​बच्‍चों की हाइट बढ़ाने के तरीके Ways to increase the height of children

Image
बच्चों की हाइट नहीं बढ़ने के कारण / बच्चों की हाइट बढ़ाने के नेचुरल तरीके Reasons for children not growing in height / Natural ways to increase children's height लड़के और लड़कियों की लंबाई किस उम्र तक बढ़ती है? Till what age do boys and girls grow in height? आज के समय में हर कोई अच्छी हाइट पाना चाहता है, क्योंकि लंबाई न केवल व्यक्तित्व को आकर्षक बनाती है, बल्कि आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। यहां जानिए, लड़के और लड़कियों की लंबाई कब तक बढ़ती है? जन्म के बाद बच्चों के सही विकास की जिम्मेदारी माता-पिता की होती है। किसी भी बच्चे की शारीरिक संरचना कैसे होगी यह पूरी तरह से माता-पिता पर निर्भर करता है। अक्‍सर पेरेंट्स शिकायत करते हैं कि उनके बच्‍चे की हाइट नहीं बढ़ रही है या अपने साथ के बच्‍चों के मुकाबले उनके बच्‍चे की हाइट कम है। आजकल तो बच्‍चों की हाइट न बढ़नी या कम बढ़ने की प्रॉब्‍लम ज्‍यादा देखी जा रही है। कम हाइट होने की वजह से बच्‍चों के आत्‍मविश्‍वास में कमी आती है और वो लोगों के सामने जाने से भी कतराने लगते हैं। बच्‍चों के सही मानसिक विकास के लिए उचित शारीरिक विकास होना भी जरूरी ह...

तनाव हमारे स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है। How stress affects our health

तनाव हमारे स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है। How stress affects our health.

लंबे समय तक रहने वाला तनाव हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाता है।

हैलो फ्रेंड्स!

मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }

मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें। तो अगर आपको मेरा लेख ( आर्टिकल ) अच्छा लगे तो फॉलो जरूर करें।

आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।

शारीरिक प्रभाव (Physical Effects)

  1. हृदय रोग :- तनाव से रक्तचाप (blood pressure) और हृदय गति बढ़ती है, जिससे दिल की बीमारी का खतरा रहता है।
  2. कमजोर इम्यून सिस्टम :- कोर्टिसोल जैसे हार्मोन बढ़ने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और जल्दी संक्रमण होता है।
  3. पाचन तंत्र की समस्या :- तनाव के कारण पेट में एसिडिटी, अपच, कब्ज या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  4. वजन और डायबिटीज :- इससे शरीर में ग्लूकोज का स्तर बढ़ता है और टाइप-2 डायबिटीज व मोटापे का जोखिम बढ़ जाता है।

मानसिक प्रभाव (Mental Effects)

  1. चिंता और डिप्रेशन :- लगातार तनाव से मानसिक संतुलन बिगड़ता है और एंग्जायटी व डिप्रेशन की शिकायत हो सकती है।
  2. नींद की कमी :- तनाव के कारण रात में ठीक से नींद नहीं आती और थकान बनी रहती है।
  3. याददाश्त पर असर :- ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और याददाश्त कमजोर होने लगती है।

परामर्श

अगर आपके शारीर में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

शारीर में कोई भी परेशानी हो रहा है तो कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें

किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।

कोई भी समस्या होने पर किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले |

यह एक सामान्य जानकारी है अगर आप किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं या कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए

Comments

Popular posts from this blog

किशोरावस्था क्या है? What is adolescence?

प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) कारण लक्षण इलाज। Premenstrual syndrome (PMS) causes, symptoms, and treatment

First pireod पहला पीरियड कैसा होता है: सभी संकेत