स्लीप एपनिया कारण, लक्षण, और उपचार Sleep Apnea Causes, Symptoms, and Treatment

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  स्लीप एपनिया कारण, लक्षण, और उपचार Sleep Apnea Causes, Symptoms, and Treatment खामोश रातें: स्लीप एपनिया को समझना और उपचार के विकल्प Silent Nights: Understanding Sleep Apnea and Treatment Options हैलो फ्रेंड्स! मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन } मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें। आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि। स्लीप एपनिया या स्लीप एप्निया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें रात में सोते समय सांस लेने में समस्या होती है। इस दौरान जैसे ही आपको सांस लेने में दिक्कत होती है, दिमाग आपको नींद से जगा देता है। यही कारण है कि स्लीप एपनिया (Sleep Apnea) की स्थिति में नींद में समस्या सबसे सामान्य लक्षण है। समय के साथ यह समस्या गंभीर होने लग जाती है निद्रा विकार दुनिया भर में लाखों लोगों...

सामान्य रेस्पिरेशन रेट क्या है? (What Is Normal Respiratory Rate?)

 स्वस्थ इंसान एक दिन में कितनी बार सांस लेते हैं, आराम करने वालों के लिए नॉर्मल ब्रीदिंग रेट क्या है? जानिए How many times do healthy people breathe in a day? What is the normal resting breathing rate?

हर मिनट में ली जाने वाली सांस की संख्या को रेस्पिरेशन रेट कहते हैं, जानें उम्र के हिसाब से व्यक्ति का सामान्य रेस्पिरेशन रेट कितना होना चाहिए।

हैलो फ्रेंड्स!

मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }

मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें।

आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।

एक मिनट में कितनी बार सांस लेना है नॉर्मल? जानें उम्र के अनुसार कितना होना चाहिए सामान्य रेस्पिरेशन रेट How many breaths per minute is normal? Learn the normal respiratory rate based on age.

बढ़ते प्रदूषण और धूल मिट्टी आदि के कारण लोगों के फेफड़ों और श्वसन तंत्र पर इसका असर पड़ रहा है। इसकी वजह से लोगों के श्वसन दर यानी रेस्पिरेशन रेट (Respiration Rate) पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

दरअसल रेस्पिरेशन रेट या श्वसन दर किसी भी व्यक्ति द्वारा सामान्य रूप से हर मिनट ली जाने वाली सांसों की संख्या को कहते हैं। श्वसन दर या रेस्पिरेशन रेट में असंतुलन होने पर इंसान को कई समस्याएं भी हो सकती हैं। शरीर का रेस्पिरेटरी सिस्टम खराब होने पर भी इसमें असंतुलन देखने को मिलता है। सामान्य रेस्पिरेशन रेट (Normal Respiratory Rate In Hindi) होने पर इंसान के शरीर में ऑक्सीजन और कार्बन डाईऑक्साइड का संतुलन बना रहता है। आइये विस्तार से जानते हैं कि एक मिनट में कितनी बार सांस लेना नॉर्मल होता है और किसी भी व्यक्ति का उसकी उम्र के हिसाब से सामान्य रेस्पिरेशन रेट कितना होना चाहिए?

सामान्य रेस्पिरेशन रेट क्या है? (What Is Normal Respiratory Rate?)

सामान्य रेस्पिरेशन रेट या सामान्य श्वसन दर किसी भी व्यक्ति द्वारा हर मिनट ली जाने वाली सांसों की संख्या है। अगर आप सामान्य रेस्पिरेशन रेट की जगह हर मिनट में इससे ज्यादा सांस लेते हैं तो आपको कई समस्याएं भी हो सकती हैं। श्वसन दर से किसी भी व्यक्ति के शरीर में मौजूद कई बीमारियों का भी अंदाजा लगाया जा सकता है। उम्र के हिसाब से हर व्यक्ति का सामान्य श्वसन दर अलग हो सकता है। आपके रेस्पिरेशन रेट में बदलाव कई कारणों की वजह से हो सकते हैं लेकिन लगातार ऐसा होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। सामान्य रेस्पिरेशन रेट वयस्क लोगों को हर मिनट 12 से 15 बार सांस लेने को माना जाता है। कुछ शोध और रिसर्च इसे 12 से 16 के बीच भी मानते हैं। इससे कम या ज्यादा बार हर मिनट में सांस लेने की स्थिति में व्यक्ति को डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए। हर व्यक्ति में उम्र के हिसाब से रेस्पिरेशन रेट अलग-अलग हो सकते हैं, आइये जानते हैं उम्र के हिसाब से कितना होना चाहिए रेस्पिरेशन रेट।

एक स्वस्थ व्यक्ति 24 घंटे में लगभग 17,000 से 30,000 बार सांस लेता है, जो कि 12 से 20 सांस प्रति मिनट के औसतन श्वसन दर पर आधारित होता है। यह संख्या व्यक्ति की आयु, शारीरिक गतिविधि स्तर और स्वास्थ्य की स्थिति जैसे कारकों के आधार पर भिन्न हो सकती है।

नवजात बच्चों का रेस्पिरेशन रेट Respiration rate of newborn babies

बच्चों और बड़ों के रेस्पिरेशन रेट में बहुत अंतर होता है। नवजात बच्चों का रेस्पिरेशन रेट सबसे ज्यादा माना जाता है। बच्चों की श्वसन दर या रेस्पिरेशन रेट में बदलाव भी बहुत तेजी से होता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक एक नवजात शिशु 1 मिनट में लगभग 30 से 60 बार तक सांस लेता है। लेकिन जब बच्चों की उम्र बढ़ती तो उसी हिसाब से उनका रेस्पिरेशन रेट भी बदलने लगता है। 1 साल से 18 साल की उम्र में सामान्य रेस्पिरेशन रेट इस तरह होना चाहिए।

1 से 3 साल के बीच - 24–40

3 से 6 साल के बीच - 22–34

6 से 12 साल के बीच - 18–30

12 से 18 साल के बीच - 12–16

वयस्क लोगों का नॉर्मल रेस्पिरेशन रेट Normal respiration rate for adults

18 साल की उम्र के बाद सामान्य तौर पर नॉर्मल रेस्पिरेशन रेट 12 से 16 होना चाहिए। लेकिन कई बार प्रदूषण, गंदगी, धूल-मिट्टी आदि के संपर्क में आने से या शरीर में मौजूद किसी बीमारी की वजह से इसमें बदलाव हो सकता है। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है वैसे ही आपका रेस्पिरेशन रेट भी बदलने लगता है। बढ़ती उम्र में अस्थमा, फेफड़ों में इन्फेक्शन, श्वसन तंत्र में संक्रमण आदि कारणों की वजह से लोगों की श्वसन दर में भी बदलाव होता है।

रेस्पिरेशन रेट सामान्य नहीं होने के कारण (What Causes High Respiratory Rate In Hindi)

हमारा मस्तिष्क हमारे शरीर को क्रियान्वयित करने का काम करता है। जब मस्तिष्क से श्वसन तंत्र की मांसपेशियों को संकेत भेजा जाता है उसके बाद ही सांस लेने की प्रक्रिया होती है। मस्तिष्क में मौजूद रिसेप्टर्स कम ऑक्सीजन या उच्च कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर असंतुलित होने पर शरीर को संकेत भेजते हैं जिसके बाद आपका श्वसन तंत्र उसी हिसाब से काम करता है। असामान्य श्वसन दर या रेस्पिरेशन रेट का असामान्य होना कई कारणों से हो सकता है। इसके पीछे चिंता, स्ट्रेस या तनाव के अलावा बुखार की समस्या, दमा या अस्थमा जैसी समस्याएं और निमोनिया की बीमारी आदि भी जिम्मेदार होती है। ऐसी स्थिति में मरीज को सबसे पहले चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

परामर्श

अगर आपके शारीर में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

शारीर में कोई भी परेशानी हो रहा है तो कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें

किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।

कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले |

यह एक सामान्य जानकारी है अगर आप किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं या कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए

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