​बच्‍चों की हाइट बढ़ाने के तरीके Ways to increase the height of children

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बच्चों की हाइट नहीं बढ़ने के कारण / बच्चों की हाइट बढ़ाने के नेचुरल तरीके Reasons for children not growing in height / Natural ways to increase children's height लड़के और लड़कियों की लंबाई किस उम्र तक बढ़ती है? Till what age do boys and girls grow in height? आज के समय में हर कोई अच्छी हाइट पाना चाहता है, क्योंकि लंबाई न केवल व्यक्तित्व को आकर्षक बनाती है, बल्कि आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। यहां जानिए, लड़के और लड़कियों की लंबाई कब तक बढ़ती है? जन्म के बाद बच्चों के सही विकास की जिम्मेदारी माता-पिता की होती है। किसी भी बच्चे की शारीरिक संरचना कैसे होगी यह पूरी तरह से माता-पिता पर निर्भर करता है। अक्‍सर पेरेंट्स शिकायत करते हैं कि उनके बच्‍चे की हाइट नहीं बढ़ रही है या अपने साथ के बच्‍चों के मुकाबले उनके बच्‍चे की हाइट कम है। आजकल तो बच्‍चों की हाइट न बढ़नी या कम बढ़ने की प्रॉब्‍लम ज्‍यादा देखी जा रही है। कम हाइट होने की वजह से बच्‍चों के आत्‍मविश्‍वास में कमी आती है और वो लोगों के सामने जाने से भी कतराने लगते हैं। बच्‍चों के सही मानसिक विकास के लिए उचित शारीरिक विकास होना भी जरूरी ह...

याददाश्त कमजोर होने के कारण क्या है। What are the reasons for weak memory?

याददाश्त कमजोर होने के कारण, उसके लक्षण और याददाश्त बढ़ाने के तरीके।

दौड़ती भागती ज़िंदगी में याददाश्त कमजोर होना एक आम समस्या बन चुकी है। समय गुजरने के साथ साथ यह समस्या बढ़ती जाती है। याददाश्त किन कारणों से कमजोर होती है, उसके क्या लक्षण है और याददाश्त को कैसे बढ़ाया जाये आप इस लेख में जानेंगें।

हैलो फ्रेंड्स!

मैं { DR MD GYASUDDIN } { डॉक्टर मोहम्मद ग्यासुद्दीन }

मैं आप लोगों को हेल्थ से जुड़ी जानकारियां इस लेख (आर्टिकल) के जरिये देता हूं। मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ मदद मिले यही मेरा लक्ष्य है हमारा उद्देश्य है कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी मिले और अगर आप या आपका कोई करीबी इस स्थिति से गुजर रहा है, तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें। तो अगर आपको मेरा लेख ( आर्टिकल ) अच्छा लगे तो फॉलो जरूर करें।

आइए जानते हैं, क्या, क्यों, कैसे होता है। कारण, लक्षण और उपचार के बारे में इत्यादि।

ये बात तो हम सभी जानते है कि आज की इस रोज भागदौड़ और थकान भरी जिंदगी में हम सभी अपने शरीर और दिमाग पर इतना बोझ डाल देते है जिसके कारण हमारा शरीर और दिमाग धीरे-धीरे उस बोझ के भार से दबने लगता है और हम तरह-तरह की परेशानी और बीमारियों जूझने लगते है जिसमे से एक है बातो को भूल जाना ये आसान भाषा में कहे तो हमारी याददाश्त का कमजोर पड़ना जिसमे हम अपनी आम जीवन में रोज की कई छोटी-बड़ी बाते भूलने लगते है | लोग इसे ‘भूलने की बीमारी’ (Alzheimer’s) के नाम से भी जानते है | ये एक ऐसी बिमारी है जो वैसे तो ज्यादातर लोगो को उनकी बढ़ती उम्र के साथ होती है लेकिन ये आजकल के समय में छोटे बच्चो से लेकर जवान लोगो तक को अपना शिकार बना रही है | आजकल की इस तेज रफ़्तार जीवन में हर इंसान में तेज गति से आगे बढ़ने को लेकर प्रेशर रहता है जिसके कारण ना तो लोग अपनी दिनचर्या का ख्याल रखते है और ना ही अच्छे खानपान का और ऐसे में तेजी से इस याददाश्त कमजोर होने की बिमारी से घिरने लगते है और उन्हें कई बार तो इस बात का बहुत समय तक पता ही नही चलता |

कुछ लोगो में ये बीमारी जन्म से ही होती है | उनका मष्तिष्क जन्म के समय से ही या तो विकसित नही हो पाता है या वो इससे जुड़े कुछ ऐसे विकारों के शिकार होते है जिनका पता डॉक्टर कुछ आवश्यक जांच के बाद ही कर पाते है | ऐसे में उन व्यक्तियों का बहुत वर्षो या पूरे जीवन जरुरी ट्रीटमेंट चलता रहता है |

जो लोग बढ़ती उम्र या ज्यादा थकान के कारण अपने आम जीवन में इस बीमारी का शिकार हो रहे तो वो हमारे द्वारा बताये गये तरीको को अपनाकर अपनी कमजोर होती याददाश्त को तेज कर सकते है और इस बीमारी से काफी राहत प्राप्त कर सकते है |

याददाश्त कमजोर होने के कारण

  1. दिमाग पर अधिक तनाव होने के कारण :- अक्सर जल्दी ही आगे बढ़ने और अपना करियर बनाने के दबाव में हम अपने दिमाग पर ज्यादा तनाव लेने लगते है | रात-दिन इन सब बातो को लेकर इधर-उधर की बातो को सोचकर दिमाग पर लगातार दबाव बनाये रखते है और धीरे-धीरे याददाश्त कमजोर होने की बीमारी से ग्रस्त होने लगते है |
  2. सही खानपान का ध्यान न रखना :- अक्सर ऑफिस और काम के दबाव में हम सब कुछ जल्दी-जल्दी करने लगते है | रात-दिन बस अपने कार्य को पूरा करने में लगे रहते है और अपने खानपान का ध्यान रखना छोड़ देते है | ना तो सुबह का नाश्ता और ना ही दिन-रात के खाने के समय का ध्यान रहता है | जो मिल गया वो खा लिया नही तो भूखे रह लेते है | ऐसे में दिमाग को आवश्यक जरुरी प्रोटीन और विटामिन नही मिल पाता है और वो भूलने या कमजोर होने की बीमारी से घिरने लगता है |
  3. अच्छी नींद न लेना :- अक्सर लोग अपने ऑफिस का कार्य भी घर पर ले आते है और देर रात तक कार्य करते है और अगले दिन फिर टाइम से ऑफिस पहुँचने के लिए घर से सुबह जल्दी निकाल जाते है | ये उनकी रोज की दिनचर्या में आ जाता है और वो धीरे-धीरे अपने सोने का समय 7-8 घंटे से घटाकर कम कर देते है जो कि आगे आपकी याददाश्त कमजोर होने की बीमारी का कारण बन जाता है |
  4. फिटनेस और योगा न करना :- लोग अपने करियर के चक्कर में ऑफिस और व्यापार का पूरा प्रेशर तो अपने ऊपर ले लेते है पर अपने शरीर का ख्याल रखना बंद कर देते है | रोज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थोड़ा सा समय फिटनेस और योगा के लिए समय नही निकाल पाते है जो कि आपके शरीर के लिए तो खतरनाक है ही साथ में आपकी याददाश्त के लिए भी जो आगे चलकर इससे सम्बन्धित बीमारी का कारण भी बनती है |
  5. नशे आदि का सेवन करना :- जो व्यक्ति जीवन के कुछ पलो की ख़ुशी के लिए किसी भी प्रकार के नशे का सेवन करना शुरू कर देते है जैसे कि बीड़ी, शराब, भांग, गुटखा आदि का सेवन, वो आगे चलकर कुछ ही वर्षो में शरीर की अन्य बीमारियों के साथ याददाश्त कमजोर होने की बीमारी का भी शिकार हो जाते है |

याददाश्त कमजोर होने से जुड़े आम लक्षण

  1. हर छोटी-बड़ी बात भूलने लगना :- आपकी याददाश्त कमजोर हो रही है इसका सबसे बड़ा लक्षण है कि आप अपनी रोज की दिनचर्या से सम्बन्धित कई छोटी-बड़ी जरुरी बाते भूलने लगे है जो कि आप कई वर्षो से रोज ही करते है जैसे कि कोई भी रखा हुआ सामान भूल जाना जो रोज एक ही जगह रहता है
  2. अचानक से सिर में अधिक और तेज दर्द रहने लगना :- अचानक से सिर में अधिक और तेज दर्द रहने लगना भी आपकी कमजोर होती याददाश्त का एक लक्षण हो सकता है | ऐसा नही कि सिर में होने वाला कोई भी दर्द आपको थकान के कारण ही हो रहा हो | ये आपकी भूल जाने की बिमारी से भी सम्बन्धित हो सकता है इसलिए तुरंत डॉक्टर की सलाह ले |
  3. दिमाग से थकावट महसूस होने लगना :- यदि अचानक से आपको दिमाग से थकावट महसूस होने लगे तो ये भी आपकी कमजोर होती याददाश्त का एक लक्षण होता है | ऐसे में आपका दिमाग धीरे-धीरे किसी भी कार्य में नही लगेगा और आप भी अंदर से परेशान रहने लगेंगे | यदि आप किसी भी कार्य में अपना ध्यान लगाना भी चाहेंगे तो भी नही लगा पायेंगे और अंदर से बहुत थकावट महसूस करेंगे |
  4. कोई भी बात या कार्य को जल्दी से समझ ना पाना :- कोई भी बात या कार्य को जल्दी से समझ ना पाना भी आपकी कमजोर होती याददाश्त का एक लक्षण हो सकता है | ऐसे में आप और लोगो की उपेक्षा किसी भी बात या कार्य को समझने और उन्हें पूरा करने के लिए अधिक समय लेंगे | सामने वाले की कोई बात दूसरा इंसान यदि एक बार में ही समझ रहा है तो आपको दो बार में समझ में आयेंगी |

कमजोर होती याददाश्त को तेज करने के तरीके

  1. योगा और फिटनेस की आदत डाले :- यदि आप अपनी कमजोर होती याददाश्त को तेज और मजबूत बनाना चाहते है, यदि आप अपनी Memory Increase करना चाहते है तो रोज अपनी दिनचर्या में योगा और फिटनेस की आदत डाले जिनके लिए सुबह का समय सबसे उत्तम है | ये आप चाहते तो आधा घंटा अपने घर के किसी भी कोने, छत और बगीचे में कर सकते है | ऐसा नियमित तौर पर करने से आप शारीरिक और मानसिक दोनों तौर पर स्वस्थ और फिट रहेंगे | आपका ब्लड सर्कुलेशन भी अच्छी तरह से कार्य करेंगा जो कि दिमाग की कोशिकाओ के लिए बहुत अच्छा होता है | यही नही आप अपने कार्यो पर भी अच्छी तरह ध्यान केन्द्रित कर पायेंगे और इस बिमारी से भी बहुत हद तक निजात मिलेंगी |
  2. भरपूर नींद ले :- यदि आप अपनी Memory Increase करना चाहते है तो रोज अपनी दिनचर्या में कम से कम 7-8 घंटे की नींद की आदत डाले | इससे आपको अंदर से बहुत राहत और हल्का महसूस होंगा | आपको नई शक्ति और उर्जा भी मिलेंगी | साथ में दिमाग को शांति और सोचने की क्षमता भी मिलेंगी | रोज रात अच्छी तरह से नींद लेने पर आपकी सारी थकावट खत्म हो जाती है और आप अगले दिन पूरे ध्यान और शक्ति के साथ कार्यो में लग जाते है | साथ में आपको भूलने की बीमारी की आदत से बहुत राहत मिलती है |
  3. अपने खानपान का रखे विशेष ध्यान :- यदि आप अपनी कमजोर होती याददाश्त को तेज और मजबूत बनाना चाहते है तो रोज अपनी दिनचर्या में अपने खानपान का विशेष ध्यान रखे | खाने में विटामिन, प्रोटीन और अन्य जरुरी पोषक-तत्वों से भरपूर चीज़े ले जिससे आपको शारीरिक और मानसिक शक्ति प्राप्त हो | यदि सिर्फ शाकाहार खाते है तो हरी-सब्जी, फलो और मेवों जैसे कि काजू, बादाम, किशमिश, अखरोट आदि का सेवन जरुर करे और यदि आप मासाहार खाते है तो रोज अंडे और हफ्ते में एक बार मछली का सेवन जरुर करना चाहिये जो आपके दिमाग को तेज करने के लिए बहुत उपयोगी होंगे |
  4. दिमाग से जुड़े खेल जरुर खेले :- आप अपनी याददाश्त को तेज करना चाहते है तो रोज अपनी दिनचर्या में दिन में कम से कम आधा घंटा दिमाग से जुड़े खेल जैसे कि शतरंज,वर्ड-पजल आदि जरुर खेला करे | इससे आपके दिमाग की एक्सरसाइज होंगी और उसके कम समय में अधिक से अधिक कार्य करने की क्षमता भी बढेंगी | आप दूसरो की बातो को औरो की उपेक्षा ज्यादा तेजी से समझ पायेंगे |
  5. नशे आदि से दूर रहे :- अपनी याददाश्त को तेज करना चाहते है तो हमेशा किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने की आदत डाले | नशा चाहे कैसा और कितना भी मात्रा में आप करे ये आपको शरीर और मानसिक दोनों तौर पर नुकसान पहुंचाता है | आप जिस दिन से नशे की लत से दूर हो गये उसी दिन से आपका दिमाग भी नई उर्जा और शक्ति के साथ कार्य करना शुरू कर देंगा और आपको भी ये बात महसूस होनी शुरू हो जायेंगी |
  6. टीवी और मोबाइल जैसी चीजों का कम उपयोग करे :- अपनी याददाश्त को तेज करना चाहते है तो रोज अपनी दिनचर्या में टीवी और मोबाइल जैसी चीजों का कम उपयोग करने की आदत बनाये क्योंकि इन सभी इलेक्ट्रॉनिक चीजों से निकलने वाली अद्रश्य रोशनी भी आपके दिमाग के लिए बहुत खतरनाक होती है जो वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणित भी हो चुकी है | वैसे भी आम जीवन में इन चीजों का उपयोग आपको आलसी और कमजोर ही बनाता है | इसलिए इमका उपयोग करे पर एक सीमित दायरे तक | मोबाइल का उपयोग करना है तो सिर्फ बात करने के लिए करे ना की दिन भर इन्टरनेट या गेम खेलने के लिए जो कि आगे आपके दिमाग के लिए खतरनाक हो सकता है।

परामर्श :- Consultation

मानव मस्तिष्क को विश्व में सबसे प्रभावशाली सोच मशीन के रूप में माना जाता है। मानव मस्तिष्क स्मृति एक बाइनरी, चालू या बंद के रूप में सरल नहीं है। यह सिग्नल प्राप्त करने और भेजने वाले सिनेप्स को प्रोत्साहित करने की एक जटिल, परस्पर संबंधित श्रृंखला है। जैसे-जैसे हम और अधिक खोजते हैं, इसकी शक्ति और क्षमता समझने और देखने के लिए आश्चर्यजनक हो जाती है।

अगर आपको मस्तिष्क (Brain) में किसी भी तरह का कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।

कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें

शारीरिक परिवर्तन / मानसिक परिवर्तन / व्यवहार में परिवर्तन या किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या हो रही है; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और अपने आप से किसी भी दवाई का सेवन करने से बचें।

किसी भी दवाई , तेल ,जेली या क्रीम का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

यह एक सामान्य जानकारी है अगर आपको मस्तिष्क, सिर, दिमाग (Brain) से जुड़ी किसी भी तरह का कोई भी परेशानी, कारण या लक्षण दिखाइ दे रहे हैं तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें या इससे रीलेटेड कोई भी समस्या हो रहा है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए। और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। और इसका इलाज कराना चाहिए।

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