैं तो आप थोड़ी मात्रा में हवा भी निगल जाते हैं, जो आपके पाचन तंत्र में समा जाती है। हां, कुछ हवा अवशोषित हो जाती है तो कुछ हवा आप डकार के माध्यम से और कुछ हवा पाद के रूप में छोड़ते हैं।
ऐसा कहा जाता है कि पाद मारना हेल्दी होता है क्योंकि ऐसा करने से आपके शरीर को पेट में बनी ज्यादा गैस को बाहर निकालने में मदद मिलती है नहीं तो आप असहजता और कभी-कभार दर्द भी महसूस कर सकते हैं।
कितना पाद मारना है सामान्य ?
एक व्यक्ति औसतन दिन में 14 से 23 बार पाद मारता है। हालांकि ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप क्या खा रहे हैं और किस प्रकार की जीवनशैली जी रहे हैं, जिसकी वजह से आपको ज्यादा या कम पाद आता है। ज्यादातर पाद बदबूरहित होते हैं और इसका कोई संकेत भी नहीं होता है। लेकिन कुछ कारक हैं, जिनकी वजह से बदबू आती है और उनमें आवाज आती है।
ऐसा कहा जाता है कि दिन में 25 बार तक पाद मारना बिल्कुल सामान्य होता है। हालांकि इससे ज्यादा गैस पास करने को बहुत ज्यादा माना जाता है। अगर आप सामान्य के मुकाबले ज्यादा पाद मार रहे हैं तो यह पेट फूलने, सूजन व दर्द और डकार जैसे लक्षणों के साथ आपको परेशान कर सकता है।
सामान्य अवस्था में डकार बनने के कारण
- गर्म चाय और कोफ़ी के सेवन के समय हवा मुह में चली जाना।
- चूसने वाली चीजे ज्यादा खाना जैसे की टॉफी।
- बोतल ऊपर करके पानी पीना।
- कोल्ड्रिंक और शराब पीने से।
- पत्ता गोभी, मूली, राजमा, फ्रेंच बीन्स, दालें और मटर का ज्यादा सेवन करना।
सामान्य से ज्यादा डकार आने के कारण
- भोजन नलिका :- इसमें पेट का एसिड भोजन नलिका में प्रवेश कर जाता है इस वजह से डकार अधिक आती है।
- अल्सर :- पेट में अल्सर होने पर भी डकार ज्यादा आती है यदि डकार के साथ दर्द भी होता है तो इसे गंभीरता से ले।
- एसिडिटी :- पेट में एसिड का बनना एसिडिटी कहलाता है ऐसे में डकार बहुत ज्यादा बनती है।
- आँत में संक्रमण :- आँतो में अक्सर बहुत से बेक्टिरिया पैदा होते है परंतु यदि छोटी आँत में संक्रमण हो जाए तो ऐसी स्थिति में गैस ज्यादा बनने लगती है।
पाद या गैस छोड़ना
पाद (Farts) जी हां इस नाम को सुनते ही हमारे भाव एकदम बदल जाते है कोई हंसने लगना है तो कोई गुस्सा करने लगता है। बात करें पाद की तो ये एक ऐसी हवा है जो हम ना चाहते हुए भी अपने शरीर से निकाल ही देते है। हम इसे कितना भी रोकने की कोशिश करें लेकिन ये कुछ भी कर हमारे शरीर से बाहर चली ही जाती है। पाद को हम नहीं रोक सकते ठीक उस तरह जिस तरह हम ढकार को नहीं रोक सकते है। वैसे तो लोग पाद शब्द बोलते नहीं है क्योंकि यह शब्द उन्हें असहज लगता है और वे इसे गलत मानते है। लेकिन क्यों ? जब आपको पादने में शर्म नहीं आती है तो बोलने में क्यों पादना एक सकारात्मक क्रिया है जो कभी कभी सार्वजनिक स्थान में हो जाती है तो कभी कभी बंद कमरे में, कभी कभी किसी के भी सामने हो जाती है, तो कभी कभी अकेले में भी हो जाती है।
पाद से बदबू क्यों आती है
पादने के बाद उसमे से आने वाली बदबू हम सभी में से कोई बर्दास्त नहीं कर पाता, वो भी नहीं जो पाद छोड़ता है। ऐसे में वो बदबू क्यों आती है ये हम सभी शायद नहीं जानते है। तो चलिए आज हम आपको बताते है की आखिर ऐसा क्यों होता है ?? दरसल में हम दिनभर में बहुत कुछ खाते पीते है ऐसे में कई चींज़े ऐसी होती है जिनमे सल्फर पाया जाता है। यही सल्फर हमारे शरीर में जाने के बाद टूट जाता है और उसके बाद इसके अंदर से हाइड्रोजन सल्फाइड निकलती है जिसकी बदबू एक सड़े हुए अंडे के समान होती है जो हमारी पाद के रूप में निकलती है। मतलब साफ़ है कि अगर आपने कोई ऐसी चीज़ खाई है जिसमे सल्फर था तो आपको पाद में से बदबू आना स्वभाविक है।
पादना बुरी बात क्यों है
अब बात की जाए पाद की तो लोगों ने शुरू से ही यह माना है कि यह एक बुरी आदत है। लेकिन यह गलत है पादना एक अच्छी आदत है इससे यह पता चलता है की आपकी सेहत अच्छी है और आप पूरी मात्रा में फाइबर खा रहें हैं।
आइए जानते हैं पादने के फायदे
पाद मारने का संबंध आंतों के स्वस्थ होने से जुड़ा हुआ है और इसके कई फायदे हैंः
- पेट दर्द और पेट फूलने को कम करता है।
- डाइट के हेल्दी और संतुलित होने का पता लगाता है।
- आंतों को स्वस्थ बनाता है।
- फूड एलर्जी और गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।
- कई स्वास्थ्य समस्याओं का शुरुआती संकेत हो सकता है।
पेट की गैस के लिए सबसे आसान घरेलु उपाय
- नीबू :- नीबू के रस में 1 चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर सुबह के वक्त खाली पेट पीने से गैस की समस्या से निजात मिलती है। इसे गर्म पानी के साथ भी पिया जा सकता है।
- काली मिर्च :- काली मिर्च का सेवन करने पर पेट में हाजमे की समस्या दूर हो जाती है, जिससे गैस नहीं होती। इस समस्या को दूर करने के लिए दूध में काली मिर्च मिलाकर ले सकते हैं।
- हींग :- एक गिलास गर्म पानी में हींग मिलाकर पीने से गैस में लाभ होता है। यह प्रयोग दिन में ३ बार करने से गैस की गंभीर अवस्था में भी लाभ होता है। इसके अलावा सिर्फ गर्म पानी पीने से भी पाचन की समस्या दूर होगी।
- छाछ और धनिया :- पेट में जलन होने पर धनिया पत्ती को कच्चा खाने से लाभ होता है। इसके अलावा छाछ में भुने हुए धनिये के पत्ते डालकर पीने से भी गैस की समस्या में लाभ होता है।
- छाछ और काला नमक :- छाछ में काला नमक और अजवाइन मिलाकर पीने से भी गैस की समस्या में काफी लाभ मिलता है। गैस से तुरंत निजात पाने के लिए यह काफी असरदार उपाय है।
- दालचीनी :- दालचीनी भी गैस की समस्या से निजात दिलाने में सहायक है। इसके लिए दालचीनी को पानी मे उबालकर, ठंडा कर लें और सुबह खाली पेट पिएं। इसमें शहद मिलाकर पिया जा सकता है।
- लहसुन :- लहसुन भी गैस की समस्या से निजात दिलाता है। लहसुन को जीरा, खड़ा धनिया के साथ उबालकर इसका काढ़ा पीने से काफी फादा मिलता है। इसे दिन में 2 बार पीना बेहतर होगा।
- इलायची और अदरक :- दिनभर में दो से तीन बार इलायची का सेवन पाचन क्रिया में सहायक होता है और गैस की समस्या नहीं होने देता। इसके अलावा रोज एक अदरक का टुकड़ा चबाने से भी लाभ होता है।
- पुदीना :- पुदीने की पत्तियों को उबाल कर पीने से गैस से निजात मिलती है। इसके अलावा बाजार में उपलब्ध पुदीने को पानी में मिलाकर भी पिया जा सकता है।
- नारियल पानी :- रोजाना नारियल पानी सेवन करना गैस का फायदेमंद उपचार है। इसके अलावा सेब का सिरका भी गर्म पानी में मिलाकर पीने से लाभ होता है। आलू के रस का खाली पेट सेवन भी बेहद फायदेमंद होता है।
परामर्श
अगर आप जरूरत से ज्यादा पाद मार रहे हैं तो ये कोई चिंता की बात नहीं है। हालांकि अगर आपको ये महसूस हो रहा है कि आप असमान्य रूर से पाद मार रहे हैं और आपको दर्द के साथ डकार और पेट फूलने की समस्या भी हो रही है तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलने की जरूरत है।
अगर आपके शारीर में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।
शारीर में कोई भी परेशानी हो रहा है तो कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें।
किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।
कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।
यह एक सामान्य जानकारी है अगर आप किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं या कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए।
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